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न्यूज़ 11 संवाददाता संजय श्रीवास्तव ने आरा से जिला कृषि पदाधिकारी डॉक्टर नीरज कुमार के साथ खेतों में फसलों की बाढ़ से सुरक्षा को लेकर सीधी बातचीत की है। यह बातचीत एक-दो महीने के भीतर गंगा के जलस्तर में संभावित वृद्धि और उससे बढ़ने वाले बाढ़ के खतरे के संदर्भ में हुई है। बताया गया है कि बाढ़ से सबसे अधिक क्षति किसानों की फसलों को होती है, जिसमें कई एकड़ फसलें बर्बाद हो जाती हैं और कई किसानों को तो मुआवजा भी नहीं मिल पाता है। इसी संदर्भ में, न्यूज़ 11 संवाददाता संजय श्रीवास्तव ने जिला कृषि पदाधिकारी डॉक्टर नीरज कुमार से बाढ़ आने से पहले की तैयारियों, खासकर फसलों की सुरक्षा के लिए की जा रही व्यवस्थाओं पर विशेष चर्चा की।
Sanjay srivastava
न्यूज़ 11 संवाददाता संजय श्रीवास्तव ने आरा से जिला कृषि पदाधिकारी डॉक्टर नीरज कुमार के साथ खेतों में फसलों की बाढ़ से सुरक्षा को लेकर सीधी बातचीत की है। यह बातचीत एक-दो महीने के भीतर गंगा के जलस्तर में संभावित वृद्धि और उससे बढ़ने वाले बाढ़ के खतरे के संदर्भ में हुई है। बताया गया है कि बाढ़ से सबसे अधिक क्षति किसानों की फसलों को होती है, जिसमें कई एकड़ फसलें बर्बाद हो जाती हैं और कई किसानों को तो मुआवजा भी नहीं मिल पाता है। इसी संदर्भ में, न्यूज़ 11 संवाददाता संजय श्रीवास्तव ने जिला कृषि पदाधिकारी डॉक्टर नीरज कुमार से बाढ़ आने से पहले की तैयारियों, खासकर फसलों की सुरक्षा के लिए की जा रही व्यवस्थाओं पर विशेष चर्चा की।
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- न्यूज़ 11 संवाददाता संजय श्रीवास्तव ने आरा से जिला कृषि पदाधिकारी डॉक्टर नीरज कुमार के साथ खेतों में फसलों की बाढ़ से सुरक्षा को लेकर सीधी बातचीत की है। यह बातचीत एक-दो महीने के भीतर गंगा के जलस्तर में संभावित वृद्धि और उससे बढ़ने वाले बाढ़ के खतरे के संदर्भ में हुई है। बताया गया है कि बाढ़ से सबसे अधिक क्षति किसानों की फसलों को होती है, जिसमें कई एकड़ फसलें बर्बाद हो जाती हैं और कई किसानों को तो मुआवजा भी नहीं मिल पाता है। इसी संदर्भ में, न्यूज़ 11 संवाददाता संजय श्रीवास्तव ने जिला कृषि पदाधिकारी डॉक्टर नीरज कुमार से बाढ़ आने से पहले की तैयारियों, खासकर फसलों की सुरक्षा के लिए की जा रही व्यवस्थाओं पर विशेष चर्चा की।1
- भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड की ग्राम पंचायत मसाढ़ में आयोजित 'सहयोग शिविर' को स्थानीय जनता के लिए एक बेहतरीन पहल बताया गया है। इस आयोजन में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) की मौजूदगी रही, साथ ही मुखिया प्रतिनिधि ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इस शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन के सामने रखने का एक बड़ा मंच उपलब्ध हुआ।1
- अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे स्वयं को जनता का मालिक न समझें, अन्यथा उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अधिकारियों को जनता के सभी कार्य पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करने चाहिए।1
- भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड स्थित इकौना पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, लेकिन कार्यक्रम में अव्यवस्था का माहौल रहा। इस शिविर में मुखिया सुषमा देवी, सरपंच, वार्ड पार्षद और मुखिया प्रतिनिधि बबन पंडित जैसे पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद थे। ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए कर्मचारियों की उपस्थिति अत्यंत कम रही, जिससे लोगों को निराशा हुई। जिला और प्रखंड के वरीय पदाधिकारियों के शिविर में नहीं पहुँचने पर पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। मुखिया प्रतिनिधि बबन पंडित ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह शिविर सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है और जनता की समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति पर गहरी प्रतिक्रिया दी।1
- Post by CHANDAN KUMAR1
- आरा के R.S. Memorial Girl's School cum Shishu Sadan के तत्वावधान में R.S. Talent Fusion 2026 का शुभारंभ उत्साह, ऊर्जा और रचनात्मक अभिव्यक्ति के साथ किया गया। इस फ्यूजन के पहले दिन भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने पूरे आत्मविश्वास और उत्कृष्ट प्रस्तुति के साथ अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने अपने विचारों को स्पष्टता, तर्क और प्रभावी अभिव्यक्ति के साथ प्रस्तुत करते हुए मंच पर अपनी क्षमता का परिचय दिया। विद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि R.S. Talent Fusion 2026 का मुख्य उद्देश्य केवल विजेताओं का चयन करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी प्रतिभा को पहचानने, आत्मविश्वास विकसित करने और स्वयं को अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान करना है। विद्यालय शिक्षा को मात्र अंकों तक सीमित न मानकर, बच्चों के चरित्र, सृजनशीलता, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रतियोगिता के अंत में सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया और उन्हें आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।1
- भाकपा-माले एवं आरवाइए ने आरा में बिहिया प्रखंड के गंज निवासी सनोज राम की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर एक प्रतिरोध मार्च निकाला। यह मार्च भाकपा-माले जिला कार्यालय श्रीटोला आरा से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए आरा रेलवे स्टेशन परिसर पहुंचा और एक सभा में तब्दील हो गया। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले राज्य कमेटी सदस्य व अगियांव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन ने बताया कि सनोज राम को 13 अगस्त 025 को मजदूरी करने दोघरा जाने के बाद उत्पाद विभाग की पुलिस ने धरहरा मुसहर टोली के पास से गिरफ्तार कर लिया था। सनोज ने अपने भाई मनोज राम को फोन पर सूचित किया था कि पुलिस उसे बेरहमी से पीट रही है। जब परिवार के लोग स्थानीय उत्पाद विभाग के थाना गए तो उन्हें भगा दिया गया और बताया गया कि यहाँ कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उस समय सनोज की पत्नी का तीन माह का बच्चा था, जिसकी जन्म के बाद कुपोषण के कारण मृत्यु हो गई। अगले दिन, उनके पिताजी गौरीशंकर राम ने स्थानीय बिहिया थाना में लिखित आवेदन दिया, जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में सांसद सुदामा प्रसाद ने भोजपुर जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया से मिलकर सनोज राम की सकुशल बरामदगी की मांग की थी, लेकिन वे बरामद नहीं हुए। इसके बाद दो माह पहले उनके पिताजी गौरीशंकर राम ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। भाकपा-माले नेताओं ने आरोप लगाया कि बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार में पुलिस राज स्थापित किया जा रहा है, जिससे पुलिस की मनमानी चरम पर पहुंच गई है। परिवार के लोगों का कहना है कि पुलिस ने सनोज राम की हत्या कर शव को किसी अनजान जगह फेंक दिया है। शिवप्रकाश रंजन ने भोजपुर जिला प्रशासन से पूछा कि सनोज राम पुलिस हिरासत से कैसे गायब हो गए और इसका जवाब देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सनोज राम की सकुशल बरामदगी नहीं हुई, तो भाकपा-माले एवं आरवाइए 10 जुलाई को बिहिया में सड़क जाम कर आंदोलन तेज करेंगे। माले नेताओं ने सनोज राम परिघटना की न्यायिक जांच करने, यदि उनकी हत्या हुई हो तो परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और दोषी पुलिसकर्मियों पर दोहरे हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। इस प्रतिरोध मार्च में नगर सचिव सुधीर सिंह, राज्य कमेटी सदस्य संगीता सिंह, क्यामु्द्दीन अंसारी, शब्बीर कुमार, जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम, आइसा सचिव जयशंकर प्रसाद, जिलाध्यक्ष विकाश कुमार, इंनौस जिला सचिव निरंजन केसरी, जिलाध्यक्ष विशाल कुमार, इंसाफ मंच के जिला सचिव अजय कुमार गांधी, आइसा नेता रौशन कुशवाहा, नगर कमेटी सदस्य राजेन्द्र यादव, रणधीर कुमार राणा, विकास कुमार राजा, धीरेन्द्र आर्यन, सुमित कुमार, अनुप कुमार, सनोज यादव, विवेक कुमार यादव, चंदन दास सहित कई लोग शामिल थे। सभा का संचालन इंनौस के नेता राजू राम ने किया।1
- मांझी के वोटरों ने उनसे हिसाब मांगा है। जानकारी के अनुसार, उनकी जाति के लोग उनकी गाड़ी के आगे गिर गए, जिसके बाद यह घटना सामने आई।1