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प्रयागराज के यमुनानगर स्थित बारा थाना क्षेत्र की गन्ने चौकी में तैनात एक दीवान पर चोरी हुई भैंस बरामद कराने के नाम पर पीड़ित परिवार से ₹4 हजार लेने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें संबंधित दीवान द्वारा रुपये लेने की बात स्वीकार करने का दावा किया जा रहा है। पीड़िता सिया देवी के अनुसार, पिछले महीने उनकी पांच भैंसें चोरी हो गई थीं, जिनका काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला था। शनिवार को स्थानीय लोगों से मिली सूचना के आधार पर पता चला कि उनकी भैंसें बारा थाना क्षेत्र के तेलघना गांव में रवि पटेल नामक व्यक्ति के यहां बंधी हुई हैं, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी। आरोप है कि गन्ने चौकी में तैनात दीवान एहतेशाम खान ने भैंस दिलाने के नाम पर ₹4 हजार की मांग की और रुपये ले लिए। इसके बाद भी पीड़िता को पिछले दो दिनों से लगातार चौकी बुलाया जा रहा है। फिलहाल इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन, रुपये के लेन-देन का कथित वीडियो वायरल होने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेजी से उठ रही है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

9 hrs ago
user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
9 hrs ago

प्रयागराज के यमुनानगर स्थित बारा थाना क्षेत्र की गन्ने चौकी में तैनात एक दीवान पर चोरी हुई भैंस बरामद कराने के नाम पर पीड़ित परिवार से ₹4 हजार लेने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें संबंधित दीवान द्वारा रुपये लेने की बात स्वीकार करने का दावा किया जा रहा है। पीड़िता सिया देवी के अनुसार, पिछले महीने उनकी पांच भैंसें चोरी हो गई थीं, जिनका काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला था। शनिवार को स्थानीय लोगों से मिली सूचना के आधार पर पता चला कि उनकी भैंसें बारा थाना क्षेत्र के तेलघना गांव में रवि पटेल नामक व्यक्ति के यहां बंधी हुई हैं, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी। आरोप है कि गन्ने चौकी में तैनात दीवान एहतेशाम खान ने भैंस दिलाने के नाम पर ₹4 हजार की मांग की और रुपये ले लिए। इसके बाद भी पीड़िता को पिछले दो दिनों से लगातार चौकी बुलाया जा रहा है। फिलहाल इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन, रुपये के लेन-देन का कथित वीडियो वायरल होने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेजी से उठ रही है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

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  • प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के पचखरा गांव में सोमवार सुबह एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान 25 वर्षीय मुस्कान के रूप में हुई है, जिसका शव घर के अंदर फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही घूरपुर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और घटनास्थल की जांच करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना को लेकर मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मायके वालों का कहना है कि ससुराल के लोगों ने ही मुस्कान की हत्या की और फिर शव को फंदे से लटका दिया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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    प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के पचखरा गांव में सोमवार सुबह एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान 25 वर्षीय मुस्कान के रूप में हुई है, जिसका शव घर के अंदर फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही घूरपुर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और घटनास्थल की जांच करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

इस घटना को लेकर मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मायके वालों का कहना है कि ससुराल के लोगों ने ही मुस्कान की हत्या की और फिर शव को फंदे से लटका दिया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
    user_Rohit Sharma
    Rohit Sharma
    निष्पक्षता से खबर को प्रकाशित करना मेरा बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • प्रयागराज के झूंसी थाने में पीड़ितों के साथ हो रहे अन्याय और वहां चल रहे 'सेटिंग के खेल' का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसकी गवाही खुद एफआईआर टाइप करने वाले हेड दीवान ने दी है। दीवान के अनुसार, गंभीर रूप से घायल एक पीड़ित, जिसका मुंह मारपीट में पूरी तरह फूटा हुआ है, तीन दिन से थाने के चक्कर लगा रहा है लेकिन उसकी एफआईआर नहीं लिखी जा रही है। अतीक के गुर्गे और भू-माफिया तुफैल अहमद ने पीड़ित पक्ष साहबे आलम और मोहम्मद फैसल के परिवार के साथ इसलिए दोबारा मारपीट की क्योंकि उन्होंने पुलिस से उसकी शिकायत की थी। इसके बावजूद झूंसी पुलिस दो दिनों तक पीड़ित पक्ष को टरकाती रही और कार्रवाई करने के बजाय टालमटोल करती रही। जब स्थानीय पुलिस की ओर से कोई सुनवाई नहीं हुई, तो पुलिस के उच्चाधिकारियों को मारपीट का वीडियो भेजकर मामले की गंभीरता से अवगत कराया गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद ही झूंसी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, लेकिन उसमें भी खेल कर दिया गया। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर से मोबाइल छीनने वाली लाइन को ही काट दिया। यह मोबाइल घटना का वीडियो बनाते समय अपराधी तुफैल अहमद के भाई-भतीजों द्वारा छीना गया था, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया है। हद तो तब हो गई जब पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के लिए अगले ही दिन रात में बिना किसी जांच, सबूत या वीडियो फुटेज के, हत्या, जालसाजी, जुआ अधिनियम, बिजली चोरी, दंगा और बलवा जैसे 9 मुकदमों के आरोपी अपराधी तुफैल अहमद को ही पीड़ित दर्शाते हुए चुपके से एक काउंटर एफआईआर भी दर्ज कर ली गई। इस पूरे मामले ने झूंसी पुलिस की कार्यप्रणाली को गंभीर कठघरे में खड़ा कर दिया है। खुद हेड दीवान ने लाचारी जताते हुए माना कि छोटे सिपाहियों के हाथ में कुछ नहीं है और थाने पर पीड़ितों के साथ गलत हो रहा है। इस स्थिति पर कड़ा आक्रोश जताते हुए कहा गया है कि अगर आईपीएस अधिकारी न हों तो लोग न्याय भूल ही जाएं और अब तो झूंसी थाने का भगवान ही मालिक है।
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    प्रयागराज के झूंसी थाने में पीड़ितों के साथ हो रहे अन्याय और वहां चल रहे 'सेटिंग के खेल' का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसकी गवाही खुद एफआईआर टाइप करने वाले हेड दीवान ने दी है। दीवान के अनुसार, गंभीर रूप से घायल एक पीड़ित, जिसका मुंह मारपीट में पूरी तरह फूटा हुआ है, तीन दिन से थाने के चक्कर लगा रहा है लेकिन उसकी एफआईआर नहीं लिखी जा रही है। अतीक के गुर्गे और भू-माफिया तुफैल अहमद ने पीड़ित पक्ष साहबे आलम और मोहम्मद फैसल के परिवार के साथ इसलिए दोबारा मारपीट की क्योंकि उन्होंने पुलिस से उसकी शिकायत की थी। इसके बावजूद झूंसी पुलिस दो दिनों तक पीड़ित पक्ष को टरकाती रही और कार्रवाई करने के बजाय टालमटोल करती रही।

जब स्थानीय पुलिस की ओर से कोई सुनवाई नहीं हुई, तो पुलिस के उच्चाधिकारियों को मारपीट का वीडियो भेजकर मामले की गंभीरता से अवगत कराया गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद ही झूंसी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, लेकिन उसमें भी खेल कर दिया गया। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर से मोबाइल छीनने वाली लाइन को ही काट दिया। यह मोबाइल घटना का वीडियो बनाते समय अपराधी तुफैल अहमद के भाई-भतीजों द्वारा छीना गया था, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया है। हद तो तब हो गई जब पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के लिए अगले ही दिन रात में बिना किसी जांच, सबूत या वीडियो फुटेज के, हत्या, जालसाजी, जुआ अधिनियम, बिजली चोरी, दंगा और बलवा जैसे 9 मुकदमों के आरोपी अपराधी तुफैल अहमद को ही पीड़ित दर्शाते हुए चुपके से एक काउंटर एफआईआर भी दर्ज कर ली गई।

इस पूरे मामले ने झूंसी पुलिस की कार्यप्रणाली को गंभीर कठघरे में खड़ा कर दिया है। खुद हेड दीवान ने लाचारी जताते हुए माना कि छोटे सिपाहियों के हाथ में कुछ नहीं है और थाने पर पीड़ितों के साथ गलत हो रहा है। इस स्थिति पर कड़ा आक्रोश जताते हुए कहा गया है कि अगर आईपीएस अधिकारी न हों तो लोग न्याय भूल ही जाएं और अब तो झूंसी थाने का भगवान ही मालिक है।
    user_BST news prayagraj
    BST news prayagraj
    Lawyer Bara, Prayagraj•
    6 hrs ago
  • प्रयागराज के मेजा रोड बाजार में मिर्जापुर मार्ग पर स्थित शिव मंदिर के बगल में मांस-मछली की दुकान लगाए जाने से श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है। पावर हाउस के समीप सब्जी मंडी के पास बने इस मंदिर में आने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकान से उठने वाली दुर्गंध के कारण उन्हें पूजा-अर्चना करने में काफी कठिनाई हो रही है। श्रद्धालुओं का आरोप है कि धार्मिक स्थल के ठीक बगल में ऐसी दुकान खोलना पूरी तरह से आस्था के खिलाफ है। इससे मंदिर की पवित्रता प्रभावित हो रही है, साथ ही यहाँ आने-जाने वाले लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस दुकान को तत्काल किसी दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। इस मामले में मेजारोड व्यापार मंडल के महामंत्री ओपी पांडेय ने भी श्रद्धालुओं की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मंदिर के पास इस प्रकार की दुकान का संचालन कतई उचित नहीं है और इससे लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए दुकान हटाने की मांग की है ताकि धार्मिक स्थल की गरिमा और मर्यादा बनी रहे।
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    प्रयागराज के मेजा रोड बाजार में मिर्जापुर मार्ग पर स्थित शिव मंदिर के बगल में मांस-मछली की दुकान लगाए जाने से श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है। पावर हाउस के समीप सब्जी मंडी के पास बने इस मंदिर में आने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकान से उठने वाली दुर्गंध के कारण उन्हें पूजा-अर्चना करने में काफी कठिनाई हो रही है।

श्रद्धालुओं का आरोप है कि धार्मिक स्थल के ठीक बगल में ऐसी दुकान खोलना पूरी तरह से आस्था के खिलाफ है। इससे मंदिर की पवित्रता प्रभावित हो रही है, साथ ही यहाँ आने-जाने वाले लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस दुकान को तत्काल किसी दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।

इस मामले में मेजारोड व्यापार मंडल के महामंत्री ओपी पांडेय ने भी श्रद्धालुओं की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मंदिर के पास इस प्रकार की दुकान का संचालन कतई उचित नहीं है और इससे लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए दुकान हटाने की मांग की है ताकि धार्मिक स्थल की गरिमा और मर्यादा बनी रहे।
    user_राजेश कुमार
    राजेश कुमार
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • प्रयागराज के झूंसी में पुलिस अतीक के गुर्गों और भू-माफिया को बचाने के लिए पीड़ित पक्ष पर ही दबाव बनाने में जुट गई है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के लिए रात में चुपके से बिना किसी सबूत के क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है। पीड़ित साहबे आलम और मोहम्मद फैसल का परिवार एक शांति प्रिय परिवार है, जिन पर आज तक एक भी मुकदमा दर्ज नहीं है। पीड़ितों की तरफ से एफआईआर दर्ज होने के बाद भी भू-माफिया और उसके लोग खुलेआम घूमते रहे और उन पर समझौते का दबाव बनाते रहे। जब समझौते की बात नहीं बनी, तो झूंसी पुलिस ने रात में धीरे से पीड़ित परिवार के ऊपर ही बिना किसी साक्ष्य के एफआईआर लिख डाली। पीड़ितों की एफआईआर लिखते समय पुलिस ने सबूत के तौर पर मारपीट का वीडियो और चोटें देखीं, लेकिन दबाव बनाकर पीड़ित की तहरीर से वह लाइन जबरन हटवा दी जिसमें दबंगों द्वारा मोबाइल छीने जाने की बात लिखी थी। इसके विपरीत, भू-माफिया की तरफ से क्रॉस एफआईआर लिखते समय पुलिस ने न तो कोई जांच की और न ही कोई सबूत या वीडियो मांगा। झूंसी पुलिस यक्ष ऐप पर दर्ज शातिर अपराधी तुफैल अहमद का बहुत अच्छे से ख्याल रख रही है ताकि उसे कोई तकलीफ न हो। इस अपराधी पर हत्या, धोखाधड़ी, जालसाजी, जुआ अधिनियम, बिजली चोरी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसे 9 मुकदमे दर्ज हैं। अपराधी तुफैल अहमद के घर पर सीसीटीवी कैमरा भी लगा है, लेकिन खुद मारपीट करने वाला अपने ही कैमरे की फुटेज भला कैसे दिखाएगा। झूंसी पुलिस पहले भी दबाव बनाने के लिए क्रॉस एफआईआर लिखने के ऐसे कारनामे कर चुकी है। वर्ष 2025 में भी अधिवक्ता मो. आमीर पर दबाव बनाने के लिए बिना किसी साक्ष्य और सबूत के रंगदारी की धाराओं में क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन खबर चलने के बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा था। कुछ पुलिसवालों की इन्हीं करतूतों के कारण आज भी हर गली-मोहल्ले में अतीक के गुर्गे और भू-माफिया फल-फूल रहे हैं। एक शातिर अपराधी को बचाने के लिए पुलिस जिस हद तक उतरी है, उसे देखकर झूंसी पुलिस का यह योगदान इतिहास में दर्ज होगा।
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    प्रयागराज के झूंसी में पुलिस अतीक के गुर्गों और भू-माफिया को बचाने के लिए पीड़ित पक्ष पर ही दबाव बनाने में जुट गई है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के लिए रात में चुपके से बिना किसी सबूत के क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है। पीड़ित साहबे आलम और मोहम्मद फैसल का परिवार एक शांति प्रिय परिवार है, जिन पर आज तक एक भी मुकदमा दर्ज नहीं है। पीड़ितों की तरफ से एफआईआर दर्ज होने के बाद भी भू-माफिया और उसके लोग खुलेआम घूमते रहे और उन पर समझौते का दबाव बनाते रहे। जब समझौते की बात नहीं बनी, तो झूंसी पुलिस ने रात में धीरे से पीड़ित परिवार के ऊपर ही बिना किसी साक्ष्य के एफआईआर लिख डाली।

पीड़ितों की एफआईआर लिखते समय पुलिस ने सबूत के तौर पर मारपीट का वीडियो और चोटें देखीं, लेकिन दबाव बनाकर पीड़ित की तहरीर से वह लाइन जबरन हटवा दी जिसमें दबंगों द्वारा मोबाइल छीने जाने की बात लिखी थी। इसके विपरीत, भू-माफिया की तरफ से क्रॉस एफआईआर लिखते समय पुलिस ने न तो कोई जांच की और न ही कोई सबूत या वीडियो मांगा। झूंसी पुलिस यक्ष ऐप पर दर्ज शातिर अपराधी तुफैल अहमद का बहुत अच्छे से ख्याल रख रही है ताकि उसे कोई तकलीफ न हो। इस अपराधी पर हत्या, धोखाधड़ी, जालसाजी, जुआ अधिनियम, बिजली चोरी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसे 9 मुकदमे दर्ज हैं। अपराधी तुफैल अहमद के घर पर सीसीटीवी कैमरा भी लगा है, लेकिन खुद मारपीट करने वाला अपने ही कैमरे की फुटेज भला कैसे दिखाएगा।

झूंसी पुलिस पहले भी दबाव बनाने के लिए क्रॉस एफआईआर लिखने के ऐसे कारनामे कर चुकी है। वर्ष 2025 में भी अधिवक्ता मो. आमीर पर दबाव बनाने के लिए बिना किसी साक्ष्य और सबूत के रंगदारी की धाराओं में क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन खबर चलने के बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा था। कुछ पुलिसवालों की इन्हीं करतूतों के कारण आज भी हर गली-मोहल्ले में अतीक के गुर्गे और भू-माफिया फल-फूल रहे हैं। एक शातिर अपराधी को बचाने के लिए पुलिस जिस हद तक उतरी है, उसे देखकर झूंसी पुलिस का यह योगदान इतिहास में दर्ज होगा।
    user_BST news prayagraj
    BST news prayagraj
    Lawyer Bara, Prayagraj•
    6 hrs ago
  • प्रयागराज के शंकरगढ़ थाना पुलिस ने चेन स्नैचिंग की घटना का सफल खुलासा करते हुए दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई डिस्कवर मोटरसाइकिल (UP70BL4907), छीनी गई पीली धातु की एक जंजीर और ₹6,000 नकद बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त प्रयागराज के निर्देशन, डीसीपी यमुनानगर एवं एसीपी बारा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष शंकरगढ़ सुशील कुमार दुबे के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम ने 11 जुलाई 2026 की रात करीब 10:45 बजे ग्राम लखनपुर के पास केशरी देवी बगिया के पीछे मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान 35 वर्षीय विपिन कुमार निषाद (निवासी मवैया, थाना औद्योगिक क्षेत्र) और 34 वर्षीय आनंद निषाद (निवासी बीकर, थाना धूपपुर) के रूप में हुई है। इस मामले को लेकर 26 जून 2026 को बड़ौढ़ी निवासी आरती तिवारी (पत्नी उमेश तिवारी) ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि टेम्पो में यात्रा के दौरान अज्ञात बाइक सवार बदमाश उनके गले से सोने की चेन छीनकर भाग गए थे। इस संबंध में शंकरगढ़ थाने में मुकदमा अपराध संख्या 151/2026 के तहत बीएनएस की धारा 309(4), 317(2) एवं 61(2) में मुकदमा दर्ज किया गया था। लगातार की गई विवेचना, मुखबिर तंत्र और पुलिस टीम के संयुक्त प्रयासों से इस घटना का खुलासा हुआ। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर दोनों अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर दिया है। इस पूरी कार्रवाई में थानाध्यक्ष सुशील कुमार दुबे, एसओजी प्रभारी नवीन सिंह, उपनिरीक्षक शिवकुमार यादव, राजकुमार राय, अजय सिंह, जयवीर सिंह, शशिकांत यादव, मनोज कुमार यादव, सतीश यादव, सुजीत यादव, दीपू और समित कुमार की मुख्य भूमिका रही।
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    प्रयागराज के शंकरगढ़ थाना पुलिस ने चेन स्नैचिंग की घटना का सफल खुलासा करते हुए दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई डिस्कवर मोटरसाइकिल (UP70BL4907), छीनी गई पीली धातु की एक जंजीर और ₹6,000 नकद बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त प्रयागराज के निर्देशन, डीसीपी यमुनानगर एवं एसीपी बारा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष शंकरगढ़ सुशील कुमार दुबे के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम ने 11 जुलाई 2026 की रात करीब 10:45 बजे ग्राम लखनपुर के पास केशरी देवी बगिया के पीछे मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार किया।

पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान 35 वर्षीय विपिन कुमार निषाद (निवासी मवैया, थाना औद्योगिक क्षेत्र) और 34 वर्षीय आनंद निषाद (निवासी बीकर, थाना धूपपुर) के रूप में हुई है। इस मामले को लेकर 26 जून 2026 को बड़ौढ़ी निवासी आरती तिवारी (पत्नी उमेश तिवारी) ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि टेम्पो में यात्रा के दौरान अज्ञात बाइक सवार बदमाश उनके गले से सोने की चेन छीनकर भाग गए थे। इस संबंध में शंकरगढ़ थाने में मुकदमा अपराध संख्या 151/2026 के तहत बीएनएस की धारा 309(4), 317(2) एवं 61(2) में मुकदमा दर्ज किया गया था।

लगातार की गई विवेचना, मुखबिर तंत्र और पुलिस टीम के संयुक्त प्रयासों से इस घटना का खुलासा हुआ। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर दोनों अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर दिया है। इस पूरी कार्रवाई में थानाध्यक्ष सुशील कुमार दुबे, एसओजी प्रभारी नवीन सिंह, उपनिरीक्षक शिवकुमार यादव, राजकुमार राय, अजय सिंह, जयवीर सिंह, शशिकांत यादव, मनोज कुमार यादव, सतीश यादव, सुजीत यादव, दीपू और समित कुमार की मुख्य भूमिका रही।
    user_नावेद खान पत्रकार
    नावेद खान पत्रकार
    बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • प्रयागराज के करेली थाना स्थित 16 मार्केट के पास एक अज्ञात हमलावर ने मारूफ नामक व्यक्ति के घर को निशाना बनाया है। सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि हमलावर द्वारा पहले घर की रेकी की गई, जिसके बाद उसने लगातार 3 बम मारे और फायरिंग कर वहां से भाग निकला। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई है और मामले की सघन जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज और तमाम उपलब्ध सबूतों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही युवकों की तलाश कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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    प्रयागराज के करेली थाना स्थित 16 मार्केट के पास एक अज्ञात हमलावर ने मारूफ नामक व्यक्ति के घर को निशाना बनाया है। सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि हमलावर द्वारा पहले घर की रेकी की गई, जिसके बाद उसने लगातार 3 बम मारे और फायरिंग कर वहां से भाग निकला। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई है और मामले की सघन जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज और तमाम उपलब्ध सबूतों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही युवकों की तलाश कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
    user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
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