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लखनऊ में एक लड़की के माता-पिता ने इरशाद अली पर उनकी बेटी का अपहरण करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि इरशाद अली ने एक हिंदू लड़की का अपहरण किया है। उन्होंने पुलिस पर भी कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। माता-पिता के अनुसार, इस पूरे मामले से संबंधित एक वीडियो भी उपलब्ध है जिसे देखकर स्थिति समझी जा सकती है। उनके इन गंभीर आरोपों ने लखनऊ पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
SonuKumar Gautam midia
लखनऊ में एक लड़की के माता-पिता ने इरशाद अली पर उनकी बेटी का अपहरण करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि इरशाद अली ने एक हिंदू लड़की का अपहरण किया है। उन्होंने पुलिस पर भी कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। माता-पिता के अनुसार, इस पूरे मामले से संबंधित एक वीडियो भी उपलब्ध है जिसे देखकर स्थिति समझी जा सकती है। उनके इन गंभीर आरोपों ने लखनऊ पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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- अमरोहा के गजरौला थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-9 स्थित ख़यालीपुर ढाल के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गौवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही गौरक्षक एवं गौ-प्रेमी योगेश राणा अपने साथियों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल गौवंश की देखभाल में जुट गए। योगेश राणा ने गजरौला नगर पालिका पर आरोप लगाया है कि घायल पशुओं को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने हेतु एंबुलेंस की व्यवस्था होने के बावजूद, सूचना देने के बाद भी कोई एंबुलेंस मौके पर नहीं भेजी गई। उन्होंने प्रशासन की इस घोर लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब तक घायल गौवंश को उपचार के लिए अस्पताल नहीं पहुंचाया जाएगा, तब तक वह मौके से नहीं हटेंगे। योगेश राणा ने दृढ़ता से कहा, "चाहे सुबह हो जाए, लेकिन गौ माता को बिना एंबुलेंस के नहीं छोड़ेंगे। जरूरत पड़ी तो पूरी रात सड़क पर जागकर उनकी सेवा करेंगे।" इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी काफी नाराजगी देखी गई, जिन्होंने घायल गौवंश का तत्काल उपचार कराने और जिम्मेदार विभाग से शीघ्र एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की।1
- अमरोहा के गजरौला ब्लॉक परिसर में बारिश के बाद कार्यालयों में करीब दो फीट तक पानी भर गया, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। परिसर में खड़े वाहन भी पानी में डूबे नजर आए। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बरसात का पानी जमा हो गया है। इस जलभराव के कारण कर्मचारियों और आम लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या हर वर्ष बारिश के दौरान सामने आती है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लोगों और गजरौला के ग्राम विकास अधिकारी ने प्रशासन से जल निकासी की बेहतर व्यवस्था कराने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की है कि ब्लॉक की बिल्डिंग काफी पुरानी हो चुकी है और यह कभी भी क्षतिग्रस्त होकर एक बड़ा हादसा बन सकती है, जिस पर ब्लॉक प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।2
- उत्तर प्रदेश के गजरौला में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े कथित घोटाले को लेकर जिलाधिकारी अमरोहा से शिकायत की गई है। यह शिकायत प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हुए अनियमितताओं के संबंध में दर्ज कराई गई है।1
- उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह गरीब परिवारों की लड़कियों को अच्छे घर में शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था। परिवार और पुलिस को धोखा देने के लिए ये तस्कर फर्जी शादियां भी करवाते थे। शादी के बाद इन लड़कियों को राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में ले जाकर बेच दिया जाता था, जहाँ उन्हें जबरन वेश्यावृत्ति में धकेल दिया जाता था। पुलिस ने इस गिरोह के चंगुल से एक युवती को बचाया है। इस युवती का राजस्थान में ग्राहकों से 2 लाख रुपये में सौदा हो चुका था और इसके लिए 1 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान भी ले लिया गया था।1
- उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने अमरोहा में एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गोसेवा सुशासन का आधार है और निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे समाज में यह संदेश फैलाएं कि लोग गौशालाओं से गायों को अपनाकर उनका पालन-पोषण करें और उन्हें बेसहारा न छोड़ें। शुक्ल ने जानकारी दी कि पूरे प्रदेश में 7,700 से अधिक गौ-आश्रय स्थलों में 16 लाख से अधिक निराश्रित गौवंश का संरक्षण किया जा रहा है। प्रत्येक गौवंश के भरण-पोषण के लिए प्रतिदिन 50 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, 5,446 गौशालाओं में 7,592 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री निराश्रित गौवंश सहभागिता योजना के तहत अब तक 1.67 लाख से अधिक गौवंश इच्छुक गौपालकों को सौंपे जा चुके हैं, और इन गौवंशों के पोषण के लिए सहायता सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में भेजी जा रही है। अमरोहा जनपद की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए, उन्होंने बताया कि जिले में 26 गौ-आश्रय स्थलों में 8,776 गौवंश संरक्षित हैं। वहीं, सहभागिता योजना के अंतर्गत 850 गौपालकों द्वारा 1,279 गौवंश को अपनाया गया है। उपाध्यक्ष ने इस बात पर भी जोर दिया कि गोवध निवारण अधिनियम के तहत गौवंश की सुरक्षा के लिए सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू है, और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने गौ संरक्षण को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार से सावधान रहने की अपील भी की। इस प्रेस वार्ता में गोसेवा आयोग के सदस्य दीपक गोयल, अपर निदेशक पशुपालन डॉ. जगदीश प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आभा दत्त, जिला सूचना अधिकारी मो. दानिश, तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार उपस्थित रहे।2
- ई-रिक्शा चालकों की लगातार बढ़ रही लापरवाही आम लोगों की जान और उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गई है। उनकी अनियंत्रित ड्राइविंग के कारण लोगों को लगातार जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।1