हमारे देश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी हो सकती है, लेकिन बाबाओं की नहीं। अजय नाम का लड़का बाबा बनकर बैठ गया है, लोग अर्जी भी लगा रहे हैं। हमारे देश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी हो सकती है, लेकिन बाबाओं की नहीं। अजय नाम का लड़का बाबा बनकर बैठ गया है, लोग अर्जी भी लगा रहे हैं। छतरपुर, मध्य प्रदेश ll हनुमान टोरिया क्षेत्र का मामला ll छतरपुर के अजय बाबा का यह मामला मुख्य रूप से हनुमान टोरिया क्षेत्र और उसके आस-पास के मोहल्लों से जुड़ा है। सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, अजय नाम के इस युवक ने खुद को 'बाबा' घोषित कर लोगों की समस्याएं सुलझाने का दावा किया है। घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी इस प्रकार है: अर्जी और दरबार: यह बाबा छतरपुर शहर के पठापुर रोड या हनुमान टोरिया जैसे इलाकों में सक्रिय बताया गया है, जहाँ लोग अपनी अर्जी लेकर पहुँच रहे हैं। संदर्भ: इस मामले की तुलना अक्सर छतरपुर के ही प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री से की जा रही है, जिसके कारण स्थानीय प्रशासन और सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी बनाम अंधविश्वास को लेकर बहस छिड़ गई है। प्रशासनिक स्थिति: छतरपुर के जिला अस्पताल में डॉक्टरों और सुविधाओं की कमी के बीच ऐसे 'स्वयंभू बाबाओं' के उभरने पर लोग कटाक्ष कर रहे हैं ll
हमारे देश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी हो सकती है, लेकिन बाबाओं की नहीं। अजय नाम का लड़का बाबा बनकर बैठ गया है, लोग अर्जी भी लगा रहे हैं। हमारे देश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी हो सकती है, लेकिन बाबाओं की नहीं। अजय नाम का लड़का बाबा बनकर बैठ गया है, लोग अर्जी भी लगा रहे हैं। छतरपुर, मध्य प्रदेश ll हनुमान टोरिया क्षेत्र का मामला ll छतरपुर के अजय बाबा का यह मामला मुख्य रूप से हनुमान टोरिया क्षेत्र और उसके आस-पास के मोहल्लों से जुड़ा है। सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, अजय नाम के इस युवक ने खुद को 'बाबा' घोषित कर लोगों की समस्याएं सुलझाने का दावा किया है। घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी इस प्रकार है: अर्जी और दरबार: यह बाबा छतरपुर शहर के पठापुर रोड या हनुमान टोरिया जैसे इलाकों में सक्रिय बताया गया है, जहाँ लोग अपनी अर्जी लेकर पहुँच रहे हैं। संदर्भ: इस मामले की तुलना अक्सर छतरपुर के ही प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री से की जा रही है, जिसके कारण स्थानीय प्रशासन और सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी बनाम अंधविश्वास को लेकर बहस छिड़ गई है। प्रशासनिक स्थिति: छतरपुर के जिला अस्पताल में डॉक्टरों और सुविधाओं की कमी के बीच ऐसे 'स्वयंभू बाबाओं' के उभरने पर लोग कटाक्ष कर रहे हैं ll
- हमारे देश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी हो सकती है, लेकिन बाबाओं की नहीं। अजय नाम का लड़का बाबा बनकर बैठ गया है, लोग अर्जी भी लगा रहे हैं। छतरपुर, मध्य प्रदेश ll हनुमान टोरिया क्षेत्र का मामला ll छतरपुर के अजय बाबा का यह मामला मुख्य रूप से हनुमान टोरिया क्षेत्र और उसके आस-पास के मोहल्लों से जुड़ा है। सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, अजय नाम के इस युवक ने खुद को 'बाबा' घोषित कर लोगों की समस्याएं सुलझाने का दावा किया है। घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी इस प्रकार है: अर्जी और दरबार: यह बाबा छतरपुर शहर के पठापुर रोड या हनुमान टोरिया जैसे इलाकों में सक्रिय बताया गया है, जहाँ लोग अपनी अर्जी लेकर पहुँच रहे हैं। संदर्भ: इस मामले की तुलना अक्सर छतरपुर के ही प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री से की जा रही है, जिसके कारण स्थानीय प्रशासन और सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी बनाम अंधविश्वास को लेकर बहस छिड़ गई है। प्रशासनिक स्थिति: छतरपुर के जिला अस्पताल में डॉक्टरों और सुविधाओं की कमी के बीच ऐसे 'स्वयंभू बाबाओं' के उभरने पर लोग कटाक्ष कर रहे हैं ll1
- एंकर/- दमोह जिले के मगरोन थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले बेली गांव में शुक्रवार दोपहर गैस सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। जिसमें तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए जबकि एक मकान धराशाई हो गया। घटना के समय घर में कोई नहीं था। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना बेली गांव निवासी खरगराम अहिरवार के घर में हुई जहां घरेलू गैस सिलेंडर अचानक फट गया। घटना के बाद गांव में अफरा तफरी मच गई।1
- कलेक्टर श्री कोचर ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ट्रांसफार्मर (DP) पर चढ़े एक व्यक्ति को समझाइश देकर सुरक्षित नीचे उतारा गया। उक्त व्यक्ति व्यक्तिगत समस्या के समाधान हेतु मिलना चाहते थे, किंतु नशे की स्थिति के कारण मुलाकात नहीं हो पाई। प्रशासन द्वारा उनसे संवाद कर उनका आवेदन प्राप्त किया गया एवं आवश्यक सहायता प्रदान की गई। नियम अनुसार प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- छतरपुर जिले के ओरछा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धोरी में स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल के हेडमास्टर संजीव कुमार चतुर्वेदी पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हेडमास्टर द्वारा एक बच्चे के साथ "बैड टच" किया गया, जिससे गांव में आक्रोश फैल गया। आरोप सामने आने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंचे और हंगामा करने लगे। और संजीव कुमार चतुर्वेदी के साथ मारपीट करने लगे। बताया जा रहा है कि स्थिति बिगड़ती देख हेडमास्टर ने स्वयं पुलिस को सूचना मिलते ही ओरछा, थाना पुलिस मौके पर बहुची और हेडमास्टर को पुलिस थान ले आई। इसके बाद एक ट्रैक्टर में भरकर ग्रामीण भी थाने पहुंच गए, जहां रात करीब आठ बजे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। ग्रामीणों ने हेडमास्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मेडिकल व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति का माहौल है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी1
- हटा थाना क्षेत्र के कांटी बस स्टैंड पर दिनदहाड़े बस ऑपरेटर और उसके साथियों द्वारा युवक पर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री श्रुतकीर्ति सोमवंशी और टीआई सुधीर कुमार बेगी के नेतृत्व में टीम ने घेराबंदी कर यह सफलता हासिल की।1
- Post by Vikas Soni1
- छत्रसाल चौराहा पर हिंदूवादी युवाओं ने दामोदर यादव का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने 1 मार्च को प्रस्तावित दामोदर यादव की सभा का कड़ा विरोध जताया। युवाओं का कहना है कि वे उक्त सभा का विरोध जारी रखेंगे। मौके पर कुछ देर के लिए माहौल गरमाया रहा, हालांकि स्थिति नियंत्रण में रही। पुलिस प्रशासन भी एहतियातन मौजूद रहा।1
- हमारे देश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी हो सकती है, लेकिन बाबाओं की नहीं। अजय नाम का लड़का बाबा बनकर बैठ गया है, लोग अर्जी भी लगा रहे हैं। छतरपुर, मध्य प्रदेश ll हनुमान टोरिया क्षेत्र का मामला ll छतरपुर के अजय बाबा का यह मामला मुख्य रूप से हनुमान टोरिया क्षेत्र और उसके आस-पास के मोहल्लों से जुड़ा है। सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, अजय नाम के इस युवक ने खुद को 'बाबा' घोषित कर लोगों की समस्याएं सुलझाने का दावा किया है। घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी इस प्रकार है: अर्जी और दरबार: यह बाबा छतरपुर शहर के पठापुर रोड या हनुमान टोरिया जैसे इलाकों में सक्रिय बताया गया है, जहाँ लोग अपनी अर्जी लेकर पहुँच रहे हैं। संदर्भ: इस मामले की तुलना अक्सर छतरपुर के ही प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री से की जा रही है, जिसके कारण स्थानीय प्रशासन और सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी बनाम अंधविश्वास को लेकर बहस छिड़ गई है। प्रशासनिक स्थिति: छतरपुर के जिला अस्पताल में डॉक्टरों और सुविधाओं की कमी के बीच ऐसे 'स्वयंभू बाबाओं' के उभरने पर लोग कटाक्ष कर रहे हैं ll1