नशे के खिलाफ शिकायत करना पड़ा भारी, पुलिस पर घर में घुसकर मारपीट का आरोप दो युवकों का शांति भंग में चालान, एक व्यक्ति को 20-21 घंटे हिरासत में रखने का दावा; वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग मथुरा, ( राया )नशे के खिलाफ शिकायत करना पड़ा भारी, पुलिस पर घर में घुसकर मारपीट का आरोप दो युवकों का शांति भंग में चालान, एक व्यक्ति को 20-21 घंटे हिरासत में रखने का दावा; वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग राया। थाना राया क्षेत्र के ग्राम आयराखेड़ा निवासी मानवेंद्र सिंह ने पुलिसकर्मियों पर घर में जबरन घुसकर परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और दो युवकों को हिरासत में लेने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 19 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12 बजे थाना राया में तैनात दरोगा विजेंद्र यादव एक अन्य दरोगा, छह-सात पुरुष कांस्टेबल और दो महिला कांस्टेबलों के साथ उसके घर पहुंचे। आरोप है कि पुलिसकर्मी बिना पूर्व सूचना के घर में दाखिल हुए और वृद्ध माता-पिता सुरेंद्र सिंह व मुन्नी देवी के साथ अभद्रता एवं गाली-गलौज की। मानवेंद्र सिंह का आरोप है कि उसके भाई कृष्ण सिंह और पुष्पेंद्र सिंह ने पुलिसकर्मियों से कार्रवाई का कारण पूछा तो उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। इसके बाद दोनों को कथित तौर पर घसीटते हुए पुलिस जीप में बैठाकर थाने ले जाया गया। शिकायतकर्ता ने घटना से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग होने का भी दावा किया है। शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि जब चचेरा भाई जितेंद्र सिंह दोनों भाइयों के बारे में जानकारी लेने थाने पहुंचा तो उसके साथ भी कथित रूप से गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा उसे करीब 20 से 21 घंटे तक हिरासत में रखा गया। मानवेंद्र सिंह के मुताबिक, बाद में कृष्ण सिंह और पुष्पेंद्र सिंह का शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ शिकायत करने के बाद पुलिस कार्रवाई की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
नशे के खिलाफ शिकायत करना पड़ा भारी, पुलिस पर घर में घुसकर मारपीट का आरोप दो युवकों का शांति भंग में चालान, एक व्यक्ति को 20-21 घंटे हिरासत में रखने का दावा; वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग मथुरा, ( राया )नशे के खिलाफ शिकायत करना पड़ा भारी, पुलिस पर घर में घुसकर मारपीट का आरोप दो युवकों का शांति भंग में चालान, एक व्यक्ति को 20-21 घंटे हिरासत में रखने का दावा; वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग राया। थाना राया क्षेत्र के ग्राम आयराखेड़ा निवासी मानवेंद्र सिंह ने पुलिसकर्मियों पर घर में जबरन घुसकर परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और दो युवकों को हिरासत में लेने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 19 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12 बजे थाना राया में तैनात दरोगा विजेंद्र यादव एक अन्य दरोगा, छह-सात पुरुष कांस्टेबल और दो महिला कांस्टेबलों के साथ उसके घर पहुंचे। आरोप है कि पुलिसकर्मी बिना पूर्व सूचना के घर में दाखिल हुए और वृद्ध माता-पिता सुरेंद्र सिंह व मुन्नी देवी के साथ अभद्रता एवं गाली-गलौज की। मानवेंद्र सिंह का आरोप है कि उसके भाई कृष्ण सिंह और पुष्पेंद्र सिंह ने पुलिसकर्मियों से कार्रवाई का कारण पूछा तो उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। इसके बाद दोनों को कथित तौर पर घसीटते हुए पुलिस जीप में बैठाकर थाने ले जाया गया। शिकायतकर्ता ने घटना से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग होने का भी दावा किया है। शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि जब चचेरा भाई जितेंद्र सिंह दोनों भाइयों के बारे में जानकारी लेने थाने पहुंचा तो उसके साथ भी कथित रूप से गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा उसे करीब 20 से 21 घंटे तक हिरासत में रखा गया। मानवेंद्र सिंह के मुताबिक, बाद में कृष्ण सिंह और पुष्पेंद्र सिंह का शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ शिकायत करने के बाद पुलिस कार्रवाई की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
- नशे के खिलाफ शिकायत करना पड़ा भारी, पुलिस पर घर में घुसकर मारपीट का आरोप दो युवकों का शांति भंग में चालान, एक व्यक्ति को 20-21 घंटे हिरासत में रखने का दावा; वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग मथुरा, ( राया )नशे के खिलाफ शिकायत करना पड़ा भारी, पुलिस पर घर में घुसकर मारपीट का आरोप दो युवकों का शांति भंग में चालान, एक व्यक्ति को 20-21 घंटे हिरासत में रखने का दावा; वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग राया। थाना राया क्षेत्र के ग्राम आयराखेड़ा निवासी मानवेंद्र सिंह ने पुलिसकर्मियों पर घर में जबरन घुसकर परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और दो युवकों को हिरासत में लेने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 19 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12 बजे थाना राया में तैनात दरोगा विजेंद्र यादव एक अन्य दरोगा, छह-सात पुरुष कांस्टेबल और दो महिला कांस्टेबलों के साथ उसके घर पहुंचे। आरोप है कि पुलिसकर्मी बिना पूर्व सूचना के घर में दाखिल हुए और वृद्ध माता-पिता सुरेंद्र सिंह व मुन्नी देवी के साथ अभद्रता एवं गाली-गलौज की। मानवेंद्र सिंह का आरोप है कि उसके भाई कृष्ण सिंह और पुष्पेंद्र सिंह ने पुलिसकर्मियों से कार्रवाई का कारण पूछा तो उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। इसके बाद दोनों को कथित तौर पर घसीटते हुए पुलिस जीप में बैठाकर थाने ले जाया गया। शिकायतकर्ता ने घटना से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग होने का भी दावा किया है। शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि जब चचेरा भाई जितेंद्र सिंह दोनों भाइयों के बारे में जानकारी लेने थाने पहुंचा तो उसके साथ भी कथित रूप से गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा उसे करीब 20 से 21 घंटे तक हिरासत में रखा गया। मानवेंद्र सिंह के मुताबिक, बाद में कृष्ण सिंह और पुष्पेंद्र सिंह का शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ शिकायत करने के बाद पुलिस कार्रवाई की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।1
- मथुरा में स्वच्छता अभियान को मिला जनभागीदारी का संकल्प ‘स्वच्छता ही सेवा’ और ‘सेवा संकल्प’ अभियान के तहत मथुरा में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मिलकर श्रमदान किया। हुलवाना और दघेटा में गंदे स्थानों की सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गया। इस दौरान सफाई कर्मी श्याम को सम्मानित भी किया गया मथुरा में स्वच्छता अभियान को मिला जनभागीदारी का संकल्प ‘स्वच्छता ही सेवा’ और ‘सेवा संकल्प’ अभियान के तहत मथुरा में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मिलकर श्रमदान किया। हुलवाना और दघेटा में गंदे स्थानों की सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गया। इस दौरान सफाई कर्मी श्याम को सम्मानित भी किया गया1
- रिपोर्टर राजेश चौधरी महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वेता यादव ने उठाये सवाल और बेगुनाह की मृत्यु पर दी संवेदना बड़ौदा मेव में युवक की हत्या—अब सवाल सिर्फ आरोपी से नहीं, राजस्थान की बीजेपी सरकार से भी हैं! अगर पुलिस के सामने किसी व्यक्ति ने कथित तौर पर हत्या करने की धमकी दी थी, तो उसे छोड़ा क्यों गया? और अगर इसके बाद थाने के सामने ही एक युवक पर जानलेवा हमला हुआ और उसकी मौत हो गई, तो राजस्थान की कानून-व्यवस्था आखिर किसके भरोसे है? मैं मुख्यमंत्री और राजस्थान सरकार से सीधे सवाल पूछना चाहता हूं— पहला सवाल: आरोपी को पुलिस ने किस आधार पर छोड़ा? दूसरा सवाल: कथित धमकी के बावजूद पुलिस ने उसकी निगरानी या रोकथाम के लिए क्या कदम उठाए? तीसरा सवाल: घटना के समय पुलिस कहां थी और उसने हमले को रोकने के लिए क्या कार्रवाई की? चौथा सवाल: थाने और घटनास्थल की CCTV फुटेज सुरक्षित की गई है या नहीं? पांचवां सवाल: क्या पुलिस अधिकारियों की भूमिका और कथित लापरवाही की स्वतंत्र जांच होगी? और सबसे बड़ा सवाल— अगर पुलिस को खतरे की भनक पहले से थी और फिर भी एक नागरिक की जान चली गई, तो इसकी जवाबदेही आखिर किसकी है? राजस्थान की बीजेपी सरकार को सिर्फ बयान नहीं देना चाहिए। जनता को जवाब चाहिए। जांच चाहिए। कार्रवाई चाहिए। किसी भी नागरिक की जान की कीमत उसके धर्म से तय नहीं हो सकती। अगर जांच में किसी पुलिसकर्मी की गंभीर लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। बड़ौदा मेव के परिवार को न्याय चाहिए। जनता को जवाब चाहिए। और सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी। सवाल पूछना हमारा अधिकार है—और इन सवालों के जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी। रिपोर्टर राजेश चौधरी महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वेता यादव ने उठाये सवाल और बेगुनाह की मृत्यु पर दी संवेदना बड़ौदा मेव में युवक की हत्या—अब सवाल सिर्फ आरोपी से नहीं, राजस्थान की बीजेपी सरकार से भी हैं! अगर पुलिस के सामने किसी व्यक्ति ने कथित तौर पर हत्या करने की धमकी दी थी, तो उसे छोड़ा क्यों गया? और अगर इसके बाद थाने के सामने ही एक युवक पर जानलेवा हमला हुआ और उसकी मौत हो गई, तो राजस्थान की कानून-व्यवस्था आखिर किसके भरोसे है? मैं मुख्यमंत्री और राजस्थान सरकार से सीधे सवाल पूछना चाहता हूं— पहला सवाल: आरोपी को पुलिस ने किस आधार पर छोड़ा? दूसरा सवाल: कथित धमकी के बावजूद पुलिस ने उसकी निगरानी या रोकथाम के लिए क्या कदम उठाए? तीसरा सवाल: घटना के समय पुलिस कहां थी और उसने हमले को रोकने के लिए क्या कार्रवाई की? चौथा सवाल: थाने और घटनास्थल की CCTV फुटेज सुरक्षित की गई है या नहीं? पांचवां सवाल: क्या पुलिस अधिकारियों की भूमिका और कथित लापरवाही की स्वतंत्र जांच होगी? और सबसे बड़ा सवाल— अगर पुलिस को खतरे की भनक पहले से थी और फिर भी एक नागरिक की जान चली गई, तो इसकी जवाबदेही आखिर किसकी है? राजस्थान की बीजेपी सरकार को सिर्फ बयान नहीं देना चाहिए। जनता को जवाब चाहिए। जांच चाहिए। कार्रवाई चाहिए। किसी भी नागरिक की जान की कीमत उसके धर्म से तय नहीं हो सकती। अगर जांच में किसी पुलिसकर्मी की गंभीर लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। बड़ौदा मेव के परिवार को न्याय चाहिए। जनता को जवाब चाहिए। और सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी। सवाल पूछना हमारा अधिकार है—और इन सवालों के जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी।1
- विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर अस्पताल में बांटे गए फल, मरीजों के इलाज में फार्मासिस्टों की भूमिका की सराहना मथुरा जिला अस्पताल परिसर में विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर अस्पताल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस दौरान वार्ड में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए गए और स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्टों के अतुलनीय योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ चिकित्सक अधिकारी ने मरीजों का हाल चाल जाना और उन्हें फल प्रदान किए अपने संबोधन में उन्होंने अस्पताल की संपूर्ण व्यवस्था और मरीजों के सही इलाज में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका की जमकर सराहना की उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ होते हैं इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के समस्त कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा ईमानदारी और सेवा भाव से करें ताकि मरीजों को इलाज का अधिकतम लाभ मिल सके वहीं फार्मासिस्ट प्रतिनिधि ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज में फार्मासिस्टों की भूमिका और उनके योगदान के प्रति जागरूकता फैलाना है। फार्मासिस्ट की महत्ता को रेखांकित करते हुए प्रतिनिधि ने एक प्रेरक संदेश दिया दवाएं जीवन बचाती हैं लेकिन दवाओं के जीवन और सही उपयोग की रक्षा फार्मासिस्ट करते हैं उन्होंने उपस्थित सभी फार्मासिस्टों को अपनी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने तथा मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य और कल्याण के लिए निरंतर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित किया कार्यक्रम का समापन मरीजों के जल्द स्वस्थ होने की कामना और फार्मासिस्टों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ4
- बलदेव 85 किलो गांजे के साथ पांच गांजा तस्कर गिरफ्तार एक स्विफ्ट कर स्कूटी बरामद बलदेव थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है यह बड़ी सफलता गांजा तस्करों के रूप में मिली है जिनके पास से 85 किलो गांजा एक शिफ्ट कर और एक स्कूटी टीवीएस की बरामद की गई है मुखबर की सूचना पर पता चला कि थाना बलदेव क्षेत्र के कस्बे के अंतर्गत आने वाले कैलाश रोड पर ऑटो पार्ट्स की दुकान में यह धंधा चल रहा था जिसको मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पांच आरोपियों सहित गिरफ्तार किया है यह पांचो आरोपों में से चार थाना हाईवे क्षेत्र पाली खेड़ा के बताए गए हैं और एक थाना बलदेव के सेल खेड़े का बताया गया है जिनके नाम विष्णु परिहार सोना चंद्रवीर और विष्णु बताए गए हैं थाना बलदेव पुलिस द्वारा इनको एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है पकड़े गए गंजे की कीमत लाखों रुपए बताई गई है पुलिस की इस कार्रवाई से गांजा तस्करों पर की गई इस बड़ी कार्रवाई से इलाके में सनसनी फैल गई है फिलहाल पुलिस द्वारा अपनी अन्य कार्रवाई आगे की जा रही है पांचो आरोपियों को डॉक्टर मेन के बाद जेल भेज दिया गया है1
- विदेशी भक्त की जुबां पर चढ़ा मैने तेरे ही भरोसे भगवान सागर में नैया डाल दी जमकर वायरल हो रहा है #हनुमान_अंश_मूवी #सॉन्ग1
- गोवर्धन थाना के गांव मुखराई लव जिहाद मामले ने पकड़ा तूल । संतों ने पहुंच कर दिया धरना। गोवर्धन क्षेत्र के गांव मुखराई में चल रहा लव जिहाद प्रकरण मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है । एक और जहां पुलिस प्रशासन ने मामले में मुस्लिम समुदाय के युवक के खिलाफ धर्मांतरण का केस दर्ज कर लिया है और गांव मुखराई में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है लेकिन बावजूद इसके तनाव की स्थिति घटने का नाम नहीं ले रही है । शुक्रवार को भी तमाम संत और सामाजिक संगठनों का मुखराई गांव में पहुंचने का सिलसिला बरकरार रहा। गोवर्धन क्षेत्र के जुल्हेंदी स्थित चित्रगुप्त पीठ के महंत संत सच्चिदानंद महाराज अपने अनुयायियों और समर्थकों के साथ गांव मुखराई में पहुंच गए और धरने पर बैठ गए और मांग करने लगे कि इस मामले में कठोरता से कार्रवाई हो और मामले की गहराई से जांच हो । उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले के तार पाकिस्तान तक से जुड़े हो सकते हैं क्योंकि आरोपी युवक की बुआ पाकिस्तान में रहती है। पुलिस को मामले को गंभीरता से लेकर जांच करनी चाहिए । वहीं दूसरी ओर उन्होंने बताया कि आरोपी युवक का बड़ा भाई भी पहले हिंदू लड़की को भगाकर शादी कर चुका है आरोपी का पिता भी पहले हिंदू महिला का यौन शोषण कर चुका है और अब आरोपी के द्वारा क्षत्रिय समाज की लड़की को फुसला कर भगा कर ले जाने की घटना ने क्षेत्र में अराजकता का माहौल पैदा कर दिया है ऐसे में पुलिस प्रशासन को पूरे मामले की सभी बिंदुओं से जांच करनी चाहिए क्योंकि गोवर्धन तीर्थ नगरी होने के साथ-साथ सनातन धर्म के मानने वालों का क्षेत्र है और यहां पर मुस्लिम समुदाय के युवकों द्वारा इस तरह की घटनाएं कतई बर्दाश्त नहीं होने दी जाएंगी। अगर पुलिस प्रशासन मामले में ठोस कार्रवाई नहीं करेगा तो संत समाज आगे बड़ा आंदोलन करेगा वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन द्वारा आश्वासन दिया गया है कि मामले की पूरी जांच पड़ताल कर उचित कार्रवाई की जा रही है और क्षेत्र में आगे से इस तरह की घटनाएं न हो उसके लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं1
- यमुना में छलांग लगाने वाले युवक का शव गोकुल बैराज से बरामद, परिजनों ने कंपनी सुपरवाइजर पर लगाया मानसिक प्रताड़ना का आरोप मथुरा। थाना यमुनापार क्षेत्र में बुधवार को यमुना नदी में छलांग लगाने वाले युवक का शव करीब 24 घंटे की तलाश के बाद गुरुवार शाम लगभग 4 बजे गोकुल बैराज के पास से बरामद कर लिया गया। शव मिलने की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान दिनेश सारस्वत (38 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार दिनेश मथुरा स्थित स्वीटी सुपारी कंपनी में कार्य करते थे। उनके पैर में चोट लगने के कारण वह पिछले करीब तीन माह से काम पर नहीं जा रहे थे। परिजनों का आरोप है कि खाते में सैलरी ना आने को लेकर कंपनी के सुपरवाइजर चिंटू और पंकज द्वारा दिनेश पर कथित रूप से मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों के मुताबिक इसी से परेशान होकर बुधवार दोपहर दिनेश अपनी बाइक पुल पर खड़ी कर यमुना नदी में कूद गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। करीब 24 घंटे तक चले खोज अभियान के बाद गुरुवार शाम गोकुल बैराज के पास उनका शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश देखने को मिला। परिजनों द्वारा कंपनी प्रबंधन से आर्थिक सहायता की मांग की गई। बताया गया कि कंपनी की ओर से मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों द्वारा लगाए गए मानसिक प्रताड़ना के आरोपों की भी जांच के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1