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सरकार दे रही है मत्स्य पालन की फ्री ट्रेनिंग, आने-जाने, खाना और ठहरने की सुविधा भी
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सरकार दे रही है मत्स्य पालन की फ्री ट्रेनिंग, आने-जाने, खाना और ठहरने की सुविधा भी
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- बिहारशरीफ से बड़ी खबर सामने आ रही है। पीएमएस कॉलेज में वर्तमान सचिव डॉ. रघुनाथ प्रसाद कछबे के खिलाफ कॉलेज के शिक्षक और शिक्षकोत्तर कर्मचारियों ने रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि कॉलेज के सचिव डॉ. रघुनाथ प्रसाद कछुए और प्रभारी प्राचार्य डॉ. बलिराम प्रसाद सिंह की मिलीभगत से सरकारी अनुदान की राशि के वितरण में वित्तीय अनियमितता और घोटाले किए गए हैं। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि कॉलेज में भवन निर्माण के नाम पर कर्मचारियों के लिए जमा सुरक्षा कोष की राशि को खर्च करने की कोशिश की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। मामले की जांच की मांग को लेकर कर्मचारियों ने पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय पटना के कुलपति को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रदर्शन में डॉ. संजय कुमार, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. नवल किशोर प्रसाद, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. रूपम सिन्हा, प्रोफेसर नागेश्वर प्रसाद, प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार सहित सैकड़ों शिक्षक और शिक्षकोत्तर कर्मचारी मौजूद रहे। कैमरामैन के साथ — वंदे भारत न्यूज़, बिहारशरीफ नालंदा1
- बिहारशरीफ से बड़ी खबर सामने आ रही है। पीएमएस कॉलेज में वर्तमान सचिव डॉ. रघुनाथ प्रसाद कछबे के खिलाफ कॉलेज के शिक्षक और शिक्षकोत्तर कर्मचारियों ने रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि कॉलेज के सचिव डॉ. रघुनाथ प्रसाद कछुए और प्रभारी प्राचार्य डॉ. बलिराम प्रसाद सिंह की मिलीभगत से सरकारी अनुदान की राशि के वितरण में वित्तीय अनियमितता और घोटाले किए गए हैं। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि कॉलेज में भवन निर्माण के नाम पर कर्मचारियों के लिए जमा सुरक्षा कोष की राशि को खर्च करने की कोशिश की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। मामले की जांच की मांग को लेकर कर्मचारियों ने पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय पटना के कुलपति को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रदर्शन में डॉ. संजय कुमार, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. नवल किशोर प्रसाद, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. रूपम सिन्हा, प्रोफेसर नागेश्वर प्रसाद, प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार सहित सैकड़ों शिक्षक और शिक्षकोत्तर कर्मचारी मौजूद रहे। कैमरामैन के साथ — वंदे भारत न्यूज़, बिहारशरीफ नालंदा1
- गोली मारे मेरे को 😲😱😥😂4
- पीएमएस कॉलेज में अनुदान बंटवारे पर बवाल, शिक्षकों का उग्र प्रदर्शन1
- नालंदा के परवलपुर थाना क्षेत्र के अस्तुपुर गांव में मद्यनिषेध टीम ने छापेमारी कर अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया। ड्रोन से सत्यापन के बाद की गई इस कार्रवाई में कई लोगों को नामजद करते हुए विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1
- एंकर, नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित PMS कॉलेज में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। आरोप है कि अनुदान वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। दरअसल बिहारशरीफ के PMS कॉलेज में अनुदान वितरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षकों और कर्मचारियों ने कॉलेज के सचिव डॉ. रघुनाथ प्रसाद कच्छवे और प्रभारी प्राचार्य डॉ. बलराम प्रसाद सिंह पर करीब ढाई करोड़ रुपये के अनुदान में अनियमितता और पक्षपात का गंभीर आरोप लगाया है। आक्रोशित शिक्षकों और कर्मचारियों ने अस्पताल चौराहा पर जोरदार प्रदर्शन किया और सचिव एवं प्राचार्य का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकारी अनुदान और सुरक्षा कोष की राशि के वितरण में भारी गड़बड़ी की गई है, जिससे अधिकांश कर्मचारी नाराज हैं। शिक्षकों ने कहा कि बार-बार मांग के बावजूद सचिव द्वारा आमसभा नहीं बुलाई जा रही है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले को लेकर कुलपति और राज्यपाल (कुलाधिपति) समेत संबंधित अधिकारियों को जांच के लिए आवेदन भी भेजा गया है। शिक्षकों का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं बल्कि न्यायपूर्ण अनुदान वितरण के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुदान का बंटवारा बंदरबांट की तरह किया गया, जिसमें कुछ लोगों को ज्यादा और अधिकांश शिक्षकों को बहुत कम राशि दी गई। सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ शिक्षकों को नजरअंदाज कर जूनियर कर्मियों को ज्यादा राशि दी गई। वहीं केमिस्ट्री विभाग की डॉ. प्रियंका सिन्हा ने इसे व्यापक भ्रष्टाचार बताते हुए कहा कि भविष्य में अनुदान का वितरण सरकारी गाइडलाइन के अनुसार पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। इंग्लिश विभाग के सहायक प्रोफेसर सूर्यकांत वर्मा ने दावा किया कि कई शिक्षकों को उनके हक का 50 से 70 प्रतिशत कम अनुदान मिला, जबकि कुछ अपात्र लोगों को भी पैसे दिए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जहां कुछ शिक्षकों को 30 से 50 हजार रुपये मिले, वहीं कुछ चपरासियों को डेढ़ लाख रुपये तक दिए गए और उनसे राशि वापस ली गई, जो गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल इस पूरे मामले पर कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मामला अब तूल पकड़ चुका है।1
- Post by VN News Bihar1
- राजनीति में निशांत कुमार की एंट्री पर मांझी का बड़ा बयान, एंकर, मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि राजनीति में निशांत कुमार के आगमन को लेकर उन्होंने बधाई देते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के लिए जो काम किया है, उसे आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब एक सामान्य परिवार का व्यक्ति मंत्री बन सकता है, तो निशांत कुमार के मुख्यमंत्री बनने में भी कोई बड़ी बात नहीं है।1