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पहली पत्नी को छोड़कर पति ने किया दूसरी लड़की से शादी #amarnathsdk #shortsviral #viralshort
RC NEWS AAP KI AWAAZ
पहली पत्नी को छोड़कर पति ने किया दूसरी लड़की से शादी #amarnathsdk #shortsviral #viralshort
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- संतकबीरनगर । जनपद संतकबीरनगर स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में गोरखपुर जोन की तृतीय अन्तरजनपदीय पुलिस कबड्डी क्लस्टर (महिला/पुरुष) प्रतियोगिता वर्ष-2026 का शुभारम्भ शनिवार को अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह द्वारा फीता काटकर किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन के निर्देशन में किया गया है। प्रतियोगिता 11 अप्रैल से 14 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएगी, जिसमें कबड्डी, जिम्नास्टिक, फेंसिंग एवं खो-खो जैसी खेल विधाओं में विभिन्न जनपदों के खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। उद्घाटन अवसर पर गुब्बारे उड़ाकर प्रतियोगिता के औपचारिक शुभारम्भ की घोषणा की गई। अपर पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न जनपदों से आए खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं पुलिस बल में शारीरिक दक्षता के साथ-साथ आपसी समन्वय और अनुशासन को भी सुदृढ़ करती हैं। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी लाइन्स अमित कुमार, क्षेत्राधिकारी मेहदावल सर्वदवन सिंह, प्रतिसार निरीक्षक रामबली यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।1
- भोजपुरी सिनेमा में धूम: “सईंया हमर धनवान बा” में दरोगा राघवेंद्र त्रिपाठी का जबरदस्त एक्शन भोजपुरी फिल्म सईंया हमर धनवान बा इन दिनों दर्शकों के बीच खासा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस फिल्म में यूपी पुलिस के दरोगा राघवेंद्र त्रिपाठी ने अपने दमदार एक्शन और प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया है। फिल्म में राघवेंद्र त्रिपाठी का किरदार न्याय और बहादुरी की मिसाल पेश करता है। उनकी एंट्री से लेकर क्लाइमेक्स तक हर सीन में जोश, जुनून और देशभक्ति की झलक साफ दिखाई देती है। खास बात यह है कि एक वास्तविक पुलिस अधिकारी होने के नाते उनके एक्शन और संवादों में वास्तविकता का अद्भुत समावेश देखने को मिलता है। दर्शक फिल्म के एक्शन सीक्वेंस, दमदार डायलॉग और कहानी की सराहना कर रहे हैं। “सईंया हमर धनवान बा” न सिर्फ मनोरंजन करती है, बल्कि समाज में न्याय और साहस का संदेश भी देती है। भोजपुरी सिनेमा प्रेमियों के लिए यह फिल्म एक शानदार तोहफा है, जिसमें एक असली दरोगा की असली दमदारी बड़े पर्दे पर देखने को मिल रही है।1
- Post by RC NEWS AAP KI AWAAZ1
- आज दिनांक 11.04.2026 को अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह द्वारा थाना कोतवाली खलीलाबाद का किया गया औचक निरीक्षण । निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, कार्यालय, अभिलेखों एवं पुलिस कार्यप्रणाली का गहनता से अवलोकन किया गया । निरीक्षण के क्रम में थाना कार्यालय में रखे अभिलेखों, अपराध रजिस्टर, महिला हेल्प डेस्क, पिंक बूथ, मालखाना, हवालात, शस्त्रागार तथा सीसीटीएनएस कार्यों की समीक्षा की गई। अभिलेखों के रख-रखाव को व्यवस्थित रखने एवं लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। थाना परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था एवं आगंतुकों के साथ व्यवहार का भी निरीक्षण किया गया तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को अनुशासन बनाए रखने एवं आमजन के साथ विनम्र व्यवहार करने हेतु निर्देशित किया गया । इस दौरान महिला सुरक्षा के दृष्टिगत पिंक बूथ एवं महिला हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया साथ ही, बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। महोदय द्वारा थाना स्टाफ को सतर्कता, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने तथा जनसमस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया । इस दौरान व0 उ0नि0 प्रमोद कुमार यादव, सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।3
- Post by Ramnath chauhan1
- खलीलाबाद/संत कबीर नगर: जिले में सामाजिक समरसता और महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से द्वाबा बाग में गुहाराज निषाद एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। इस आयोजन का नेतृत्व जिला उपाध्यक्ष रामाशीष जी द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्रीय नागरिक बड़ी संख्या में भाग लेंगे। आयोजन के दौरान महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके विचारों को स्मरण किया जाएगा तथा समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया जाएगा।जिला उपाध्यक्ष रामाशीष जी ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में एकता और भाईचारे की भावना मजबूत होती है तथा युवाओं को महापुरुषों के आदर्शों से प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं।1
- Post by Vipin Rai Journalist1
- कहानी की शुरुआत एक जगह से होती है जहाँ पुजारी जी और उनकी पत्नी रहती है दोनों का स्वर्गवास हो चूका है उनकी एक बेटी और एक लड़का है लड़का बहुत सीधा भोला थोड़ा सा मंदबुद्धि होता है और बहन ठीक होती है यह दोनों पुजारी जी के मरने के बाद मंदिर पर साफ सफाई व पूजा पाठ करते हैं और इस मंदिर पर जो चढ़ावा चढ़ता है उससे इनका खर्च चलता है मंदिर ही इनका घर होता है भाई मंदबुद्धि लापरवाह है उसको कुछ भी पता नहीं है वह छोटे-छोटे बच्चों के साथ खेलता कूदता रहता है और बहन मेहनत मजबूरी करके अपना और अपने भाई का जीवन यापन करती है और मंदिर की सफाई भी करती है लेकिन इसमें बड़ा यह है कि बहन दुनिया में सबसे ज्यादा अगर किसी को भगवान से ऊपर हो कर मानती है तो वह अपने भाई को और वह उसके लिए कुछ भी कर सकती है एक माँ की तरह उसको डांटती व डंडा लेकर इधर उधर खोजती है इधर भाई को सीधा भोला देखकर गांव की औरतें गांव के लोग उससे मेहनत मजदुरी कर लेते पर कुछ भी देते नहीं है भाई बहन मे बहुत प्यार है दोनों मे हंसी मजाक का सीन चलता रहता है और अच्छे से जीवन यापन हो रहा होता है और उसी गांव में एक बिजली नाम की लड़की है जो हीरो को भोला भाला देख प्यार कर बैठती है और मन ही मन उसको अपना पति मानती है मगर दोनों जब भी मिलते हैं तो 36 का आंकड़ा चलता रहता दोनों लड़ते झगड़ते रहते हैं अचानक एक दिन बहन चक्कर खाकर गिर जाती तो बिजली बहन को हॉस्पिटल लेकर जाती है वहां डॉक्टर बोलता है की यह मां बनने वाली है बिजली सोचती है बिना शादीशुदा ही माँ बन गई तो डॉक्टर से बच्चा गिराने को बोलती है डॉक्टर बोलता है कि 4 महीने से ऊपर का बच्चा हो चुका है अब यह गिराया नहीं जा सकता और बहन भी कहती कि नहीं मैं इस बच्चे को गिराऊंगी नहीं बच्चे को मैं जन्म दूंगी अब यह बात गांव के लोग मे फैलने लगती है गांव के लोग कहते हैं यह हमारे गांव को भ्रष्ट कर देगी मंदिर पर पूजा करने लायक नहीं है इसको मंदिर से हटा दिया जाता है और गांव से भी निकाल दिया जाता है और और ये लोग जहाँ जाते है गांव के लोग पत्थर मारते हैं बहन अपने भाई को प्यार करना काम नहीं करती है क्योंकि भाई कोई ये सब बातें नहीं पता है लेकिन बिजली इसका पता लगाने के लिए बहन को पउसके भाई का कसम देती है कि तुम सच-सच बताओ कि बच्चा किसका है तब बहन कहती है कि इस गांव में जो ठाकुर है उन्हीं के लड़के का यह बच्चा है उन्होंने हमको प्यार का झांसा दे शादी करने को कहाँ और ये सब हो गया उसके बाद जब मैंने ठाकुर के लडके से कहाँ मै तुम्हारे बच्चें की माँ बनने वाली हूँ तो वह पलट गया और उसके बाद लड़की उनके घर गई है और वहां से लोग इसको मार के भगा देते हैं और वहां ठाकुर का बेटा धमकी देता है कि अगर तुमने नाम मेरा कहीं भी लिया तो तुम्हारे पगलेट भाई को हम जान से मार देंगे इस डर से वह और अपने भाई की जान बचाने के लिए दुनिया के ताने सुनती है मगर उसका नाम नहीं लेती है फिर बिजली का दिमाग काम करता है और वह हीरो से कहती है की जाओ तुम ठाकुर के लडके को लेकर यहां आओ हीरो रात में ठाकुर के घर जाता है और वहां ठाकुर के लोग इसको बहुत मारते है और भगा देते हैं फिर बिजली समझती है कि तुम अगर मार से डरोगे तो तुम्हारी बहन की इज्जत नहीं बचेगी इसलिए फिर यह रात मे जाता है और ठाकुर के लड़के को उठा कर ले आता है फिर पंडित को बुला रात में जबरदस्ती बहन से इससे शादी करा देता है ठाकुर का लड़का लड़की से सर्थ रखता है कि मैं तुम्हें तो ले चलूंगा पर तुम्हारे इस पगलेट भाई को नहीं बिजली के समझाने पर पगलेट को छोड़कर उसकी बहन जाने को तैयार हो जाती है फिर यहां भाई को खाना बनाने आता नहीं है अब बहन की विदाई होती है उसमें बड़ा मार्मिक दृश्य होता है फिर ऐसे ही कहानी आगे बढ़ती है और उसके बाद अंत में जब ठाकुर को यह पता चलता है कि मेरे लड़के ने शादी कर ली और उसका एक बच्चा भी होने वाला है तो ठाकुर सोचता है कि अगर यह बच्चा पैदा हो गया तो मेरे पूरे जायदाद का वारिस हो जाएगा तो वह कोशिश करता है कि बच्चें की माँ को ही मार देते हैं सारे फसाद खत्म हो जायेगा और उसे बीच में ऐसा होता है लड़की को अपने भाई की बहुत याद आती है की मेरा भाई भूखे और अकेले होगा वह भाग कर अपने भाई के पास जाती है और भाई को पकड़ कर रोने लगती है बच्चा पेट में होने के कारण गांव के लोग इसके भाई का ही बच्चा है बोल बोल कर ताना मारते है तबतक ठाकुर के आदमी वहाँ पहुंच कर लड़की को जान से मारने के लिए तलवार से हमला करते है तभी उसका भाई ठाकुर के आदमियों से लडता है और बहन को बचा लेता और तलवार लड़के को लग जाती है उधर बहन बच्चें को जन्म देती है और इधर भाई की मृत्यु हो जाती है बहन चिल्ला चिल्ला कर रोती है और कहती है की भईया तुमने मेरे कोख से जन्म लेकर मेरे कोख को पवित्र कर दिया है आज खलीलाबाद मे सुरभि माधव इंटरटेटमेंट के बैनर तले बनने वाली ZIFC म्यूजिक धीरेन्द्र मनी त्रिपाठी,संजय सिँह की प्रस्तुति *भोजपुरी फ़िल्म - बहन की शादी* जो की एक ऐसी भाई बहन के अटूट अथाह प्यार पर आधारित साफ सुथरी कहानी है जिसका आज भव्य मुहर्त सपन्न हुआ निर्माता - डॉ बी.एम. राय निर्देशक - धीरज श्रीवास्तव "प्रिंस " म्यूजिक डायरेक्टर - साजन मिश्रा क्रिएटिव डायरेक्टर - सतेंद्र त्रिपाठी राइटर - पीयूष श्रीवास्तव कैमरा मैंन - योगेश साहनी म्यूजिक ऑन - ZIFC म्यूजिक मार्केटिंग हेड - प्रमोद कुमार PRO - अरविंद मौर्या (ZIFC म्यूजिक),रामचंद्र यादव स्टार कस्ट - माधव कुमार राय, चांदनी सिंह,मनीषा यादव,संतोष श्रीवास्तव,रागनी यादव,मनोज माही,अविनाश कुमार आदि1