Shuru
Apke Nagar Ki App…
हरिद्वार में आयोजित भारतीय किसान यूनियन (क्रांति गुट) के एक सम्मेलन से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कार्यक्रम के मंच पर महिलाओं को नृत्य करते और किसानों को उनके साथ थिरकते देखा जा रहा है। यह वीडियो सम्मेलन में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम का बताया जा रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सम्मेलन का मनोरंजन कार्यक्रम मान रहे हैं, वहीं कुछ अन्य व्यंग्यपूर्ण टिप्पणी कर रहे हैं कि 'शायद खेती-किसानी की सभी समस्याएं दूर हो चुकी हैं, इसलिए अब मौज-मस्ती का समय है'। हालांकि, इस कार्यक्रम के आयोजन और इसके उद्देश्य को लेकर आयोजकों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिसकी पुष्टि संबंधित पक्ष से किया जाना बाकी है।
Nawaz ahmad Rizvi
हरिद्वार में आयोजित भारतीय किसान यूनियन (क्रांति गुट) के एक सम्मेलन से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कार्यक्रम के मंच पर महिलाओं को नृत्य करते और किसानों को उनके साथ थिरकते देखा जा रहा है। यह वीडियो सम्मेलन में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम का बताया जा रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सम्मेलन का मनोरंजन कार्यक्रम मान रहे हैं, वहीं कुछ अन्य व्यंग्यपूर्ण टिप्पणी कर रहे हैं कि 'शायद खेती-किसानी की सभी समस्याएं दूर हो चुकी हैं, इसलिए अब मौज-मस्ती का समय है'। हालांकि, इस कार्यक्रम के आयोजन और इसके उद्देश्य को लेकर आयोजकों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिसकी पुष्टि संबंधित पक्ष से किया जाना बाकी है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- हरिद्वार में आयोजित भारतीय किसान यूनियन (क्रांति गुट) के एक सम्मेलन से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कार्यक्रम के मंच पर महिलाओं को नृत्य करते और किसानों को उनके साथ थिरकते देखा जा रहा है। यह वीडियो सम्मेलन में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम का बताया जा रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सम्मेलन का मनोरंजन कार्यक्रम मान रहे हैं, वहीं कुछ अन्य व्यंग्यपूर्ण टिप्पणी कर रहे हैं कि 'शायद खेती-किसानी की सभी समस्याएं दूर हो चुकी हैं, इसलिए अब मौज-मस्ती का समय है'। हालांकि, इस कार्यक्रम के आयोजन और इसके उद्देश्य को लेकर आयोजकों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिसकी पुष्टि संबंधित पक्ष से किया जाना बाकी है।1
- उत्तर प्रदेश के खीरी जिले के निघासन क्षेत्र के मझली पुरवा में एक युवती का मोबाइल टावर पर चढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में युवती ने गंभीर आरोप लगाया है कि उसकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। युवती ने लेखपाल के मुंशी, एसडीएम, सीओ और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में उसने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला और उसके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और उन सभी लोगों की होगी जिन पर उसने आरोप लगाए हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, जिसके बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।2
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद की इकाई, राष्ट्रीय महिला परिषद, ने अपना स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया।1
- लखनऊ स्थित मुख्यालय उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवाएं के निर्देशों का पालन करते हुए, लखीमपुर खीरी जनपद में शनिवार (04 जुलाई 2026) को एक विस्तृत अग्नि सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, प्रभारी फायर स्टेशन लखीमपुर, गोला, पलिया, निघासन, धौरहरा और मोहम्मदी की टीमों ने स्कीम संख्या-2 के अंतर्गत आने वाले स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों का फायर ऑडिट किया। अभियान के दौरान कुल 17 शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया गया, जहाँ अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं, फायर उपकरणों और आपातकालीन निकासी (इवैक्वेशन) की तैयारियों की गहन जांच की गई। इसके अतिरिक्त, 1,220 लोगों को आग से बचाव के तरीकों, आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के उपायों और प्राथमिक अग्निशमन की जानकारी देकर जागरूक भी किया गया। फायर विभाग ने संस्थानों के संचालकों एवं प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सभी अभिलेखों को अद्यतन रखें, अग्निशमन उपकरण मानकों के अनुरूप और हमेशा कार्यशील स्थिति में बनाए रखें। साथ ही, फायर सर्विस और अन्य महत्वपूर्ण विभागों के आपातकालीन संपर्क नंबरों को संस्थान में प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने को भी कहा गया। अग्निशमन विभाग ने यह भी बताया कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को रोकना सुनिश्चित करना है।1
- भारत के लिए खेलने का सपना देखने वाले किसी भी खिलाड़ी के लिए टीम इंडिया की कैप हासिल करना उसके करियर का सबसे बड़ा और यादगार लम्हा होता है। इसी कड़ी में, मैच से पहले भारत के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनने वाले वैभव को टीम के उप-कप्तान तिलक वर्मा ने गर्व के साथ टीम इंडिया की कैप प्रदान की।2
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद के कस्ता और मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्रों में इन दिनों 'गो रक्षा यात्रा' को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इसी क्रम में, ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने यात्रा के दौरान गाय को सरकारी दस्तावेजों में 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने और गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की प्रबल मांग उठाई है। कस्ता विधानसभा के बेहजम स्थित प्रसिद्ध गौरी शंकर मंदिर पहुंचने पर शंकराचार्य का स्थानीय नागरिकों और भक्तों ने फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस धार्मिक आयोजन में कस्ता और मोहम्मदी दोनों ही क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुँचकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। गौरी शंकर मंदिर परिसर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गो संरक्षण और गो संवर्धन के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय संस्कृति में गाय का पूजनीय स्थान है, इसलिए इसे केवल एक पशु मानने के बजाय 'राष्ट्रमाता' का गौरवपूर्ण दर्जा मिलना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने देश में गोहत्या को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने की अपनी मांग को फिर से दोहराया। शंकराचार्य ने समाज और व्यवस्था दोनों से गोवंश की रक्षा के लिए मिलकर आगे आने का आह्वान किया। कस्ता और मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्रों में हुई इस यात्रा और धार्मिक सभा को लेकर पूरे जिले के सामाजिक गलियारों में सकारात्मक चर्चा व्याप्त है।4
- हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में रील बनाने की सनक में जालंधर का एक दंपति न्यूगल खड्ड में जा फंसा। जानकारी के अनुसार, इस दंपति को फायर ब्रिगेड की टीम ने समय रहते रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। यह घटना मॉनसून सीजन के दौरान नदी-नालों के करीब न जाने की हिदायतों के बावजूद पर्यटकों द्वारा चेतावनियों को दरकिनार कर मनमानी करने का परिणाम है, जिससे अक्सर प्रशासन को उनकी गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ता है।1