रियांबड़ी: डांगावास से कुड़की जिला सीमा तक एमडीआर-243 सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी यह सड़क कुछ ही महीनों में कई जगह से उखड़ गई है। ग्रामीणों ने निर्माण की तकनीकी जांच और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, बीजाथल गांव से रियांबड़ी तक सड़क निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, लुगिया गांव में सड़क बनने के कुछ महीनों बाद ही बीच का एक बड़ा हिस्सा उखड़ गया है, जिससे 1 से 2 फीट गहरा गड्ढा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गड्ढा गांव से बाहर निकलते ही अचानक सामने आता है, जिससे वाहन चालक इसका अनुमान नहीं लगा पाते। इसके कारण कई वाहन चालक इसमें गिरकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने यहां रोजाना हादसे का खतरा बताया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के कई अन्य हिस्सों में भी निर्माण के कुछ ही दिनों बाद ऊपरी परत उखड़ गई थी। शिकायतों के बाद संबंधित विभाग ने कुछ स्थानों पर मरम्मत कराई है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत के बाद सड़क का लेवल सही नहीं किया गया, जिससे कई जगह सड़क उबड़-खाबड़ हो गई है। यह स्थिति भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। सड़क किनारे लगे सूचना बोर्ड के अनुसार, यह कार्य केंद्रीय सड़क निधि योजना के तहत डांगावास से कुड़की जिला सीमा तक एमडीआर-243 के किलोमीटर 26/500 से 36/500 तक किया जा रहा है। इसके चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 964.16 लाख रुपये (9.64 करोड़ रुपये) की स्वीकृति राशि दर्शाई गई है, जबकि कार्यादेश राशि 785.02 लाख रुपये (7.85 करोड़ रुपये) अंकित है। बोर्ड पर जॉब नंबर CRIF/1063/RJ/2023-24 भी दर्ज है। रियांबड़ी: डांगावास से कुड़की जिला सीमा तक एमडीआर-243 सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी यह सड़क कुछ ही महीनों में कई जगह से उखड़ गई है। ग्रामीणों ने निर्माण की तकनीकी जांच और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, बीजाथल गांव से रियांबड़ी तक सड़क निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, लुगिया गांव में सड़क बनने के कुछ महीनों बाद ही बीच का एक बड़ा हिस्सा उखड़ गया है, जिससे 1 से 2 फीट गहरा गड्ढा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गड्ढा गांव से बाहर निकलते ही अचानक सामने आता है, जिससे वाहन चालक इसका अनुमान नहीं लगा पाते। इसके कारण कई वाहन चालक इसमें गिरकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने यहां रोजाना हादसे का खतरा बताया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के कई अन्य हिस्सों में भी निर्माण के कुछ ही दिनों बाद ऊपरी परत उखड़ गई थी। शिकायतों के बाद संबंधित विभाग ने कुछ स्थानों पर मरम्मत कराई है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत के बाद सड़क का लेवल सही नहीं किया गया, जिससे कई जगह सड़क उबड़-खाबड़ हो गई है। यह स्थिति भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। सड़क किनारे लगे सूचना बोर्ड के अनुसार, यह कार्य केंद्रीय सड़क निधि योजना के तहत डांगावास से कुड़की जिला सीमा तक एमडीआर-243 के किलोमीटर 26/500 से 36/500 तक किया जा रहा है। इसके चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 964.16 लाख रुपये (9.64 करोड़ रुपये) की स्वीकृति राशि दर्शाई गई है, जबकि कार्यादेश राशि 785.02 लाख रुपये (7.85 करोड़ रुपये) अंकित है। बोर्ड पर जॉब नंबर CRIF/1063/RJ/2023-24 भी दर्ज है।
रियांबड़ी: डांगावास से कुड़की जिला सीमा तक एमडीआर-243 सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी यह सड़क कुछ ही महीनों में कई जगह से उखड़ गई है। ग्रामीणों ने निर्माण की तकनीकी जांच और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, बीजाथल गांव से रियांबड़ी तक सड़क निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, लुगिया गांव में सड़क बनने के कुछ महीनों बाद ही बीच का एक बड़ा हिस्सा उखड़ गया है, जिससे 1 से 2 फीट गहरा गड्ढा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गड्ढा गांव से बाहर निकलते ही अचानक सामने आता है, जिससे वाहन चालक इसका अनुमान नहीं लगा पाते। इसके कारण कई वाहन चालक इसमें गिरकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने यहां रोजाना हादसे का खतरा बताया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के कई अन्य हिस्सों में भी निर्माण के कुछ ही दिनों बाद ऊपरी परत उखड़ गई थी। शिकायतों के बाद संबंधित विभाग ने कुछ स्थानों पर मरम्मत कराई है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत के बाद सड़क का लेवल सही नहीं किया गया, जिससे कई जगह सड़क उबड़-खाबड़ हो गई है। यह स्थिति भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। सड़क किनारे लगे सूचना बोर्ड के अनुसार, यह कार्य केंद्रीय सड़क निधि योजना के तहत डांगावास से कुड़की जिला सीमा तक एमडीआर-243 के किलोमीटर 26/500 से 36/500 तक किया जा रहा है। इसके चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 964.16 लाख रुपये (9.64 करोड़ रुपये) की स्वीकृति राशि दर्शाई गई है, जबकि कार्यादेश राशि 785.02 लाख रुपये (7.85 करोड़ रुपये) अंकित है। बोर्ड पर जॉब नंबर CRIF/1063/RJ/2023-24 भी दर्ज है। रियांबड़ी: डांगावास से कुड़की जिला सीमा तक एमडीआर-243 सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी यह सड़क कुछ ही महीनों में कई जगह से उखड़ गई है। ग्रामीणों ने निर्माण की तकनीकी जांच और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, बीजाथल गांव से रियांबड़ी तक सड़क निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, लुगिया गांव में सड़क बनने के कुछ महीनों बाद ही बीच का एक बड़ा हिस्सा उखड़ गया है, जिससे 1 से 2 फीट गहरा गड्ढा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गड्ढा गांव से बाहर निकलते ही अचानक सामने आता है, जिससे वाहन चालक इसका अनुमान नहीं लगा पाते। इसके कारण कई वाहन चालक इसमें गिरकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने यहां रोजाना हादसे का खतरा बताया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के कई अन्य हिस्सों में भी निर्माण के कुछ ही दिनों बाद ऊपरी परत उखड़ गई थी। शिकायतों के बाद संबंधित विभाग ने कुछ स्थानों पर मरम्मत कराई है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत के बाद सड़क का लेवल सही नहीं किया गया, जिससे कई जगह सड़क उबड़-खाबड़ हो गई है। यह स्थिति भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। सड़क किनारे लगे सूचना बोर्ड के अनुसार, यह कार्य केंद्रीय सड़क निधि योजना के तहत डांगावास से कुड़की जिला सीमा तक एमडीआर-243 के किलोमीटर 26/500 से 36/500 तक किया जा रहा है। इसके चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 964.16 लाख रुपये (9.64 करोड़ रुपये) की स्वीकृति राशि दर्शाई गई है, जबकि कार्यादेश राशि 785.02 लाख रुपये (7.85 करोड़ रुपये) अंकित है। बोर्ड पर जॉब नंबर CRIF/1063/RJ/2023-24 भी दर्ज है।
- आचार संहिता की पालना को लेकर राजनीतिक दलों की बैठक, निष्पक्ष चुनाव के लिए दिए आवश्यक निर्देश रियांबड़ी,( नागौर ) 21 अगस्त। नगरपालिका आम चुनाव-2026 के मद्देनज़र आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया की अध्यक्षता में गुरुवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने को लेकर निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों पर विस्तार से आवश्यक निर्देश दिए गए3
- रियांबड़ी: डांगावास से कुड़की जिला सीमा तक एमडीआर-243 सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी यह सड़क कुछ ही महीनों में कई जगह से उखड़ गई है। ग्रामीणों ने निर्माण की तकनीकी जांच और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, बीजाथल गांव से रियांबड़ी तक सड़क निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, लुगिया गांव में सड़क बनने के कुछ महीनों बाद ही बीच का एक बड़ा हिस्सा उखड़ गया है, जिससे 1 से 2 फीट गहरा गड्ढा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गड्ढा गांव से बाहर निकलते ही अचानक सामने आता है, जिससे वाहन चालक इसका अनुमान नहीं लगा पाते। इसके कारण कई वाहन चालक इसमें गिरकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने यहां रोजाना हादसे का खतरा बताया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के कई अन्य हिस्सों में भी निर्माण के कुछ ही दिनों बाद ऊपरी परत उखड़ गई थी। शिकायतों के बाद संबंधित विभाग ने कुछ स्थानों पर मरम्मत कराई है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत के बाद सड़क का लेवल सही नहीं किया गया, जिससे कई जगह सड़क उबड़-खाबड़ हो गई है। यह स्थिति भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। सड़क किनारे लगे सूचना बोर्ड के अनुसार, यह कार्य केंद्रीय सड़क निधि योजना के तहत डांगावास से कुड़की जिला सीमा तक एमडीआर-243 के किलोमीटर 26/500 से 36/500 तक किया जा रहा है। इसके चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 964.16 लाख रुपये (9.64 करोड़ रुपये) की स्वीकृति राशि दर्शाई गई है, जबकि कार्यादेश राशि 785.02 लाख रुपये (7.85 करोड़ रुपये) अंकित है। बोर्ड पर जॉब नंबर CRIF/1063/RJ/2023-24 भी दर्ज है। रियांबड़ी: डांगावास से कुड़की जिला सीमा तक एमडीआर-243 सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी यह सड़क कुछ ही महीनों में कई जगह से उखड़ गई है। ग्रामीणों ने निर्माण की तकनीकी जांच और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, बीजाथल गांव से रियांबड़ी तक सड़क निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, लुगिया गांव में सड़क बनने के कुछ महीनों बाद ही बीच का एक बड़ा हिस्सा उखड़ गया है, जिससे 1 से 2 फीट गहरा गड्ढा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गड्ढा गांव से बाहर निकलते ही अचानक सामने आता है, जिससे वाहन चालक इसका अनुमान नहीं लगा पाते। इसके कारण कई वाहन चालक इसमें गिरकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने यहां रोजाना हादसे का खतरा बताया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के कई अन्य हिस्सों में भी निर्माण के कुछ ही दिनों बाद ऊपरी परत उखड़ गई थी। शिकायतों के बाद संबंधित विभाग ने कुछ स्थानों पर मरम्मत कराई है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत के बाद सड़क का लेवल सही नहीं किया गया, जिससे कई जगह सड़क उबड़-खाबड़ हो गई है। यह स्थिति भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। सड़क किनारे लगे सूचना बोर्ड के अनुसार, यह कार्य केंद्रीय सड़क निधि योजना के तहत डांगावास से कुड़की जिला सीमा तक एमडीआर-243 के किलोमीटर 26/500 से 36/500 तक किया जा रहा है। इसके चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 964.16 लाख रुपये (9.64 करोड़ रुपये) की स्वीकृति राशि दर्शाई गई है, जबकि कार्यादेश राशि 785.02 लाख रुपये (7.85 करोड़ रुपये) अंकित है। बोर्ड पर जॉब नंबर CRIF/1063/RJ/2023-24 भी दर्ज है।1
- नगर पालिका रिया बड़ी में वार्डों में लगे कचरे के ढेर नगर पालिका अधिकारी नहीं दे ध्यान बढ़ते मच्छरों से फैल रही बीमारियां1
- जेठाना कब्रिस्तान और सदियों पुरानी बावड़ी विद्यालय प्रशासन की लापरवाही से बन रही है कचरा पात्र, मीडिया की आंखों से विद्यालय प्रशासन की लापरवाही हो रही है उजागर जेठाना कब्रिस्तान और सदियों पुरानी बावड़ी विद्यालय प्रशासन की लापरवाही से बन रही है कचरा पात्र, मीडिया की आंखों से विद्यालय प्रशासन की लापरवाही हो रही है उजागर2
- ट्रेक्टर ट्रॉली मे जा घुसी कार, कार सवार चार गंभीर घायल, अजमेर jln रेफर..... फतेहपुरा-रामपुरा डाबला रोड पर कार और मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की आमने-सामने भीषण भिड़ंत हो गई। हादसे में कार सवार एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज रफ्तार कार अजमेर से गोविंदगढ़ की तरफ जा रही थी, तभी अचानक खेत से निकलकर मुख्य सड़क पर आए ट्रैक्टर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत पीसांगन अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गंभीर हालत में अजमेर रेफर कर दिया गया। सूचना मिलने पर पीसांगन थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों वाहनों को कब्जे में लिया और जांच शुरू की।3
- अजमेर: जेएलएन अस्पताल में तीन हार्डकोर अपराधियों का इलाज, हथियारबंद जवानों के कड़े पहरे में पहुंचे सिकेन्द्र, रणवीर और रिंकू1
- अजमेर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा! 4 करंट और 6 सेविंग खातों में घूमता था ठगी का पैसा, दिल्ली से 4 गिरफ्तार अजमेर में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, पॉलिसी रिन्यू करने के नाम पर बिजनेसमैन से ₹6.50 लाख की ठगी, ठगी की रकम को फर्जी फर्म के जरिए 4 करंट और 6 सेविंग बैंक खातों में घुमाकर निकालते थे आरोपी, देशभर से आने वाली साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर किया जाता था कैश, अजमेर साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली से गिरोह के 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार, पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क और अन्य जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।1
- रियान बड़ी के विजय बाग में आयोजित शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अजमेर से आए संत उत्तम राम जी शास्त्री ने कथा का वाचन किया। उन्होंने धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मनुष्य जीवन में अच्छे कर्म करने और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। संत उत्तम राम जी शास्त्री ने कथा के दौरान कर्मों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार ही फल प्राप्त होता है। अच्छे कर्म करने वालों को सुख और पुण्य मिलता है, जबकि बुरे कर्मों का दंड भुगतना पड़ता है। शास्त्री जी ने स्वर्ग और नर्क से जुड़े धार्मिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं को सद्कर्मों के लिए प्रेरित किया। कथा के बीच रामगोपाल माली द्वारा श्रद्धालुओं को राम नाम पुस्तिकाएं वितरित की गईं। भक्तों से आग्रह किया गया कि वे कथा के अंतिम दिन तक इन पुस्तिकाओं में राम नाम लिखकर वापस जमा करें। राम नाम लिखने को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चाय सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। कथा में पधारे भक्तों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। पूरे कथा स्थल पर धार्मिक माहौल बना रहा, जहां श्रद्धालु भजनों और कथा प्रसंगों में लीन दिखाई दिए। आयोजकों ने बताया कि शिव महापुराण कथा के आगामी दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इस कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा, सदाचार और अच्छे कर्मों के महत्व का संदेश लगातार दिया जा रहा है। रियान बड़ी के विजय बाग में आयोजित शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अजमेर से आए संत उत्तम राम जी शास्त्री ने कथा का वाचन किया। उन्होंने धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मनुष्य जीवन में अच्छे कर्म करने और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। संत उत्तम राम जी शास्त्री ने कथा के दौरान कर्मों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार ही फल प्राप्त होता है। अच्छे कर्म करने वालों को सुख और पुण्य मिलता है, जबकि बुरे कर्मों का दंड भुगतना पड़ता है। शास्त्री जी ने स्वर्ग और नर्क से जुड़े धार्मिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं को सद्कर्मों के लिए प्रेरित किया। कथा के बीच रामगोपाल माली द्वारा श्रद्धालुओं को राम नाम पुस्तिकाएं वितरित की गईं। भक्तों से आग्रह किया गया कि वे कथा के अंतिम दिन तक इन पुस्तिकाओं में राम नाम लिखकर वापस जमा करें। राम नाम लिखने को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चाय सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। कथा में पधारे भक्तों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। पूरे कथा स्थल पर धार्मिक माहौल बना रहा, जहां श्रद्धालु भजनों और कथा प्रसंगों में लीन दिखाई दिए। आयोजकों ने बताया कि शिव महापुराण कथा के आगामी दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इस कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा, सदाचार और अच्छे कर्मों के महत्व का संदेश लगातार दिया जा रहा है।1