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सारण जिले के मिर्जापुर लहलादपुर पंचायत में आयोजित एक सहायता शिविर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय व्यक्ति विवेक कुमार ने अपने तीखे सवालों से इस शिविर की वास्तविक उपयोगिता पर संदेह जताते हुए पूछा है कि क्या यह महज एक औपचारिकता थी। विवेक कुमार द्वारा उठाए गए इन सवालों ने व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिससे पूरे सिस्टम में हड़कंप मच गया है और संबंधित तंत्र के बीच खलबली मच गई है।
एनामुल हक
सारण जिले के मिर्जापुर लहलादपुर पंचायत में आयोजित एक सहायता शिविर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय व्यक्ति विवेक कुमार ने अपने तीखे सवालों से इस शिविर की वास्तविक उपयोगिता पर संदेह जताते हुए पूछा है कि क्या यह महज एक औपचारिकता थी। विवेक कुमार द्वारा उठाए गए इन सवालों ने व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिससे पूरे सिस्टम में हड़कंप मच गया है और संबंधित तंत्र के बीच खलबली मच गई है।
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- बिहार के सारण जिले में खरीदाह मोर पंचलख नामक एक सड़क का उल्लेख किया गया है, जिसके साथ '84 1219' की पहचान जोड़ी गई है।2
- न्यूज़ 11 संवाददाता संजय श्रीवास्तव ने आरा से जिला कृषि पदाधिकारी डॉक्टर नीरज कुमार के साथ खेतों में फसलों की बाढ़ से सुरक्षा को लेकर सीधी बातचीत की है। यह बातचीत एक-दो महीने के भीतर गंगा के जलस्तर में संभावित वृद्धि और उससे बढ़ने वाले बाढ़ के खतरे के संदर्भ में हुई है। बताया गया है कि बाढ़ से सबसे अधिक क्षति किसानों की फसलों को होती है, जिसमें कई एकड़ फसलें बर्बाद हो जाती हैं और कई किसानों को तो मुआवजा भी नहीं मिल पाता है। इसी संदर्भ में, न्यूज़ 11 संवाददाता संजय श्रीवास्तव ने जिला कृषि पदाधिकारी डॉक्टर नीरज कुमार से बाढ़ आने से पहले की तैयारियों, खासकर फसलों की सुरक्षा के लिए की जा रही व्यवस्थाओं पर विशेष चर्चा की।1
- भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड की ग्राम पंचायत मसाढ़ में आयोजित 'सहयोग शिविर' को स्थानीय जनता के लिए एक बेहतरीन पहल बताया गया है। इस आयोजन में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) की मौजूदगी रही, साथ ही मुखिया प्रतिनिधि ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इस शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन के सामने रखने का एक बड़ा मंच उपलब्ध हुआ।1
- अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे स्वयं को जनता का मालिक न समझें, अन्यथा उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अधिकारियों को जनता के सभी कार्य पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करने चाहिए।1
- पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र में महमदपुर धर्मकांटा के पास बिहटा-पटना मुख्य मार्ग पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में बेला गांव निवासी 45 वर्षीय प्रमोद सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। प्रमोद सिंह कन्हौली बाजार से सब्जी खरीदकर अपनी बाइक से गांव लौट रहे थे। उनकी बाइक पर उनके रिश्तेदार संजय कुमार, जो मनेर थाना क्षेत्र के हनुमानगंज के निवासी हैं और बेला गांव में ससुराल आए हुए थे, भी सवार थे। लौटने के दौरान पटना की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार अज्ञात चारपहिया वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वाहन चालक, अपने वाहन समेत, मौके से फरार हो गया। इस भीषण हादसे में प्रमोद सिंह की तत्काल मृत्यु हो गई, जिससे उनके परिवार की खुशियां पलभर में उजड़ गईं। वह अपने पीछे दो बेटे, जिनकी उम्र लगभग 10 और 12 वर्ष है, और दो बेटियां, जिनमें से एक की शादी हो चुकी है, छोड़ गए हैं। वहीं, संजय कुमार के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है, जिसके चलते उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। बिहटा पुलिस ने प्रमोद सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार वाहन व उसके चालक का पता लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।1
- भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड स्थित इकौना पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, लेकिन कार्यक्रम में अव्यवस्था का माहौल रहा। इस शिविर में मुखिया सुषमा देवी, सरपंच, वार्ड पार्षद और मुखिया प्रतिनिधि बबन पंडित जैसे पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद थे। ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए कर्मचारियों की उपस्थिति अत्यंत कम रही, जिससे लोगों को निराशा हुई। जिला और प्रखंड के वरीय पदाधिकारियों के शिविर में नहीं पहुँचने पर पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। मुखिया प्रतिनिधि बबन पंडित ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह शिविर सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है और जनता की समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति पर गहरी प्रतिक्रिया दी।1
- पटना जिले के बिहटा स्थित प्रखंड व अंचल कार्यालय पर भाकपा माले के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी कई सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें विभिन्न जनहितैषी मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में वृद्धावस्था पेंशन को सुचारू रूप से लागू करना, राशन कार्ड से काटे गए गरीब परिवारों के नाम वापस जोड़ना और मनरेगा के तहत मजदूरों को काम उपलब्ध कराना शामिल था। इस प्रदर्शन का नेतृत्व खेत ग्रामीण मजदूर सभा के बिहटा प्रखंड सचिव रामचंद्र राम ने किया, जबकि भाकपा माले के बिहटा मनेर के सचिव सत्यनारायण ने इसे संबोधित किया। इस मौके पर पूर्व सांसद रामेश्वर प्रसाद, श्रवण कुमार, अविनाश यादव, संतोष सिंह, चांददेव राम, राम लखन राम, सुरेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। सीपीआई एमएल के नेताओं द्वारा आयोजित यह एक दिवसीय धरना प्रखंड कार्यालय में कई महत्वपूर्ण मांगों पर जोर देने के उद्देश्य से किया गया था।1
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