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हिमाचल प्रदेश के रामपुर में एसएफआई इकाई ने बारिश के बीच जोरदार प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिमला में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों पर भाजपा और आरएसएस द्वारा किए गए कथित हमले की कड़ी निंदा की।
Dev Raj Thakur
हिमाचल प्रदेश के रामपुर में एसएफआई इकाई ने बारिश के बीच जोरदार प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिमला में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों पर भाजपा और आरएसएस द्वारा किए गए कथित हमले की कड़ी निंदा की।
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- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राजधानी शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित कांग्रेस सेवा दल के राज्य अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। अधिवेशन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सेवा दल वर्षों से कांग्रेस संगठन को मजबूत करने का काम कर रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं से संवाद करना और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा करना है। अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ हुए कथित व्यवहार पर सवाल उठाते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी NEET अभ्यर्थियों के समर्थन में पहुंचे थे और यदि कोई स्थिति उत्पन्न हुई थी, तो उसे बातचीत के माध्यम से सुलझाया जा सकता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन हर राजनीतिक दल और विपक्ष का अधिकार है। यदि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की अनुमति नहीं होगी, तो इससे लोकतंत्र की भावना कमजोर होगी। NEET पेपर लीक मामले पर बोलते हुए सुक्खू ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों के समर्थन में पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है।1
- बिलासपुर जिला में बरसात के कारण अब तक लगभग 20 करोड़ रूपये के नुकसान का आकलन किया गया है। उपायुक्त राहुल कुमार ने जानकारी दी कि इसमें सबसे ज्यादा क्षति लोक निर्माण विभाग को पहुंची है, जिसका लगभग 19.05 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त जलशक्ति विभाग का लगभग 66 लाख रुपये, शिक्षा विभाग का लगभग 30 लाख रुपये और विद्युत बोर्ड का लगभग 2 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। बरसात की वजह से लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 1 सड़क बंद है, जिसे खोलने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही प्रभावित पेयजल आपूर्ति योजनाओं की बहाली के लिए भी जलशक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। भू-स्खलन के लिहाज से संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उपायुक्त ने लोगों से अपील की है कि भारी बरसात के दौरान बहुत जरूरी न होने पर घर से बाहर न निकलें और अपनी यात्राएं स्थगित रखें। बरसात के दौरान सर्पदंश और नदी-नालों या झील के किनारे डूबने की घटनाओं को देखते हुए भी प्रशासन ने एहतियात बरतने को कहा है। सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाने और नदी-नालों से उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। लोग यात्रा से पहले जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से मौसम और सड़कों की अद्यतन जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना होने पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- कुल्लू के अखाड़ा बाज़ार में ट्रक यूनियन के समीप स्थित देवता ध्रुव ऋषि होली मेला ग्राउंड में 42 वर्षों के उपरांत परम पूज्य देवता ध्रुव ऋषि और देवता शृंगा ऋषि का पावन 'देव शखाती महा मिलन समारोह' आयोजित किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक और पवित्र अवसर श्रद्धा, भक्ति और समृद्ध देव संस्कृति का प्रतीक है। इस दिव्य समारोह का आयोजन 24 जुलाई 2026 को होगा। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार सायं 7:00 बजे से ब्रह्मभोज का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद शाम 8:00 बजे से मां दशमी वारदा भजन मंडली सेऊबाग द्वारा भजन संध्या का शुभारंभ होगा। समस्त देव श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों से सपरिवार पधारकर देवताओं के पावन दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का विनम्र अनुरोध किया गया है।1
- उत्तराखंड में मोरी के एक युवक द्वारा बेहतरीन स्वर में गुजराती गीत गाते ही गुजरात से आए श्रद्धालु खुशी से झूम उठे। तेज बरसात भी श्रद्धालुओं के इस आस्था और उत्साह को कम नहीं कर सकी। मोरी के इस युवा की गायकी ने उत्तराखंड और गुजरात के बीच एक अनोखी और खूबसूरत सांस्कृतिक झलक पेश की है।1
- राजधानी शिमला में मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी और एसएफआई (SFI) कार्यकर्ताओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई और दोनों पक्षों में हल्की धक्कामुक्की हुई। एक ओर भाजपा कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं कुछ ही दूरी पर एसएफआई कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। इसी दौरान एसएफआई कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर बढ़ने लगे, जिससे दोनों गुट आमने-सामने आ गए। मौके पर तैनात पुलिस ने तुरंत बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। स्थिति सामान्य होने के बाद दोनों संगठन अपने-अपने तय स्थानों पर प्रदर्शन करते रहे। घटना के बाद भाजपा ने एसएफआई पर माहौल बिगाड़ने का गंभीर आरोप लगाया। भाजपा नेताओं का कहना है कि वे उपायुक्त कार्यालय से पूर्व अनुमति लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि एसएफआई कार्यकर्ताओं के पास प्रदर्शन की कोई अनुमति नहीं थी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश पुलिस की जिम्मेदारी एसएफआई कार्यकर्ताओं को उनके स्थल पर ही रोकने की थी, लेकिन पुलिस की ढिलाई के कारण दोनों पक्ष आमने-सामने आए और धक्कामुक्की हुई। दूसरी तरफ, एसएफआई और वामपंथी कार्यकर्ताओं ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। सीटू नेता विजेंद्र मेहरा ने कहा कि एसएफआई कार्यकर्ता युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर कई दिनों से धरने पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली प्रदर्शन के दौरान सादी वर्दी में डंडे और पत्थर चलाने वाले लोग भाजपा व आरएसएस से जुड़े थे और अब शिमला में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने माहौल बिगाड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि इस घटना से भाजपा और आरएसएस का छात्र-विरोधी चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है।3
- हिमाचल प्रदेश के रामपुर में एसएफआई इकाई ने बारिश के बीच जोरदार प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिमला में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों पर भाजपा और आरएसएस द्वारा किए गए कथित हमले की कड़ी निंदा की।1