उत्तराखंड परिवहन की एक बस में तीन सीनियर सिटीजन यात्रियों को श्रीनगर से देहरादून की यात्रा के दौरान उनके आधार कार्ड को लेकर अपमानित किया गया और बस में बैठने से मना कर दिया गया। इस घटना में, परिचालक ने एक यात्री का आधार कार्ड अपने पास रख लिया और उसे वापस नहीं लौटाया। यात्रा शुरू करने वाली महिला पहले रोडवेज बस से श्रीनगर पहुँची थी और वहाँ से देहरादून जाने के लिए उत्तराखंड परिवहन की बस (UK 07P, A6694) में बैठीं। बस में बैठने के बाद, परिचालक ने तीनों सीनियर सिटीजन यात्रियों से स्पष्ट रूप से कहा कि "आधार कार्ड वाले यात्री इस बस में नहीं बैठ सकते, हमें इसके ऑर्डर मिले हैं।" जब यात्रियों ने विनम्रतापूर्वक इस संबंध में सरकार के किसी आदेश के बारे में पूछा, क्योंकि आम जनता को ऐसी कोई सूचना नहीं थी, तो इस बात को लेकर बहस शुरू हो गई। इसी दौरान, बस में मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी बिना किसी कारण के यात्रियों से उलझ गया और उन्हें डरा-धमका कर बस से उतरने को कहने लगा। इस व्यवहार से यात्री स्वयं को असुरक्षित और अपमानित महसूस करने लगे, जिसके बाद उन्हें पूरी घटना का वीडियो बनाना पड़ा ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। हालांकि, कंडक्टर यात्रियों को ऋषिकेश तक ले आया, लेकिन एक यात्री का आधार कार्ड अपने पास रख लिया और उसे वापस नहीं किया। यात्रियों ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि सरकारी परिवहन में सुरक्षा, सम्मान और सुविधा की अपेक्षा करने वाले आम यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों के साथ यदि इस प्रकार का व्यवहार होगा, तो उनका विश्वास कैसे बना रहेगा। उन्होंने उत्तराखंड परिवहन की बसों में यात्रियों के साथ होने वाले व्यवहार पर कड़ी निगरानी रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यात्रियों ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएँ आए दिन हो रही हैं और सवाल उठाया कि क्या पहाड़ी लोगों को घरों से बाहर ही नहीं निकलना चाहिए।
उत्तराखंड परिवहन की एक बस में तीन सीनियर सिटीजन यात्रियों को श्रीनगर से देहरादून की यात्रा के दौरान उनके आधार कार्ड को लेकर अपमानित किया गया और बस में बैठने से मना कर दिया गया। इस घटना में, परिचालक ने एक यात्री का आधार कार्ड अपने पास रख लिया और उसे वापस नहीं लौटाया। यात्रा शुरू करने वाली महिला पहले रोडवेज बस से श्रीनगर पहुँची थी और वहाँ से देहरादून जाने के लिए उत्तराखंड परिवहन की बस (UK 07P, A6694) में बैठीं। बस में बैठने के बाद, परिचालक ने तीनों सीनियर सिटीजन यात्रियों से स्पष्ट रूप से कहा कि "आधार कार्ड वाले यात्री इस बस में नहीं बैठ सकते, हमें इसके ऑर्डर मिले हैं।" जब यात्रियों ने विनम्रतापूर्वक इस संबंध में सरकार के किसी आदेश के बारे में पूछा, क्योंकि आम जनता को ऐसी कोई सूचना नहीं थी, तो इस बात को लेकर बहस शुरू हो गई। इसी दौरान, बस में मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी बिना किसी कारण के यात्रियों से उलझ गया और उन्हें डरा-धमका कर बस से उतरने को कहने लगा। इस व्यवहार से यात्री स्वयं को असुरक्षित और अपमानित महसूस करने लगे, जिसके बाद उन्हें पूरी घटना का वीडियो बनाना पड़ा ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। हालांकि, कंडक्टर यात्रियों को ऋषिकेश तक ले आया, लेकिन एक यात्री का आधार कार्ड अपने पास रख लिया और उसे वापस नहीं किया। यात्रियों ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि सरकारी परिवहन में सुरक्षा, सम्मान और सुविधा की अपेक्षा करने वाले आम यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों के साथ यदि इस प्रकार का व्यवहार होगा, तो उनका विश्वास कैसे बना रहेगा। उन्होंने उत्तराखंड परिवहन की बसों में यात्रियों के साथ होने वाले व्यवहार पर कड़ी निगरानी रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यात्रियों ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएँ आए दिन हो रही हैं और सवाल उठाया कि क्या पहाड़ी लोगों को घरों से बाहर ही नहीं निकलना चाहिए।
- पीलीभीत जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम विलगवाँ में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ घर पर सो रहे पति-पत्नी पर जानलेवा हमला किया गया। हमलावर ने सो रहे दंपति को चाकू से घायल कर दिया, जिससे दोनों बुरी तरह ज़ख्मी हो गए। घटना के दौरान हुई चीख-पुकार सुनकर बच्चों की नींद खुल गई। पीड़ितों ने हमलावर पर गोली चलाने का भी गंभीर आरोप लगाया है। हमले के बाद, एंबुलेंस की मदद से घायल पति-पत्नी को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के एक युवक को सोशल मीडिया पर अभद्र गाली देना भारी पड़ गया, जहाँ उत्तराखंड पुलिस ने उसे सबक सिखाया। सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस की यह कार्रवाई इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- मुहर्रम के अवसर पर टांडा में अशारा-ए-हुसैन कमेटी ने अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। इस दौरान कमेटी द्वारा राहगीरों को शरबत और लंगर वितरित किया गया।1
- पीलीभीत जिले के माधोटांडा स्थित मां गोमती उद्गम स्थल पर आगामी बुधवार को होने वाले पावन स्नान पर्व से ठीक पहले मगरमच्छों की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं की चिंता को बढ़ा दिया है। इस स्थिति के मद्देनज़र, वन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गोमती झील में एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया, जिसके दौरान एक मगरमच्छ को सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया।1
- उत्तर प्रदेश के पूरनपुर में, भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से एक नई 'मीठा जल सेवा' का शुभारंभ किया गया है। प्रेस क्लब द्वारा की गई यह शानदार और सराहनीय पहल पूर्व राज्य मंत्री डॉ. विनोद तिवारी और विधायक बाबूराम पासवान ने मिलकर उद्घाटन की।1
- भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिसे उन्होंने भारतीय किसानों, डेयरी और पोल्ट्री उद्योग के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। चढूनी ने यह आशंका व्यक्त की है कि इस प्रस्तावित डील से देश की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और सरकारी खरीद प्रणाली पूरी तरह से ध्वस्त हो सकती है। किसान नेता ने केंद्र सरकार से इस 'गुप्त' ट्रेड डील से जुड़े सभी प्रस्तावों और दस्तावेज़ों को तुरंत जनता के सामने लाने की पुरज़ोर मांग की है। इस मामले पर आगामी रणनीति तैयार करने के लिए, गुरनाम सिंह चढूनी ने 25 जून 2026 को चंडीगढ़ के किसान भवन में विभिन्न किसान संगठनों की एक आपातकालीन संयुक्त बैठक बुलाई है। सरकार को सीधे तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि किसानों के हितों के खिलाफ कोई भी फैसला लिया जाता है, तो पूरे देश में एक बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन खड़ा किया जाएगा।1
- बड़े मंगल के पावन अवसर पर पीलीभीत के पूरनपुर में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा, जहाँ स्टेशन चौराहे पर सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया। धार्मिक अनुष्ठान के समापन के बाद एक भव्य कन्या भोज और भंडारे का आयोजन किया गया। इस सेवा कार्य में विधायक और पूर्व मंत्रियों सहित कई दिग्गज हस्तियों ने भी हिस्सा लिया, जिन्होंने स्वयं अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। सुंदरकांड पाठ के उपरांत कन्याओं को दक्षिणा भी दी गई, जिससे इस पुण्य कार्य का समापन हुआ।1
- Post by अशोक सरकार1
- बरेली के भोजीपुरा में पुलिस ने सोमवार देर रात एक मुठभेड़ के बाद ₹20,000 के इनामी गौकशी आरोपी जाहिद उर्फ अंडा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम को देखते ही जाहिद ने अपने साथी के साथ फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाबी कार्रवाई में जाहिद के दाहिने पैर में गोली लगी और वह घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा, जिसे पुलिस ने तुरंत दबोच लिया। इस मुठभेड़ के दौरान आरोपी द्वारा की गई फायरिंग में सिपाही विकास भी घायल हो गए। घायल सिपाही और आरोपी जाहिद, दोनों को उपचार के लिए सीएचसी भोजीपुरा भेजा गया। जाहिद उर्फ अंडा गौकशी और पुलिस पर फायरिंग के कई मामलों में लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी पर एसएसपी अनुराग आर्य ने ₹20,000 का इनाम घोषित किया था। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी थी। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सोमवार रात घुरसमसपुर रोड पर जाल बिछाया था, जहां प्रभारी चौकी धौरा टांडा, उपनिरीक्षक पवन कुमार और उनकी टीम चेकिंग कर रही थी। बदमाशों द्वारा पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने के बाद हुई जवाबी कार्रवाई में जाहिद पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक खोखा कारतूस, तीन जिंदा कारतूस, एक वीवो मोबाइल फोन और एक हीरो स्प्लेंडर प्रो मोटरसाइकिल बरामद हुई है, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान जाहिद ने बताया कि उसका साथी अजीम पुत्र यामीन उर्फ मोती निवासी सैदपुर चुन्नीलाल भी उसके साथ था, जो मुठभेड़ के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस अजीम की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। जाहिद ने यह भी कबूल किया कि उसने जनवरी 2026 में अपने साथियों के साथ सिंघाई नवदिया के जंगल में गौकशी की घटना को अंजाम दिया था और 14 फरवरी 2026 को पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी की थी। इन दोनों मामलों में वह वांछित चल रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जाहिद उर्फ अंडा के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, पशु क्रूरता अधिनियम, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत आधा दर्जन से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। मुठभेड़ के बाद उसके खिलाफ एक और नया मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। भोजीपुरा पुलिस और सर्विलांस टीम की इस संयुक्त कार्रवाई को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है और पुलिस अधिकारियों ने यह दोहराया है कि क्षेत्र में गौकशी और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।2