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अम्बेडकरनगर के रामनगर में जय बजरंग साइंस एकेडमी का वार्षिकोत्सव एवं मेधावी अलंकरण समारोह आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि विधायक त्रिभुवन दत्त ने शिक्षा को समस्त अभावों की जननी बताते हुए अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया।
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अम्बेडकरनगर के रामनगर में जय बजरंग साइंस एकेडमी का वार्षिकोत्सव एवं मेधावी अलंकरण समारोह आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि विधायक त्रिभुवन दत्त ने शिक्षा को समस्त अभावों की जननी बताते हुए अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया।
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- अंबेडकर नगर के अकबरपुर में बाबा मनीष दास ने एक रिपोर्ट सही करने के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। इस आरोप से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है, जिन्होंने मठ की जमीन बचाने के लिए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है।1
- खलीलाबाद में सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर का बड़ा बयान, बोले- “2029 तक उत्तर प्रदेश चार भागों में बंटेगा, मैं बनूंगा पूर्वांचल का मुख्यमंत्री” संत कबीर नगर।।अरविंद राजभर ने खलीलाबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ा राजनीतिक बयान देकर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2029 तक उत्तर प्रदेश को चार भागों में विभाजित किया जाएगा और पूर्वांचल अलग राज्य बनेगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पूर्वांचल राज्य बनने के बाद वह उसके मुख्यमंत्री बनेंगे।उन्होंने कहा कि पूर्वांचल, बुंदेलखंड, अवध और पश्चिमांचल को अलग-अलग राज्य बनाए जाने से विकास की गति तेज होगी तथा क्षेत्रीय समस्याओं का बेहतर समाधान हो सकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्वांचल लंबे समय से विकास के मामले में उपेक्षित रहा है।इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सुभासपा समर्थक और स्थानीय लोग मौजूद रहे। अरविंद राजभर ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले चुनावों में पार्टी निर्णायक भूमिका निभाएगी।उन्होंने कहा कि “गरीब, पिछड़े, दलित और वंचित समाज की लड़ाई सुभासपा लगातार लड़ रही है और आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।”1
- *थाना बखिरा अन्तर्गत एक व्यक्ति के साथ मारपीट की वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने व पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए अभियोग पंजीकृत कर मारपीट करने वाले 02 अभियुक्तों की गिरफ्तारी के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद द्वारा दी गयी बाईट* ।1
- परिवार परामर्श प्रकोष्ठ की पहल से 02 बिखरे परिवारों में हुआ समझौता, नई किरण प्रोजेक्ट से बढ़ रहा पारिवारिक सौहार्द आजमगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के पर्यवेक्षण में रविवार को थाना कोतवाली परिसर स्थित परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण में मिडिएशन बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुल 15 पत्रावलियों में पक्षकारों को नोटिस एवं फोन के माध्यम से बुलाया गया, जिनमें 11 मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। काउन्सलरों द्वारा दोनों पक्षों की संयुक्त एवं अलग-अलग काउन्सलिंग कर वैवाहिक विवादों को सुलझाने का प्रयास किया गया। इस दौरान 02 मामलों में सफलतापूर्वक समझौता कराया गया। दोनों मामलों में दहेज को लेकर मारपीट व गाली-गलौज के आरोप लगाए गए थे। वहीं 04 पत्रावलियां अन्य कारणों से बंद की गईं तथा 01 मामले में अभियोग पंजीकृत करने की सलाह दी गई। शेष मामलों में अगली तिथि निर्धारित कर पुनः नोटिस जारी किया जाएगा। नई किरण प्रोजेक्ट के माध्यम से टूटते परिवारों को फिर से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे पारिवारिक न्यायालयों पर भार कम होने के साथ समाज में पारिवारिक सौहार्द भी बढ़ रहा है। समझौता कराने वाले मामलों में लालिमा सरोज निवासी भीरा थाना बरदह तथा चन्दा निवासी डीहा रानीपुर पकड़िया थाना जहानागंज शामिल रहीं। बैठक में प्रभारी परिवार परामर्श प्रकोष्ठ उ0नि0 महेन्द्र प्रसाद तिवारी, उ0नि0 सत्यनारायण यादव, आरक्षी सुनील कुमार गुप्ता एवं महिला आरक्षी नेहा सिंह उपस्थित1
- खाकी का खौफ खत्म! धड़धड़ाते ट्रैक्टर और गरजते लोडर दे रहे अधिकारियों की मुस्तैदी को चुनौती। अजीत मिश्रा (खोजी) सिद्धार्थनगर: खाकी और प्रशासन की नाक के नीचे 'मिट्टी' में मिल रहा कानून; शोहरतगढ़ में खनन माफिया का नंगा नाच! सिद्धार्थनगर (बस्ती मंडल)। मिट्टी के खेल में 'मलाई' का चक्कर! किसानों की बर्बादी पर क्यों खामोश है तहसील प्रशासन? साहब! आपकी नाक के नीचे लुट रही है धरती मां; क्या शोहरतगढ़ में कानून का राज खत्म हो गया? अवैध खनन या खुली लूट? महमूदवा ग्रांट में माफियाओं के आगे बौना साबित हो रहा प्रशासन। खाकी का खौफ खत्म! धड़धड़ाते ट्रैक्टर और गरजते लोडर दे रहे अधिकारियों की मुस्तैदी को चुनौती। जिले में कानून व्यवस्था को ठेंगे पर रखकर खनन माफियाओं ने अपनी सल्तनत खड़ी कर ली है। ताजा मामला शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम महमूदवा ग्रांट टोला शिवारे का है, जहाँ रात के सन्नाटे से लेकर दिन के उजाले तक धरती का सीना चीरकर अवैध कमाई का काला खेल जारी है। सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में ये 'मिट्टी के सौदागर' बेखौफ होकर सरकारी संपदा और किसानों की मेहनत पर डाका डाल रहे हैं? दिन-रात गरज रहे लोडर, धड़धड़ा रही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां महमूदवा ग्रांट में हालात ये हैं कि बिना किसी वैध अनुमति और कागजी कार्रवाई के मिट्टी का अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है। लोडर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का रेला इस कदर सक्रिय है कि ऐसा लगता है जैसे प्रशासन ने इन्हें खुली छूट दे रखी हो। सड़क पर दौड़ते ये अवैध वाहन न केवल धूल उड़ा रहे हैं, बल्कि नियम-कानून की भी धज्जियां उड़ा रहे हैं। किसानों की बर्बादी पर खामोश है तंत्र स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस अंधाधुंध खनन से खेतों को भारी नुकसान पहुँच रहा है। भूमि का स्वरूप बिगड़ रहा है और पर्यावरण असंतुलन का खतरा मंडराने लगा है। माफिया अपनी जेबें गर्म कर रहे हैं, लेकिन इसका खामियाजा गरीब किसान को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कई बार अपनी आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन उनके हिस्से सिर्फ आश्वासन और अनसुनी ही आई है। प्रशासन की चुप्पी... लापरवाही या मिलीभगत? सबसे बड़ा सवाल शोहरतगढ़ प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर खड़ा होता है। इतनी बड़ी गतिविधि क्या वाकई अधिकारियों की नजर से ओझल है? या फिर 'सुविधा शुल्क' के खेल ने सिस्टम की आंखों पर पट्टी बांध दी है? ग्रामीणों में इस निष्क्रियता को लेकर भारी आक्रोश है। लोग अब खुलकर पूछ रहे हैं कि क्या प्रशासन भी इन माफियाओं के सामने नतमस्तक हो चुका है? "क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है? खेतों को खोखला किया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारी दफ्तरों में चैन की नींद सो रहे हैं। यदि जल्द ही इस पर रोक नहीं लगी, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।" — नाराज ग्रामीण, महमूदवा ग्रांट अब देखना होगा... अब देखना यह है कि जिले के उच्च अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर खनन माफियाओं के हौसले पस्त करते हैं या फिर महमूदवा ग्रांट की मिट्टी यूं ही सरेआम नीलाम होती रहेगी। क्या बाबा का बुलडोजर इन अवैध खनन करने वालों के घरों तक पहुंचेगा, या कार्रवाई के नाम पर सिर्फ छोटी मछलियों को फंसाकर फाइल बंद कर दी जाएगी? ब्यूरो रिपोर्ट, सिद्धार्थनगर।2
- जौनपुर के शाहगंज में साजिद कॉस्मेटिक की गुप्ता गली मार्केट दुकान पर मेकअप और चूड़ियों पर खास छूट मिल रही है। ग्राहक अब रियायती दरों पर सौंदर्य उत्पाद खरीद सकते हैं। जल्द ही, यहाँ सारे सामान थोक दामों पर भी उपलब्ध होंगे।1
- "गड्ढों में तब्दील हुए उपजाऊ खेत: कलवारी में खनन माफियाओं की दबंगई, सड़कों पर लहूलुहान हो रही जनता!" अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती: कलवारी में 'खाकी' और 'खनन' का नापाक गठबंधन, सैफाबाद बना गड्ढों का टापू! ब्यूरो, बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश) "बस्ती में 'मिट्टी' के सौदागर: योगी के जीरो टॉलरेंस को कलवारी पुलिस ने दिखाया ठेंगा, सड़कों पर दौड़ रही मौत!" "साहब की सरपरस्ती या मोटी घूस का असर? आखिर क्यों कलवारी में खनन माफियाओं के आगे नतमस्तक है प्रशासन?" "प्रशांत यादव की खामोशी के पीछे क्या है राज? शिकायत पर माफिया से मुंह छुपा रहे खनन अधिकारी!" "डीएम कृतिका ज्योत्सना का कब चलेगा हंटर? कलवारी पुलिस की नाक के नीचे लुट रहा राजस्व!" "धूल, धुआं और दहशत: सैफाबाद में अवैध खनन ने छीना ग्रामीणों का चैन, डंपरों के पहियों तले दब रहा कानून!" "गड्ढों में तब्दील हुए उपजाऊ खेत: कलवारी में खनन माफियाओं की दबंगई, सड़कों पर लहूलुहान हो रही जनता!" कलवारी (बस्ती)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन कलवारी थाना क्षेत्र के सैफाबाद में खनन माफियाओं ने सरकार की साख को मिट्टी में मिला दिया है। यहाँ अवैध खनन का खेल इस कदर परवान चढ़ रहा है कि उपजाऊ खेत अब जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। सवाल यह है कि आखिर कलवारी एसओ संतोष कुमार की नाक के नीचे चल रहे इस काले कारोबार पर कार्रवाई कब होगी? क्या साहब को भ्रष्टाचार की गंध नहीं आ रही या फिर खामोशी के बदले 'खास' इंतजाम कर दिया गया है? राजस्व को चपत, पर्यावरण का कत्ल सैफाबाद में दिन-रात जेसीबी मशीनें धरती का सीना चाक कर रही हैं। मानक विहीन गहरी खुदाई से न केवल पर्यावरण को अपूरणीय क्षति हो रही है, बल्कि शासन के राजस्व को प्रतिदिन लाखों की चपत लगाई जा रही है। उपजाऊ मिट्टी माफियाओं की तिजोरी भर रही है और किसान अपने भविष्य को गर्त में जाते देख रहे हैं। सड़कों पर मौत का तांडव, धूल फांकती जनता मिट्टी लदे ओवरलोड वाहन कलवारी की सड़कों पर काल बनकर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों से उड़ती धूल ने राहगीरों का दम घोंट दिया है, वहीं आए दिन हो रहे एक्सीडेंट्स ने मासूमों की जान जोखिम में डाल दी है। ताज्जुब की बात यह है कि कलवारी चौराहे से हर 30 मिनट पर अवैध मिट्टी लदे वाहन गुजरते हैं, लेकिन 'तेजतर्रार' कहे जाने वाले एसओ संतोष कुमार की नजरें शायद इन बड़े डंपरों को देखने में असमर्थ हैं। खनन अधिकारी की भूमिका पर गंभीर सवाल शिकायतों के बावजूद खनन अधिकारी प्रशांत यादव का रवैया संदेहास्पद बना हुआ है। आरोप है कि उनके संरक्षण में ही यह काला कारोबार फल-फूल रहा है। जब भी शिकायत होती है, साहब माफियाओं पर कार्रवाई करने के बजाय उनसे मुंह छुपाते फिरते हैं। क्या प्रशांत यादव का पद केवल माफियाओं को क्लीन चिट देने के लिए है? क्या डीएम कृतिका ज्योत्सना का होगा हंटर? कलवारी पुलिस और खनन विभाग के इस गठबंधन ने माफियाओं के हौसले इतने बुलंद कर दिए हैं कि अब वे दबंगई पर उतारू हैं। पुलिस का 'खौफ' अब केवल कागजों तक सीमित रह गया है। बड़ा सवाल: थाना क्षेत्र में अवैध खनन रोकने में पूरी तरह फेल साबित हो रहे एसओ कलवारी पर जिले की तेजतर्रार डीएम कृतिका ज्योत्सना कब एक्शन लेंगी? क्या इन 'कुंभकर्णी' नींद में सोए अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी या फिर सैफाबाद की मिट्टी के साथ-साथ कानून भी ऐसे ही नीलाम होता रहेगा? "खाकी का संरक्षण, माफिया का राज; सैफाबाद में हो रहा कुदरत का चीरहरण!" "मिट्टी में मिला कानून: कलवारी चौराहे से गुजरते अवैध डंपर, 'अंधे' बने जिम्मेदार!"2
- किसान यूनियन लोक शक्ति के सहजनवा विधानसभा प्रभारी आलोक कुमार पांडेय ने मातृ दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने सभी माताओं और देशवासियों को हार्दिक बधाई दी।1
- संत कबीर नगर में नशे की हालत में सड़क किनारे गिरे एक युवक को अंगद यादव और मनीष पांडे ने अस्पताल पहुंचाया। सिर में गंभीर चोट लगने और खून बहने पर युवाओं ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर उसकी मदद की। स्थानीय लोगों ने उनके इस मानवीय कार्य की खूब प्रशंसा की।1