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3 hrs ago
user_Vishal Singh
Vishal Singh
धुरकी, गढ़वा, झारखंड•
3 hrs ago

More news from झारखंड and nearby areas
  • हाईवे पुल के ऊपरी हिस्सो में आई दरार? क्या ये है कंपनी की कोई लापरवाही?
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    हाईवे पुल के ऊपरी हिस्सो में आई दरार? क्या ये है कंपनी की कोई लापरवाही?
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    46 min ago
  • सरकार द्वारा वाहनों पर ओवरलोडिंग (क्षमता से अधिक वजन) पर पाबंदी मुख्य रूप से सड़क सुरक्षा, बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगाई जाती है। ओवरलोड गाड़ियां दुर्घटनाओं का मुख्य कारण हैं, जो प्रतिवर्ष हजारों लोगों की जान लेती हैं और पुलों व सड़कों को समय से पहले खराब कर देती हैं।  ओवरलोड पर पाबंदी के प्रमुख कारण: सड़क सुरक्षा (Road Safety): अत्यधिक वजन होने के कारण वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है और ब्रेक सही से काम नहीं करते, जिससे दुर्घटना (Accident) की संभावना बहुत बढ़ जाती है। सड़क और पुलों की सुरक्षा (Infrastructure Damage): ओवरलोड वाहनों से सड़कें, पुल और पुलिया समय से पहले टूट जाती हैं, जिससे भारी राजस्व की क्षति होती है। प्रदूषण में वृद्धि (Environmental Impact): ज्यादा वजन ढोने के कारण इंजन पर दबाव पड़ता है, जिससे ईंधन ज्यादा जलता है और वायु प्रदूषण (Air Pollution) बढ़ता है। कानूनी प्रावधान (Legal Action): मोटर वाहन अधिनियम 1988 (धारा 113) के तहत ओवरलोडिंग अपराध है, जिसके तहत भारी जुर्माना (न्यूनतम ₹2000 या अधिक) और परमिट रद्द करने का प्रावधान है। ट्रैफिक जाम: खराब सड़कों के कारण अक्सर जाम लगता है, जिससे आम जनता को परेशानी होती है।
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    सरकार द्वारा वाहनों पर ओवरलोडिंग (क्षमता से अधिक वजन) पर पाबंदी मुख्य रूप से सड़क सुरक्षा, बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगाई जाती है। ओवरलोड गाड़ियां दुर्घटनाओं का मुख्य कारण हैं, जो प्रतिवर्ष हजारों लोगों की जान लेती हैं और पुलों व सड़कों को समय से पहले खराब कर देती हैं। 
ओवरलोड पर पाबंदी के प्रमुख कारण:
सड़क सुरक्षा (Road Safety): अत्यधिक वजन होने के कारण वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है और ब्रेक सही से काम नहीं करते, जिससे दुर्घटना (Accident) की संभावना बहुत बढ़ जाती है।
सड़क और पुलों की सुरक्षा (Infrastructure Damage): ओवरलोड वाहनों से सड़कें, पुल और पुलिया समय से पहले टूट जाती हैं, जिससे भारी राजस्व की क्षति होती है।
प्रदूषण में वृद्धि (Environmental Impact): ज्यादा वजन ढोने के कारण इंजन पर दबाव पड़ता है, जिससे ईंधन ज्यादा जलता है और वायु प्रदूषण (Air Pollution) बढ़ता है।
कानूनी प्रावधान (Legal Action): मोटर वाहन अधिनियम 1988 (धारा 113) के तहत ओवरलोडिंग अपराध है, जिसके तहत भारी जुर्माना (न्यूनतम ₹2000 या अधिक) और परमिट रद्द करने का प्रावधान है।
ट्रैफिक जाम: खराब सड़कों के कारण अक्सर जाम लगता है, जिससे आम जनता को परेशानी होती है।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    9 hrs ago
  • युद्ध विराम नहीं युद्ध पर पूर्ण विराम चाहता है ईरान... सीज़फायर के प्रस्ताव को ईरान ने खारिज किया, ईरान ने पूरी तरह जंग बंद करने की मांग की.. #Khabardar #IranUSConflict #Ceasefire #MiddleEastCrisis #NoCeasefire
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    युद्ध विराम नहीं युद्ध पर पूर्ण विराम चाहता है ईरान...
सीज़फायर के प्रस्ताव को ईरान ने खारिज किया, ईरान ने पूरी तरह जंग बंद करने की मांग की..
#Khabardar #IranUSConflict #Ceasefire #MiddleEastCrisis #NoCeasefire
    user_Anit tiwary
    Anit tiwary
    Electrician गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    23 hrs ago
  • केतार में अवैध बालू लदे ट्रैक्टर जब्त कारवाई
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    केतार में अवैध बालू लदे ट्रैक्टर जब्त कारवाई
    user_Bittu Singh
    Bittu Singh
    Local News Reporter Ketar*, Garhwa•
    23 hrs ago
  • शंखा - पड़वा मोड़ मुख्य पथ पर गुरी के पास सड़क हादसा हुआ,जिसमे एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने एन एच 39 को जाम कर दिया है। बताते चले कि सड़क का मरम्मत कार्य चल रहा है। जिस कारण गुरी गांव के पास सड़क को वन-वे किया गया था। इसी बीच मोटरसाइकल सवार युवक मरम्मत कार्य चल रहे साइड में ही घुस गया और एक खड़े हाइवा से टकरा गया। जिससे मोटरसाइकल चालक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी।
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    शंखा - पड़वा मोड़ मुख्य पथ पर गुरी के पास सड़क हादसा हुआ,जिसमे एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने एन एच 39 को जाम कर दिया है। बताते चले कि सड़क का मरम्मत कार्य चल रहा है। जिस कारण गुरी गांव के पास सड़क को वन-वे किया गया था। इसी बीच मोटरसाइकल सवार युवक मरम्मत कार्य चल रहे साइड में ही घुस गया और एक खड़े हाइवा से टकरा गया। जिससे मोटरसाइकल चालक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी।
    user_पब्लिक शुरू न्यूज रिपोर्टर
    पब्लिक शुरू न्यूज रिपोर्टर
    विश्रामपुर, पलामू, झारखंड•
    4 hrs ago
  • दरअसल पूरा मामला बलरामपुर जिले के गणेश मोड चौकी क्षेत्र का है जहां एक सचिव ने चौकी पर भारी को ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए सपा को ज्ञापन शॉप कर कार्रवाई की मांग की है यदि कार्रवाई नहीं हुआ तो धरने पर बैठने की बात कही
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    दरअसल पूरा मामला बलरामपुर जिले के गणेश मोड चौकी क्षेत्र का है जहां एक सचिव ने चौकी पर भारी को ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए सपा को ज्ञापन शॉप कर कार्रवाई की मांग की है यदि कार्रवाई नहीं हुआ तो धरने पर बैठने की बात कही
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • गढ़वा के होटलों में पकड़ी गई स्कूल कॉलेज की पढ़ने वाली लड़कियों 3 होटल सिल 1. Hotel SNC सोनपुरवा 2. Hotel RDS रेलवे स्टेशन 3. तिवारी रेस्ट हाउस रंका रोड़
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    गढ़वा के होटलों में पकड़ी गई स्कूल कॉलेज की पढ़ने वाली लड़कियों 3 होटल सिल 
1. Hotel SNC सोनपुरवा 
2. Hotel RDS रेलवे स्टेशन 
3. तिवारी रेस्ट हाउस रंका रोड़
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    1 hr ago
  • किन्नरों का बधाई मांगने का एरिया (इलाका) पारंपरिक गुरु-चेला प्रथा और आपसी सहमति से निर्धारित होता है, जो पीढ़ियों से चला आ रहा है। यह एक निश्चित क्षेत्र होता है, जहाँ का 'गुरु' (प्रमुख) अपने शिष्यों को बधाई मांगने के लिए बांटता है। इसमें कोई बाहरी या दूसरा समूह हस्तक्षेप नहीं करता।  एरिया निर्धारण के मुख्य बिंदु: गुरु का अधिकार: क्षेत्र का बंटवारा उस इलाके के गुरु (या डेरे के मुखिया) द्वारा किया जाता है। परंपरा: यह व्यवस्था पुरानी परंपराओं पर आधारित है और इसे बदलना आम तौर पर मनाही है। विवाद और नियम: कई जगहों पर, मनमानी वसूली को रोकने के लिए ग्राम पंचायत या मोहल्ला कमेटी के साथ मिलकर 2100-5100 रुपये तक की बधाई (लाग) राशि भी तय की जाती है, ताकि आपसी विवाद न हो। बधाई के मौके: वे आमतौर पर शादी, बच्चे के जन्म और गृह प्रवेश जैसे मंगल अवसरों पर बधाई मांगने जाते हैं।
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    किन्नरों का बधाई मांगने का एरिया (इलाका) पारंपरिक गुरु-चेला प्रथा और आपसी सहमति से निर्धारित होता है, जो पीढ़ियों से चला आ रहा है। यह एक निश्चित क्षेत्र होता है, जहाँ का 'गुरु' (प्रमुख) अपने शिष्यों को बधाई मांगने के लिए बांटता है। इसमें कोई बाहरी या दूसरा समूह हस्तक्षेप नहीं करता। 
एरिया निर्धारण के मुख्य बिंदु:
गुरु का अधिकार: क्षेत्र का बंटवारा उस इलाके के गुरु (या डेरे के मुखिया) द्वारा किया जाता है।
परंपरा: यह व्यवस्था पुरानी परंपराओं पर आधारित है और इसे बदलना आम तौर पर मनाही है।
विवाद और नियम: कई जगहों पर, मनमानी वसूली को रोकने के लिए ग्राम पंचायत या मोहल्ला कमेटी के साथ मिलकर 2100-5100 रुपये तक की बधाई (लाग) राशि भी तय की जाती है, ताकि आपसी विवाद न हो।
बधाई के मौके: वे आमतौर पर शादी, बच्चे के जन्म और गृह प्रवेश जैसे मंगल अवसरों पर बधाई मांगने जाते हैं।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    15 hrs ago
  • हिंदूवादी संगठन ने पूण्य तिथि पर छोटू साव व बिनोद यादव को श्रधांजलि दी। हिंदूवादी संगठनों ने दोनों के पुण्य तिथि को शाहदत दिवस के रूप में मनाया। यहाँ उल्लेखनीय है कि सात अप्रैल 2006 को रामनवमी जुलुस के दौरान हुई पुलिस फायरिंग में छोटू साव  व बिनोद यादव की मौत हो गयी थी। तब से हिंदूवादी संगठन प्रत्येक वर्ष सात अप्रैल को शहादत दिवस के रूप में मनाते है।
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    हिंदूवादी संगठन ने पूण्य तिथि पर छोटू साव व बिनोद यादव को श्रधांजलि दी। हिंदूवादी संगठनों ने दोनों के पुण्य तिथि को शाहदत दिवस के रूप में मनाया। यहाँ उल्लेखनीय है कि सात अप्रैल 2006 को रामनवमी जुलुस के दौरान हुई पुलिस फायरिंग में छोटू साव  व बिनोद यादव की मौत हो गयी थी। तब से हिंदूवादी संगठन प्रत्येक वर्ष सात अप्रैल को शहादत दिवस के रूप में मनाते है।
    user_पब्लिक शुरू न्यूज रिपोर्टर
    पब्लिक शुरू न्यूज रिपोर्टर
    विश्रामपुर, पलामू, झारखंड•
    5 hrs ago
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