जनपद बाराबंकी की आदर्श नगर पंचायत रामनगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ में गुरुवार को 21 दिवसीय शिव महापुराण कथा और शिव गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। कथा आयोजक पंडित राजेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में सुबह लगभग 9 बजे विधि-विधान से यह कलश यात्रा निकाली गई। यह कलश शोभायात्रा गायत्री शक्तिपीठ से प्रारंभ होकर रामनगर कस्बे के विभिन्न मार्गों से होते हुए बुढ़वल चौराहा पहुंची और पुनः शक्तिपीठ परिसर में संपन्न हुई। यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर हिस्सा लिया, जबकि श्रद्धालु पीले वस्त्रों में भक्ति भाव से शामिल हुए और पूरे मार्ग में धार्मिक जयघोष गूंजते रहे। कलश यात्रा के दौरान रामनगर थाने की पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुस्तैद रही। शांतिकुंज हरिद्वार से आए विद्वान आचार्यों द्वारा इस 21 दिवसीय शिव महापुराण कथा एवं शिव गायत्री महायज्ञ का संचालन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं ने कथा स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और धर्म लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर कथा आयोजक पंडित राजेश कुमार मिश्रा, समाजसेवी हरिशंकर शुक्ला, बबलू वर्मा, समाज सेविका रामवती, दिनेश बाजपेई, निकेत कुमार, देवेंद्र कुमार मौर्य, वीरेंद्र प्रताप सिंह, सकेत शर्मा, मौनी दास, सौरभ शुक्ला, निशांत त्रिपाठी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से कथा एवं महायज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
जनपद बाराबंकी की आदर्श नगर पंचायत रामनगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ में गुरुवार को 21 दिवसीय शिव महापुराण कथा और शिव गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। कथा आयोजक पंडित राजेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में सुबह लगभग 9 बजे विधि-विधान से यह कलश यात्रा निकाली गई। यह कलश शोभायात्रा गायत्री शक्तिपीठ से प्रारंभ होकर रामनगर कस्बे के विभिन्न मार्गों से होते हुए बुढ़वल चौराहा पहुंची और पुनः शक्तिपीठ परिसर में संपन्न हुई। यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर हिस्सा लिया, जबकि श्रद्धालु पीले वस्त्रों में भक्ति भाव से शामिल हुए और पूरे मार्ग में धार्मिक जयघोष गूंजते रहे। कलश यात्रा के दौरान रामनगर थाने की पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुस्तैद रही। शांतिकुंज हरिद्वार से आए विद्वान आचार्यों द्वारा इस 21 दिवसीय शिव महापुराण कथा एवं शिव गायत्री महायज्ञ का संचालन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं ने कथा स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और धर्म लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर कथा आयोजक पंडित राजेश कुमार मिश्रा, समाजसेवी हरिशंकर शुक्ला, बबलू वर्मा, समाज सेविका रामवती, दिनेश बाजपेई, निकेत कुमार, देवेंद्र कुमार मौर्य, वीरेंद्र प्रताप सिंह, सकेत शर्मा, मौनी दास, सौरभ शुक्ला, निशांत त्रिपाठी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से कथा एवं महायज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
- एक संदेश में आगामी कल के लिए एक विशेष वीडियो देखने का आग्रह किया गया है, जिसका संबंध ‘सूरत मोदी’ से बताया गया है। इसके अतिरिक्त, उपयोगकर्ताओं से ‘करेन’ नामक किसी व्यक्ति को फॉलो करने की भी अपील की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में पिछले साल सनसनीखेज महिला कांस्टेबल विमलेश पाल हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी, हरदोई में तैनात सिपाही इंद्रेश मौर्य की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद बाराबंकी पुलिस की विवेचना और शव की पहचान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह पूरा मामला जुलाई 2025 का है, जब बाराबंकी के सुबेहा थाने में तैनात महिला कांस्टेबल विमलेश पाल अचानक लापता हो गई थीं; उनकी ड्यूटी महादेवा मेले में लगी थी। लापता होने के कुछ दिनों बाद मसौली थाना क्षेत्र के बिंदौरा पुल के पास एक खेत की झाड़ियों से एक महिला का शव बरामद हुआ था, जिसकी पहचान विमलेश पाल के रूप में की गई थी। पुलिस ने दावा किया था कि विमलेश और सिपाही इंद्रेश मौर्य के बीच साल 2017 से प्रेम संबंध थे। विमलेश द्वारा बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराने के बाद दोनों ने आर्य समाज मंदिर में कोर्ट मैरिज कर ली थी। हालांकि, पुलिस के अनुसार, शादी के बाद भी इंद्रेश उसे पत्नी का सामाजिक दर्जा देने और साथ रखने से बच रहा था। पुलिस की थ्योरी के मुताबिक, इसी विवाद और पैसों के लेन-देन से छुटकारा पाने के लिए इंद्रेश ने समीक्षा अधिकारी (RO) की परीक्षा का बहाना बनाकर लखनऊ से बाराबंकी आकर विमलेश के सिर पर वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पुलिस की पूरी थ्योरी को कमजोर कर दिया। सुनवाई में यह उजागर हुआ कि बरामद शव की पहचान और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों में कुछ तकनीकी और फॉरेंसिक खामियां थीं, जिससे यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि शव वास्तव में विमलेश पाल का ही था। इसके अलावा, पुलिस जिस तेजी से इसे 'ब्लाइंड मर्डर' बताते हुए खुलासा कर रही थी, अदालत में कड़ी से कड़ी जोड़ने में वह असमर्थ नजर आई। हाईकोर्ट ने हालांकि मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है और स्पष्ट किया है कि निचली अदालत में इस मामले का विचारण जारी रहेगा। लेकिन प्रारंभिक साक्ष्यों की कमी और पहचान पर उठे सवालों को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया। एक पुलिसकर्मी की हत्या के मामले में दूसरे पुलिसकर्मी (पति) को इतनी जल्दी जमानत मिल जाना बाराबंकी पुलिस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। कानूनी जानकारों का कहना है कि पुलिस को ट्रायल कोर्ट में अपनी चार्जशीट और फॉरेंसिक सबूतों को बेहद मजबूती से पेश करना होगा, अन्यथा यह केस कमजोर पड़ सकता है। फिलहाल, इस आदेश के बाद यह मामला क्षेत्र में दोबारा चर्चा का विषय बन गया है।1
- जनपद बाराबंकी की आदर्श नगर पंचायत रामनगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ में गुरुवार को 21 दिवसीय शिव महापुराण कथा और शिव गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। कथा आयोजक पंडित राजेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में सुबह लगभग 9 बजे विधि-विधान से यह कलश यात्रा निकाली गई। यह कलश शोभायात्रा गायत्री शक्तिपीठ से प्रारंभ होकर रामनगर कस्बे के विभिन्न मार्गों से होते हुए बुढ़वल चौराहा पहुंची और पुनः शक्तिपीठ परिसर में संपन्न हुई। यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर हिस्सा लिया, जबकि श्रद्धालु पीले वस्त्रों में भक्ति भाव से शामिल हुए और पूरे मार्ग में धार्मिक जयघोष गूंजते रहे। कलश यात्रा के दौरान रामनगर थाने की पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुस्तैद रही। शांतिकुंज हरिद्वार से आए विद्वान आचार्यों द्वारा इस 21 दिवसीय शिव महापुराण कथा एवं शिव गायत्री महायज्ञ का संचालन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं ने कथा स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और धर्म लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर कथा आयोजक पंडित राजेश कुमार मिश्रा, समाजसेवी हरिशंकर शुक्ला, बबलू वर्मा, समाज सेविका रामवती, दिनेश बाजपेई, निकेत कुमार, देवेंद्र कुमार मौर्य, वीरेंद्र प्रताप सिंह, सकेत शर्मा, मौनी दास, सौरभ शुक्ला, निशांत त्रिपाठी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से कथा एवं महायज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।1
- बाराबंकी में ग्रामीणों ने आबादी के बीच स्थित एक शराब ठेके को हटाने की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया।1
- बाराबंकी2
- बाराबंकी जनपद की रामनगर तहसील स्थित चौकाघाट रेलवे स्टेशन और गणेशपुर रेलवे बंद के पास वन विभाग के जंगल में मंगलवार को भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि वन विभाग द्वारा वर्षों की मेहनत से तैयार किए गए पौधे और हरे-भरे पेड़ इसकी चपेट में आ गए, जिससे पूरे वन विभाग और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। वन दरोगा सचिन पटेल ने तत्काल दमकल विभाग को सूचित किया, लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ी को मौके पर पहुँचने में लगभग दो घंटे लग गए। इस दौरान वन विभाग के दर्जनों कर्मचारियों ने टहनियों और उपलब्ध अन्य साधनों से आग पर काबू पाने की कोशिश की। करीब दो घंटे बाद दमकल की गाड़ी गणेशपुर रेलवे बंद के पास पहुँची और जहाँ तक पानी का पाइप पहुँच सका, वहाँ तक आग बुझाने का प्रयास किया गया। हालांकि, जंगल के भीतर आग काफी दूर तक फैल चुकी थी और उसका स्वरूप अत्यंत विकराल हो गया था। सीमित पहुँच और संसाधनों के अभाव में दमकल कर्मी आग पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं कर सके और कुछ देर के प्रयास के बाद दमकल की गाड़ी तथा 112 पुलिस टीम वापस लौट गईं, जबकि जंगल के भीतर कई स्थानों पर आग लगातार धधकती रही। वन विभाग के कर्मचारियों ने देर रात तक मोर्चा संभाले रखा और टहनियों की मदद से आग बुझाने का कार्य जारी रखा। इस आग की लपटों में छह फुट से अधिक ऊँचाई वाले कई पौधे और हरे-भरे पेड़ झुलस गए। वन क्षेत्र में फैली इस भीषण आग के कारण पर्यावरण और वन संपदा को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वन दरोगा सचिन पटेल ने बताया कि विभाग के कर्मचारी लगातार आग बुझाने में जुटे हैं और आग लगने के कारणों की जाँच की जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने जंगल में लगी इस आग पर शीघ्र नियंत्रण के लिए अतिरिक्त संसाधन और बेहतर दमकल व्यवस्था उपलब्ध कराने की माँग की है।1
- दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में भीषण अग्निकांड की घटना सामने आई है, जिससे इलाके में कोहराम मच गया। इस अग्निकांड में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। राहत और बचाव कार्य के दौरान कुल 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। इस घटना में घायल हुए लोगों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1