देशभर में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच चंदौली जनपद के चकिया कस्बे में छात्रों द्वारा प्रदर्शन की तैयारी की गई थी। सोशल मीडिया के माध्यम से एक दिन पूर्व ही छात्रों से एकजुट होकर विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया गया था। इसकी सूचना मिलते ही स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया, जिसके बाद एहतियात के तौर पर चकिया नगर के प्रमुख स्थानों पर कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) अजीत चौहान और प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह भारी पुलिस बल के साथ आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने वहां मौजूद छात्रों से बातचीत की और उनसे शांतिपूर्वक अपनी बात रखने के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। पुलिस की समझाइश के बाद छात्रों ने अपना प्रस्तावित प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस दौरान छात्रों के पास मौजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरोध में लिखे गए नारे वाले पोस्टर और तख्तियों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस प्रशासन ने छात्रों को स्पष्ट हिदायत दी कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का प्रदर्शन करने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाला कदम उठाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरे घटनाक्रम के दौरान चकिया में पुलिस बल अलर्ट मोड पर तैनात रहा और स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही।
देशभर में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच चंदौली जनपद के चकिया कस्बे में छात्रों द्वारा प्रदर्शन की तैयारी की गई थी। सोशल मीडिया के माध्यम से एक दिन पूर्व ही छात्रों से एकजुट होकर विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया गया था। इसकी सूचना मिलते ही स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया, जिसके बाद एहतियात के तौर पर चकिया नगर के प्रमुख
स्थानों पर कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) अजीत चौहान और प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह भारी पुलिस बल के साथ आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने वहां मौजूद छात्रों से बातचीत की और उनसे शांतिपूर्वक अपनी बात रखने के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। पुलिस की समझाइश के बाद छात्रों ने अपना प्रस्तावित प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस दौरान
छात्रों के पास मौजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरोध में लिखे गए नारे वाले पोस्टर और तख्तियों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस प्रशासन ने छात्रों को स्पष्ट हिदायत दी कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का प्रदर्शन करने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाला कदम उठाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरे घटनाक्रम के दौरान चकिया में पुलिस बल अलर्ट मोड पर तैनात रहा और स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही।
- देशभर में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच चंदौली जनपद के चकिया कस्बे में छात्रों द्वारा प्रदर्शन की तैयारी की गई थी। सोशल मीडिया के माध्यम से एक दिन पूर्व ही छात्रों से एकजुट होकर विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया गया था। इसकी सूचना मिलते ही स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया, जिसके बाद एहतियात के तौर पर चकिया नगर के प्रमुख स्थानों पर कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) अजीत चौहान और प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह भारी पुलिस बल के साथ आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने वहां मौजूद छात्रों से बातचीत की और उनसे शांतिपूर्वक अपनी बात रखने के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। पुलिस की समझाइश के बाद छात्रों ने अपना प्रस्तावित प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस दौरान छात्रों के पास मौजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरोध में लिखे गए नारे वाले पोस्टर और तख्तियों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस प्रशासन ने छात्रों को स्पष्ट हिदायत दी कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का प्रदर्शन करने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाला कदम उठाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरे घटनाक्रम के दौरान चकिया में पुलिस बल अलर्ट मोड पर तैनात रहा और स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही।3
- वसीम अहमद ने आरोप लगाया है कि सरकारी विद्यालयों को प्राइवेट के हाथों में बेचा जा रहा है। उनका कहना है कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था और विद्यालयों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है।1
- चंदौली जिले के नियामताबाद ब्लॉक स्थित भरछा सहकारी समिति पर सचिव और अन्य अधिकारियों द्वारा DAP खाद की खुलेआम मनमानी और कालाबाजारी करने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि समिति के अधिकारी 100-100 बोरी DAP खाद ब्लैक में बेच रहे हैं और धांधली कर रहे हैं। दूसरी ओर, छोटे किसान खाद लेने के लिए 4 घंटे से लगातार कतार में लगे हुए हैं, फिर भी उन्हें यह कहकर लौटाया जा रहा है कि खाद उपलब्ध नहीं है। किसानों का कहना है कि अधिकारियों ने पहले से ही पर्ची बनाकर रख ली है और आम किसानों को खाद नहीं दी जा रही है। इस पूरी अनिमियतता पर अधिकारियों के खिलाफ तत्काल जांच की मांग की गई है।2
- पेपर लीक की घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से कल होने वाली कैबिनेट बैठक में और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।1
- उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत बांसडीह क्षेत्र स्थित सहपुरवा गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां खेत में गिरे 11 हजार वोल्ट (11 केवी) हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आने से पिता और पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसर गया है। वहीं बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- बिहार के कैमूर जिले के चैनपुर इलाके के एक गांव में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तड़प रहे हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक किसी का भी ध्यान इस गांव की समस्या पर नहीं है। पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए जूझ रहे ग्रामीणों की अनदेखी की जा रही है और जिम्मेदार तंत्र पूरी तरह बेपरवाह बना हुआ है।1
- बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तत्वावधान में जिला नियोजनालय, कैमूर द्वारा शुक्रवार को मोहनिया स्थित शारदा ब्रजराज प्लस-2 उच्च विद्यालय परिसर में एक दिवसीय जिला स्तरीय नियोजन-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का शुभारंभ किया गया। मेले का उद्घाटन एडीएम सह पीजीआरओ राजेश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर मोहनिया एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी, डीसीएलआर कमला कांत त्रिवेदी, विद्यालय के प्राचार्य अजय सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस मेले में करीब 25 निजी कंपनियों और संस्थानों ने भाग लिया और जिले के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए।4
- वाराणसी के पंचवटी मुख्य तिराहे के आसपास कथित रूप से अवैध गांजे की बिक्री की शिकायतों और इसका वीडियो वायरल होने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कुछ स्थानों पर खुलेआम नशीले पदार्थों का कारोबार हो रहा है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और सक्षम एजेंसियों द्वारा जांच होना बाकी है। शिकायतकर्ताओं द्वारा जानकारी मांगे जाने पर आबकारी विभाग के एक निरीक्षक ने कथित तौर पर कहा कि ऐसी कार्रवाई पुलिस के सहयोग से ही प्रभावी ढंग से की जा सकती है। आबकारी निरीक्षक के इस बयान के बाद स्थानीय नागरिकों के बीच चर्चा तेज हो गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या विभाग अपने उपलब्ध कानूनी अधिकारों और अन्य एजेंसियों के समन्वय का पर्याप्त उपयोग कर रहा है या कार्रवाई में किसी कारणवश देरी हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने, क्षेत्र में नियमित छापेमारी व निगरानी बढ़ाने और किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका सामने आने पर उसके स्रोत तक पहुंचकर कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल यह मामला स्थानीय शिकायतों व कथित बयानों पर आधारित है और वास्तविक स्थिति निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1