सागर जिले के केसली ब्लॉक के डोमा स्थित नन्ही सैर मार्ग की बदहाली ने स्थानीय लोगों को गहरे संकट में डाल दिया है, जहाँ से निकलने वाले 40 परिवारों को बारिश के मौसम में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सड़क की दयनीय स्थिति को देखकर लोगों में भारी नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय निवासियों ने इस मार्ग के सुधार के लिए कई बार मांग की है, लेकिन हर बार उनकी सुनवाई केवल घोषणाओं तक ही सीमित रही और जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार की जा रही इस अनदेखी के कारण लोगों का गुस्सा अब उफान पर है। प्रतिनिधियों से कोई मदद न मिलने के बाद, अब जनता ने अपनी आवाज उठाने के लिए मीडिया का सहारा लिया है। वे सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब कोई जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पर ध्यान देगा, या प्रशासन 'स्पेस टेक्नोलॉजी' से बनी सड़कों के दौर में भी इस मूलभूत समस्या पर मूक दर्शक बना रहेगा।
सागर जिले के केसली ब्लॉक के डोमा स्थित नन्ही सैर मार्ग की बदहाली ने स्थानीय लोगों को गहरे संकट में डाल दिया है, जहाँ से निकलने वाले 40 परिवारों को बारिश के मौसम में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सड़क की दयनीय स्थिति को देखकर लोगों में भारी नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय निवासियों ने इस मार्ग के सुधार के लिए कई बार मांग की है, लेकिन हर बार उनकी सुनवाई केवल घोषणाओं तक ही सीमित रही और जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार की जा रही इस अनदेखी के कारण लोगों का गुस्सा अब उफान पर है। प्रतिनिधियों से कोई मदद न मिलने के बाद, अब जनता ने अपनी आवाज उठाने के लिए मीडिया का सहारा लिया है। वे सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब कोई जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पर ध्यान देगा, या प्रशासन 'स्पेस टेक्नोलॉजी' से बनी सड़कों के दौर में भी इस मूलभूत समस्या पर मूक दर्शक बना रहेगा।
- सागर जिले के केसली ब्लॉक के डोमा स्थित नन्ही सैर मार्ग की बदहाली ने स्थानीय लोगों को गहरे संकट में डाल दिया है, जहाँ से निकलने वाले 40 परिवारों को बारिश के मौसम में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सड़क की दयनीय स्थिति को देखकर लोगों में भारी नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय निवासियों ने इस मार्ग के सुधार के लिए कई बार मांग की है, लेकिन हर बार उनकी सुनवाई केवल घोषणाओं तक ही सीमित रही और जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार की जा रही इस अनदेखी के कारण लोगों का गुस्सा अब उफान पर है। प्रतिनिधियों से कोई मदद न मिलने के बाद, अब जनता ने अपनी आवाज उठाने के लिए मीडिया का सहारा लिया है। वे सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब कोई जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पर ध्यान देगा, या प्रशासन 'स्पेस टेक्नोलॉजी' से बनी सड़कों के दौर में भी इस मूलभूत समस्या पर मूक दर्शक बना रहेगा।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने स्मैक की तस्करी में शामिल एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने तस्कर के पास से कुल 11.5 ग्राम मादक पदार्थ बरामद किया है। अब, संबंधित अधिकारी इस मामले में आगे की जांच करते हुए पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटे हुए हैं।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक चैनल पर चैनल हेड नवीन पुरोहित जी से आमने-सामने बातचीत की। इस चर्चा के दौरान, मुख्यमंत्री जी ने 'डबल इंजन' सरकार द्वारा किए गए विभिन्न कार्यों और उनकी उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।1
- उपलब्ध मूल पाठ में केवल 'एक्सप्रेस एमपी सीजी न्यूज़' का उल्लेख है। इस संबंध में कोई अतिरिक्त जानकारी या विवरण नहीं दिया गया है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की द्वारा नवजात शिशु को जन्म देने के बाद कथित दुष्कर्म का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। परिजनों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है, और पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच प्रक्रिया के हिस्से के रूप में, आरोपी और नवजात दोनों के डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। कानून के अनुसार, पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है।1
- नरसिंहपुर जिले में एक नाबालिग लड़की द्वारा नवजात शिशु को जन्म देने का गंभीर मामला सामने आया है। तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में यह घटना तब उजागर हुई जब एक नाबालिग बच्ची गर्भवती हो गई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। परिजनों की पूछताछ के बाद नाबालिग ने बताया कि नरसिंहपुर जिले का राजा लोधी नामक युवक उसे डरा-धमकाकर कई दिनों तक शारीरिक संबंध बनाता रहा और उसका शारीरिक शोषण करता रहा। इस शिकायत पर, पुलिस ने राजा लोधी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी किशोर बामनकर के अनुसार, पुलिस ने आरोपी राजा लोधी और नवजात बच्चे दोनों का डीएनए टेस्ट कराने के लिए भेजा है, जिससे इस पूरे मामले का सच सामने आ सके।3
- सागर जिले की बंडा तहसील के सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक डॉक्टर पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगा है, जिसके चलते 19 महीने के मासूम बच्चे की आँखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है। पीड़ित पिता ने थाना बंडा में शिकायत दर्ज कराकर दोषी डॉक्टर और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, ग्राम भूसा कमलपुर निवासी इंद्रराज विश्वकर्मा 29 मई 2026 को अपने 1 वर्ष 7 महीने के बेटे विनय विश्वकर्मा को सर्दी और आँखों में लालिमा की शिकायत के बाद सिविल अस्पताल बंडा लेकर पहुंचे थे। ओपीडी पर्ची बनवाने के बाद बच्चे को ड्यूटी पर मौजूद शासकीय चिकित्सक को दिखाया गया। पीड़ित पिता का आरोप है कि डॉक्टर ने बच्चे की जांच के बाद आँख में कफ साफ करने वाला ड्रॉप डाल दिया, साथ ही पैरासिटामोल सिरप, एक इंजेक्शन और अन्य दवाइयां दीं। परिजन 3 से 4 घंटे तक अस्पताल में रुके रहे, लेकिन बच्चे की हालत में सुधार होने के बजाय वह और बिगड़ती चली गई। बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने मामले को गंभीर बताते हुए उच्च चिकित्सा संस्थान ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन बच्चे को एम्स भोपाल लेकर पहुंचे। एम्स भोपाल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की जांच के बाद सामने आया कि गलत इलाज या चिकित्सकीय लापरवाही के कारण मासूम विनय की आँखों की रोशनी पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और बच्चा अब नेत्रहीन हो गया है। इस जानकारी ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। इंद्रराज विश्वकर्मा ने थाना बंडा में दिए आवेदन में बताया कि सिविल अस्पताल बंडा में ड्यूटी पर तैनात संबंधित डॉक्टर द्वारा गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते उनके बेटे की दृष्टि चली गई। उन्होंने कहा कि वे डॉक्टर को चेहरे से पहचानते हैं, लेकिन नाम नहीं जानते। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत आवेदन स्वीकार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में एक नाबालिग लड़की ने बच्चे को जन्म दिया है। इस मामले में पुलिस ने रेप के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने यह भी बताया है कि इस मामले में आगे की जांच के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।1