प्रयागराज- जलभराव को लेकर जिलाधिकारी ने प्रयागराजवासियों से की अपील प्रयागराज। लगातार बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी प्रयागराज ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। जिलाधिकारी ने अपील की कि जलभराव की स्थिति में लोग धैर्य बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। निचले इलाकों में रहने वाले लोग विशेष सतर्कता बरतें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों पर नजर रखने तथा जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। जिलाधिकारी ने प्रयागराजवासियों से अपील की कि प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दें।
प्रयागराज- जलभराव को लेकर जिलाधिकारी ने प्रयागराजवासियों से की अपील प्रयागराज। लगातार बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी प्रयागराज ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। जिलाधिकारी ने अपील की कि जलभराव की स्थिति में लोग धैर्य बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। निचले इलाकों में रहने वाले लोग विशेष सतर्कता बरतें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों पर नजर रखने तथा जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। जिलाधिकारी ने प्रयागराजवासियों से अपील की कि प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दें।
- जिलाधिकारी प्रयागराज का प्रयागराज वासियों से जलभराव को लेकर अपील जिलाधिकारी प्रयागराज का प्रयागराज वासियों से जलभराव को लेकर अपील1
- जिलाधिकारी प्रयागराज का प्रयागराज वासियों से जलभराव को लेकर अपील1
- बारा इटवा बस्ती का संपर्क मार्ग टूटा, डांडिया पुलिया जलमग्न ग्रामीणों की मांग के बाद भी कोई कार्यवाही प्रयागराज तहसील बारा के अंतर्गत ग्राम सभा देवरा की इटवा बस्ती का संपर्क मार्ग पूरी तरह टूट गया है। बारिश के कारण डांडिया पुलिया पर पानी भर जाने से बस्ती का संपर्क अन्य गांवो से टूट गया है ग्रामीणों ने बताया कि इटवा बस्ती और चक घाट का संपर्क मार्ग और डांडिया पुलिया पानी में डूब गई है।इसकी कई बार शिकायत SDM और तहसीलदार के पास प्रार्थना पत्र देकर किया गया और IGRS पर भी शिकायत की गई लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई हर बरसात में यही हाल होता है। आने और जाने को कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है बीमार होने पर एंबुलेंस भी स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं पहुंच पाते इसलिए शासन-प्रशासन से मांग है कि डांडिया पुलिया का अतिशीघ्र निर्माण कराया जाए अब देखना है कि शासन प्रशासन कब संज्ञान में लेती है1
- *जगदीशपुर की जलमग्न सड़क ने खोली विकास की पोल, निर्माण के बाद एक ईंट तक नहीं लगी—ग्रामीण पूछ रहे, आखिर किसके भरोसे है गांव?* *प्रधान के विकास कार्यों पर उठे सवाल, सड़क- नाली-जलनिकासी की बदहाली बनी व्यवस्था का आईना; शिकायतों के बीच एसडीएम शिखा शंखवार के संज्ञान से अब शुक्रवार के निरीक्षण पर टिकीं निगाहें* बारा, जसरा, प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत जगदीशपुर में सड़क पर भरा पानी अब सिर्फ ग्रामीणों की परेशानी नहीं, बल्कि गांव में विकास और जिम्मेदारी के दावों की खुली पड़ताल बन गया है। जिस रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण आवागमन करते हैं, वही रास्ता इन दिनों पानी से लबालब है। पैदल चलने वालों से लेकर दोपहिया वाहन चालकों तक को रास्ता पार करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की यह हालत अचानक नहीं बनी, बल्कि लंबे समय से रखरखाव और जलनिकासी की अनदेखी का नतीजा है। ऐसे में अब सवाल सीधे ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है—आखिर प्रधान द्वारा गांव में कौन-कौन से विकास कार्य कराए गए, किन समस्याओं का संज्ञान लिया गया और किन समस्याओं को यूं ही छोड़ दिया गया? ग्रामीणों के मुताबिक वर्तमान ब्लॉक प्रमुख के कार्यकाल में इसी सड़क का निर्माण कार्य कराया गया था। लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद से आज तक सड़क पर मरम्मत के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगाई गई। यदि यह दावा सही है तो सवाल और गंभीर हो जाता है कि निर्माण के बाद सड़क के रखरखाव की व्यवस्था क्या रही? सड़क की हालत लगातार खराब होती रही तो ग्राम पंचायत स्तर पर इसकी सुध क्यों नहीं ली गई? आखिर किस स्तर पर इसकी निगरानी होनी थी और अब तक किसी जिम्मेदार ने इसकी वास्तविक स्थिति का संज्ञान क्यों नहीं लिया? ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर पानी भरने के पीछे केवल बारिश को जिम्मेदार ठहराकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। यदि पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था होती तो सड़क पर लंबे समय तक जलभराव की स्थिति क्यों बनती? गांव में नाली और जलनिकासी की व्यवस्था किस स्थिति में है?यदि नाली है तो उसकी सफाई कब हुई? यदि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है तो उसे विकसित कराने की जिम्मेदारी किसकी है? ये सवाल अब ग्रामीणों की जुबान पर हैं। सबसे बड़ा सवाल ग्राम पंचायत के विकास कार्यों को लेकर भी उठ रहा है। प्रधान द्वारा अब तक गांव में कौन-कौन से विकास कार्य कराए गए, उनकी प्राथमिकता क्या रही और जिन रास्तों से बड़ी आबादी गुजरती है, उनकी हालत पर कितनी बार ध्यान दिया गया? ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जब सड़क, नाली, जलनिकासी और सुरक्षित आवागमन जैसी मूलभूत जरूरत सामने आती है तो ग्रामीणों को अधिकारियों के दरवाजे तक पहुंचना पड़ता है। ऐसे में जनता यह जानना चाहती है कि ग्राम पंचायत में विकास का वास्तविक पैमाना क्या है—कागजों पर दर्ज कार्य या जमीन पर दिखाई देने वाली सुविधा? ग्रामीणों के अनुसार समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन लंबे समय तक प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दी। उनका आरोप है कि न तो स्थानीय स्तर पर समस्या का स्थायी समाधान कराया गया और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति को गंभीरता से देखा। आधी से अधिक आबादी के आवागमन से जुड़े रास्ते का इस तरह पानी में डूबा रहना व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। मामला मीडिया के संज्ञान में आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जरूर हलचल दिखाई दी। गुरुवार को मीडिया द्वारा उपजिलाधिकारी बारा शिखा शंखवार से समस्या के संबंध में बातचीत की गई। उपजिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर स्थलीय निरीक्षण कराने तथा ग्रामीणों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए समाधान निकालने का आश्वासन दिया। प्रशासन की इस तत्परता से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है, लेकिन अब असली सवाल निरीक्षण के बाद होने वाली कार्रवाई का है। क्या शुक्रवार का निरीक्षण केवल सड़क पर भरे पानी की तस्वीर देखकर लौट आएगा या फिर सड़क निर्माण से लेकर उसके रखरखाव, जलनिकासी और ग्राम पंचायत की भूमिका तक पूरी स्थिति की पड़ताल होगी?क्या यह देखा जाएगा कि वर्तमान ब्लॉक प्रमुख के कार्यकाल में कराया गया निर्माण किस स्थिति में है और उसके बाद सड़क के रखरखाव के लिए क्या कदम उठाए गए? क्या ग्राम पंचायत से यह पूछा जाएगा कि इस महत्वपूर्ण रास्ते की समस्या को लेकर अब तक क्या कार्रवाई की गई? और यदि शिकायतें हुई थीं तो उन पर क्या संज्ञान लिया गया? ग्रामीणों की परेशानी का असली समाधान तभी माना जाएगा जब निरीक्षण के बाद सड़क से पानी हटे, जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था बने और जरूरत के अनुसार सड़क की मरम्मत कराई जाए। महज पानी निकाल देना समस्या का अंत नहीं होगा, क्योंकि अगली बारिश में यदि वही पानी फिर सड़क पर जमा हो गया तो पूरा मामला वहीं लौट आएगा। जरूरत स्थायी जलनिकासी और मजबूत सड़क व्यवस्था की है। जगदीशपुर की सड़क अब प्रशासन के सामने एक सीधा सवाल बनकर खड़ी है।निर्माण हुआ तो उसके बाद रखरखाव क्यों नहीं हुआ? सड़क खराब हुई तो समय रहते मरम्मत क्यों नहीं हुई? पानी भरता रहा तो जलनिकासी की व्यवस्था क्यों नहीं सुधारी गई? ग्रामीण शिकायत करते रहे तो संज्ञान क्यों नहीं लिया गया? और यदि ग्राम पंचायत में विकास कार्य हुए हैं तो उनका असर जमीन पर कहां दिखाई दे रहा है? अब गेंद प्रशासन के पाले में है। शुक्रवार का स्थलीय निरीक्षण यह तय करेगा कि जगदीशपुर की शिकायत सिर्फ एक और शिकायत बनकर फाइलों में दबती है या फिर मौके की हकीकत देखकर जिम्मेदारी और समाधान दोनों की दिशा में ठोस कदम उठता है। ग्रामीणों को अब आश्वासन नहीं, जवाब चाहिए; निरीक्षण नहीं, समाधान चाहिए; और कागजी विकास नहीं, जमीन पर दिखाई देने वाला विकास चाहिए।1
- बाढ़ से लोगो को नहीं मिल रही राहत भारी बाढ़ परेशान लोगो को प्रशासन से नहीं मिली मदद प्रयागराज यमुनानगर के विकासखंड शंकरगढ़ क्षेत्र देवरा गाँव मे भारी बारिस के आई बाढ़ से गाँव के लोग हुए परेशान1
- फर्रुखाबाद में विजिलेंस टीम ने बिजली विभाग के जेई को 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा जेई अजीत राजपूत ने महिला से कनेक्शन के नाम पर रिश्वत के मांगे थे 10 हजार विजिलेंस टीम ने शिकायत पर जेई व लाइन मैन को रंगे हाथों पकड़ा। रिश्वत खोरी की जेई की काफी दिनों से हो रही थी शिकायतें जेई अजीत राजपूत गुरौरा विद्युत उपकेंद्र पर है तैनात। विजिलेंस टीम कोतवाली फतेहगढ़ में लेजाकर कर रही पूछ ताछ। विजिलेंस टीम ने रंगे हाथ भोलेपुर बिजली विभाग कार्यालय से पकड़ा1
- प्रयागराज: महुली(कोरांव) में देवघाट मार्ग से लेकर ड्रमंडगंज मार्ग और देवघाट पुल पर पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। प्रयागराज: महुली(कोरांव) में देवघाट मार्ग से लेकर ड्रमंडगंज मार्ग और देवघाट पुल पर पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। बाढ़ के कारण लोग नदी पार नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है।1
- पचखरा में टूटी नाली से पानी निकलने को लेकर आपसी विवाद शिकायत के बाद शासन प्रशासन और नेता मौन प्रयागराज विकास खंड जसरा ग्रामसभा पचखरा में पुरानी नाली टूट जाने के कारण लोगों का पानी नहीं निकल पा रहा है और इस समय बरसात का पानी भी नहीं निकल पा रहा है जिससे कई घरो तक तीन चार फिट पानी पहुंच गया है इसी को लेकर आपस में विवाद होता चला आ रहा है यहां तक कि कई बार एक दूसरे के ऊपर f I r तक किए गए है इतना ही नहीं इस मामले को लेकर कई बार ग्राम प्रधान,शासन प्रशासन और नेताओं से शिकायत की गई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई यह मामला विकास का पोल भी खोल रहा है और ऐसा लगता है कि जब कोई बड़ा मामला सामने आयेगा तब कोई कार्यवाही की जायेगी अब देखना है कि शासन प्रशासन मामले को कब संज्ञान में लेता है2
- प्रयागराज विकास खंड शंकरगढ़ देवरा गाँव मे बाढ़ का कहर घर खेत सब पानी मे डूबा बाढ़ ने तोड़ा गाँव का चैन, प्रशासन से नहीं मिली मदत रातों रात गाँव मे आई बाढ़ गाँव के लोग नहीं हो पाय सुरक्षित प्रयागराज यमुनानगर के विकास खंड शंकरगढ़ क्षेत्र देवरा गाँव मे भारी बारिश से आई बाढ़ बाढ़ की गति तेजी होने से बाढ़ को देख गाँव के लोगो के चेहरे पर छाई झुर्रियां अब बाढ़ की कहर देख गाँव के लोगो मे छिंता की लहर अभी तक नहीं मिला प्रशासन से कोई मददत बाढ़ से ग्रसित ग्रामीड हो रहे परेशान लोगो का बाहर निकला हुआ मुश्किल4