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चंदौली जिले के धानापुर कस्बे में मंगलवार की रात करीब नौ बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहाँ घर के बाहर खेल रहे पवन सेठ के चार वर्षीय पुत्र रघुनाथ को एक छिपे हुए सांप ने पैर में डंस लिया। सांप के काटते ही मासूम रोते हुए घर के अंदर पहुंचा और परिजनों को मामले की जानकारी दी। परिजन तत्काल बच्चे को पास के एक निजी चिकित्सालय ले गए, जहाँ चिकित्सक ने विषैले जीव के काटने की आशंका जताते हुए उसे तुरंत उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया। परिजन मासूम को लेकर अन्य अस्पताल पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने एक सपेरे को बुलाया, जिसने घर के बाहर मौजूद सांप को पकड़कर बाहर निकाला। मासूम की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे कस्बे में शोक का माहौल है।
ABUL KAISH
चंदौली जिले के धानापुर कस्बे में मंगलवार की रात करीब नौ बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहाँ घर के बाहर खेल रहे पवन सेठ के चार वर्षीय पुत्र रघुनाथ को एक छिपे हुए सांप ने पैर में डंस लिया। सांप के काटते ही मासूम रोते हुए घर के अंदर पहुंचा और परिजनों को मामले की जानकारी दी। परिजन तत्काल बच्चे को पास के एक निजी चिकित्सालय ले गए, जहाँ चिकित्सक ने विषैले जीव के काटने की आशंका जताते हुए उसे तुरंत उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया। परिजन मासूम को लेकर अन्य अस्पताल पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने एक सपेरे को बुलाया, जिसने घर के बाहर मौजूद सांप को पकड़कर बाहर निकाला। मासूम की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे कस्बे में शोक का माहौल है।
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- चंदौली जिले के धानापुर कस्बे में मंगलवार की रात करीब नौ बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहाँ घर के बाहर खेल रहे पवन सेठ के चार वर्षीय पुत्र रघुनाथ को एक छिपे हुए सांप ने पैर में डंस लिया। सांप के काटते ही मासूम रोते हुए घर के अंदर पहुंचा और परिजनों को मामले की जानकारी दी। परिजन तत्काल बच्चे को पास के एक निजी चिकित्सालय ले गए, जहाँ चिकित्सक ने विषैले जीव के काटने की आशंका जताते हुए उसे तुरंत उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया। परिजन मासूम को लेकर अन्य अस्पताल पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने एक सपेरे को बुलाया, जिसने घर के बाहर मौजूद सांप को पकड़कर बाहर निकाला। मासूम की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे कस्बे में शोक का माहौल है।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली स्थित धानापुर के हरदेव इंटर कॉलेज, अमादपुर में 'सृजन' कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित 10 दिवसीय लोकगीत कार्यशाला का गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह आयोजन उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) और हरदेव इंटर कॉलेज, अमादपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। कार्यशाला के सफल समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।1
- उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ (संस्कृति विभाग) और हरदेव इंटर कॉलेज, अमादपुर के संयुक्त तत्वावधान में 'सृजन' कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित 10 दिवसीय लोकगीत कार्यशाला का गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। धीना क्षेत्र के इस आयोजन में 14 जुलाई से 23 जुलाई तक हरदेव इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं और लोककला प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए और आयोजकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं, विभिन्न लोकगीत विधाओं, गायन शैली, स्वर-साधना, मंच संचालन तथा प्रभावी प्रस्तुति की बारीकियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रसिद्ध लोकगायक और कार्यशाला के प्रशिक्षक मंगल यादव ने लोकसंगीत की तकनीकी जानकारी देने के साथ भारतीय लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने लोकगीतों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, जिसमें ढोलक पर जितेन्द्र नाथ मिश्र और हार्मोनियम पर अमेरिका राय ने उत्कृष्ट संगत की। कार्यक्रम की सफलता में प्रधानाचार्य सियाराम यादव सहित योगेन्द्र प्रसाद यादव, मंसूर आलम, अमरनाथ यादव, विनोद कुमार यादव, शिवकुमार यादव, संदीप कुमार यादव, अंशुमान भास्कर, अनिता वर्मा, मनई राम, शिवशंकर राम, सुबेदार राम, नन्दकुमार वर्मा, अभयराज यादव एवं उमेश कुमार कुशवाहा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समापन पर वक्ताओं ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं नई पीढ़ी को सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और उत्तर प्रदेश की लोक विरासत को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।2
- चंदौली जिले के धीना में सैयदराजा विधायक सुशील सिंह किसान नेताओं से बातचीत करते नजर आए हैं।1
- दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध अब बनारस में भी देखने को मिल रहा है। इस घटना के खिलाफ अधिवक्ता समाज बेहद आक्रोशित है और छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने आ गया है। जंतर मंतर पर हुई लाठीचार्ज की कार्रवाई के विरोध में बनारस में अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है।1
- सरकारी योजना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बाद भी नल पूरी तरह सूखे पड़े हैं। जलापूर्ति न होने के कारण लोग मजबूरी में हैंडपंप का गंदा पानी पीने को विवश हैं।1
- चंदौली के धीना खजरा विद्यालय में आयोजित बूथ अध्यक्ष सम्मेलन में भाजपा एमएलसी धर्मेंद्र सिंह शामिल हुए।1
- "नहीं रुके हैं, नहीं रुकेंगे" और "इंकलाब ज़िंदाबाद" के बुलंद नारों के साथ आंदोलन लगातार जारी है और पूरा माहौल इन नारों की गूंज से सराबोर है। प्रदर्शन स्थल पर हाथों में तिरंगा, बैनर और पोस्टर थमे युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की भारी भीड़ देखी जा रही है। आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी, यह संघर्ष थमेगा नहीं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोगों ने स्पष्ट किया है कि दमन और दबाव से इस लड़ाई को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि यह हक की लड़ाई है और इसे अंतिम सांस तक लड़ा जाएगा। अपनी आगे की रणनीति का ऐलान करते हुए नेताओं ने बताया कि आंदोलन को और तेज करने के लिए गांव-गांव और गली-गली में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा, ताकि सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाई जा सके। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि यह नारा सिर्फ एक आवाज नहीं, बल्कि व्यवस्था को झकझोर कर रख देने वाली बदलाव की चिंगारी है। इस आंदोलन ने साबित कर दिया है कि जब जनता एकजुट हो जाती है तो कोई भी दीवार उसे रोक नहीं सकती।1