साढ़ थाना क्षेत्र के महोलिया स्कूल में चार घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा, प्रधानाध्यापिका ने कमरे में खुद को किया बंद विकासखंड भीतरगांव के महोलिया स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को कई महीनों से चले आ रहे विवाद के बीच करीब चार घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। प्रधानाध्यापिका ने रसोइयों से जान का खतरा बताते हुए पुलिस को फोन किया और पुलिस के पहुंचने से पहले खुद को विद्यालय के एक कमरे में बंद कर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रधानाध्यापिका परिजनों के पहुंचने के बाद ही बाहर आने की बात पर अड़ी रहीं। करीब दो घंटे बाद बहन के पहुंचने पर उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला। जानकारी के अनुसार विद्यालय में प्रधानाध्यापिका सत्यवती के अलावा दो शिक्षामित्र और तीन सहायक अध्यापक तैनात हैं। बताया गया कि मंगलवार सुबह प्रधानाध्यापिका स्कूल पहुंचीं। कुछ देर बाद उन्होंने पुलिस को फोन कर खुद की जान को खतरा बताते हुए मदद मांगी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर लिया। सूचना पर खंड शिक्षा अधिकारी पूनम वर्मा और खंड विकास अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रधानाध्यापिका को कमरे से बाहर आने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने परिजनों के आने के बाद ही दरवाजा खोलने की बात कही। करीब चार घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान विद्यालय में अफरा-तफरी का माहौल रहा। शिक्षकों के आपसी विवाद के चलते विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। उधर, प्रधानाध्यापिका से विवाद को लेकर शिक्षक, शिक्षामित्र और रसोइयों ने साढ़ थाने पहुंचकर पुलिस और उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। उनका आरोप है कि प्रधानाध्यापिका आए दिन किसी न किसी बात को लेकर विवाद करती रहती हैं। पूर्व में शिक्षकों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज कराया गया था, जिससे शिक्षक, शिक्षामित्र और रसोइये खुद को परेशान बता रहे हैं। शिक्षकों ने बताया कि मामले की शिकायत कई बार उच्चाधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका।
साढ़ थाना क्षेत्र के महोलिया स्कूल में चार घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा, प्रधानाध्यापिका ने कमरे में खुद को किया बंद विकासखंड भीतरगांव के महोलिया स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को कई महीनों से चले आ रहे विवाद के बीच करीब चार घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। प्रधानाध्यापिका ने रसोइयों से जान का खतरा बताते हुए पुलिस को फोन किया और पुलिस के पहुंचने से पहले खुद को विद्यालय के एक कमरे में बंद कर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रधानाध्यापिका परिजनों के पहुंचने के बाद ही बाहर आने की बात पर अड़ी रहीं। करीब दो घंटे बाद बहन के पहुंचने पर उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला। जानकारी के अनुसार विद्यालय में प्रधानाध्यापिका सत्यवती के अलावा दो शिक्षामित्र और तीन सहायक अध्यापक तैनात हैं। बताया गया कि मंगलवार सुबह प्रधानाध्यापिका स्कूल पहुंचीं। कुछ देर बाद उन्होंने पुलिस को फोन कर खुद की जान को खतरा बताते हुए मदद मांगी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर लिया। सूचना पर खंड शिक्षा अधिकारी पूनम वर्मा और खंड विकास अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रधानाध्यापिका को कमरे से बाहर आने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने परिजनों के आने के बाद ही दरवाजा खोलने की बात कही। करीब चार घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान विद्यालय में अफरा-तफरी का माहौल रहा। शिक्षकों के आपसी विवाद के चलते विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। उधर, प्रधानाध्यापिका से विवाद को लेकर शिक्षक, शिक्षामित्र और रसोइयों ने साढ़ थाने पहुंचकर पुलिस और उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। उनका आरोप है कि प्रधानाध्यापिका आए दिन किसी न किसी बात को लेकर विवाद करती रहती हैं। पूर्व में शिक्षकों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज कराया गया था, जिससे शिक्षक, शिक्षामित्र और रसोइये खुद को परेशान बता रहे हैं। शिक्षकों ने बताया कि मामले की शिकायत कई बार उच्चाधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका।
- साढ़ थाना क्षेत्र के महोलिया स्कूल में चार घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा, प्रधानाध्यापिका ने कमरे में खुद को किया बंद विकासखंड भीतरगांव के महोलिया स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को कई महीनों से चले आ रहे विवाद के बीच करीब चार घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। प्रधानाध्यापिका ने रसोइयों से जान का खतरा बताते हुए पुलिस को फोन किया और पुलिस के पहुंचने से पहले खुद को विद्यालय के एक कमरे में बंद कर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रधानाध्यापिका परिजनों के पहुंचने के बाद ही बाहर आने की बात पर अड़ी रहीं। करीब दो घंटे बाद बहन के पहुंचने पर उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला। जानकारी के अनुसार विद्यालय में प्रधानाध्यापिका सत्यवती के अलावा दो शिक्षामित्र और तीन सहायक अध्यापक तैनात हैं। बताया गया कि मंगलवार सुबह प्रधानाध्यापिका स्कूल पहुंचीं। कुछ देर बाद उन्होंने पुलिस को फोन कर खुद की जान को खतरा बताते हुए मदद मांगी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर लिया। सूचना पर खंड शिक्षा अधिकारी पूनम वर्मा और खंड विकास अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रधानाध्यापिका को कमरे से बाहर आने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने परिजनों के आने के बाद ही दरवाजा खोलने की बात कही। करीब चार घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान विद्यालय में अफरा-तफरी का माहौल रहा। शिक्षकों के आपसी विवाद के चलते विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। उधर, प्रधानाध्यापिका से विवाद को लेकर शिक्षक, शिक्षामित्र और रसोइयों ने साढ़ थाने पहुंचकर पुलिस और उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। उनका आरोप है कि प्रधानाध्यापिका आए दिन किसी न किसी बात को लेकर विवाद करती रहती हैं। पूर्व में शिक्षकों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज कराया गया था, जिससे शिक्षक, शिक्षामित्र और रसोइये खुद को परेशान बता रहे हैं। शिक्षकों ने बताया कि मामले की शिकायत कई बार उच्चाधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका।1
- मैडम कामा को पुण्यतिथि पर वर्णिता संस्था ने किया नमन, दी श्रृद्धांजलि हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे में देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका को लेकर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में संचालित विमर्श विविधा कार्यक्रम के तहत गुरुवार को ‘जिनका देश ऋणी है’ विषय पर स्वतंत्रता संग्राम की महान देशभक्त मैडम भिकाजी कामा को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने कहा कि मैडम कामा सच्ची देशभक्ति और मां भारती के प्रति समर्पण की प्रतीक थीं। उन्होंने कई देशों में जाकर भारत की आजादी के लिए कार्य किया। जर्मनी में उन्होंने भारत के ध्वज को फहराकर देश की स्वतंत्रता की आवाज को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। देश की आजादी के संघर्ष में उनका योगदान महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी रहा। उन्होंने बताया कि मैडम भिकाजी कामा का जन्म 24 सितंबर 1861 को मुंबई में हुआ था। उनका निधन 13 अगस्त 1936 को करीब 75 वर्ष की आयु में मुंबई में हुआ। इस अवसर पर अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल प्रजापति, महावीर, प्रेम, होरीलाल, रिचा, भोलू सिंह, नीलकंठ धुरिया, रामनारायण सोनकर, सतेन्द्र और अखिलेश आदि मौजूद रहे।1
- अब किसन लाल फेमस क्रिएटर लेकर आए हैं सभी क्रेटरों के लिए काम तो जल्दी से जल्दी सभी क्रिएटर पहुंचाये मौदहा जिला हमीरपुर उत्तर प्रदेश1
- हमीरपुर - जिला कलेक्ट्रेट परिसर में कल हुए GEN अल्फा के हल्ला बोल प्रदर्शन के बाद जगा जिला प्रशासन, जिला कलेक्ट्रेट परिसर में कल हुए GEN अल्फा के हल्ला बोल प्रदर्शन के बाद जगा जिला प्रशासन, जिला प्रशासन के आलाधिकारी चंदूपुर की खराब सड़क का निरीक्षण करने पहुंचे, ADM राकेश कुमार - SDM अभिषेक कुमार - खनिज अधिकारी विकास परमार- PWD विभाग के अधिकारी कच्चीसड़क का कर रहे निरीक्षण, निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारी ग्रामीणों से बातचीत कर जल्द सड़क निर्माण कार्य कराए जाने की बोल रहे बात, एडीएम बोले रास्ते में जो भी गढ्ढे हैं उसे भरा जाएगा जल्दी रोड का कराया जाएगा निर्माण, कल जिला कलेक्ट्रेट परिसर में GEN अल्फा ने किया था हल्ला बोल प्रदर्शन - स्कूल जाने वाली सड़क का निर्माण करवाने की थी मांग ।4
- फतेहपुर में श्रद्धालुओं से भरी पिकअप पलटी घायलों को कानपुर किया रेफर1