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मऊ जिले के नुरुल्लाहपुर गाँव में विकास कार्य न होने से स्थानीय जनता बेहद परेशान है। यहाँ के ग्राम प्रधान और क्षेत्रीय विधायक दोनों पर ही क्षेत्र में कोई भी काम न करने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि इन दोनों जनप्रतिनिधियों ने यहाँ कोई काम नहीं कराया है, जिसके कारण पूरी जनता त्रस्त है। इसके साथ ही, गाँव में स्वच्छता की स्थिति को लेकर भी लोग काफी परेशान हैं।
Drx.Rudra
मऊ जिले के नुरुल्लाहपुर गाँव में विकास कार्य न होने से स्थानीय जनता बेहद परेशान है। यहाँ के ग्राम प्रधान और क्षेत्रीय विधायक दोनों पर ही क्षेत्र में कोई भी काम न करने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि इन दोनों जनप्रतिनिधियों ने यहाँ कोई काम नहीं कराया है, जिसके कारण पूरी जनता त्रस्त है। इसके साथ ही, गाँव में स्वच्छता की स्थिति को लेकर भी लोग काफी परेशान हैं।
- Drx.Rudraमधुबन, मऊ, उत्तर प्रदेशyahi hai dewranchal ka hal is pe kisi bhi netano ki najar nahi hai sab log apna jeb bhar rahe hai4 hrs ago
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- मऊ जिले के नुरुल्लाहपुर गाँव में विकास कार्य न होने से स्थानीय जनता बेहद परेशान है। यहाँ के ग्राम प्रधान और क्षेत्रीय विधायक दोनों पर ही क्षेत्र में कोई भी काम न करने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि इन दोनों जनप्रतिनिधियों ने यहाँ कोई काम नहीं कराया है, जिसके कारण पूरी जनता त्रस्त है। इसके साथ ही, गाँव में स्वच्छता की स्थिति को लेकर भी लोग काफी परेशान हैं।1
- Post by SONI DEVI1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज़ीलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए एक भावुक किस्सा साझा किया है। मंच से एक मफ़लर दिखाते हुए पीएम मोदी ने बताया कि 25-30 साल पहले, जब वे किसी सरकार का हिस्सा नहीं थे और सार्वजनिक जीवन में उन्हें कोई नहीं जानता था, तब उन्हें न्यूज़ीलैंड आने का मौका मिला था। इस यात्रा के दौरान उन्हें तीन उपहार मिले थे, जिनमें से एक खास मफ़लर उन्होंने आज भी संभालकर रखा है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से कहा कि वे आज भी इस मफ़लर का वैसे ही ध्यान रखते हैं, जैसे वे उनके प्यार का ध्यान रखते हैं। प्रधानमंत्री के इस भावुक संदेश पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका जोरदार स्वागत किया।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती (हर्रैया और कप्तानगंज क्षेत्र) में योगी आदित्यनाथ ने 504 करोड़ रुपये की लागत वाली 77 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस विकास-केंद्रित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर बेहद तीखे राजनीतिक हमले किए। योगी आदित्यनाथ ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सरकारी फंड कब्रिस्तान की दीवारों पर खर्च होते थे, जबकि उनकी सरकार के कार्यकाल में 1500 मंदिरों का पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कब्रिस्तान बनाम मंदिर के नरेटिव को हवा देते हुए आरोप लगाया कि सपा सरकार कब्रिस्तान और वक्फ के नाम पर अतिक्रमण को बढ़ावा देती थी, जबकि कांवर यात्रा जैसी हिंदू परंपराओं और 'जय श्री राम' के नारों पर रोक लगाती थी। सपा के एक जिलाध्यक्ष की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, "कब्रिस्तान के नाम पर कब्जा हो रहा था, सपा जिलाध्यक्ष खुद आए थे। लखनऊ में बैठे लोगों को केवल कब्रिस्तान ही दिखाई देता था।" उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तंज कसा कि अब वे भी भगवा पहनकर कांवर यात्रा में शामिल होना चाहते हैं, जबकि उनके शासनकाल में हनुमानगढ़ी पर नमाज पढ़ने के प्रयास हुए और कांवर यात्राओं को रोका गया। शिक्षा और युवाओं के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के कार्यकाल में केवल नकल और बेरोजगारी ही हाथ लगती थी, जबकि आज बेहतर शिक्षा व्यवस्था मौजूद है। 10 जुलाई 2026 को दिया गया यह भाषण केवल एक विकास कार्यक्रम तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। यह भाषण विकास और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की दोहरी रणनीति को मजबूत करते हुए सपा-कांग्रेस गठबंधन को कमजोर करने की दिशा में एक बड़ा राजनीतिक संदेश देता है।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली में कोतवाली क्षेत्र के जीटी रोड स्थित काली मंदिर ध्वस्तीकरण के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया है। सड़क चौड़ीकरण के कार्य के बीच अचानक मंदिर का विशाल गुंबद गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक PWD कर्मचारी की मौत हो गई। इस गंभीर हादसे में एक अन्य व्यक्ति भी बुरी तरह घायल हुआ है। यह पूरी बुलडोजर कार्रवाई बिना ट्रैफिक रोके ही चलाई जा रही थी, जिसके दौरान यह गुंबद अचानक ढह गया। मलबे की चपेट में आने से जान गंवाने वाले PWD कर्मचारी की पहचान पड़ाव डांडी निवासी 58 वर्षीय झुमरी उर्फ बलदेव के रूप में हुई है।1