दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद के चकिया तक पहुंच गई है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सैकड़ों छात्र और युवा एकजुट होकर सड़कों पर उतरे। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए युवाओं ने आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज परिसर से रैली शुरू की, जो मुख्य बाजार, प्रमुख चौराहों और विभिन्न मार्गों से होते हुए चकिया तहसील परिसर तक पहुंची। तहसील पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की अपील की। इस दौरान प्रतिभागियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाते हुए कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। कार्यक्रम के आयोजक शैलेश कुमार और यश सोनकर रहे। शैलेश कुमार ने कहा कि वे संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं और चाहते हैं कि छात्रों की आवाज सुनी जाए व उनकी मांगों पर निष्पक्ष विचार किया जाए। प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत चकिया के अलावा आसपास के कई थानों की पुलिस बल मौके पर तैनात की गई थी। उपजिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा और क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार सिंह खुद मौके पर मौजूद रहकर पूरे कार्यक्रम की निगरानी करते रहे, जिससे रैली शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद के चकिया तक पहुंच गई है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सैकड़ों छात्र और युवा एकजुट होकर सड़कों पर उतरे। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए युवाओं ने आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज परिसर से रैली शुरू की, जो मुख्य बाजार, प्रमुख चौराहों और विभिन्न मार्गों से होते हुए चकिया तहसील परिसर तक पहुंची। तहसील पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की अपील की। इस दौरान प्रतिभागियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाते हुए कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। कार्यक्रम के आयोजक शैलेश कुमार और यश सोनकर रहे। शैलेश कुमार ने कहा कि वे संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं और चाहते हैं कि छात्रों की आवाज सुनी जाए व उनकी मांगों पर निष्पक्ष विचार किया जाए। प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत चकिया के अलावा आसपास के कई थानों की पुलिस बल मौके पर तैनात की गई थी। उपजिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा और क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार सिंह खुद मौके पर मौजूद रहकर पूरे कार्यक्रम की निगरानी करते रहे, जिससे रैली शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरना-प्रदर्शन का असर उत्तर प्रदेश के चकिया में भी देखने को मिल रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज, चकिया के मैदान में छात्र और युवा एकजुट होकर धरने पर बैठ गए हैं। छात्रों और युवाओं के इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए चकिया और आसपास के अन्य थानों की पुलिस व प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपजिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा और क्षेत्राधिकारी चकिया अजीत कुमार सिंह ने खुद मौके पर पहुंचकर कमान संभाल ली है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का असर उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद स्थित चकिया में भी देखने को मिला। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सैकड़ों की संख्या में छात्र और युवा सड़कों पर उतरे और एकजुट होकर शांतिपूर्ण रैली निकाली। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए युवाओं की यह रैली आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज परिसर से शुरू हुई और नगर के मुख्य बाजार, प्रमुख चौराहों तथा विभिन्न मार्गों से भ्रमण करते हुए तहसील परिसर पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी को अपना ज्ञापन सौंपा। रैली के दौरान चकिया कस्बे में माहौल पूरी तरह आंदोलनमय बना रहा। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आया और सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे।1
- देशभर में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच चंदौली जनपद के चकिया कस्बे में छात्रों द्वारा प्रदर्शन की तैयारी की गई थी। सोशल मीडिया के माध्यम से एक दिन पूर्व ही छात्रों से एकजुट होकर विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया गया था। इसकी सूचना मिलते ही स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया, जिसके बाद एहतियात के तौर पर चकिया नगर के प्रमुख स्थानों पर कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) अजीत चौहान और प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह भारी पुलिस बल के साथ आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने वहां मौजूद छात्रों से बातचीत की और उनसे शांतिपूर्वक अपनी बात रखने के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। पुलिस की समझाइश के बाद छात्रों ने अपना प्रस्तावित प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस दौरान छात्रों के पास मौजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरोध में लिखे गए नारे वाले पोस्टर और तख्तियों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस प्रशासन ने छात्रों को स्पष्ट हिदायत दी कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का प्रदर्शन करने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाला कदम उठाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरे घटनाक्रम के दौरान चकिया में पुलिस बल अलर्ट मोड पर तैनात रहा और स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही।3
- पेपर लीक की घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से कल होने वाली कैबिनेट बैठक में और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।1
- उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत बांसडीह क्षेत्र स्थित सहपुरवा गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां खेत में गिरे 11 हजार वोल्ट (11 केवी) हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आने से पिता और पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसर गया है। वहीं बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज अब उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद स्थित चकिया तक पहुंच गई है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सैकड़ों छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए और एकजुट होकर शांतिपूर्ण रैली निकाली। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए युवाओं की यह रैली आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज परिसर से शुरू होकर मुख्य बाजार, प्रमुख चौराहों और विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई चकिया तहसील परिसर पहुंची। तहसील पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी (SDM) को अपना ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन के दौरान चकिया कस्बे का माहौल पूरी तरह आंदोलनमय नजर आया। रैली और प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा तथा सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे।4
- बिहार में रोपनी करने जाने के दौरान रास्ते में एक पिकअप पलट गया। इस हादसे में पिकअप सवार 25 लोग घायल हो गए हैं।1