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आदिवासी मुख्यमंत्री बनने के बाद भी आदिवासियों का हाल- बेहाल छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला का ग्राम हरदीमाड़ा है, जो आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। सोचिए आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बाद भी आदिवासियों के स्थिति नही सुधर सका #chhattisgarhnews #korba #aadivasilife #vishnudevsai आदिवासी मुख्यमंत्री बनने के बाद भी आदिवासियों का हाल- बेहाल छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला का ग्राम हरदीमाड़ा है, जो आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। सोचिए आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बाद भी आदिवासियों के स्थिति नही सुधर सका #chhattisgarhnews #korba #aadivasilife #vishnudevsai

20 hrs ago
user_News30live
News30live
Local News Reporter Bilha, Bilaspur•
20 hrs ago

आदिवासी मुख्यमंत्री बनने के बाद भी आदिवासियों का हाल- बेहाल छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला का ग्राम हरदीमाड़ा है, जो आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। सोचिए आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बाद भी आदिवासियों के स्थिति नही सुधर सका #chhattisgarhnews #korba #aadivasilife #vishnudevsai आदिवासी मुख्यमंत्री बनने के बाद भी आदिवासियों का हाल- बेहाल छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला का ग्राम हरदीमाड़ा है, जो आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। सोचिए आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बाद भी आदिवासियों के स्थिति नही सुधर सका #chhattisgarhnews #korba #aadivasilife #vishnudevsai

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  • स्मार्ट मीटर, महंगी बिजली और अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ बोदरी वार्ड क्रमांक 11 में कांग्रेस का घर-घर जनअभियान शुरू शुक्रवार की शाम 6:00 बजे बिल्हा कांग्रेस कमेटी के बोदरी मंडल से मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर / नगर पालिका परिषद बोदरी। स्मार्ट मीटर, बढ़ती बिजली दरों एवं अघोषित बिजली कटौती के विरोध में नगर पालिका परिषद बोदरी के वार्ड क्रमांक 11 में कांग्रेस द्वारा घर-घर जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के अंतर्गत कांग्रेस कार्यकर्ता प्रत्येक घर पहुंचकर आम नागरिकों से संवाद कर रहे हैं तथा स्मार्ट मीटर, बढ़ते बिजली बिलों और अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ जनसमर्थन जुटा रहे हैं। इस जनसंपर्क अभियान का नेतृत्व नगर पालिका परिषद बोदरी के वार्ड क्रमांक 11 के वर्तमान पार्षद श्री रोहित साहू द्वारा किया गया। अभियान में जिला कांग्रेस कमेटी (ओबीसी विभाग ग्रामीण) के जिला अध्यक्ष एवं युवा कांग्रेस अध्यक्ष बिल्हा विधानसभा सुनील साहू, पूर्व अध्यक्ष प्रतिनिधि दिवाकर दुबे, वरिष्ठ कांग्रेसी मनोज वर्मा, युवा नेता राहुल भारद्वाज, मालिकराम ध्रुवंशी, पवन दीक्षित, एवं कांग्रेस कार्यकर्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने घर-घर पहुंचकर आम जनता की समस्याएं सुनीं तथा कांग्रेस सरकार की 400 यूनिट बिजली हाफ योजना को पुनः लागू करने की मांग को लेकर जनसंपर्क एवं हस्ताक्षर अभियान चलाया। सुनील साहू ने कहा— जिला कांग्रेस कमेटी (ओबीसी विभाग ग्रामीण) के जिला अध्यक्ष एवं युवा कांग्रेस अध्यक्ष बिल्हा विधानसभा सुनील साहू ने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि गरीब, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारियों, विद्यार्थियों और मध्यमवर्गीय परिवारों के जीवन से जुड़ा जनहित का विषय है। लगातार बढ़ती बिजली दरों, स्मार्ट मीटर और अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता की परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद अनेक उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अनियमित आपूर्ति से किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं, वहीं शहरी क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई, छोटे व्यापारियों का व्यवसाय तथा आम नागरिकों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। सुनील साहू ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय लागू 400 यूनिट बिजली हाफ योजना से लाखों परिवारों को राहत मिलती थी, लेकिन आज बढ़ते बिजली बिलों ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का मासिक बजट बिगाड़ दिया है। इसलिए कांग्रेस की मांग है कि इस योजना को पुनः लागू किया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके। उन्होंने सरकार से मांग की कि— 1. बिजली दरों में की गई सभी बढ़ोतरी तत्काल वापस ली जाए। 2. कांग्रेस सरकार की 400 यूनिट बिजली हाफ योजना पुनः लागू की जाए। 3. स्मार्ट मीटर लगाने पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा उपभोक्ताओं को सामान्य मीटर का विकल्प दिया जाए। 4. स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े हुए बिजली बिलों की उच्चस्तरीय जांच कर अतिरिक्त वसूली गई राशि वापस की जाए। 5. अघोषित बिजली कटौती पर पूर्ण रोक लगाई जाए। 6. उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। 7. ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सुनील साहू ने कहा कि यह केवल बिजली का मुद्दा नहीं बल्कि जनता के अधिकार और सम्मान की लड़ाई है। कांग्रेस जनता की इस लड़ाई में हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। जब तक स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बिजली दरों में राहत नहीं मिलेगी और अघोषित बिजली कटौती बंद नहीं होगी, तब तक कांग्रेस के मंडल, सेक्टर, बूथ के कार्यकर्ता घर-घर जनसंपर्क अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि सरकार जनता की आवाज को अनसुना करती है तो कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और तेज करेगी।
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    स्मार्ट मीटर, महंगी बिजली और अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ बोदरी वार्ड क्रमांक 11 में कांग्रेस का घर-घर जनअभियान शुरू
शुक्रवार की शाम 6:00 बजे बिल्हा कांग्रेस कमेटी के बोदरी मंडल से मिली जानकारी के अनुसार 
बिलासपुर / नगर पालिका परिषद बोदरी। स्मार्ट मीटर, बढ़ती बिजली दरों एवं अघोषित बिजली कटौती के विरोध में नगर पालिका परिषद बोदरी के वार्ड क्रमांक 11 में कांग्रेस द्वारा घर-घर जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के अंतर्गत कांग्रेस कार्यकर्ता प्रत्येक घर पहुंचकर आम नागरिकों से संवाद कर रहे हैं तथा स्मार्ट मीटर, बढ़ते बिजली बिलों और अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ जनसमर्थन जुटा रहे हैं।
इस जनसंपर्क अभियान का नेतृत्व नगर पालिका परिषद बोदरी के वार्ड क्रमांक 11 के वर्तमान पार्षद श्री रोहित साहू द्वारा किया गया। अभियान में जिला कांग्रेस कमेटी (ओबीसी विभाग ग्रामीण) के जिला अध्यक्ष एवं युवा कांग्रेस अध्यक्ष बिल्हा विधानसभा  सुनील साहू, पूर्व अध्यक्ष प्रतिनिधि दिवाकर दुबे, वरिष्ठ कांग्रेसी मनोज वर्मा, युवा नेता राहुल भारद्वाज, मालिकराम ध्रुवंशी, पवन दीक्षित, एवं कांग्रेस कार्यकर्ता  विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने घर-घर पहुंचकर आम जनता की समस्याएं सुनीं तथा कांग्रेस सरकार की 400 यूनिट बिजली हाफ योजना को पुनः लागू करने की मांग को लेकर जनसंपर्क एवं हस्ताक्षर अभियान चलाया।
सुनील साहू ने कहा—
जिला कांग्रेस कमेटी (ओबीसी विभाग ग्रामीण) के जिला अध्यक्ष एवं युवा कांग्रेस अध्यक्ष बिल्हा विधानसभा सुनील साहू ने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि गरीब, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारियों, विद्यार्थियों और मध्यमवर्गीय परिवारों के जीवन से जुड़ा जनहित का विषय है। लगातार बढ़ती बिजली दरों, स्मार्ट मीटर और अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता की परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद अनेक उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अनियमित आपूर्ति से किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं, वहीं शहरी क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई, छोटे व्यापारियों का व्यवसाय तथा आम नागरिकों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
सुनील साहू ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय लागू 400 यूनिट बिजली हाफ योजना से लाखों परिवारों को राहत मिलती थी, लेकिन आज बढ़ते बिजली बिलों ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का मासिक बजट बिगाड़ दिया है। इसलिए कांग्रेस की मांग है कि इस योजना को पुनः लागू किया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
उन्होंने सरकार से मांग की कि—
1. बिजली दरों में की गई सभी बढ़ोतरी तत्काल वापस ली जाए।
2. कांग्रेस सरकार की 400 यूनिट बिजली हाफ योजना पुनः लागू की जाए।
3. स्मार्ट मीटर लगाने पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा उपभोक्ताओं को सामान्य मीटर का विकल्प दिया जाए।
4. स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े हुए बिजली बिलों की उच्चस्तरीय जांच कर अतिरिक्त वसूली गई राशि वापस की जाए।
5. अघोषित बिजली कटौती पर पूर्ण रोक लगाई जाए।
6. उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
7. ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
सुनील साहू ने कहा कि यह केवल बिजली का मुद्दा नहीं बल्कि जनता के अधिकार और सम्मान की लड़ाई है। कांग्रेस जनता की इस लड़ाई में हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। जब तक स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बिजली दरों में राहत नहीं मिलेगी और अघोषित बिजली कटौती बंद नहीं होगी, तब तक कांग्रेस के मंडल, सेक्टर, बूथ के कार्यकर्ता घर-घर जनसंपर्क अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि सरकार जनता की आवाज को अनसुना करती है तो कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और तेज करेगी।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    8 hrs ago
  • आदिवासी मुख्यमंत्री बनने के बाद भी आदिवासियों का हाल- बेहाल छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला का ग्राम हरदीमाड़ा है, जो आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। सोचिए आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बाद भी आदिवासियों के स्थिति नही सुधर सका #chhattisgarhnews #korba #aadivasilife #vishnudevsai आदिवासी मुख्यमंत्री बनने के बाद भी आदिवासियों का हाल- बेहाल छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला का ग्राम हरदीमाड़ा है, जो आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। सोचिए आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बाद भी आदिवासियों के स्थिति नही सुधर सका #chhattisgarhnews #korba #aadivasilife #vishnudevsai
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    आदिवासी मुख्यमंत्री बनने के बाद भी आदिवासियों का  हाल- बेहाल
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला का ग्राम हरदीमाड़ा है, जो आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। सोचिए आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बाद भी आदिवासियों के स्थिति नही सुधर सका #chhattisgarhnews #korba #aadivasilife #vishnudevsai 
आदिवासी मुख्यमंत्री बनने के बाद भी आदिवासियों का  हाल- बेहाल
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला का ग्राम हरदीमाड़ा है, जो आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। सोचिए आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बाद भी आदिवासियों के स्थिति नही सुधर सका #chhattisgarhnews #korba #aadivasilife #vishnudevsai
    user_News30live
    News30live
    Local News Reporter Bilha, Bilaspur•
    20 hrs ago
  • CGPSC रिजल्ट में हे राम की चर्चा, अभ्यर्थी ने अपने नाम पर तोड़ी चुप्पी CGPSC रिजल्ट में हे राम की चर्चा, अभ्यर्थी ने अपने नाम पर तोड़ी चुप्पी
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    CGPSC रिजल्ट में हे राम की चर्चा, अभ्यर्थी ने अपने नाम पर तोड़ी चुप्पी
CGPSC रिजल्ट में हे राम की चर्चा, अभ्यर्थी ने अपने नाम पर तोड़ी चुप्पी
    user_Ziya khan
    Ziya khan
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • बिलासपुर में मलेरिया से महिला की मौत, स्वास्थ्य विभाग के दावों पर उठे सवाल बिलासपुर के कोटा क्षेत्र में मलेरिया से 37 वर्षीय रेखा बैगा की इलाज के दौरान सिम्स अस्पताल में मौत हो गई। औरापानी निवासी महिला को गनियार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर किया गया था। कोटा क्षेत्र में लगातार मलेरिया के मरीज मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में फिलहाल 6 सक्रिय मामले हैं, जबकि गुरुवार को लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में भी एक नया मलेरिया मरीज मिला।
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    बिलासपुर में मलेरिया से महिला की मौत, स्वास्थ्य विभाग के दावों पर उठे सवाल
बिलासपुर के कोटा क्षेत्र में मलेरिया से 37 वर्षीय रेखा बैगा की इलाज के दौरान सिम्स अस्पताल में मौत हो गई। औरापानी निवासी महिला को गनियार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर किया गया था। कोटा क्षेत्र में लगातार मलेरिया के मरीज मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में फिलहाल 6 सक्रिय मामले हैं, जबकि गुरुवार को लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में भी एक नया मलेरिया मरीज मिला।
    user_द संक्षेप
    द संक्षेप
    Media company बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • जीव-जंतु बोर्ड बना, मगर चूहों पर लगाम नहीं! लाखों का नुकसान करने वाला ‘चूहा’ पकड़ा, अब वन विभाग बताए—आगे क्या है कानूनी प्रक्रिया? जीव-जंतु बोर्ड बना, मगर चूहों पर लगाम नहीं! लाखों का नुकसान करने वाला ‘चूहा’ पकड़ा, अब वन विभाग बताए—आगे क्या है कानूनी प्रक्रिया? छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भूपेश सरकार के कार्यकाल में जीव-जंतुओं के संरक्षण और उनसे जुड़े विषयों के लिए बोर्ड का गठन किया गया था। उम्मीद थी कि इससे जीव-जंतुओं की स्थिति, उनकी गणना, संरक्षण और मानव-वन्यजीव जीव जंतु संघर्ष जैसे मामलों पर प्रभावी काम होगा। लेकिन सवाल यह है कि क्या वास्तव में इसका असर जमीन पर दिखाई दिया? कम से कम मेरे अनुभव ने तो एक अलग ही तस्वीर सामने रखी है।पिछले करीब एक वर्ष में एक चूहे ने घर में एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कपड़े और जरूरी दस्तावेजों सहित लाखों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा दिया। आखिरकार काफी मशक्कत के बाद इस ‘लाखों का नुकसान करने वाले चूहे’ को पकड़ लिया गया। अब असली सवाल शुरू हुआ। चूहा पकड़ने के बाद उसे कहां सौंपा जाए? उसके साथ क्या कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए? क्या उसका पंचनामा बनेगा? क्या वन विभाग उसका परीक्षण या पहचान करेगा? क्या उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा? या फिर किसी अन्य विभाग को सौंपा जाएगा? इन सवालों का स्पष्ट जवाब मुझे भी नहीं मिल पाया। वन परिक्षेत्र अधिकारी के कहने पर पकड़े गए चूहे को बलौदाबाजार वनमंडलाधिकारी कार्यालय में सुपुर्द कर दिया गया, क्योंकि जिला मुख्यालय में जीव जंतु बोर्ड का कोई कार्यालय नहीं है। लेकिन यहां भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चूहे को पकड़ने के बाद कानूनन आगे की प्रक्रिया क्या है? अगर जीव-जंतुओं के संरक्षण और प्रबंधन के लिए बोर्ड और विभागीय व्यवस्था मौजूद है, तो आम नागरिक को ऐसी स्थिति में स्पष्ट प्रक्रिया क्यों नहीं बताई जाती? एक तरफ घर में चूहा लाखों रुपये की संपत्ति बर्बाद कर दे और दूसरी तरफ उसे पकड़ने के बाद नागरिक खुद यह पूछता रहे कि अब इसे लेकर जाएं तो जाएं कहां! व्यंग्य अपनी जगह है, लेकिन सवाल गंभीर है। क्या छत्तीसगढ़ में जीव-जंतुओं की कोई व्यवस्थित गणना हुई है? क्या शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मानव-जीव संघर्ष से होने वाले नुकसान का कोई आंकड़ा तैयार किया जाता है? आम नागरिक अपने घर में उत्पात मचा रहे जीव-जंतुओं से परेशान हो तो उसे किस विभाग से संपर्क करना चाहिए और कौन सी वैधानिक प्रक्रिया अपनानी चाहिए? सरकार चाहे कांग्रेस की रही हो या वर्तमान विष्णुदेव साय सरकार—बोर्ड बनाने और सरकारी कार्यालयों में फाइलें चलाने से आगे बढ़कर जमीन पर स्पष्ट व्यवस्था भी दिखाई देनी चाहिए। फिलहाल मेरा चूहा तो पकड़ लिया गया है। अब गेंद वन विभाग के पाले में है। वन विभाग बताए—इस चूहे का आगे क्या होगा और इसे पकड़ने के बाद कानून के मुताबिक कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए?
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    जीव-जंतु बोर्ड बना, मगर चूहों पर लगाम नहीं! लाखों का नुकसान करने वाला ‘चूहा’ पकड़ा, अब वन विभाग बताए—आगे क्या है कानूनी प्रक्रिया?
जीव-जंतु बोर्ड बना, मगर चूहों पर लगाम नहीं! लाखों का नुकसान करने वाला ‘चूहा’ पकड़ा, अब वन विभाग बताए—आगे क्या है कानूनी प्रक्रिया?
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भूपेश सरकार के कार्यकाल में जीव-जंतुओं के संरक्षण और उनसे जुड़े विषयों के लिए बोर्ड का गठन किया गया था। उम्मीद थी कि इससे जीव-जंतुओं की स्थिति, उनकी गणना, संरक्षण और मानव-वन्यजीव जीव जंतु संघर्ष जैसे मामलों पर प्रभावी काम होगा। लेकिन सवाल यह है कि क्या वास्तव में इसका असर जमीन पर दिखाई दिया?
कम से कम मेरे अनुभव ने तो एक अलग ही तस्वीर सामने रखी है।पिछले करीब एक वर्ष में एक चूहे ने घर में एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कपड़े और जरूरी दस्तावेजों सहित लाखों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा दिया। आखिरकार काफी मशक्कत के बाद इस ‘लाखों का नुकसान करने वाले चूहे’ को पकड़ लिया गया।
अब असली सवाल शुरू हुआ।
चूहा पकड़ने के बाद उसे कहां सौंपा जाए? उसके साथ क्या कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए? क्या उसका पंचनामा बनेगा? क्या वन विभाग उसका परीक्षण या पहचान करेगा? क्या उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा? या फिर किसी अन्य विभाग को सौंपा जाएगा?
इन सवालों का स्पष्ट जवाब मुझे भी नहीं मिल पाया।
वन परिक्षेत्र अधिकारी के कहने पर पकड़े गए चूहे को बलौदाबाजार वनमंडलाधिकारी कार्यालय में सुपुर्द कर दिया गया, क्योंकि जिला मुख्यालय में जीव जंतु बोर्ड का कोई कार्यालय नहीं है। लेकिन यहां भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चूहे को पकड़ने के बाद कानूनन आगे की प्रक्रिया क्या है?
अगर जीव-जंतुओं के संरक्षण और प्रबंधन के लिए बोर्ड और विभागीय व्यवस्था मौजूद है, तो आम नागरिक को ऐसी स्थिति में स्पष्ट प्रक्रिया क्यों नहीं बताई जाती?
एक तरफ घर में चूहा लाखों रुपये की संपत्ति बर्बाद कर दे और दूसरी तरफ उसे पकड़ने के बाद नागरिक खुद यह पूछता रहे कि अब इसे लेकर जाएं तो जाएं कहां!
व्यंग्य अपनी जगह है, लेकिन सवाल गंभीर है।
क्या छत्तीसगढ़ में जीव-जंतुओं की कोई व्यवस्थित गणना हुई है? क्या शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मानव-जीव संघर्ष से होने वाले नुकसान का कोई आंकड़ा तैयार किया जाता है? आम नागरिक अपने घर में उत्पात मचा रहे जीव-जंतुओं से परेशान हो तो उसे किस विभाग से संपर्क करना चाहिए और कौन सी वैधानिक प्रक्रिया अपनानी चाहिए?
सरकार चाहे कांग्रेस की रही हो या वर्तमान विष्णुदेव साय सरकार—बोर्ड बनाने और सरकारी कार्यालयों में फाइलें चलाने से आगे बढ़कर जमीन पर स्पष्ट व्यवस्था भी दिखाई देनी चाहिए।
फिलहाल मेरा चूहा तो पकड़ लिया गया है।
अब गेंद वन विभाग के पाले में है।
वन विभाग बताए—इस चूहे का आगे क्या होगा और इसे पकड़ने के बाद कानून के मुताबिक कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए?
    user_Rajesh mishra
    Rajesh mishra
    Local News Reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • फर्जी ऑनलाइन पेमेंट का शातिर खेल! पेट्रोल भरवाकर दिखाता था नकली भुगतान, नंबर प्लेट छिपाकर दो बार उड़ाया ₹6,100 का पेट्रोल; 19 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार रायगढ़। पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाकर ऑनलाइन भुगतान के नाम पर फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर ठगी करने वाले शातिर युवक का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी कार की नंबर प्लेट को काली पट्टी से ढककर पेट्रोल पंप पहुंचता था और क्यूआर कोड से भुगतान करने का झांसा देकर नकली भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर फरार हो जाता था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त बलेनो कार जब्त कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामला दर्रामुड़ा स्थित भारत पेट्रोलियम पेट्रोल पंप का है। संचालक अमित कुमार गुप्ता ने 31 जुलाई को थाना जूटमिल में शिकायत दर्ज कराई थी कि पिछले करीब दो माह में एक युवक मारुति सुजुकी बलेनो कार से दो बार पेट्रोल भरवाकर बिना भुगतान किए फरार हुआ। पहली घटना 7 जून की रात करीब 10:24 बजे हुई, जब आरोपी ने 2,500 रुपये का पेट्रोल भरवाया। दूसरी बार 25 जुलाई की रात करीब 12:09 बजे आरोपी ने 3,600 रुपये का पेट्रोल लिया। दोनों बार आरोपी ने क्यूआर कोड से भुगतान करने की बात कही और मोबाइल में फर्जी भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर कर्मचारियों को झांसा दिया। इस तरह पेट्रोल पंप को कुल 6,100 रुपये की आर्थिक क्षति हुई। शिकायत के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 429/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने पेट्रोल पंप के साथ-साथ आसपास के मार्गों और झलमला टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच में पुलिस को आरोपी की कार की कुछ खास पहचान मिली। कार की आगे-पीछे की नंबर प्लेट काली पट्टी से ढकी थी। बाईं ओर काले रंग का दर्पण कवर, दाईं ओर सफेद-काले रंग का दर्पण कवर और डिक्की के पास क्षतिग्रस्त प्लास्टिक की मरम्मत का निशान था। इन्हीं विशेष पहचान के आधार पर पुलिस ने सीजी-13-एक्यू-2394 नंबर की बलेनो कार को चिन्हित किया। पेट्रोल पंप कर्मचारियों से कार की पहचान कराई गई, तो उन्होंने घटना में इसी वाहन के इस्तेमाल की पुष्टि की। इसके बाद पुलिस ने वाहन चालक मयंक शर्मा (19 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक-02, बावलीकुआं, श्रमिक स्कूल के पीछे, थाना कोतवाली रायगढ़ से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने दोनों घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की बलेनो कार और उसके दस्तावेज जब्त किए। विवेचना में धोखाधड़ी का अपराध पाए जाने पर प्रकरण में धारा 318(4) बीएनएस भी जोड़ी गई। आरोपी मयंक शर्मा को 6 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुला फर्जी भुगतान का राज जूटमिल पुलिस की तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज के बारीकी से विश्लेषण और वाहन की विशिष्ट पहचान के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली। पुलिस की कार्रवाई ने यह भी साफ कर दिया कि ऑनलाइन भुगतान का केवल स्क्रीनशॉट देखकर भुगतान की पुष्टि करना पेट्रोल पंप संचालकों के लिए भारी पड़ सकता है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि धोखाधड़ी और छलपूर्वक संपत्ति हड़पने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी विश्लेषण के जरिए ऐसे अपराधियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा। सीजी क्राइम रिपोर्टर प्रधान संपादक
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    फर्जी ऑनलाइन पेमेंट का शातिर खेल! पेट्रोल भरवाकर दिखाता था नकली भुगतान, नंबर प्लेट छिपाकर दो बार उड़ाया ₹6,100 का पेट्रोल; 19 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़। पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाकर ऑनलाइन भुगतान के नाम पर फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर ठगी करने वाले शातिर युवक का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी कार की नंबर प्लेट को काली पट्टी से ढककर पेट्रोल पंप पहुंचता था और क्यूआर कोड से भुगतान करने का झांसा देकर नकली भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर फरार हो जाता था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त बलेनो कार जब्त कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
मामला दर्रामुड़ा स्थित भारत पेट्रोलियम पेट्रोल पंप का है। संचालक अमित कुमार गुप्ता ने 31 जुलाई को थाना जूटमिल में शिकायत दर्ज कराई थी कि पिछले करीब दो माह में एक युवक मारुति सुजुकी बलेनो कार से दो बार पेट्रोल भरवाकर बिना भुगतान किए फरार हुआ।
पहली घटना 7 जून की रात करीब 10:24 बजे हुई, जब आरोपी ने 2,500 रुपये का पेट्रोल भरवाया। दूसरी बार 25 जुलाई की रात करीब 12:09 बजे आरोपी ने 3,600 रुपये का पेट्रोल लिया। दोनों बार आरोपी ने क्यूआर कोड से भुगतान करने की बात कही और मोबाइल में फर्जी भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर कर्मचारियों को झांसा दिया। इस तरह पेट्रोल पंप को कुल 6,100 रुपये की आर्थिक क्षति हुई।
शिकायत के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 429/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने पेट्रोल पंप के साथ-साथ आसपास के मार्गों और झलमला टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच में पुलिस को आरोपी की कार की कुछ खास पहचान मिली। कार की आगे-पीछे की नंबर प्लेट काली पट्टी से ढकी थी। बाईं ओर काले रंग का दर्पण कवर, दाईं ओर सफेद-काले रंग का दर्पण कवर और डिक्की के पास क्षतिग्रस्त प्लास्टिक की मरम्मत का निशान था।
इन्हीं विशेष पहचान के आधार पर पुलिस ने सीजी-13-एक्यू-2394 नंबर की बलेनो कार को चिन्हित किया। पेट्रोल पंप कर्मचारियों से कार की पहचान कराई गई, तो उन्होंने घटना में इसी वाहन के इस्तेमाल की पुष्टि की।
इसके बाद पुलिस ने वाहन चालक मयंक शर्मा (19 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक-02, बावलीकुआं, श्रमिक स्कूल के पीछे, थाना कोतवाली रायगढ़ से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने दोनों घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।
आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की बलेनो कार और उसके दस्तावेज जब्त किए। विवेचना में धोखाधड़ी का अपराध पाए जाने पर प्रकरण में धारा 318(4) बीएनएस भी जोड़ी गई।
आरोपी मयंक शर्मा को 6 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुला फर्जी भुगतान का राज
जूटमिल पुलिस की तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज के बारीकी से विश्लेषण और वाहन की विशिष्ट पहचान के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली। पुलिस की कार्रवाई ने यह भी साफ कर दिया कि ऑनलाइन भुगतान का केवल स्क्रीनशॉट देखकर भुगतान की पुष्टि करना पेट्रोल पंप संचालकों के लिए भारी पड़ सकता है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि धोखाधड़ी और छलपूर्वक संपत्ति हड़पने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी विश्लेषण के जरिए ऐसे अपराधियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।
सीजी क्राइम रिपोर्टर
प्रधान संपादक
    user_Kumar Poptani National Crime
    Kumar Poptani National Crime
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
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