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मध्य प्रदेश के पचमढ़ी रोड पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है।
JAGAT NEWS 24
मध्य प्रदेश के पचमढ़ी रोड पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है।
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- दिल्ली में मौसम में बदलाव देखा गया है। इस बदलाव के तहत, द्वारका के सेक्टर 12 मेट्रो स्टेशन एरिया में धूल भरी आंधी चली।1
- जनपद भदोही के ग्राम पंचायत कलनुआ में रविवार, 14 जून 2026 को केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। प्रदेश के नगर विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री ए.के. शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाते हुए विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र एवं सहायता सामग्री वितरित की। कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्रतिमा, राजू, वंदना और नगीना को आवास स्वीकृति पत्र दिए गए। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत अनीता, गीता, राजू, तारा सहित पाँच लाभार्थियों को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए स्वीकृति पत्र वितरित हुए। कृषि विभाग ने रामबली पांडेय, हरिश्चंद्र, कालेंद्र कुमार और लाल बहादुर सहित पाँच किसानों को उन्नत कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिनी किट प्रदान की। इसके अतिरिक्त, टीबी से पीड़ित मरीजों को पोषण पोटली वितरित करके सरकार ने उनके स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति अपनी संवेदनशीलता का संदेश दिया। अपने संबोधन में प्रभारी मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि टीबी मरीजों को सम्मानपूर्वक और सुरक्षित वातावरण में योजनाओं का लाभ मिलते देख उन्हें विशेष संतोष और प्रसन्नता हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है, और सेवा, संवेदनशीलता व संकल्प की भावना से कार्य करना ही सुशासन की पहचान है। मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों को भारत के विकास और परिवर्तन का स्वर्णिम काल बताया, इस दौरान देश ने अनेक क्षेत्रों में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं और वैश्विक मंच पर एक सशक्त, आत्मनिर्भर व विश्वसनीय राष्ट्र के रूप में उभरा है। उन्होंने गरीब कल्याण, आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा में हुए अभूतपूर्व कार्यों का उल्लेख किया, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है। कोरोना महामारी के कठिन दौर में भारत ने न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि दुनिया के कई देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराकर मानवता की सेवा का अद्वितीय उदाहरण भी प्रस्तुत किया। मंत्री ने प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को एक दूरदर्शी विजन बताया, जिसके लिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। रात्रि चौपाल के दौरान, जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने ग्राम पंचायत कलनुआ की विकास स्थिति और आधारभूत आँकड़ों की जानकारी भी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस ग्राम पंचायत में कुल 108 राजस्व गाँव एवं मजरे शामिल हैं, जिसका कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 98 हेक्टेयर और कृषि योग्य क्षेत्रफल 87 हेक्टेयर है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, ग्राम पंचायत की कुल जनसंख्या 3394 है, जिसमें 1700 पुरुष और 1694 महिलाएँ शामिल हैं, और यहाँ कुल 851 परिवार निवास करते हैं। अनुसूचित जाति की कुल जनसंख्या 1325 है, जिसमें 680 पुरुष और 645 महिलाएँ हैं। पंचायत में एक पंचायत भवन, एक सामुदायिक शौचालय, एक प्राथमिक विद्यालय, एक कम्पोजिट विद्यालय और तीन आँगनबाड़ी केंद्र जैसी आधारभूत सुविधाएँ संचालित हैं। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 743 वृद्धावस्था पेंशन, 230 निराश्रित महिला पेंशन और 97 दिव्यांग पेंशन लाभार्थी हैं। खाद्य सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत 250 अंत्योदय कार्डधारक और 58 पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। आवास योजनाओं में 29 मुख्यमंत्री आवास योजना और 4 प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी हैं, जबकि कृषि क्षेत्र में 267 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित हो रहे हैं और कुल 740 किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त हो रहा है। कार्यक्रम के अंत में, प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचाया जाए। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन भी दिया। यह रात्रि चौपाल जनसहभागिता, जनकल्याण और सुशासन के संकल्प को मजबूत करने वाला एक प्रभावी मंच साबित हुई। इस अवसर पर मा. जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, मा. विधायक ज्ञानपुर विपुल दुबे, मा. जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी, मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ल, अपर जिलाधिकारी वि0 रा0 शुभांगी शुक्ला सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- दिल्ली के दयालपुर इलाके के नेहरू विहार स्थित डी-2 में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ 42 वर्षीय राशिद की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने 42 साल के राशिद को गोलियों से भून डाला। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए हैं।1
- उत्तर पूर्वी दिल्ली के थाना दयालपुर क्षेत्र के मुस्तफाबाद नेहरू विहार में अंधाधुंध गोलीबारी की एक घटना सामने आई है। इस वारदात में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।1
- सांसद भोला सिंह ने अनूपशहर में प्रबुद्ध वर्ग के साथ एक संवाद बैठक आयोजित की। इस अवसर पर सामाजिक नेताओं ने सांसद भोला सिंह का भव्य स्वागत किया।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना में एक दर्दनाक रेल हादसा सामने आया है। एक ट्रेन में आग लगने के बाद यात्री अपनी जान बचाने के लिए दूसरी पटरी पर खड़े हो गए। इसी दौरान, उदयपुर-खजुराहो ट्रेन वहाँ पहुँच गई, जिसकी चपेट में आकर चार लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।1
- जगत न्यूज 24 द्वारा कृषि सेवा केंद्रों पर किसानों के साथ हो रही लूट की खबर दिखाए जाने का असर देखने को मिला है। खबर के प्रभाव से आज छुट्टी के दिन भी कृषि अधिकारी (गुणवत्ता नियंत्रण) विशाल मोटे सर जांच के लिए होलनांथे गांव के कृषि सेवा केंद्र पहुंचे। यह कदम चैनल की खबर का सीधा परिणाम बताया जा रहा है।1
- पुरी में श्रीमंदिर में प्रवेश और दर्शन के अधिकार को पूर्ववत बहाल करने की मांग को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता पदयात्रा को आज (15 जून को) 76 दिन पूरे हो गए हैं। यह अब केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि भक्तों के दिलों की अनकही पीड़ा, आत्मा की पुकार और भगवान श्री जगन्नाथ के प्रति अटूट प्रेम का जीवंत प्रतीक बन गया है। गत 1 अप्रैल को उत्कल दिवस के अवसर पर बलगांडी चौक स्थित भक्त सालबेग पीठ से शुरू हुई यह पदयात्रा प्रतिदिन सिंहद्वार के पास पहुंचकर एक मौन प्रश्न पूछती है कि "जो संपूर्ण विश्व के नाथ हैं, उन जगन्नाथ के दर्शन में क्या भक्तों के बीच कोई भेदभाव रह सकता है?" प्रत्येक कदम में भक्ति का अर्पण है और हर ध्वनि में आत्मा की व्याकुल पुकार। "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गूंजते मार्ग पर अनेक भक्तों के आँसू, कई परिवारों की वेदना और अपने प्रभु तक आसानी से पहुँचने की आकांक्षा मिल जाती है। यह पदयात्रा आज पुरीवासियों के हृदय की धड़कन, आस्था का उच्चारण और अधिकारों के लिए एक आध्यात्मिक संग्राम बन गई है। भगवान जगन्नाथ की संस्कृति समानता, सह-अस्तित्व और सार्वभौमिकता की संस्कृति है। जैसे उनके महाप्रसाद में उच्च-नीच का कोई भेदभाव नहीं, वैसे ही उनके दर्शन में भी कोई विशेषाधिकार नहीं होना चाहिए। भगवान के द्वार पर वीआईपी और सामान्य का भेद करना जगन्नाथ संस्कृति के मूल आदर्श के खिलाफ है। इसलिए यह पदयात्रा केवल प्रवेश अधिकार की मांग नहीं, बल्कि "जगन्नाथ संस्कृति की समानता और मानवीय मूल्यों की सुरक्षा के लिए एक आध्यात्मिक विरोध" है। नारी-पुरुष, युवा-वृद्ध सभी की स्वतःस्फूर्त भागीदारी ने इस पदयात्रा को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया है। प्रत्येक चेहरे पर भक्ति की चमक है, प्रत्येक हृदय में एक मौन प्रार्थना है— "प्रभु, हमें हमारा अधिकार वापस दिलाओ; अपने द्वार पर सभी को समान स्थान दो।" 76 दिनों के बाद भी इस पदयात्रा का उत्साह कम नहीं हुआ है। हर दिन के साथ यह और अधिक गहरा, अधिक शक्तिशाली और अधिक आध्यात्मिक होता जा रहा है। यह एक ऐसी यात्रा है जहाँ आँसू प्रार्थना हैं, वेदना शक्ति है और भक्ति अहिंसक विरोध का माध्यम है। आज की पदयात्रा में सर्वश्री हरिशंकर मिश्र, अधिवक्ता विजय कुमार मिश्र, चक्रधर महापात्र, सुकांत पांडा, शिवसुंदर मिश्र, मनोरंजन रणसिंह, ममता स्वाईं, अरुणा पटनायक, राजा मोहंती, जादबा नंद राय, प्रफुल्ल कुमार साहू, जगन्नाथ मोहंती, अमूल्य दास, किशोर चंद्र दास, नृसिंह नाथ नायक, प्रदीप्त कुमार मोहंती, प्रकाश चंद्र नायक प्रमुख रूप से शामिल हुए और अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। पदयात्रा के संयोजक श्री स्वाधीन कुमार पांडा ने कहा कि यह यात्रा तब तक जारी रहेगी जब तक पुरी शहर और सदर के निवासियों के पूर्ववत दर्शन के अधिकार बहाल नहीं हो जाते। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति या समूह के खिलाफ संघर्ष नहीं है, बल्कि न्याय, समानता और आस्था के सम्मान के लिए एक शांत, अहिंसक और आध्यात्मिक अभियान है। जैसा कि दोहराया गया है: "जगन्नाथ का द्वार सबके लिए है। भक्ति का कोई वीआईपी नहीं, आस्था का कोई प्रोटोकॉल नहीं। प्रभु के सम्मुख सभी समान हैं।"1
- मध्य प्रदेश के पचमढ़ी रोड पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है।1