हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राजधानी शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित कांग्रेस सेवा दल के राज्य अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। अधिवेशन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सेवा दल वर्षों से कांग्रेस संगठन को मजबूत करने का काम कर रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं से संवाद करना और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा करना है। अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ हुए कथित व्यवहार पर सवाल उठाते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी NEET अभ्यर्थियों के समर्थन में पहुंचे थे और यदि कोई स्थिति उत्पन्न हुई थी, तो उसे बातचीत के माध्यम से सुलझाया जा सकता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन हर राजनीतिक दल और विपक्ष का अधिकार है। यदि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की अनुमति नहीं होगी, तो इससे लोकतंत्र की भावना कमजोर होगी। NEET पेपर लीक मामले पर बोलते हुए सुक्खू ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों के समर्थन में पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राजधानी शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित कांग्रेस सेवा दल के राज्य अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। अधिवेशन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सेवा दल वर्षों से कांग्रेस संगठन को मजबूत करने का काम कर रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं से संवाद करना और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा करना है। अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ हुए कथित व्यवहार पर सवाल उठाते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी NEET अभ्यर्थियों के समर्थन में पहुंचे थे और यदि कोई स्थिति उत्पन्न हुई थी, तो उसे बातचीत के माध्यम से सुलझाया जा सकता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन हर राजनीतिक दल और विपक्ष का अधिकार है। यदि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की अनुमति नहीं होगी, तो इससे लोकतंत्र की भावना कमजोर होगी। NEET पेपर लीक मामले पर बोलते हुए सुक्खू ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों के समर्थन में पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
- पीड़ित माता-पिता भलाई मंच ने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी मांगों और चिंताओं को सार्वजनिक किया है। मंच ने बुजुर्गों के साथ होने वाले उत्पीड़न, उपेक्षा और कानूनी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार और समाज दोनों से प्रभावी कदम उठाने की अपील की। इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक जीवन को सुनिश्चित करने और उनके अधिकारों की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।1
- पंचकूला के सेक्टर-25 में सिस्टम की लापरवाही की एक तस्वीर सामने आई है, जहाँ सड़क की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि स्थानीय बुजुर्गों को खुद ही फावड़ा उठाकर गड्ढे भरने पड़ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग सिर्फ फोटो-ऑप तक सीमित रह गया है, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो रहा है। सड़क सुधारने के लिए बुजुर्गों के मैदान में उतरने के बाद अब प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। इस स्थिति ने व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि यह विकास है या लापरवाही, और आखिर जनता कब तक खुद ही व्यवस्था संभालती रहेगी।1
- पंचकुला में राकेश गोयल ने 20 से अधिक विद्यार्थियों की मदद कर सभी का दिल जीत लिया है। उन्हें केवल एक नेता के रूप में ही नहीं, बल्कि इंसानियत के सच्चे प्रहरी के रूप में देखा जा रहा है। छात्रों की सहायता के लिए आगे आए राकेश गोयल के इस सराहनीय कदम की हर तरफ चर्चा हो रही है।1
- दिल्ली के अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक से भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मुलाकात की। गृह मंत्रालय की ओर से लद्दाख की मांगों को लेकर सकारात्मक रुख दिखाए जाने और औपचारिक बातचीत का आश्वासन मिलने के बाद वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है।1
- दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद सियासत गरमा गई है। इसी मुद्दे को लेकर आज हिमाचल प्रदेश के शिमला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान करीब 1 घंटे तक कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने खड़े होकर नारेबाजी करते रहे। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कांग्रेस संगठन महासचिव विनोद ज़िंटा और पार्टी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि देश में बीजेपी सरकार बनने के बाद से लगातार पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं। जब छात्रों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो केंद्र सरकार ने उन पर लाठियां भांजी। कांग्रेस ने कहा कि वह छात्रों के साथ खड़ी है और बीजेपी कार्यालय का घेराव कर केंद्र सरकार को चेताने की कोशिश की गई है ताकि छात्रों को न्याय मिले और पेपर लीक माफिया को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई करने के बजाय निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज करना बीजेपी की तानाशाही है और यह बेहद निंदनीय है। वहीं, भाजपा विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से अराजकता का माहौल है और सरकार के संरक्षण में कानून को हाथ में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस ने बीजेपी कार्यालय का घेराव किया, जिसका भाजपा ने उसी भाषा में मुंह तोड़ जवाब दिया है। प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार का दायित्व है, लेकिन सरकार के संरक्षण में ही कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है।3
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चंडीगढ़ के सेक्टर-17 प्लाजा में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया है। इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र, छात्राएं और उनके अभिभावक भी शामिल हुए, जिन्होंने सेक्टर-17 प्लाजा में एकत्र होकर अपनी आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा भी गरमाया रहा। इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया।1
- आम जनता ने अपनी ताकत का अहसास कराते हुए चेतावनी दी है कि वे ताज पहना भी सकते हैं और उसे उतार भी सकते हैं। आम जनता की आवाज को बुलंद करते हुए कहा गया है कि साधारण नागरिक कुछ भी करने में सक्षम हैं। इस बात से सहमति रखने वाले लोगों से इस संदेश को ज्यादा से ज्यादा लाइक और शेयर करने की अपील भी की गई है।1
- ब्रो क्षेत्र में कथित तौर पर अवैध शराब और भांग के कारोबार को लेकर स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष व्याप्त है। व्यापारियों का आरोप है कि सड़कों पर नशे में बेसुध लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे आम लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। व्यापारियों ने दावा किया है कि इस संबंध में कई बार पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। व्यापारियों ने प्रशासन से अवैध नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई कर क्षेत्र को सुरक्षित बनाने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की संबंधित प्रशासन या पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1