जलेसर क्षेत्र के ग्राम फरीदपुर में श्रीमद्भागवत कथा के साथ ही दैनिक हवन और एक भव्य पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया है। इस दौरान, पांच कुंडों पर वैदिक संस्कृति के परिधानों में सुसज्जित महिलाओं, बुजुर्गों, नवयुवकों और बच्चों ने सामूहिक रूप से यज्ञाचार्य हरेन्द्र शर्मा शान्ति कुंज हरिद्वार के पावन सानिध्य में पूर्णाहुति समर्पित की। श्रद्धालुओं ने देव आवाहन, पूजन और अर्चना के माध्यम से अपनी भावनाओं को यज्ञ भगवान के चरणों में अर्पित किया। यज्ञ पंडाल में यज्ञाचार्य हरेन्द्र शर्मा ने भक्तों को मानसिक रूप से भगवान के चरण और आचरण से पवित्रता प्राप्त करने का मधुर वाचन किया। उन्होंने बताया कि यज्ञ करने से न केवल मन को शांति प्राप्त होती है, बल्कि वातावरणीय शुद्धता भी आती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वास्तविक हवन यज्ञ तभी पूर्ण माना जाता है, जब हम हवन सामग्री के साथ-साथ अपने जीवन के दुर्गुणों की भी आहुति देने का प्रयास करें। हवन पूजन के बाद वैदिक मंत्रों का सस्वर उच्चारण करते हुए बारी-बारी से यज्ञाहुति समर्पित की गई। यज्ञाचार्य ने पांचों खंडों पर यज्ञ की अन्य क्रियाविधियाँ पूर्ण कराकर आरती करवाई और सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया, जिससे यह पूर्ण समर्पण के साथ संपन्न हुआ।
जलेसर क्षेत्र के ग्राम फरीदपुर में श्रीमद्भागवत कथा के साथ ही दैनिक हवन और एक भव्य पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया है। इस दौरान, पांच कुंडों पर वैदिक संस्कृति के परिधानों में सुसज्जित महिलाओं, बुजुर्गों, नवयुवकों और बच्चों ने सामूहिक रूप से यज्ञाचार्य हरेन्द्र शर्मा शान्ति कुंज हरिद्वार के पावन सानिध्य में पूर्णाहुति समर्पित की। श्रद्धालुओं ने देव आवाहन, पूजन और अर्चना के माध्यम से अपनी भावनाओं को यज्ञ भगवान के चरणों में अर्पित किया। यज्ञ पंडाल में यज्ञाचार्य हरेन्द्र शर्मा ने भक्तों को मानसिक रूप से भगवान के चरण और आचरण से पवित्रता प्राप्त करने का मधुर वाचन किया। उन्होंने बताया कि यज्ञ करने से न केवल मन को शांति प्राप्त होती है, बल्कि वातावरणीय शुद्धता भी आती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वास्तविक हवन यज्ञ तभी पूर्ण माना जाता है, जब हम हवन सामग्री के साथ-साथ अपने जीवन के दुर्गुणों की भी आहुति देने का प्रयास करें। हवन पूजन के बाद वैदिक मंत्रों का सस्वर उच्चारण करते हुए बारी-बारी से यज्ञाहुति समर्पित की गई। यज्ञाचार्य ने पांचों खंडों पर यज्ञ की अन्य क्रियाविधियाँ पूर्ण कराकर आरती करवाई और सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया, जिससे यह पूर्ण समर्पण के साथ संपन्न हुआ।
- जलेसर क्षेत्र के ग्राम फरीदपुर में श्रीमद्भागवत कथा के साथ ही दैनिक हवन और एक भव्य पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया है। इस दौरान, पांच कुंडों पर वैदिक संस्कृति के परिधानों में सुसज्जित महिलाओं, बुजुर्गों, नवयुवकों और बच्चों ने सामूहिक रूप से यज्ञाचार्य हरेन्द्र शर्मा शान्ति कुंज हरिद्वार के पावन सानिध्य में पूर्णाहुति समर्पित की। श्रद्धालुओं ने देव आवाहन, पूजन और अर्चना के माध्यम से अपनी भावनाओं को यज्ञ भगवान के चरणों में अर्पित किया। यज्ञ पंडाल में यज्ञाचार्य हरेन्द्र शर्मा ने भक्तों को मानसिक रूप से भगवान के चरण और आचरण से पवित्रता प्राप्त करने का मधुर वाचन किया। उन्होंने बताया कि यज्ञ करने से न केवल मन को शांति प्राप्त होती है, बल्कि वातावरणीय शुद्धता भी आती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वास्तविक हवन यज्ञ तभी पूर्ण माना जाता है, जब हम हवन सामग्री के साथ-साथ अपने जीवन के दुर्गुणों की भी आहुति देने का प्रयास करें। हवन पूजन के बाद वैदिक मंत्रों का सस्वर उच्चारण करते हुए बारी-बारी से यज्ञाहुति समर्पित की गई। यज्ञाचार्य ने पांचों खंडों पर यज्ञ की अन्य क्रियाविधियाँ पूर्ण कराकर आरती करवाई और सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया, जिससे यह पूर्ण समर्पण के साथ संपन्न हुआ।1
- एक पोस्ट के माध्यम से बच्चों से संबंधित एक वीडियो की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है, जिसके गंभीर या भावुक प्रभाव के कारण पोस्टकर्ता ने यह व्यक्त किया है कि उनके पास इसका वर्णन करने के लिए शब्द नहीं हैं। पोस्ट में पाठकों से इस वीडियो को देखने का आग्रह किया गया है, क्योंकि यह बच्चों के प्रति संचित किसी विशेष स्थिति या भावना को उजागर करता है।1
- गंजडुंडवारा क्षेत्र में तेज आँधी तूफान के साथ ओलावृष्टि हुई।1
- फर्रुखाबाद जिले की कायमगंज तहसील के शमशाबाद ब्लॉक में स्थित ग्राम पंचायत अजीजाबाद में अजीजाबाद प्राइमरी स्कूल से अलमापुर तक जाने वाली सड़क की स्थिति पूरी तरह से खराब हो चुकी है। इस गंभीर समस्या को लेकर कोई भी सुनवाई नहीं की जा रही है।1
- जातिगत रिपोर्ट को स्वीकार किए जाने के तुरंत बाद कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है। इस घटनाक्रम के बाद, सिद्धारमैया ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है, जिससे राज्य में एक गंभीर राजनीतिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।1
- फर्रुखाबाद के कैमगंज क्षेत्र में आई तेज आंधी और बारिश के कारण स्थानीय निवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे क्षेत्र में गर्मी का प्रकोप कम हुआ।1
- शाहजहांपुर के कलान ब्लॉक परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब गुरुवार को एक सरकारी कक्ष में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने लकड़ी के किवाड़ों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। यह घटना गुरुवार को बकरीद की छुट्टी के दौरान हुई, जिस कारण सरकारी कर्मचारी अपने कमरों में मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब तीन बजे एक नशेड़ी प्रवृत्ति का व्यक्ति परिसर में पहुंचा और नशा करने के बाद जलती तीली वहीं फेंक दी। भीषण गर्मी के चलते कक्ष के लकड़ी के किवाड़ों ने तुरंत आग पकड़ ली और देखते ही देखते आग भड़क उठी। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि आग पास के सरकारी अभिलेखों तक नहीं पहुंच सकी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस कमरे में आग लगी थी, उसके पास ही एडीओ पंचायत राजकुमार शुक्ला का कक्ष भी मौजूद है, जिससे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों के जलने का खतरा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्लॉक परिसर में बने अटल पार्क और ध्वस्त पड़े आवासों में अक्सर असामाजिक तत्व बैठकर नशा करते हैं। लोगों ने प्रशासन से ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, थाना प्रभारी शिव दीन वर्मा ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया।1