पटना जिले के बिहटा स्थित प्रखंड व अंचल कार्यालय पर भाकपा माले के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी कई सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें विभिन्न जनहितैषी मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में वृद्धावस्था पेंशन को सुचारू रूप से लागू करना, राशन कार्ड से काटे गए गरीब परिवारों के नाम वापस जोड़ना और मनरेगा के तहत मजदूरों को काम उपलब्ध कराना शामिल था। इस प्रदर्शन का नेतृत्व खेत ग्रामीण मजदूर सभा के बिहटा प्रखंड सचिव रामचंद्र राम ने किया, जबकि भाकपा माले के बिहटा मनेर के सचिव सत्यनारायण ने इसे संबोधित किया। इस मौके पर पूर्व सांसद रामेश्वर प्रसाद, श्रवण कुमार, अविनाश यादव, संतोष सिंह, चांददेव राम, राम लखन राम, सुरेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। सीपीआई एमएल के नेताओं द्वारा आयोजित यह एक दिवसीय धरना प्रखंड कार्यालय में कई महत्वपूर्ण मांगों पर जोर देने के उद्देश्य से किया गया था।
पटना जिले के बिहटा स्थित प्रखंड व अंचल कार्यालय पर भाकपा माले के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी कई सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें विभिन्न जनहितैषी मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में वृद्धावस्था पेंशन को सुचारू रूप से लागू करना, राशन कार्ड से काटे गए गरीब परिवारों के नाम वापस जोड़ना और मनरेगा के तहत मजदूरों को काम उपलब्ध कराना शामिल था। इस प्रदर्शन का नेतृत्व खेत ग्रामीण मजदूर सभा के बिहटा प्रखंड सचिव रामचंद्र राम ने किया, जबकि भाकपा माले के बिहटा मनेर के सचिव सत्यनारायण ने इसे संबोधित किया। इस मौके पर पूर्व सांसद रामेश्वर प्रसाद, श्रवण कुमार, अविनाश यादव, संतोष सिंह, चांददेव राम, राम लखन राम, सुरेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। सीपीआई एमएल के नेताओं द्वारा आयोजित यह एक दिवसीय धरना प्रखंड कार्यालय में कई महत्वपूर्ण मांगों पर जोर देने के उद्देश्य से किया गया था।
- भाकपा-माले एवं आरवाइए ने आरा में बिहिया प्रखंड के गंज निवासी सनोज राम की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर एक प्रतिरोध मार्च निकाला। यह मार्च भाकपा-माले जिला कार्यालय श्रीटोला आरा से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए आरा रेलवे स्टेशन परिसर पहुंचा और एक सभा में तब्दील हो गया। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले राज्य कमेटी सदस्य व अगियांव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन ने बताया कि सनोज राम को 13 अगस्त 025 को मजदूरी करने दोघरा जाने के बाद उत्पाद विभाग की पुलिस ने धरहरा मुसहर टोली के पास से गिरफ्तार कर लिया था। सनोज ने अपने भाई मनोज राम को फोन पर सूचित किया था कि पुलिस उसे बेरहमी से पीट रही है। जब परिवार के लोग स्थानीय उत्पाद विभाग के थाना गए तो उन्हें भगा दिया गया और बताया गया कि यहाँ कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उस समय सनोज की पत्नी का तीन माह का बच्चा था, जिसकी जन्म के बाद कुपोषण के कारण मृत्यु हो गई। अगले दिन, उनके पिताजी गौरीशंकर राम ने स्थानीय बिहिया थाना में लिखित आवेदन दिया, जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में सांसद सुदामा प्रसाद ने भोजपुर जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया से मिलकर सनोज राम की सकुशल बरामदगी की मांग की थी, लेकिन वे बरामद नहीं हुए। इसके बाद दो माह पहले उनके पिताजी गौरीशंकर राम ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। भाकपा-माले नेताओं ने आरोप लगाया कि बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार में पुलिस राज स्थापित किया जा रहा है, जिससे पुलिस की मनमानी चरम पर पहुंच गई है। परिवार के लोगों का कहना है कि पुलिस ने सनोज राम की हत्या कर शव को किसी अनजान जगह फेंक दिया है। शिवप्रकाश रंजन ने भोजपुर जिला प्रशासन से पूछा कि सनोज राम पुलिस हिरासत से कैसे गायब हो गए और इसका जवाब देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सनोज राम की सकुशल बरामदगी नहीं हुई, तो भाकपा-माले एवं आरवाइए 10 जुलाई को बिहिया में सड़क जाम कर आंदोलन तेज करेंगे। माले नेताओं ने सनोज राम परिघटना की न्यायिक जांच करने, यदि उनकी हत्या हुई हो तो परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और दोषी पुलिसकर्मियों पर दोहरे हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। इस प्रतिरोध मार्च में नगर सचिव सुधीर सिंह, राज्य कमेटी सदस्य संगीता सिंह, क्यामु्द्दीन अंसारी, शब्बीर कुमार, जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम, आइसा सचिव जयशंकर प्रसाद, जिलाध्यक्ष विकाश कुमार, इंनौस जिला सचिव निरंजन केसरी, जिलाध्यक्ष विशाल कुमार, इंसाफ मंच के जिला सचिव अजय कुमार गांधी, आइसा नेता रौशन कुशवाहा, नगर कमेटी सदस्य राजेन्द्र यादव, रणधीर कुमार राणा, विकास कुमार राजा, धीरेन्द्र आर्यन, सुमित कुमार, अनुप कुमार, सनोज यादव, विवेक कुमार यादव, चंदन दास सहित कई लोग शामिल थे। सभा का संचालन इंनौस के नेता राजू राम ने किया।1
- भोजपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड के ग्राम पंचायत दावां में आयोजित 'सहयोग शिविर' स्थानीय जनता के लिए एक बेहतरीन पहल साबित हुआ है। इस शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन के सामने रखने का एक महत्वपूर्ण मंच मिला है। बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा की मौजूदगी और मुखिया प्रतिनिधि मनजी चौधरी तथा मुखिया सुष्मलता की सक्रियता ने इस आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।1
- जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर उपचुनाव के प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने आज बुधवार को बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में पदयात्रा कर लोगों से जनसंपर्क किया। इस पदयात्रा के माध्यम से उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव के लिए लोगों से वोट मांगे। यह पदयात्रा वार्ड संख्या 35 और 29 में आयोजित की गई थी, जिसकी शुरुआत सुबह चिरैयाटांड़ दुर्गा मंदिर से हुई। प्रशांत किशोर ने जेजे मार्केट, लाल मार्केट, प्रिंस मार्केट, आनंद पब्लिक स्कूल, मारुति नगर, खास महल मोड़, राम नगर, पोस्टल पार्क चौराहा, चांदमारी रोड और तारकेश्वर पथ से होते हुए एडीएफसी बैंक के समीप अपनी पदयात्रा समाप्त की।1
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक 'सहयोग शिविर' के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसके तहत अब निजी वाहनों से किसी भी प्रकार का टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा। इस फैसले से लाखों निजी वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल निजी वाहनों के लिए है, जबकि कॉमर्शियल यानी व्यावसायिक वाहनों पर टोल टैक्स पहले की तरह लागू रहेगा और उनसे नियमानुसार शुल्क लिया जाएगा। सरकार ने बताया है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को राहत पहुंचाना है, जबकि व्यावसायिक वाहनों से राजस्व संग्रह की व्यवस्था पहले की तरह ही जारी रखी जाएगी। फिलहाल, सभी की नज़र इस बात पर है कि यह घोषणा कब से प्रभावी होगी और इसके विस्तृत दिशा-निर्देश सरकार द्वारा कब जारी किए जाएंगे।1
- भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड स्थित इकौना पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, लेकिन कार्यक्रम में अव्यवस्था का माहौल रहा। इस शिविर में मुखिया सुषमा देवी, सरपंच, वार्ड पार्षद और मुखिया प्रतिनिधि बबन पंडित जैसे पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद थे। ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए कर्मचारियों की उपस्थिति अत्यंत कम रही, जिससे लोगों को निराशा हुई। जिला और प्रखंड के वरीय पदाधिकारियों के शिविर में नहीं पहुँचने पर पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। मुखिया प्रतिनिधि बबन पंडित ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह शिविर सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है और जनता की समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति पर गहरी प्रतिक्रिया दी।1
- भोजपुर जिले के बिलौटी प्रकरण से जुड़े भरत भूषण तिवारी मामले की न्यायिक जांच के लिए गठित आयोग के अध्यक्ष, पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा 08 जुलाई को भोजपुर पहुँचे। उनके आगमन पर, न्यायमूर्ति सिन्हा ने न्यायिक जांच आयोग हेतु जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए कार्यालय और उसके परिसर का निरीक्षण किया। तत्पश्चात, इसी कार्यालय से न्यायिक जांच की आगे की कार्यवाही संचालित की गई। आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, मामले से संबंधित अभिलेखों, साक्ष्यों और अन्य आवश्यक तथ्यों के संकलन एवं परीक्षण का कार्य लगातार जारी है। इसी क्रम में, न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा ने भरत भूषण तिवारी मामले को लेकर एक प्रेस वार्ता भी की।1
- भोजपुर के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने मंगलवार को कोईलवर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया, जिसमें अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए। करीब एक घंटे तक चले इस निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मरीजों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्हें दंत चिकित्सक के नियमित रूप से अस्पताल नहीं आने की शिकायत मिली, जिस पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए सीएस को फोन किया।1
- आरा नगर निगम के वार्ड संख्या-14 के वार्ड प्रतिनिधि ने बिहार सरकार के 'सहयोग शिविर' को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि केवल ऐसे शिविर आयोजित करने से जनता की समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है। वार्ड प्रतिनिधि ने स्पष्ट रूप से मांग की कि सरकार वार्ड की मूलभूत समस्याओं के लिए कोई स्थायी हल निकाले, ताकि आम लोगों को अपनी शिकायतें लेकर बार-बार भटकना न पड़े और उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े।1
- पटना के फतुहा थाना के ठीक सामने बुधवार को एक मामूली विवाद ने महिलाओं के दो गुटों को आपस में भिड़ा दिया। देखते ही देखते दोनों पक्ष बीच सड़क पर एक-दूसरे से मारपीट करने लगे और बाल पकड़कर खींचतान शुरू हो गई। इस हंगामे के कारण पटना-बख्तियारपुर स्टेट हाईवे (एसएच-106) पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। घटना के दौरान सबसे चौंकाने वाला दृश्य तब सामने आया, जब एक युवती छोटे बच्चे को गोद में लेकर ही दूसरे पक्ष से झगड़ने लगी। मारपीट के बीच बच्चे की सुरक्षा को लेकर अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को युवती की गोद से सुरक्षित निकाल लिया। इसी दौरान झगड़ते हुए युवती सड़क पर खड़ी एक कार के ठीक सामने पहुंच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि कार रुकी हुई थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना फतुहा थाने के ठीक सामने हुई, लेकिन काफी देर तक सड़क पर हंगामा चलता रहा। इस दौरान कई राहगीर और आसपास के लोग झगड़ा छुड़ाने के बजाय अपने मोबाइल फोन से घटना का वीडियो बनाते नजर आए। काफी देर तक चले इस विवाद को स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से शांत कराया गया, जिसके बाद हाईवे पर यातायात सामान्य हो सका। इस बीच, सड़क पर हुई इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि विवाद की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। यह घटना स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।1