वाराणसी के पंचवटी मुख्य तिराहे के आसपास कथित रूप से अवैध गांजे की बिक्री की शिकायतों और इसका वीडियो वायरल होने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कुछ स्थानों पर खुलेआम नशीले पदार्थों का कारोबार हो रहा है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और सक्षम एजेंसियों द्वारा जांच होना बाकी है। शिकायतकर्ताओं द्वारा जानकारी मांगे जाने पर आबकारी विभाग के एक निरीक्षक ने कथित तौर पर कहा कि ऐसी कार्रवाई पुलिस के सहयोग से ही प्रभावी ढंग से की जा सकती है। आबकारी निरीक्षक के इस बयान के बाद स्थानीय नागरिकों के बीच चर्चा तेज हो गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या विभाग अपने उपलब्ध कानूनी अधिकारों और अन्य एजेंसियों के समन्वय का पर्याप्त उपयोग कर रहा है या कार्रवाई में किसी कारणवश देरी हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने, क्षेत्र में नियमित छापेमारी व निगरानी बढ़ाने और किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका सामने आने पर उसके स्रोत तक पहुंचकर कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल यह मामला स्थानीय शिकायतों व कथित बयानों पर आधारित है और वास्तविक स्थिति निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
वाराणसी के पंचवटी मुख्य तिराहे के आसपास कथित रूप से अवैध गांजे की बिक्री की शिकायतों और इसका वीडियो वायरल होने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कुछ स्थानों पर खुलेआम नशीले पदार्थों का कारोबार हो रहा है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और सक्षम एजेंसियों द्वारा जांच होना बाकी है। शिकायतकर्ताओं द्वारा जानकारी मांगे जाने पर आबकारी विभाग के एक निरीक्षक ने कथित तौर पर कहा कि ऐसी कार्रवाई पुलिस के सहयोग से ही प्रभावी ढंग से की जा सकती है। आबकारी निरीक्षक के इस बयान के बाद स्थानीय नागरिकों के बीच चर्चा तेज हो गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या विभाग अपने उपलब्ध कानूनी अधिकारों और अन्य एजेंसियों के समन्वय का पर्याप्त उपयोग कर रहा है या कार्रवाई में किसी कारणवश देरी हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने, क्षेत्र में नियमित छापेमारी व निगरानी बढ़ाने और किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका सामने आने पर उसके स्रोत तक पहुंचकर कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल यह मामला स्थानीय शिकायतों व कथित बयानों पर आधारित है और वास्तविक स्थिति निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
- वसीम अहमद ने आरोप लगाया है कि सरकारी विद्यालयों को प्राइवेट के हाथों में बेचा जा रहा है। उनका कहना है कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था और विद्यालयों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है।1
- पेपर लीक की घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से कल होने वाली कैबिनेट बैठक में और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।1
- उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत बांसडीह क्षेत्र स्थित सहपुरवा गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां खेत में गिरे 11 हजार वोल्ट (11 केवी) हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आने से पिता और पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसर गया है। वहीं बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- बिहार के कैमूर जिले के चैनपुर इलाके के एक गांव में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तड़प रहे हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक किसी का भी ध्यान इस गांव की समस्या पर नहीं है। पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए जूझ रहे ग्रामीणों की अनदेखी की जा रही है और जिम्मेदार तंत्र पूरी तरह बेपरवाह बना हुआ है।1
- उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ (संस्कृति विभाग) और हरदेव इंटर कॉलेज, अमादपुर के संयुक्त तत्वावधान में 'सृजन' कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित 10 दिवसीय लोकगीत कार्यशाला का गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। धीना क्षेत्र के इस आयोजन में 14 जुलाई से 23 जुलाई तक हरदेव इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं और लोककला प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए और आयोजकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं, विभिन्न लोकगीत विधाओं, गायन शैली, स्वर-साधना, मंच संचालन तथा प्रभावी प्रस्तुति की बारीकियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रसिद्ध लोकगायक और कार्यशाला के प्रशिक्षक मंगल यादव ने लोकसंगीत की तकनीकी जानकारी देने के साथ भारतीय लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने लोकगीतों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, जिसमें ढोलक पर जितेन्द्र नाथ मिश्र और हार्मोनियम पर अमेरिका राय ने उत्कृष्ट संगत की। कार्यक्रम की सफलता में प्रधानाचार्य सियाराम यादव सहित योगेन्द्र प्रसाद यादव, मंसूर आलम, अमरनाथ यादव, विनोद कुमार यादव, शिवकुमार यादव, संदीप कुमार यादव, अंशुमान भास्कर, अनिता वर्मा, मनई राम, शिवशंकर राम, सुबेदार राम, नन्दकुमार वर्मा, अभयराज यादव एवं उमेश कुमार कुशवाहा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समापन पर वक्ताओं ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं नई पीढ़ी को सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और उत्तर प्रदेश की लोक विरासत को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।2
- चंदौली जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की माँग की है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत पद छोड़ने का दबाव बनाते हुए अपना कड़ा रुख सामने रखा है।1
- चंदौली जिले के धानापुर कस्बे में मंगलवार की रात करीब नौ बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहाँ घर के बाहर खेल रहे पवन सेठ के चार वर्षीय पुत्र रघुनाथ को एक छिपे हुए सांप ने पैर में डंस लिया। सांप के काटते ही मासूम रोते हुए घर के अंदर पहुंचा और परिजनों को मामले की जानकारी दी। परिजन तत्काल बच्चे को पास के एक निजी चिकित्सालय ले गए, जहाँ चिकित्सक ने विषैले जीव के काटने की आशंका जताते हुए उसे तुरंत उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया। परिजन मासूम को लेकर अन्य अस्पताल पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने एक सपेरे को बुलाया, जिसने घर के बाहर मौजूद सांप को पकड़कर बाहर निकाला। मासूम की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे कस्बे में शोक का माहौल है।1
- वाराणसी के पंचवटी मुख्य तिराहे के आसपास कथित रूप से अवैध गांजे की बिक्री की शिकायतों और इसका वीडियो वायरल होने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कुछ स्थानों पर खुलेआम नशीले पदार्थों का कारोबार हो रहा है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और सक्षम एजेंसियों द्वारा जांच होना बाकी है। शिकायतकर्ताओं द्वारा जानकारी मांगे जाने पर आबकारी विभाग के एक निरीक्षक ने कथित तौर पर कहा कि ऐसी कार्रवाई पुलिस के सहयोग से ही प्रभावी ढंग से की जा सकती है। आबकारी निरीक्षक के इस बयान के बाद स्थानीय नागरिकों के बीच चर्चा तेज हो गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या विभाग अपने उपलब्ध कानूनी अधिकारों और अन्य एजेंसियों के समन्वय का पर्याप्त उपयोग कर रहा है या कार्रवाई में किसी कारणवश देरी हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने, क्षेत्र में नियमित छापेमारी व निगरानी बढ़ाने और किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका सामने आने पर उसके स्रोत तक पहुंचकर कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल यह मामला स्थानीय शिकायतों व कथित बयानों पर आधारित है और वास्तविक स्थिति निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1