Shuru
Apke Nagar Ki App…
पीलीभीत जिले के माधोटांडा स्थित मां गोमती उद्गम स्थल पर आगामी बुधवार को होने वाले पावन स्नान पर्व से ठीक पहले मगरमच्छों की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं की चिंता को बढ़ा दिया है। इस स्थिति के मद्देनज़र, वन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गोमती झील में एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया, जिसके दौरान एक मगरमच्छ को सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया।
HARUN KHAN
पीलीभीत जिले के माधोटांडा स्थित मां गोमती उद्गम स्थल पर आगामी बुधवार को होने वाले पावन स्नान पर्व से ठीक पहले मगरमच्छों की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं की चिंता को बढ़ा दिया है। इस स्थिति के मद्देनज़र, वन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गोमती झील में एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया, जिसके दौरान एक मगरमच्छ को सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया।
More news from Pilibhit and nearby areas
- पीलीभीत जिले के माधोटांडा स्थित मां गोमती उद्गम स्थल पर आगामी बुधवार को होने वाले पावन स्नान पर्व से ठीक पहले मगरमच्छों की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं की चिंता को बढ़ा दिया है। इस स्थिति के मद्देनज़र, वन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गोमती झील में एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया, जिसके दौरान एक मगरमच्छ को सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी शिवम यादव ने अपने संघर्ष और कड़ी मेहनत से एक अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने एक तरफ जहाँ उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के तौर पर अपनी ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की, वहीं किस्मत ने उन्हें एक बड़ी खुशखबरी अगले ही दिन दे दी। सिपाही की ट्रेनिंग खत्म होने के ठीक बाद बिहार लोक सेवा आयोग का परिणाम घोषित हुआ, जिसमें शिवम ने पूरे बिहार में 33वीं रैंक हासिल कर सबको हैरान कर दिया। शिवम यादव की यह कहानी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई है। एक सिपाही प्रशिक्षु के अफसर बनने का उनका यह सफर परिश्रम और सफलता का सच्चा प्रमाण है, जिसने यह साबित कर दिखाया कि आखिर कैसे एक सिपाही प्रशिक्षु ने अफसर बनने का अपना सपना सच कर दिखाया।1
- बड़े मंगल के पावन अवसर पर पीलीभीत के पूरनपुर में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा, जहाँ स्टेशन चौराहे पर सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया। धार्मिक अनुष्ठान के समापन के बाद एक भव्य कन्या भोज और भंडारे का आयोजन किया गया। इस सेवा कार्य में विधायक और पूर्व मंत्रियों सहित कई दिग्गज हस्तियों ने भी हिस्सा लिया, जिन्होंने स्वयं अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। सुंदरकांड पाठ के उपरांत कन्याओं को दक्षिणा भी दी गई, जिससे इस पुण्य कार्य का समापन हुआ।1
- पीलीभीत जिले के मरौरी ब्लॉक के कंजा हरिया में काटना नदी के पुनरुद्धार कार्य में अनियमितता का मामला सामने आया है। यह जानकारी वायरल वीडियो के माध्यम से मिली है।1
- पीलीभीत में गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार का एक बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। मंत्री ने उन सवालों पर खुलकर जवाब दिया है, जो अपने भाषणों में अक्सर 'मियां' शब्द के इस्तेमाल को लेकर उठते रहे हैं। संजय सिंह गंगवार ने स्पष्ट कहा है कि जिस दिन 'मियां' हिंदू बन जाएंगे, वह उन्हें 'मियां' कहना छोड़ देंगे। अपने बयान को विस्तार देते हुए मंत्री ने यह भी कहा कि पहले सभी लोग हिंदू ही थे और वर्तमान मुस्लिम समाज के लोग कन्वर्टेड मुस्लिम हैं। गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार का यह बयान अब राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में गरमागरम बहस का मुद्दा बन गया है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक बाढ़ मॉक ड्रील का आयोजन किया गया।1
- पीलीभीत जिले के बरखेड़ा ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत लखनऊ कला के अंतर्गत आने वाले गांव लखनऊ गोटिया में सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर समस्या सामने आई है। ग्राम पंचायत के सफाईकर्मी छत्रपाल पर आरोप है कि उनकी लापरवाही के कारण गांव की सभी नालियां भरी हुई हैं।1
- भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिसे उन्होंने भारतीय किसानों, डेयरी और पोल्ट्री उद्योग के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। चढूनी ने यह आशंका व्यक्त की है कि इस प्रस्तावित डील से देश की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और सरकारी खरीद प्रणाली पूरी तरह से ध्वस्त हो सकती है। किसान नेता ने केंद्र सरकार से इस 'गुप्त' ट्रेड डील से जुड़े सभी प्रस्तावों और दस्तावेज़ों को तुरंत जनता के सामने लाने की पुरज़ोर मांग की है। इस मामले पर आगामी रणनीति तैयार करने के लिए, गुरनाम सिंह चढूनी ने 25 जून 2026 को चंडीगढ़ के किसान भवन में विभिन्न किसान संगठनों की एक आपातकालीन संयुक्त बैठक बुलाई है। सरकार को सीधे तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि किसानों के हितों के खिलाफ कोई भी फैसला लिया जाता है, तो पूरे देश में एक बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन खड़ा किया जाएगा।1