दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद सियासत गरमा गई है। इसी मुद्दे को लेकर आज हिमाचल प्रदेश के शिमला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान करीब 1 घंटे तक कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने खड़े होकर नारेबाजी करते रहे। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कांग्रेस संगठन महासचिव विनोद ज़िंटा और पार्टी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि देश में बीजेपी सरकार बनने के बाद से लगातार पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं। जब छात्रों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो केंद्र सरकार ने उन पर लाठियां भांजी। कांग्रेस ने कहा कि वह छात्रों के साथ खड़ी है और बीजेपी कार्यालय का घेराव कर केंद्र सरकार को चेताने की कोशिश की गई है ताकि छात्रों को न्याय मिले और पेपर लीक माफिया को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई करने के बजाय निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज करना बीजेपी की तानाशाही है और यह बेहद निंदनीय है। वहीं, भाजपा विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से अराजकता का माहौल है और सरकार के संरक्षण में कानून को हाथ में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस ने बीजेपी कार्यालय का घेराव किया, जिसका भाजपा ने उसी भाषा में मुंह तोड़ जवाब दिया है। प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार का दायित्व है, लेकिन सरकार के संरक्षण में ही कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है।
दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद सियासत गरमा गई है। इसी मुद्दे को लेकर आज हिमाचल प्रदेश के शिमला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान करीब 1 घंटे तक कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने खड़े होकर नारेबाजी करते रहे। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कांग्रेस संगठन महासचिव विनोद ज़िंटा और पार्टी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि देश में बीजेपी सरकार बनने के बाद से लगातार पेपर लीक के
मामले सामने आ रहे हैं। जब छात्रों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो केंद्र सरकार ने उन पर लाठियां भांजी। कांग्रेस ने कहा कि वह छात्रों के साथ खड़ी है और बीजेपी कार्यालय का घेराव कर केंद्र सरकार को चेताने की कोशिश की गई है ताकि छात्रों को न्याय मिले और पेपर लीक माफिया को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई करने के बजाय निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज करना बीजेपी की तानाशाही है और यह बेहद निंदनीय है। वहीं, भाजपा विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने कांग्रेस
पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से अराजकता का माहौल है और सरकार के संरक्षण में कानून को हाथ में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस ने बीजेपी कार्यालय का घेराव किया, जिसका भाजपा ने उसी भाषा में मुंह तोड़ जवाब दिया है। प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार का दायित्व है, लेकिन सरकार के संरक्षण में ही कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है।
- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राजधानी शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित कांग्रेस सेवा दल के राज्य अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। अधिवेशन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सेवा दल वर्षों से कांग्रेस संगठन को मजबूत करने का काम कर रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं से संवाद करना और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा करना है। अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ हुए कथित व्यवहार पर सवाल उठाते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी NEET अभ्यर्थियों के समर्थन में पहुंचे थे और यदि कोई स्थिति उत्पन्न हुई थी, तो उसे बातचीत के माध्यम से सुलझाया जा सकता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन हर राजनीतिक दल और विपक्ष का अधिकार है। यदि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की अनुमति नहीं होगी, तो इससे लोकतंत्र की भावना कमजोर होगी। NEET पेपर लीक मामले पर बोलते हुए सुक्खू ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों के समर्थन में पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है।1
- बिलासपुर जिला में बरसात के कारण अब तक लगभग 20 करोड़ रूपये के नुकसान का आकलन किया गया है। उपायुक्त राहुल कुमार ने जानकारी दी कि इसमें सबसे ज्यादा क्षति लोक निर्माण विभाग को पहुंची है, जिसका लगभग 19.05 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त जलशक्ति विभाग का लगभग 66 लाख रुपये, शिक्षा विभाग का लगभग 30 लाख रुपये और विद्युत बोर्ड का लगभग 2 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। बरसात की वजह से लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 1 सड़क बंद है, जिसे खोलने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही प्रभावित पेयजल आपूर्ति योजनाओं की बहाली के लिए भी जलशक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। भू-स्खलन के लिहाज से संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उपायुक्त ने लोगों से अपील की है कि भारी बरसात के दौरान बहुत जरूरी न होने पर घर से बाहर न निकलें और अपनी यात्राएं स्थगित रखें। बरसात के दौरान सर्पदंश और नदी-नालों या झील के किनारे डूबने की घटनाओं को देखते हुए भी प्रशासन ने एहतियात बरतने को कहा है। सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाने और नदी-नालों से उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। लोग यात्रा से पहले जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से मौसम और सड़कों की अद्यतन जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना होने पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- हिमाचल प्रदेश के बद्दी डायमंड इंडस्ट्री से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ एक ग्राहक ने Khaitan के डिस्ट्रीब्यूटर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्राहक का आरोप है कि डिस्ट्रीब्यूटर पिछले 4 महीनों से उसके खराब प्रोडक्ट को बदलने से लगातार इनकार कर रहा है। इस पूरे विवाद के बीच ग्राहक और डिस्ट्रीब्यूटर के बीच हुई बातचीत की एक रिकॉर्डिंग भी सामने आई है। 4 महीने तक प्रोडक्ट न बदले जाने को लेकर ग्राहक की पूरी शिकायत और सामने आई रिकॉर्डिंग के बाद अब पीड़ित को न्याय मिलने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- पंचकूला में पीड़ित माता-पिता भलाई मंच ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया। इस दौरान मंच की ओर से अपनी अहम मांगों को प्रमुखता के साथ उठाया गया है।1
- पंचकूला के रामगढ़ क्षेत्र में पुलिस ने नशे के खिलाफ विशेष कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाते हुए स्निफर डॉग की मदद से संदिग्ध ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के जरिए पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशा तस्करी और नशे के कारोबार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। इसके साथ ही पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत 7087081100 या 7087081048 पर दें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।1
- राजधानी शिमला में मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी और एसएफआई (SFI) कार्यकर्ताओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई और दोनों पक्षों में हल्की धक्कामुक्की हुई। एक ओर भाजपा कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं कुछ ही दूरी पर एसएफआई कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। इसी दौरान एसएफआई कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर बढ़ने लगे, जिससे दोनों गुट आमने-सामने आ गए। मौके पर तैनात पुलिस ने तुरंत बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। स्थिति सामान्य होने के बाद दोनों संगठन अपने-अपने तय स्थानों पर प्रदर्शन करते रहे। घटना के बाद भाजपा ने एसएफआई पर माहौल बिगाड़ने का गंभीर आरोप लगाया। भाजपा नेताओं का कहना है कि वे उपायुक्त कार्यालय से पूर्व अनुमति लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि एसएफआई कार्यकर्ताओं के पास प्रदर्शन की कोई अनुमति नहीं थी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश पुलिस की जिम्मेदारी एसएफआई कार्यकर्ताओं को उनके स्थल पर ही रोकने की थी, लेकिन पुलिस की ढिलाई के कारण दोनों पक्ष आमने-सामने आए और धक्कामुक्की हुई। दूसरी तरफ, एसएफआई और वामपंथी कार्यकर्ताओं ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। सीटू नेता विजेंद्र मेहरा ने कहा कि एसएफआई कार्यकर्ता युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर कई दिनों से धरने पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली प्रदर्शन के दौरान सादी वर्दी में डंडे और पत्थर चलाने वाले लोग भाजपा व आरएसएस से जुड़े थे और अब शिमला में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने माहौल बिगाड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि इस घटना से भाजपा और आरएसएस का छात्र-विरोधी चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है।3
- हिमाचल प्रदेश के रामपुर में एसएफआई इकाई ने बारिश के बीच जोरदार प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिमला में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों पर भाजपा और आरएसएस द्वारा किए गए कथित हमले की कड़ी निंदा की।1