Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट स्टेशन पर आरपीएफ (RPF) कर्मी और डिप्टी एसएस के बीच हुई मारपीट की घटना से हड़कंप मच गया है। इस टकराव के बाद पूरे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक यात्री के चोटिल होने पर डिप्टी एसएस ने ट्रेन रुकवाने का फैसला लिया था। डिप्टी एसएस के विरोध करने पर दोनों के बीच विवाद काफी बढ़ गया। आरोप के मुताबिक, इस नोकझोंक के दौरान डिप्टी एसएस के साथ जमकर मारपीट की गई। इस घटना में शामिल आरपीएफ कर्मी जितेंद्र का पुराना रिकॉर्ड भी विवादित रहा है और वह पहले भी विभिन्न विवादों के आरोपों को लेकर चर्चा में रह चुका है।
Journalist MAHESH DHARIYA
उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट स्टेशन पर आरपीएफ (RPF) कर्मी और डिप्टी एसएस के बीच हुई मारपीट की घटना से हड़कंप मच गया है। इस टकराव के बाद पूरे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक यात्री के चोटिल होने पर डिप्टी एसएस ने ट्रेन रुकवाने का फैसला लिया था। डिप्टी एसएस के विरोध करने पर दोनों के बीच विवाद काफी बढ़ गया। आरोप के मुताबिक, इस नोकझोंक के दौरान डिप्टी एसएस के साथ जमकर मारपीट की गई। इस घटना में शामिल आरपीएफ कर्मी जितेंद्र का पुराना रिकॉर्ड भी विवादित रहा है और वह पहले भी विभिन्न विवादों के आरोपों को लेकर चर्चा में रह चुका है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- अयोध्या राम मंदिर के चंदे में हुई चोरी का मुद्दा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की बैठक में उठ गया है। चंदा चोरी के इस मामले को लेकर संघ ने बेहद गहरी चिंता व्यक्त की है और इस पर अपना गहरा दुख जताया है।1
- उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 858 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से बने एक रेलवे ओवरब्रिज का महज एक ही बारिश में आंचा-पांचा खुल गया है। इस रेलवे ओवरब्रिज को अभी मात्र 15 दिन पहले ही लोगों के इस्तेमाल के लिए खोला गया था। लेकिन महज इतने कम दिनों के भीतर ही पहली बारिश ने इसके पूरे निर्माण की पोल खोलकर रख दी है, जिससे यह विश्वास करना भी मुश्किल हो रहा है कि 858 करोड़ रुपए की लागत से बने इस ओवरब्रिज का ऐसा हाल हो गया है।1
- उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त भारी भूचाल आ गया, जब बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिना किसी का नाम लिए सड़क पर आंदोलन करने वाले संगठनों और नेताओं पर तीखा हमला बोला। मेरठ की दलित बेटी ललिता गौतम को न्याय दिलाने की लड़ाई के बीच बहुजन सियासत में अब वर्चस्व की बड़ी जंग छिड़ गई है। मायावती ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन पीड़ित परिवारों को भड़काकर सड़कों पर उतारते हैं, अपनी राजनीति चमकाते हैं और फिर घटनास्थल पर पहुंचकर मगरमच्छ के आंसू बहाते हैं। मायावती के इस बयान को सीधे तौर पर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से जोड़कर देखा जा रहा है, जिन्होंने इस पर बेहद कड़ा पलटवार किया है। चंद्रशेखर आजाद ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि अगर वे मगरमच्छ के आंसू बहाने आते हैं, तो मायावती को भी ऐसा करने से किसने रोका है, वे भी आकर आंसू बहा लें। उन्होंने अदालत के जरिए इंसाफ मांगने की मायावती की बात पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर इंसाफ मिलने में दस साल का समय लगेगा, तो क्या तब तक हमारी बहन-बेटियों की इज्जत लुटती रहे और लोग चुप बैठे रहें? चंद्रशेखर आजाद ने भावुक होते हुए कहा कि आज मायावती ने उनके दिल को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने साफ कर दिया कि अब समाज खुद इस बात का फैसला करेगा कि कौन उनके लिए वास्तव में लड़ रहा है और किसका समाज से सिर्फ वोट का रिश्ता है। इस जुबानी जंग के बाद अब बहुजन राजनीति में यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि दलित समाज की लड़ाई का सही रास्ता क्या होगा—सड़क पर संघर्ष या फिर अदालत में न्याय का इंतजार।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में विपक्ष पर तीखा हमला बोला और काशी, मथुरा, अयोध्या तथा राम मंदिर समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया और स्पष्ट रूप से कहा कि मंदिर पर कब्जा करने वाले लोग काशी-मथुरा की बात नहीं कर सकते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के अंतर्गत मुख्यमंत्री पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस ने खुद ही स्वतः संज्ञान लेकर मुकदमा दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वह हवालात के भीतर हाथ जोड़कर माफी मांगता हुआ दिखाई दे रहा है। फिलहाल, पुलिस द्वारा इस मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है।1