Shuru
Apke Nagar Ki App…
कानपुर देहात के सट्टी थाने का अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद ने अर्ध-वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अभिलेखों, परिसर और सीसीटीएनएस कार्यालय की गहन जांच की। पुलिसकर्मियों को नए कानूनी प्रावधानों, जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण और आमजन से संवेदनशील व्यवहार के लिए कड़े निर्देश दिए गए।
Anupam Kumar MEDIA
कानपुर देहात के सट्टी थाने का अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद ने अर्ध-वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अभिलेखों, परिसर और सीसीटीएनएस कार्यालय की गहन जांच की। पुलिसकर्मियों को नए कानूनी प्रावधानों, जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण और आमजन से संवेदनशील व्यवहार के लिए कड़े निर्देश दिए गए।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- कानपुर देहात के माती पुलिस लाइन में पुलिस उपाधीक्षक प्रिया सिंह के सम्मान में एक भव्य और भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह शासन के निर्देशों के क्रम में प्रिया सिंह के जनपद कानपुर देहात से जनपद झांसी में हुए स्थानांतरण के उपलक्ष्य में था। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे ने पुलिस उपाधीक्षक प्रिया सिंह के कार्यकाल की अत्यंत प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रिया सिंह ने अपनी सेवा अवधि के दौरान पूरी निष्ठा, कुशलता और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। समारोह के दौरान पुलिस अधीक्षक ने प्रिया सिंह को प्रतीक चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन अत्यंत भावुक क्षणों के बीच हुआ, जिसमें उन्हें विदा किया गया और उनके आगामी कार्यकाल की सफलता तथा बेहतर स्वास्थ्य के लिए मंगल कामनाएं दी गईं।1
- जालौन के कालपी तहसील क्षेत्र से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ फर्रुखाबाद निवासी क्रांति नामक महिला ने अपने पति नीतू कुशवाहा पर पहली शादी के बावजूद दूसरी शादी करने का गंभीर आरोप लगाया है। क्रांति का कहना है कि जिस व्यक्ति पर भरोसा कर उसने अपना घर-परिवार बसाया, उसी ने उसे और उनके नौ माह के मासूम बेटे को बेसहारा छोड़ दिया है। क्रांति के अनुसार, उनकी मुलाकात दिल्ली में नौकरी के दौरान नीतू कुशवाहा से हुई थी, जिसके बाद दोनों में प्रेम संबंध बने और उन्होंने विवाह कर लिया। शादी के बाद उनके एक पुत्र का जन्म हुआ, लेकिन कुछ समय बाद पति का व्यवहार बदल गया और उसने क्रांति से दूरी बना ली। पीड़िता का आरोप है कि बाद में उसे पता चला कि उसका पति किसी दूसरी महिला के साथ रह रहा है। जब वह अपने वैवाहिक अधिकार और बच्चे के भविष्य की बात करने ससुराल पहुँची, तो उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक उत्पीड़न किया गया। इस मामले को लेकर क्षेत्र में गंभीर चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी पीड़िता के पक्ष में आवाज़ उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि आरोप सही हैं, तो महिला और उसके बच्चे को न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अब क्रांति, एक माँ के रूप में, अपने नौ माह के मासूम बच्चे को गोद में लेकर न्याय के लिए भटक रही है। उसकी निगाहें सिर्फ इस बात पर टिकी हैं कि उसे उसका अधिकार कब मिलेगा और उसके मासूम बच्चे का भविष्य कौन सुरक्षित करेगा। यही सवाल आज पूरे क्षेत्र में गहन चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- बारिश के मौसम में यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए, जालौन के कालपी स्थित पीला घाट पर एक व्यापक मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने बाढ़ राहत और बचाव कार्यों की अपनी तैयारियों को परखा। मॉकड्रिल के दौरान, बाढ़ की स्थिति में नदी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। बचाव टीमों ने नावों, लाइफ जैकेट और लाइफ बॉय जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग करते हुए कुशलतापूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया। इसके अतिरिक्त, राहत सामग्री के वितरण, घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की कार्यप्रणाली भी प्रदर्शित की गई। इस कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी राजीव राज, उपजिलाधिकारी अमित शेखर, क्षेत्राधिकारी अवधेश कुमार सिंह और नायब तहसीलदार मुकेश कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिनेश गुप्ता और उनकी चिकित्सा टीम ने आपदा की स्थिति में प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों का प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य संभावित बाढ़ की स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने इस अभ्यास के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया कि सभी विभाग किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं।1
- मूल पाठ के अनुसार, विपक्षी सांसद होने पर सुनवाई नहीं होती है।1
- कानपुर देहात में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जनपद पुलिस ने अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के अंतर्गत बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने वाले, ट्रिपल राइडिंग करने वाले, हेलमेट न पहनने वाले और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने वाले जैसे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की गई। इस विशेष अभियान के दौरान कुल 211 वाहनों का चालान किया गया। जनपदीय पुलिस ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए यह अभियान जनपद में लगातार जारी रहेगा।1
- जालौन के कालपी नगर के मुख्य बाजार टरननगंज में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब क्रेट के लेन-देन को लेकर दो पक्षों के बीच मामूली विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। देखते ही देखते कहासुनी इतनी बढ़ गई कि लाठी-डंडे चलने लगे और पूरा बाजार जंग के मैदान में तब्दील हो गया। इस सनसनीखेज वारदात का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ दबंगों ने एकजुट होकर सब्जी विक्रेता नासिर पर हमला बोल दिया और लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ वार किए। इस अचानक हुए हमले से बाजार में भगदड़ जैसे हालात बन गए और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। रात करीब साढ़े नौ बजे हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी, और वायरल वीडियो में भी दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट साफ दिखाई दे रही है। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया, जिसके बाद घायल दुकानदार को उपचार के लिए सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। यह सरेआम हुई हिंसक वारदात कानून-व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है, और सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर कालपी के बीच बाजार में दबंगों का यह तांडव कब तक चलता रहेगा।4