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पीलीभीत के माधोटांडा में 'मां गोमती ग्रीष्मकालीन महोत्सव 2026' का शानदार आग़ाज़ हो गया है। यह महोत्सव सांस्कृतिक धरोहर का महासंगम है, जिसका विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने सभी दर्शकों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान और भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद सहित कई वीआईपी गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
HARUN KHAN
पीलीभीत के माधोटांडा में 'मां गोमती ग्रीष्मकालीन महोत्सव 2026' का शानदार आग़ाज़ हो गया है। यह महोत्सव सांस्कृतिक धरोहर का महासंगम है, जिसका विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने सभी दर्शकों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान और भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद सहित कई वीआईपी गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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- भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिसे उन्होंने भारतीय किसानों, डेयरी और पोल्ट्री उद्योग के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। चढूनी ने यह आशंका व्यक्त की है कि इस प्रस्तावित डील से देश की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और सरकारी खरीद प्रणाली पूरी तरह से ध्वस्त हो सकती है। किसान नेता ने केंद्र सरकार से इस 'गुप्त' ट्रेड डील से जुड़े सभी प्रस्तावों और दस्तावेज़ों को तुरंत जनता के सामने लाने की पुरज़ोर मांग की है। इस मामले पर आगामी रणनीति तैयार करने के लिए, गुरनाम सिंह चढूनी ने 25 जून 2026 को चंडीगढ़ के किसान भवन में विभिन्न किसान संगठनों की एक आपातकालीन संयुक्त बैठक बुलाई है। सरकार को सीधे तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि किसानों के हितों के खिलाफ कोई भी फैसला लिया जाता है, तो पूरे देश में एक बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन खड़ा किया जाएगा।1
- बड़े मंगल के पावन अवसर पर पीलीभीत के पूरनपुर में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा, जहाँ स्टेशन चौराहे पर सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया। धार्मिक अनुष्ठान के समापन के बाद एक भव्य कन्या भोज और भंडारे का आयोजन किया गया। इस सेवा कार्य में विधायक और पूर्व मंत्रियों सहित कई दिग्गज हस्तियों ने भी हिस्सा लिया, जिन्होंने स्वयं अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। सुंदरकांड पाठ के उपरांत कन्याओं को दक्षिणा भी दी गई, जिससे इस पुण्य कार्य का समापन हुआ।1
- पीलीभीत जिले के बरखेड़ा ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत लखनऊ कला के अंतर्गत आने वाले गांव लखनऊ गोटिया में सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर समस्या सामने आई है। ग्राम पंचायत के सफाईकर्मी छत्रपाल पर आरोप है कि उनकी लापरवाही के कारण गांव की सभी नालियां भरी हुई हैं।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 'मियां को मियां न कहें तो क्या कहें'। अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए राज्य मंत्री गंगवार ने कहा कि 'मियां छोड़कर हिंदू बन जाएं, तो मियां कहना छोड़ देंगे'।1
- उत्तराखंड परिवहन की एक बस में तीन सीनियर सिटीजन यात्रियों को श्रीनगर से देहरादून की यात्रा के दौरान उनके आधार कार्ड को लेकर अपमानित किया गया और बस में बैठने से मना कर दिया गया। इस घटना में, परिचालक ने एक यात्री का आधार कार्ड अपने पास रख लिया और उसे वापस नहीं लौटाया। यात्रा शुरू करने वाली महिला पहले रोडवेज बस से श्रीनगर पहुँची थी और वहाँ से देहरादून जाने के लिए उत्तराखंड परिवहन की बस (UK 07P, A6694) में बैठीं। बस में बैठने के बाद, परिचालक ने तीनों सीनियर सिटीजन यात्रियों से स्पष्ट रूप से कहा कि "आधार कार्ड वाले यात्री इस बस में नहीं बैठ सकते, हमें इसके ऑर्डर मिले हैं।" जब यात्रियों ने विनम्रतापूर्वक इस संबंध में सरकार के किसी आदेश के बारे में पूछा, क्योंकि आम जनता को ऐसी कोई सूचना नहीं थी, तो इस बात को लेकर बहस शुरू हो गई। इसी दौरान, बस में मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी बिना किसी कारण के यात्रियों से उलझ गया और उन्हें डरा-धमका कर बस से उतरने को कहने लगा। इस व्यवहार से यात्री स्वयं को असुरक्षित और अपमानित महसूस करने लगे, जिसके बाद उन्हें पूरी घटना का वीडियो बनाना पड़ा ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। हालांकि, कंडक्टर यात्रियों को ऋषिकेश तक ले आया, लेकिन एक यात्री का आधार कार्ड अपने पास रख लिया और उसे वापस नहीं किया। यात्रियों ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि सरकारी परिवहन में सुरक्षा, सम्मान और सुविधा की अपेक्षा करने वाले आम यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों के साथ यदि इस प्रकार का व्यवहार होगा, तो उनका विश्वास कैसे बना रहेगा। उन्होंने उत्तराखंड परिवहन की बसों में यात्रियों के साथ होने वाले व्यवहार पर कड़ी निगरानी रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यात्रियों ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएँ आए दिन हो रही हैं और सवाल उठाया कि क्या पहाड़ी लोगों को घरों से बाहर ही नहीं निकलना चाहिए।1
- पीलीभीत जिले के अमरिया में हुए एपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट का रोमांचक फाइनल मुकाबला संपन्न हो गया है, जिसमें परेवा वैश्य क्रिकेट क्लब ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टांडा इलेवन क्रिकेट क्लब को 50 रनों से करारी शिकस्त देकर खिताब अपने नाम कर लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए परेवा वैश्य ने निर्धारित 15 ओवर में 168 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसमें कासिम की तूफानी पारी का अहम योगदान रहा। 169 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टांडा इलेवन की टीम 15 ओवर में सिर्फ 118 रन ही बना सकी। परेवा के गेंदबाजों ने अपनी कसी हुई गेंदबाजी से विपक्षी टीम को कोई मौका नहीं दिया और जीत सुनिश्चित की। इस शानदार मुकाबले में कासिम को उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। पूरे टूर्नामेंट में अपने हरफनमौला प्रदर्शन से 495 रन बनाने और 18 विकेट लेने वाले तनु को मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसके तहत उन्हें एक स्कूटी भी भेंट की गई। खिताब जीतने के बाद विजेता टीम के शाकिर ने कहा कि पूरी टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जिसकी बदौलत वे यह खिताब जीतने में सफल रहे। वहीं, टांडा इलेवन के मोहम्मद जैकी ने हार पर निराशा व्यक्त करते हुए अपनी टीम से कुछ गलतियां होने और दिन उनके पक्ष में न रहने की बात कही।1
- पीलीभीत जिले के मरौरी ब्लॉक अंतर्गत कंजा हरिया में काटना नदी के पुनरुद्धार कार्य में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इन अनियमितताओं को लेकर स्थानीय लोगों ने विधायक से गुहार लगाई है और मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।1
- भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (ट्रेड डील) पर गहरी चिंता व्यक्त की है। पीलीभीत के पूरनपुर स्थित प्रेस क्लब में 23 जून 2026, मंगलवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने इस डील को भारतीय किसानों, पशुपालकों, डेयरी और पोल्ट्री उद्योग के लिए एक गंभीर खतरा बताया। चढूनी ने आशंका जताई है कि इस समझौते से देश की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और सार्वजनिक खरीद प्रणाली को भारी नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस ट्रेड डील से संबंधित सभी प्रस्तावों को तुरंत सार्वजनिक किया जाए। इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए, सरदार चढूनी ने 25 जून 2026 को चंडीगढ़ के किसान भवन में विभिन्न संगठनों की एक संयुक्त बैठक बुलाई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि किसानों के हितों के खिलाफ कोई भी निर्णय लिया गया, तो इसके विरोध में देशभर में एक लोकतांत्रिक आंदोलन खड़ा किया जाएगा।1