Shuru
Apke Nagar Ki App…
सिरौली थाने के उपनिरीक्षक (SI) नरेश बाबू को एक महिला के यौन शोषण के गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। महिला ने SI नरेश बाबू पर शादी और नौकरी का झांसा देकर उसका यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। इन आरोपों के मद्देनजर, SSP ने मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है।
SURAJ SAGAR
सिरौली थाने के उपनिरीक्षक (SI) नरेश बाबू को एक महिला के यौन शोषण के गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। महिला ने SI नरेश बाबू पर शादी और नौकरी का झांसा देकर उसका यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। इन आरोपों के मद्देनजर, SSP ने मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बरेली जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत जौनेर गाँव में एक 4 वर्षीय बालक की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में मीरगंज, बरेली के क्षेत्राधिकारी, श्री अजय कुमार ने जानकारी दी है।1
- बरेली में एक 'धर्मांतरण गैंग' के सक्रिय होने का आरोप लगाते हुए, हिंदू रक्षा दल ने पादरियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग उठाई है। इस आरोप के बाद, संगठन ने तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है।1
- बरेली में हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने हिमांशु और राहुल गुप्ता के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में ईसाई मिशनरियों पर कथित रूप से लालच देकर लोगों का धर्मांतरण कराने का गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं, जिनमें अभिषेक सिंह प्रमुख हैं, का आरोप है कि बरेली स्थित मैथोडिस्ट चर्च ऑफ इंडिया से जुड़े कुछ पदाधिकारियों ने एक अलग ट्रस्ट बनाकर विदेशों से फंडिंग प्राप्त की है। आरोपों के अनुसार, इस ट्रस्ट के माध्यम से चर्च की जमीन, विवाह, विदेशों में नौकरी, मुफ्त इलाज और आवास जैसी सुविधाओं का प्रलोभन देकर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। शिकायत में जगमोहन सिंह, राजीव मसीह, आनंद सैमसन, संजीव कुमार और बिशप सीजी दयानंद समेत अन्य लोगों के नाम लेते हुए आरोप लगाया गया है कि ये लोग प्रार्थना सभाओं में लोगों को बुलाकर धार्मिक साहित्य देते हैं और ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार करते हैं। साथ ही, बीमार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का प्रयास किया जाता है। हिंदू रक्षा दल ने प्रशासन से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनकी यह भी मांग है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान मिंटू सिंह, रोहित शर्मा, हिमांशु, कमल शर्मा, पवन, सूरज प्रधान, जितिन सिंह, सोमवीर, राहुल गुप्ता और ध्रुव देवल आदि मौजूद रहे।1
- एंटी करप्शन टीम ने बदायूं में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार पर बड़ी चोट की है। इस कार्रवाई के दौरान, एक दरोगा को ₹6,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस महकमे में खाकी पर रिश्वत का दाग लगने और इस गिरफ्तारी से हड़कंप मचा हुआ है।1
- बदायूं जनपद के बितरोई रेलवे स्टेशन पर मक्का रेल रैक सेवा का शुभारंभ किया गया है, जिससे क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों को कृषि उपज के परिवहन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, किसानों और व्यापारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जो इस परियोजना के महत्व को दर्शाता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिल्सी विधायक हरीश शाक्य ने अपने बचपन की यादों को साझा किया, बताया कि वह इसी स्टेशन से रेलवे लाइन के किनारे-किनारे पैदल कछला पढ़ने जाया करते थे। उन्होंने इस विकास कार्य का साक्षी बनने को एक भावुक और गौरवपूर्ण क्षण बताया। विधायक शाक्य ने कहा कि मक्का रेल रैक के संचालन से अब मक्का सहित अन्य कृषि जिंसों को कम लागत, कम समय और अधिक सुविधा के साथ रेल मार्ग के ज़रिए देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाया जा सकेगा। उनका मानना है कि इससे किसानों को बेहतर बाज़ार मिलेगा, व्यापार को नई गति मिलेगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी। इस उद्घाटन समारोह में दातागंज विधायक राजीव कुमार उर्फ बब्बू भैया, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान एवं व्यापारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस नई पहल का स्वागत किया।1
- पैनी नज़र सामाजिक संस्था की अध्यक्ष सुनीता गंगवार के नेतृत्व में ओसवाल गन्ना किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बरेली के नवाबगंज प्रशासन से मुलाकात कर किसानों के वर्षों से लंबित गन्ना भुगतान का गंभीर मुद्दा उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को एक लिखित ज्ञापन सौंपते हुए भुगतान प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति से किसानों और संस्था को अवगत कराने की मांग की है। संस्था अध्यक्ष सुनीता गंगवार ने इस स्थिति को किसानों के साथ गंभीर अन्याय बताया, क्योंकि ओसवाल गन्ना किसान पिछले तीन वर्षों से अपने बकाया भुगतान के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से इस प्रक्रिया में तेज़ी लाकर जल्द से जल्द किसानों का बकाया दिलाने की मांग की। गंगवार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भुगतान प्रक्रिया को किसी भी स्तर पर रोकने या अनावश्यक रूप से लंबित करने का प्रयास किया गया, तो किसान और संस्था अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि तहसील परिसर में होने वाला यह धरना अंतिम होगा और किसान बिना भुगतान लिए वहां से नहीं हटेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के कुछ जनप्रतिनिधि नीलामी प्रक्रिया रुकवाकर किसानों के भुगतान को जानबूझकर टालने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि इस मुद्दे पर राजनीति जारी रह सके। इसके अतिरिक्त, सुनीता गंगवार ने तहसील कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार और आम जनता के कार्यों में अनावश्यक देरी करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी लोगों को महीनों और वर्षों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं, साथ ही अवैध वसूली के लिए उन्हें परेशान किया जाता है। उन्होंने नवाबगंज प्रशासन से ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर आम जनता को राहत दिलाने की पुरज़ोर मांग की है।1
- बरेली में मानसून ने दस्तक दे दी है, और इसकी पहली हल्की बारिश ने ही नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है। शहर के विभिन्न हिस्सों में हुई हल्की बरसात के बावजूद सड़कों पर जगह-जगह पानी का भराव हो गया है, जिससे नगर निगम की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- बदायूं शहर में एक नाइट क्लब इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे लेकर विभिन्न वर्गों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। जनपद का पढ़ा-लिखा और संस्कारी तबका इस नाइट क्लब को विकास की दिशा में एक मील का पत्थर मान रहा है। इन जागरूक लोगों का कहना है कि युवा पहले बरेली या दिल्ली जाकर मनोरंजन करते थे, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर मस्ती का ठिकाना मिलने से उनका समय और खर्च बचेगा। इसके साथ ही, हाईवे पर ट्रैफिक कम होने और हादसों का डर भी खत्म होने की बात कही जा रही है। सकारात्मक सोच वाले लोग यह भी बताते हैं कि नाइट क्लब से कई लोगों को रोजगार मिल रहा है, जिससे तमाम परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। हालांकि, कुछेक नकारात्मक सोच रखने वाले लोग इस नाइट क्लब की निंदा और आलोचना भी कर रहे हैं। इस सबके बीच, फैज नाम के एक युवक ने मीडिया से संपर्क करके अपना दर्द बयां किया है, जिसकी कहानी मौजूदा बहस के संदर्भ में प्रासंगिक मानी जा रही है। फैज ने पहले एक रेस्टोरेंट खोला था, जिसमें एक दिन कोई पार्टी हुई और म्यूजिक के बीच डांस किया गया। इसी डांस के वीडियो के आधार पर उसके रेस्टोरेंट को 'हुक्का बार' घोषित कर दिया गया। इसके बाद, पूरा जनपद हुक्का बार के विरोध में खड़ा हो गया था, और अंत में पुलिस-प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए रेस्टोरेंट को बंद करा दिया। फैज पर कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हुए, जिसके चलते उसका जीवन अब कोर्ट-कचहरी के दायरे में ही सिमट कर रह गया है।1