सीतापुर पुलिस ने जनपद में हुए एक सनसनीखेज महिला हत्याकांड का 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित तीन हत्याभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे का बेलचा भी बरामद कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सीतापुर श्री अंकुर अग्रवाल के अपराध नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी के निर्देशों के तहत, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) श्री आलोक सिंह व क्षेत्राधिकारी सदर श्रीमति नेहा त्रिपाठी के पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली देहात पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस ने ग्राम मधवापुर के पास से घेराबंदी कर भाग रहे तीन अभियुक्तों — शिवप्रकाश शुक्ला, लक्ष्मी देवी, और दिलीप कुमार रैदास — को गिरफ्तार किया। अभियुक्त शिवप्रकाश शुक्ला, जो पंचमपुरवा में किराए पर रहता था, के मृतका पिंकी गुप्ता से प्रेम संबंध थे। इसी दौरान, शिवप्रकाश के ई-रिक्शा चालक की पत्नी लक्ष्मी वर्मा से भी संबंध हो गए, जिसके बाद लक्ष्मी उस पर पति की तरह रहने का दबाव बनाने लगी। जब लक्ष्मी को पिंकी गुप्ता के साथ शिवप्रकाश के संबंधों का पता चला, तो दोनों महिलाओं के बीच विवाद शुरू हो गया। पूछताछ में शिवप्रकाश शुक्ला ने बताया कि पिंकी गुप्ता को रास्ते से हटाने के लिए लक्ष्मी ने उसे उकसाया, जिसके बाद उसने अपने दरी व गिलास फैक्ट्री के साथी दिलीप कुमार रैदास को भी अपनी योजना में शामिल कर लिया। दिनांक 03.07.2026 की सुबह करीब 08:40 बजे, शिवप्रकाश, लक्ष्मी और दिलीप ने मिलकर पिंकी गुप्ता के घर का ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया और सो रही पिंकी गुप्ता पर बेलचे से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद अभियुक्त कमरे का ताला बंद कर फरार हो गए थे। अभियुक्त शिवप्रकाश शुक्ला की निशानदेही पर मृतका के घर के बगल से घटना में प्रयुक्त लोहे का बेलचा, जिस पर सूखा हुआ खून लगा था, बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
सीतापुर पुलिस ने जनपद में हुए एक सनसनीखेज महिला हत्याकांड का 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित तीन हत्याभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे का बेलचा भी बरामद कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सीतापुर श्री अंकुर अग्रवाल के अपराध नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी के निर्देशों के तहत, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) श्री आलोक सिंह व क्षेत्राधिकारी सदर श्रीमति नेहा त्रिपाठी के पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली देहात पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस ने ग्राम मधवापुर के पास से घेराबंदी कर भाग रहे तीन अभियुक्तों — शिवप्रकाश शुक्ला, लक्ष्मी देवी, और दिलीप कुमार रैदास
— को गिरफ्तार किया। अभियुक्त शिवप्रकाश शुक्ला, जो पंचमपुरवा में किराए पर रहता था, के मृतका पिंकी गुप्ता से प्रेम संबंध थे। इसी दौरान, शिवप्रकाश के ई-रिक्शा चालक की पत्नी लक्ष्मी वर्मा से भी संबंध हो गए, जिसके बाद लक्ष्मी उस पर पति की तरह रहने का दबाव बनाने लगी। जब लक्ष्मी को पिंकी गुप्ता के साथ शिवप्रकाश के संबंधों का पता चला, तो दोनों महिलाओं के बीच विवाद शुरू हो गया। पूछताछ में शिवप्रकाश शुक्ला ने बताया कि पिंकी गुप्ता को रास्ते से हटाने के लिए लक्ष्मी ने उसे उकसाया, जिसके बाद उसने अपने दरी व गिलास फैक्ट्री के साथी दिलीप कुमार रैदास को
भी अपनी योजना में शामिल कर लिया। दिनांक 03.07.2026 की सुबह करीब 08:40 बजे, शिवप्रकाश, लक्ष्मी और दिलीप ने मिलकर पिंकी गुप्ता के घर का ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया और सो रही पिंकी गुप्ता पर बेलचे से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद अभियुक्त कमरे का ताला बंद कर फरार हो गए थे। अभियुक्त शिवप्रकाश शुक्ला की निशानदेही पर मृतका के घर के बगल से घटना में प्रयुक्त लोहे का बेलचा, जिस पर सूखा हुआ खून लगा था, बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
- लखीमपुर खीरी के चिमनी गांव के पास ढाबा यूपी 31 के करीब एक नहर में एक कार गिर गई। इस घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। बताया गया है कि यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1
- लखीमपुर खीरी जिले के पलिया नगर के मोहल्ला ढाकिन सहित बसन्तापुर, सरखना, पतवारा, पटिहन और आसपास के दर्जनों गाँवों में अवैध कच्ची शराब का कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है। यह अवैध धंधा लंबे समय से बेखौफ जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, निघासन रोड स्थित ग्राम बोझवा में मुख्य सड़क के किनारे ही भारी मात्रा में अवैध कच्ची शराब बेची जाती है। यह कारोबार वर्षों से लगातार चल रहा है, मगर आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे जनता में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार से जुड़े एक कारोबारी ने इस धंधे के जरिए आलीशान मकान बना लिया है और ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत कई संसाधन भी जुटा लिए हैं। इसके बावजूद उसके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस और संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में कई बार सूचना दी गई है, लेकिन हर बार मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। क्षेत्रवासियों ने चेताया है कि यदि समय रहते इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो इससे युवाओं में नशे की लत बढ़ने के साथ-साथ अपराध की घटनाओं में भी वृद्धि हो सकती है। इसलिए, उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग से मांग की है कि अवैध कच्ची शराब के कारोबार की निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।2
- बस यही देखना बाकी रह गया था... लखनऊ में जगह-जगह ऐसे पोस्टर लगे हैं बस यही देखना बाकी रह गया था... लखनऊ में जगह-जगह ऐसे पोस्टर लगे हैं1
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक बड़े और दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। चिमनी गांव के पास, मशहूर 'ढाबा यूपी 31' के समीप, एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर एक गहरी नहर में जा गिरी। हादसे के वक्त कार में कितने लोग सवार थे, इसकी सटीक जानकारी जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार काफी तेज गति में थी और ढाबा यूपी 31 के पास चालक ने अचानक वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते कार लहराती हुई सीधे नहर में समा गई। कार को पानी में गिरता देख ढाबे के स्टाफ और स्थानीय ग्रामीणों में हड़कंप मच गया, जिन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी और खुद भी बचाव कार्य में जुट गए। सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंच गई है। स्थानीय प्रशासन की मदद से नहर में डूबी कार को बाहर निकालने और उसमें फंसे लोगों को सुरक्षित बचाने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पानी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू टीम को शुरुआती दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन क्रेन और गोताखोरों की मदद से कार को ट्रैक करने की कोशिशें लगातार जारी हैं। एक चश्मदीद ने बताया कि कार की रफ्तार काफी तेज होने के कारण मोड़ पर संतुलन बिगड़ गया था और पुलिस तथा ग्रामीण मिलकर पूरी ताकत से बचाव कार्य में जुटे हैं। फिलहाल, पुलिस हादसे के सही कारणों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस कार का रजिस्ट्रेशन नंबर और उसमें सवार लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है ताकि उनके परिजनों को सूचित किया जा सके। इस हादसे के बाद इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई है और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- हरिद्वार में आयोजित भारतीय किसान यूनियन (क्रांति गुट) के एक सम्मेलन से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कार्यक्रम के मंच पर महिलाओं को नृत्य करते और किसानों को उनके साथ थिरकते देखा जा रहा है। यह वीडियो सम्मेलन में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम का बताया जा रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सम्मेलन का मनोरंजन कार्यक्रम मान रहे हैं, वहीं कुछ अन्य व्यंग्यपूर्ण टिप्पणी कर रहे हैं कि 'शायद खेती-किसानी की सभी समस्याएं दूर हो चुकी हैं, इसलिए अब मौज-मस्ती का समय है'। हालांकि, इस कार्यक्रम के आयोजन और इसके उद्देश्य को लेकर आयोजकों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिसकी पुष्टि संबंधित पक्ष से किया जाना बाकी है।1
- सीतापुर जनपद के सदरपुर थाना क्षेत्र के रसूलाबाद गाँव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ शनिवार सुबह करीब 11 बजे 22 वर्षीय नवविवाहिता रोहणी देवी का शव उसके कमरे में पंखे से साड़ी के फंदे पर लटका हुआ मिला। शादी के कुछ ही समय बाद हुई इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और परिजनों में कोहराम पसरा है, वहीं मायके पक्ष ने इसे हत्या बताते हुए गंभीर आशंकाएं जताई हैं। जानकारी के अनुसार, जब शनिवार सुबह काफी देर तक रोहणी के कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों ने खिड़की से झांककर देखा। अंदर का भयावह दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए; रोहणी का शव पंखे के सहारे साड़ी के फंदे पर झूल रहा था। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ तुरंत मौके पर जमा हो गई। घटना की खबर लगते ही रोहणी के मायके वाले भी रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने अपनी बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के लिए ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए। मायके पक्ष ने इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, उनका रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही सदरपुर थाना पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतरवाया। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया तथा साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी सक्रिय किया गया, ताकि मौत की सही वजह स्पष्ट हो सके। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। सदरपुर के प्रभारी निरीक्षक मुकेश वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले सबूतों और मायके व ससुराल दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस आत्महत्या और हत्या सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर गहनता से जांच कर रही है और मौत के वास्तविक कारणों का जल्द ही खुलासा किया जाएगा।2
- उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब चलाकर लड़कों को लूटता था। यह गिरोह पहले लड़कों से ऑनलाइन दोस्ती करता था, फिर उन्हें मिलने के लिए बुलाकर उनसे लूटपाट करता था। इस मामले में पुलिस ने गिरोह की तीन लड़कियों और दो लड़कों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान निधि यादव, प्रियंका यादव, काजल उर्फ रिया यादव, ओमवीर यादव और मंजेश यादव के रूप में हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के महमूदाबाद कस्बे में एक युवक का खून से लथपथ शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी और हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान रामकुंड चौराहा निवासी मनोज शुक्ला के रूप में हुई है। शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई और कोहराम का माहौल बन गया। परिजनों के अनुसार, मनोज शुक्ला रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच अपने घर से हॉस्टल जाने के लिए निकले थे, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटे। लगातार मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश असफल रहने के बाद, परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद, परिजनों को मनोज का शव बरदही के पास सड़क किनारे खून से लथपथ हालत में मिला। शव पर सिर में किसी भारी वस्तु या धारदार हथियार से वार किए जाने के कई गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे यह स्पष्ट रूप से हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। परिजनों ने तत्काल स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही महमूदाबाद कोतवाली पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सीतापुर जिला मुख्यालय से फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए, जबकि पुलिस ने साक्ष्यों से छेड़छाड़ रोकने के लिए शव के आस-पास के इलाके को सील कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर अंत्यपरीक्षण के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। इस वारदात को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जिसमें पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या किसी बड़ी साजिश की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इन सभी बिंदुओं पर गहराई से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा, और परिजनों की तहरीर व मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। मनोज शुक्ला की संदिग्ध मौत से उनके परिवार में गहरा कोहराम मचा हुआ है, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोग भी इस वारदात के बाद से सहमे हुए हैं और पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।4
- जनपद सीतापुर के सिधौली कोतवाली क्षेत्र के अटरिया थाना क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब बगहिया पुल के पास नीलगांव रोड स्थित एक बाग में आम के पेड़ के नीचे 24 वर्षीय एक युवक का शव मिलने की सूचना मिली। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने तुरंत पहुंचकर जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान रोहित (24 वर्ष) पुत्र हरिकिशन, निवासी रामनगर मजरा आसोधन, कोतवाली सिधौली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, रोहित का शव आम के पेड़ के नीचे पड़ा मिला, जिसके गले में रस्सी बंधी हुई थी और उसी रस्सी का दूसरा सिरा पेड़ की डाल से बंधा था। घटनास्थल पर जमीन पर खुरचने के निशान भी देखे गए, जिससे प्रारंभिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि यदि युवक ने फंदा लगाया था तो संभव है कि रस्सी टूट जाने के कारण शव नीचे गिर गया हो। पुलिस फिलहाल हत्या और आत्महत्या सहित सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। मृतक के पिता हरिकिशन ने बताया कि रोहित कमलापुर चीनी मिल के पास एक धर्मकांटा पर काम करता था और शुक्रवार रात काम खत्म कर घर के लिए निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं आया। परिवार ने उससे मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन लगातार स्विच ऑफ मिला। परिजनों के अनुसार, करीब एक माह पहले धर्मकांटा पर काम के दौरान रोहित का किसी व्यक्ति से विवाद हुआ था, और इसी पुराने विवाद को लेकर परिवार ने घटना पर संदेह जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के दावों के बावजूद चोरी और संदिग्ध घटनाओं का सिलसिला जारी है। उन्होंने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। चौकी प्रभारी बहादुरपुर सत्येंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि अभी किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा। रोहित की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजन तथा ग्रामीण पुलिस से मामले का जल्द खुलासा कर सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।1