भाकपा-माले एवं आरवाइए ने आरा में बिहिया प्रखंड के गंज निवासी सनोज राम की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर एक प्रतिरोध मार्च निकाला। यह मार्च भाकपा-माले जिला कार्यालय श्रीटोला आरा से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए आरा रेलवे स्टेशन परिसर पहुंचा और एक सभा में तब्दील हो गया। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले राज्य कमेटी सदस्य व अगियांव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन ने बताया कि सनोज राम को 13 अगस्त 025 को मजदूरी करने दोघरा जाने के बाद उत्पाद विभाग की पुलिस ने धरहरा मुसहर टोली के पास से गिरफ्तार कर लिया था। सनोज ने अपने भाई मनोज राम को फोन पर सूचित किया था कि पुलिस उसे बेरहमी से पीट रही है। जब परिवार के लोग स्थानीय उत्पाद विभाग के थाना गए तो उन्हें भगा दिया गया और बताया गया कि यहाँ कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उस समय सनोज की पत्नी का तीन माह का बच्चा था, जिसकी जन्म के बाद कुपोषण के कारण मृत्यु हो गई। अगले दिन, उनके पिताजी गौरीशंकर राम ने स्थानीय बिहिया थाना में लिखित आवेदन दिया, जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में सांसद सुदामा प्रसाद ने भोजपुर जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया से मिलकर सनोज राम की सकुशल बरामदगी की मांग की थी, लेकिन वे बरामद नहीं हुए। इसके बाद दो माह पहले उनके पिताजी गौरीशंकर राम ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। भाकपा-माले नेताओं ने आरोप लगाया कि बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार में पुलिस राज स्थापित किया जा रहा है, जिससे पुलिस की मनमानी चरम पर पहुंच गई है। परिवार के लोगों का कहना है कि पुलिस ने सनोज राम की हत्या कर शव को किसी अनजान जगह फेंक दिया है। शिवप्रकाश रंजन ने भोजपुर जिला प्रशासन से पूछा कि सनोज राम पुलिस हिरासत से कैसे गायब हो गए और इसका जवाब देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सनोज राम की सकुशल बरामदगी नहीं हुई, तो भाकपा-माले एवं आरवाइए 10 जुलाई को बिहिया में सड़क जाम कर आंदोलन तेज करेंगे। माले नेताओं ने सनोज राम परिघटना की न्यायिक जांच करने, यदि उनकी हत्या हुई हो तो परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और दोषी पुलिसकर्मियों पर दोहरे हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। इस प्रतिरोध मार्च में नगर सचिव सुधीर सिंह, राज्य कमेटी सदस्य संगीता सिंह, क्यामु्द्दीन अंसारी, शब्बीर कुमार, जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम, आइसा सचिव जयशंकर प्रसाद, जिलाध्यक्ष विकाश कुमार, इंनौस जिला सचिव निरंजन केसरी, जिलाध्यक्ष विशाल कुमार, इंसाफ मंच के जिला सचिव अजय कुमार गांधी, आइसा नेता रौशन कुशवाहा, नगर कमेटी सदस्य राजेन्द्र यादव, रणधीर कुमार राणा, विकास कुमार राजा, धीरेन्द्र आर्यन, सुमित कुमार, अनुप कुमार, सनोज यादव, विवेक कुमार यादव, चंदन दास सहित कई लोग शामिल थे। सभा का संचालन इंनौस के नेता राजू राम ने किया।
भाकपा-माले एवं आरवाइए ने आरा में बिहिया प्रखंड के गंज निवासी सनोज राम की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर एक प्रतिरोध मार्च निकाला। यह मार्च भाकपा-माले जिला कार्यालय श्रीटोला आरा से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए आरा रेलवे स्टेशन परिसर पहुंचा और एक सभा में तब्दील हो गया। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले राज्य कमेटी सदस्य व अगियांव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन ने बताया कि सनोज राम को 13 अगस्त 025 को मजदूरी करने दोघरा जाने के बाद उत्पाद विभाग की पुलिस ने धरहरा मुसहर टोली के पास से गिरफ्तार कर लिया था। सनोज ने अपने भाई मनोज राम को फोन पर सूचित किया था कि पुलिस उसे बेरहमी से पीट रही है। जब परिवार के लोग स्थानीय उत्पाद विभाग के थाना गए तो उन्हें भगा दिया गया और बताया गया कि यहाँ कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उस समय सनोज की पत्नी का तीन माह का बच्चा था, जिसकी जन्म के बाद कुपोषण के कारण मृत्यु हो गई। अगले दिन, उनके पिताजी गौरीशंकर राम ने स्थानीय बिहिया थाना में लिखित आवेदन दिया, जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में सांसद सुदामा प्रसाद ने भोजपुर जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया से मिलकर सनोज राम की सकुशल बरामदगी की मांग की थी, लेकिन वे बरामद नहीं हुए। इसके बाद दो माह पहले उनके पिताजी गौरीशंकर राम ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। भाकपा-माले नेताओं ने आरोप लगाया कि बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार में पुलिस राज स्थापित किया जा रहा है, जिससे पुलिस की मनमानी चरम पर पहुंच गई है। परिवार के लोगों का कहना है कि पुलिस ने सनोज राम की हत्या कर शव को किसी अनजान जगह फेंक दिया है। शिवप्रकाश रंजन ने भोजपुर जिला प्रशासन से पूछा कि सनोज राम पुलिस हिरासत से कैसे गायब हो गए और इसका जवाब देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सनोज राम की सकुशल बरामदगी नहीं हुई, तो भाकपा-माले एवं आरवाइए 10 जुलाई को बिहिया में सड़क जाम कर आंदोलन तेज करेंगे। माले नेताओं ने सनोज राम परिघटना की न्यायिक जांच करने, यदि उनकी हत्या हुई हो तो परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और दोषी पुलिसकर्मियों पर दोहरे हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। इस प्रतिरोध मार्च में नगर सचिव सुधीर सिंह, राज्य कमेटी सदस्य संगीता सिंह, क्यामु्द्दीन अंसारी, शब्बीर कुमार, जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम, आइसा सचिव जयशंकर प्रसाद, जिलाध्यक्ष विकाश कुमार, इंनौस जिला सचिव निरंजन केसरी, जिलाध्यक्ष विशाल कुमार, इंसाफ मंच के जिला सचिव अजय कुमार गांधी, आइसा नेता रौशन कुशवाहा, नगर कमेटी सदस्य राजेन्द्र यादव, रणधीर कुमार राणा, विकास कुमार राजा, धीरेन्द्र आर्यन, सुमित कुमार, अनुप कुमार, सनोज यादव, विवेक कुमार यादव, चंदन दास सहित कई लोग शामिल थे। सभा का संचालन इंनौस के नेता राजू राम ने किया।
- भोजपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड के ग्राम पंचायत दावां में आयोजित 'सहयोग शिविर' स्थानीय जनता के लिए एक बेहतरीन पहल साबित हुआ है। इस शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन के सामने रखने का एक महत्वपूर्ण मंच मिला है। बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा की मौजूदगी और मुखिया प्रतिनिधि मनजी चौधरी तथा मुखिया सुष्मलता की सक्रियता ने इस आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।1
- आरा नगर निगम के वार्ड संख्या-14 के वार्ड प्रतिनिधि ने बिहार सरकार के 'सहयोग शिविर' को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि केवल ऐसे शिविर आयोजित करने से जनता की समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है। वार्ड प्रतिनिधि ने स्पष्ट रूप से मांग की कि सरकार वार्ड की मूलभूत समस्याओं के लिए कोई स्थायी हल निकाले, ताकि आम लोगों को अपनी शिकायतें लेकर बार-बार भटकना न पड़े और उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े।1
- Post by CHANDAN KUMAR1
- बिहार के आरा जिले में एक ऐसे व्यक्ति की पहचान हुई है, जो जिंदा कोबरा सांप का भक्षण करता है। यह शख्स आरा जिले का निवासी है और उसे आध्यात्मिक कपाल साधक अघोरी के तौर पर जाना जाता है।1
- पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र में महमदपुर धर्मकांटा के पास बिहटा-पटना मुख्य मार्ग पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में बेला गांव निवासी 45 वर्षीय प्रमोद सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। प्रमोद सिंह कन्हौली बाजार से सब्जी खरीदकर अपनी बाइक से गांव लौट रहे थे। उनकी बाइक पर उनके रिश्तेदार संजय कुमार, जो मनेर थाना क्षेत्र के हनुमानगंज के निवासी हैं और बेला गांव में ससुराल आए हुए थे, भी सवार थे। लौटने के दौरान पटना की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार अज्ञात चारपहिया वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वाहन चालक, अपने वाहन समेत, मौके से फरार हो गया। इस भीषण हादसे में प्रमोद सिंह की तत्काल मृत्यु हो गई, जिससे उनके परिवार की खुशियां पलभर में उजड़ गईं। वह अपने पीछे दो बेटे, जिनकी उम्र लगभग 10 और 12 वर्ष है, और दो बेटियां, जिनमें से एक की शादी हो चुकी है, छोड़ गए हैं। वहीं, संजय कुमार के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है, जिसके चलते उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। बिहटा पुलिस ने प्रमोद सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार वाहन व उसके चालक का पता लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।1
- भोजपुर जिले के बिलौटी प्रकरण से जुड़े भरत भूषण तिवारी मामले की न्यायिक जांच के लिए गठित आयोग के अध्यक्ष, पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा 08 जुलाई को भोजपुर पहुँचे। उनके आगमन पर, न्यायमूर्ति सिन्हा ने न्यायिक जांच आयोग हेतु जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए कार्यालय और उसके परिसर का निरीक्षण किया। तत्पश्चात, इसी कार्यालय से न्यायिक जांच की आगे की कार्यवाही संचालित की गई। आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, मामले से संबंधित अभिलेखों, साक्ष्यों और अन्य आवश्यक तथ्यों के संकलन एवं परीक्षण का कार्य लगातार जारी है। इसी क्रम में, न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा ने भरत भूषण तिवारी मामले को लेकर एक प्रेस वार्ता भी की।1
- भोजपुर के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने मंगलवार को कोईलवर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया, जिसमें अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए। करीब एक घंटे तक चले इस निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मरीजों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्हें दंत चिकित्सक के नियमित रूप से अस्पताल नहीं आने की शिकायत मिली, जिस पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए सीएस को फोन किया।1
- भोजपुर जिले के आरा सदर प्रखंड की गोठहुला पंचायत के राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में प्रखंड और जिला स्तर के वरीय पदाधिकारी, साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने इस अवसर पर संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी समस्याओं को रखा, जिस पर अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई कर उनके समाधान का आश्वासन दिया गया। मुखिया प्रतिनिधि संजय यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य पंचायतवासियों की समस्याओं का तुरंत समाधान करना है। उन्होंने सभी लोगों से ऐसे शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील भी की।1
- सारण जिले के मिर्जापुर लहलादपुर पंचायत में आयोजित एक सहायता शिविर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय व्यक्ति विवेक कुमार ने अपने तीखे सवालों से इस शिविर की वास्तविक उपयोगिता पर संदेह जताते हुए पूछा है कि क्या यह महज एक औपचारिकता थी। विवेक कुमार द्वारा उठाए गए इन सवालों ने व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिससे पूरे सिस्टम में हड़कंप मच गया है और संबंधित तंत्र के बीच खलबली मच गई है।1