पैनी नज़र सामाजिक संस्था की अध्यक्ष सुनीता गंगवार के नेतृत्व में ओसवाल गन्ना किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बरेली के नवाबगंज प्रशासन से मुलाकात कर किसानों के वर्षों से लंबित गन्ना भुगतान का गंभीर मुद्दा उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को एक लिखित ज्ञापन सौंपते हुए भुगतान प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति से किसानों और संस्था को अवगत कराने की मांग की है। संस्था अध्यक्ष सुनीता गंगवार ने इस स्थिति को किसानों के साथ गंभीर अन्याय बताया, क्योंकि ओसवाल गन्ना किसान पिछले तीन वर्षों से अपने बकाया भुगतान के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से इस प्रक्रिया में तेज़ी लाकर जल्द से जल्द किसानों का बकाया दिलाने की मांग की। गंगवार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भुगतान प्रक्रिया को किसी भी स्तर पर रोकने या अनावश्यक रूप से लंबित करने का प्रयास किया गया, तो किसान और संस्था अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि तहसील परिसर में होने वाला यह धरना अंतिम होगा और किसान बिना भुगतान लिए वहां से नहीं हटेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के कुछ जनप्रतिनिधि नीलामी प्रक्रिया रुकवाकर किसानों के भुगतान को जानबूझकर टालने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि इस मुद्दे पर राजनीति जारी रह सके। इसके अतिरिक्त, सुनीता गंगवार ने तहसील कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार और आम जनता के कार्यों में अनावश्यक देरी करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी लोगों को महीनों और वर्षों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं, साथ ही अवैध वसूली के लिए उन्हें परेशान किया जाता है। उन्होंने नवाबगंज प्रशासन से ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर आम जनता को राहत दिलाने की पुरज़ोर मांग की है।
पैनी नज़र सामाजिक संस्था की अध्यक्ष सुनीता गंगवार के नेतृत्व में ओसवाल गन्ना किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बरेली के नवाबगंज प्रशासन से मुलाकात कर किसानों के वर्षों से लंबित गन्ना भुगतान का गंभीर मुद्दा उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को एक लिखित ज्ञापन सौंपते हुए भुगतान प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति से किसानों और संस्था को अवगत कराने की मांग की है। संस्था अध्यक्ष सुनीता गंगवार ने इस स्थिति को किसानों के साथ गंभीर अन्याय बताया, क्योंकि ओसवाल गन्ना किसान पिछले तीन वर्षों से अपने बकाया भुगतान के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से इस प्रक्रिया में तेज़ी लाकर जल्द से जल्द किसानों का बकाया दिलाने की मांग की। गंगवार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भुगतान प्रक्रिया को किसी भी स्तर पर रोकने या अनावश्यक रूप से लंबित करने का प्रयास किया गया, तो किसान और संस्था अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि तहसील परिसर में होने वाला यह धरना अंतिम होगा और किसान बिना भुगतान लिए वहां से नहीं हटेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के कुछ जनप्रतिनिधि नीलामी प्रक्रिया रुकवाकर किसानों के भुगतान को जानबूझकर टालने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि इस मुद्दे पर राजनीति जारी रह सके। इसके अतिरिक्त, सुनीता गंगवार ने तहसील कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार और आम जनता के कार्यों में अनावश्यक देरी करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी लोगों को महीनों और वर्षों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं, साथ ही अवैध वसूली के लिए उन्हें परेशान किया जाता है। उन्होंने नवाबगंज प्रशासन से ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर आम जनता को राहत दिलाने की पुरज़ोर मांग की है।
- पैनी नज़र सामाजिक संस्था की अध्यक्ष सुनीता गंगवार के नेतृत्व में ओसवाल गन्ना किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बरेली के नवाबगंज प्रशासन से मुलाकात कर किसानों के वर्षों से लंबित गन्ना भुगतान का गंभीर मुद्दा उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को एक लिखित ज्ञापन सौंपते हुए भुगतान प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति से किसानों और संस्था को अवगत कराने की मांग की है। संस्था अध्यक्ष सुनीता गंगवार ने इस स्थिति को किसानों के साथ गंभीर अन्याय बताया, क्योंकि ओसवाल गन्ना किसान पिछले तीन वर्षों से अपने बकाया भुगतान के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से इस प्रक्रिया में तेज़ी लाकर जल्द से जल्द किसानों का बकाया दिलाने की मांग की। गंगवार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भुगतान प्रक्रिया को किसी भी स्तर पर रोकने या अनावश्यक रूप से लंबित करने का प्रयास किया गया, तो किसान और संस्था अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि तहसील परिसर में होने वाला यह धरना अंतिम होगा और किसान बिना भुगतान लिए वहां से नहीं हटेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के कुछ जनप्रतिनिधि नीलामी प्रक्रिया रुकवाकर किसानों के भुगतान को जानबूझकर टालने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि इस मुद्दे पर राजनीति जारी रह सके। इसके अतिरिक्त, सुनीता गंगवार ने तहसील कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार और आम जनता के कार्यों में अनावश्यक देरी करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी लोगों को महीनों और वर्षों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं, साथ ही अवैध वसूली के लिए उन्हें परेशान किया जाता है। उन्होंने नवाबगंज प्रशासन से ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर आम जनता को राहत दिलाने की पुरज़ोर मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सिरौली थाने के एक उपनिरीक्षक (SI) को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सिरौली थाना पुलिस पर एक महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद की गई है, जिसमें महिला ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। जानकारी के मुताबिक, इस मामले से संबंधित जानकारी स्वयं अधिकारी ने उजागर की थी, जिसके कारण यह समस्या सामने आई। बरेली पुलिस ने इसे एक बड़ा एक्शन बताते हुए, महिला के आरोपों और अधिकारी द्वारा जानकारी देने के बाद तत्काल कदम उठाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के आदेश पर निलंबित उपनिरीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।1
- बरेली में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने नकटिया और किला नदी के मुद्दे पर जोरदार तरीके से आवाज उठाई। संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इन दोनों नदियों के पुनर्जीवन की मांग की है। किसानों का कहना है कि नकटिया और किला नदियों को लगातार नालों में तब्दील किया जा रहा है। अतिक्रमण, गंदगी और प्रदूषण के चलते ये नदियां अपना अस्तित्व खोती जा रही हैं, जिसका सीधा और नकारात्मक असर किसानों और आम जनजीवन पर पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने केंद्र और प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि 'नमामि गंगे' की तर्ज पर नकटिया और किला नदी के संरक्षण, सौंदर्यीकरण, सफाई और वृक्षारोपण का एक विशेष अभियान चलाया जाए। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन नदियों को नहीं बचाया गया, तो भविष्य में जल संकट और पर्यावरणीय समस्याएं और भी अधिक गंभीर हो जाएंगी। यह जानकारी मंगलवार को दोपहर लगभग 2:00 बजे दी गई।1
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- उत्तर प्रदेश के बरेली में सिरौली थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक के खिलाफ एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संज्ञान लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, संबंधित उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। क्षेत्राधिकारी मीरगंज, श्री अजय कुमार ने जानकारी दी कि इस प्रकरण में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- सिरौली थाने के उपनिरीक्षक (SI) नरेश बाबू को एक महिला के यौन शोषण के गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। महिला ने SI नरेश बाबू पर शादी और नौकरी का झांसा देकर उसका यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। इन आरोपों के मद्देनजर, SSP ने मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है।1
- आज दिनांक 08/07/2026 को बरेली जिले में रॉयल वाल्मीकि आर्मी की टीम ने सुभाष नगर थाना अध्यक्ष महोदय को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन कांग्रेस प्रवक्ता दीपक झा द्वारा ज़ी न्यूज़ डेविड में भगवान वाल्मीकि जी पर की गई गलत टिप्पणी और अभद्र भाषा के उपयोग के विरोध में दिया गया है। रॉयल वाल्मीकि आर्मी ने इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो पूरा वाल्मीकि समाज आंदोलन करने को विवश होगा। थाना अध्यक्ष महोदय ने भी इस मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान रॉयल वाल्मीकि आर्मी की ओर से जिला अध्यक्ष सुमित वाल्मीकि, महानगर अध्यक्ष मिथुन चौधरी, अजय अजय चौहान जी, अभय जी, भाई वीरेश जी, भाई संजय जी, कुमार अनिल भारती जी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- बरेली क्लब में मंगलवार को इनर व्हील क्लब बरेली साउथ का भव्य अधिष्ठापन समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस समारोह में वर्ष 2025-26 की अध्यक्ष प्रीती जिंदल ने कॉलर धारण कर बैठक का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन डॉ. मनीषा बाजपेई तथा विशिष्ट अतिथि पूर्व डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन डॉ. कंवल मेहरा, पूर्व डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन रेनू अग्रवाल और आई.एस.ओ. डॉ. नीलू मिश्रा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और इनर व्हील गान के साथ हुई, जिसके बाद डॉ. मनीषा बाजपेई का भव्य स्वागत किया गया। अधिष्ठापन समारोह में निवर्तमान अध्यक्ष प्रीती जिंदल एवं डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन डॉ. मनीषा बाजपेई ने नव निर्वाचित अध्यक्ष निधि अग्रवाल को कॉलर पहनाकर पदभार ग्रहण कराया। वहीं, निवर्तमान सचिव मनीषा पांडे ने नवनिर्वाचित सचिव बबीता गर्ग को पिन लगाकर उनका दायित्व सौंपा। पदभार ग्रहण करने के बाद, अध्यक्ष निधि अग्रवाल ने अपनी नई कार्यकारिणी का परिचय देते हुए आगामी सेवा परियोजनाओं की जानकारी दी। क्लब द्वारा किए गए सेवा कार्यों में एक जरूरतमंद बच्चे को साइकिल, तीन बच्चों की एक वर्ष की शिक्षा शुल्क और एक सिलाई केंद्र को सिलाई मशीन प्रदान करना शामिल है। इस अवसर पर क्लब की नई डायरेक्टरी का विमोचन भी मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया। अपने संबोधन में, डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन डॉ. मनीषा बाजपेई ने आंगनबाड़ी को गोद लेकर उसके नवीनीकरण का प्रोजेक्ट शुरू करने का उल्लेख किया, ताकि बच्चों को उनके सपनों की उड़ान मिल सके। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण, जागरूकता अभियान तथा "जीवन धारा" परियोजना पर भी जोर दिया, जिसके तहत प्रत्येक क्लब को एक व्यक्ति का पूरे वर्ष का डायलिसिस कराने का बीड़ा उठाना चाहिए। पूर्व डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन डॉ. कंवल मेहरा ने नई टीम को बधाई दी, जबकि पूर्व डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन रेनू अग्रवाल ने निवर्तमान टीम के कार्यों की सराहना करते हुए नई टीम को समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन रति गुप्ता ने किया और अंत में बबीता कपूर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।1
- बरेली में तैनात रहे एक उपनिरीक्षक (दरोगा) पर एक महिला ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, जबरन गर्भपात कराने, उसके जेवर हड़पने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने डीआईजी से शिकायत कर आरोपी के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। महिला का आरोप है कि वर्ष 2025 में पति से जुड़े एक विवाद के सिलसिले में बारादरी थाने जाने पर उसकी मुलाकात तत्कालीन दरोगा से हुई थी। दरोगा ने उसे मदद, नौकरी और शादी का भरोसा देकर नजदीकियां बढ़ाईं और बाद में कई बार शारीरिक संबंध बनाए। महिला के गर्भवती होने पर आरोपी ने उसे जबरन दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया। उसने यह भी आरोप लगाया कि दरोगा उसके लाखों रुपये के सोने के जेवर भी अपने साथ ले गया। शिकायत में कहा गया है कि जब महिला ने दरोगा से शादी की बात की तो उसने झूठे मुकदमे में फंसाने, एससी-एसटी एक्ट लगवाने और जान से मरवाने तक की धमकी दी। महिला ने आरोपी दरोगा की पत्नी और बेटों पर भी उसके साथ मारपीट करने और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने डीआईजी से निष्पक्ष जांच कराने, दुष्कर्म, जबरन गर्भपात, धोखाधड़ी और धमकी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।1