जालौन जनपद के कदौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कुँआखेड़ा के मजरा दादूपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची में कथित अनियमितता को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पात्र लोगों के नाम सूची से हटाकर अन्य लोगों को लाभार्थी बनाया गया है। उन्होंने दादूपुर निवासी वंदना पत्नी राजकुमार का उदाहरण दिया, जिनका नाम पहले आवास योजना की सूची में शामिल था, लेकिन बाद में जारी सूची से हटा दिया गया, जबकि वंदना के पति दिव्यांग बताए गए हैं। मामले को लेकर राजकुमार, शिवराम, तिलक सिंह, विनोद कुमार, काशीप्रसाद, आशाराम, कुलदीप, संदीप कुमार, नीलू कुमार सहित अन्य ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में बीडीओ कदौरा को भी शिकायत दी गई थी, लेकिन उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनकी मांग है कि इस मामले की जांच कर वास्तविक पात्रों को योजना का लाभ दिलाया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल, इस मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष अभी प्राप्त नहीं हो सका है, और मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यह समाचार ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन और लगाए गए आरोपों के आधार पर प्रकाशित किया गया है, तथा इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक सत्यता प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही सामने आएगी। यदि किसी पक्ष को समाचार पर आपत्ति है या अपना पक्ष रखना चाहता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
जालौन जनपद के कदौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कुँआखेड़ा के मजरा दादूपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची में कथित अनियमितता को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पात्र लोगों के नाम सूची से हटाकर अन्य लोगों को लाभार्थी बनाया गया है। उन्होंने दादूपुर निवासी वंदना पत्नी राजकुमार का उदाहरण दिया, जिनका नाम पहले आवास योजना की सूची में शामिल था, लेकिन बाद में जारी सूची से हटा दिया गया, जबकि वंदना के पति दिव्यांग बताए गए हैं। मामले को लेकर राजकुमार, शिवराम, तिलक सिंह, विनोद कुमार, काशीप्रसाद, आशाराम, कुलदीप, संदीप कुमार, नीलू कुमार सहित अन्य ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में बीडीओ कदौरा को भी शिकायत दी गई थी, लेकिन उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनकी मांग है कि इस मामले की जांच कर वास्तविक पात्रों को योजना का लाभ दिलाया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल, इस मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष अभी प्राप्त नहीं हो सका है, और मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यह समाचार ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन और लगाए गए आरोपों के आधार पर प्रकाशित किया गया है, तथा इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक सत्यता प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही सामने आएगी। यदि किसी पक्ष को समाचार पर आपत्ति है या अपना पक्ष रखना चाहता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
- जालौन जनपद के कदौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कुँआखेड़ा के मजरा दादूपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची में कथित अनियमितता को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पात्र लोगों के नाम सूची से हटाकर अन्य लोगों को लाभार्थी बनाया गया है। उन्होंने दादूपुर निवासी वंदना पत्नी राजकुमार का उदाहरण दिया, जिनका नाम पहले आवास योजना की सूची में शामिल था, लेकिन बाद में जारी सूची से हटा दिया गया, जबकि वंदना के पति दिव्यांग बताए गए हैं। मामले को लेकर राजकुमार, शिवराम, तिलक सिंह, विनोद कुमार, काशीप्रसाद, आशाराम, कुलदीप, संदीप कुमार, नीलू कुमार सहित अन्य ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में बीडीओ कदौरा को भी शिकायत दी गई थी, लेकिन उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनकी मांग है कि इस मामले की जांच कर वास्तविक पात्रों को योजना का लाभ दिलाया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल, इस मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष अभी प्राप्त नहीं हो सका है, और मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यह समाचार ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन और लगाए गए आरोपों के आधार पर प्रकाशित किया गया है, तथा इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक सत्यता प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही सामने आएगी। यदि किसी पक्ष को समाचार पर आपत्ति है या अपना पक्ष रखना चाहता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र के हरचंदपुर रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान जमकर बवाल हुआ। नायब तहसीलदार, लेखपाल और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ नगर पंचायत की टीम अवैध अतिक्रमण हटवाने पहुंची थी, तभी अतिक्रमणकारियों ने उन पर पत्थरबाजी कर हमला कर दिया। इस बवाल में नगर पंचायत के तीन कर्मचारी पत्थरबाजी से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अतिक्रमणकारियों द्वारा की गई पत्थरबाजी से बुलडोजर के शीशे भी टूट गए। बवाल की सूचना मिलते ही एसडीएम और सीओ तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचने पर मारपीट करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद, एसडीएम और सीओ ने अपनी मौजूदगी में अवैध अतिक्रमण हटवाया।4
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के फतेहपुर मुसहनगर में मुहर्रम पर्व के आयोजन के लिए एक समिति का गठन किया गया है। इस गठित समिति से संबंधित जानकारी में मो. अनीस कुरैशी का भी उल्लेख है।1
- पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के कुशल निर्देशन में कानपुर देहात जनपद में हाईवे पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने तथा जनहानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से एक विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत यातायात पुलिस ने बारा टोल प्लाजा पर विशेष एनाउंसमेंट के माध्यम से वहां से गुजरने वाले नागरिकों और वाहन चालकों को यातायात नियमों एवं विभिन्न सावधानियों के प्रति जागरूक किया। पुलिस विभाग द्वारा यातायात को सुरक्षित बनाने और चालकों को थकान व नींद के कारण होने वाले हादसों से बचाने के लिए लगातार इस प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं। टोल प्लाजा पर किए गए एनाउंसमेंट में वाहन चालकों से अपील करते हुए कई जीवन रक्षक नियमों की जानकारी दी गई। इनमें निर्धारित गति सीमा का पालन करने, रात में थकावट या नींद महसूस होने पर टोल प्लाजा की सुरक्षित पार्किंग में गाड़ी खड़ी कर आराम करने (यह कहते हुए कि "जिंदगी अनमोल है, सुरक्षित घर पहुंचें"), नशे की हालत में वाहन न चलाने, और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने की सख्त हिदायत शामिल थी। कानपुर देहात पुलिस द्वारा जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा नागरिकों को सुरक्षित एवं जिम्मेदार यातायात व्यवहार के प्रति प्रेरित करने हेतु इस प्रकार के जागरूकता अभियान निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।1
- यह पोस्ट उन विभिन्न समूहों पर तीखा सवाल उठाता है और उनकी कड़ी निंदा करता है जिन्होंने अतीत में राम और राम मंदिर का विरोध किया। इसमें विशेष रूप से 'कार सेवकों को गोलियों से भूनने वालों' और 'राम के अस्तित्व को ही नकारने वालों' को निशाना बनाया गया है। आलोचना 'कांग्रेस के उन लोगों' तक भी जाती है जिन्होंने 'जीवन भर विपक्ष में बैठकर सुप्रीम कोर्ट तक मुकदमा लड़ा', और लालू यादव पर जिन्होंने 'आडवाणी जी के रथ को बिहार में रोक कर जेल भेज दिया था'। लेखक राम मंदिर का विरोध करने वालों को तंज कसते हुए कहता है कि राम मंदिर निर्माण का निमंत्रण न मिलने पर वे 'शादी में आए फूफा की तरह मुंह फुला लेते हैं'। इसके विपरीत, पोस्ट में 'माननीय कल्याण सिंह, तत्कालीन मुख्यमंत्री' के बलिदान की प्रशंसा की गई है, जिन्होंने बाबरी मस्जिद के विध्वंस पर 'नैतिकता के आधार पर नहीं बल्कि आस्था के आधार पर' अपना मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था, और उन्हें 'सच्चा राम भक्त' बताया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि जब रामलला स्थापित हो गए हैं, तब विरोधियों को 'बाल रूप रामलला' को थोड़ी देर के लिए अकेला छोड़ देना चाहिए, क्योंकि बच्चे अपनी इच्छा से कहीं भी आते-जाते हैं। यह दृढ़ता से कहा गया है कि यह 'राम का फैसला है', और सवाल उठाया गया है कि अहंकारी और अज्ञानी लोग इसे 'इंसान की अदालत में' क्यों ले जाते हैं। पोस्ट उन लोगों को भी कड़ी फटकार लगाता है जो 'मोदी को महमूद गजनवी' बताते हैं। इसमें दावा किया गया है कि 'पिछले कई वर्षों में नालंदा से लेकर अयोध्या तक और अयोध्या से लेकर किष्किंधा तक राम के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ करने वाले' अब 'अपने अस्तित्व को तरस रहे हैं', और कुछ तो 'भरी जवानी में ही निपट गए हैं'। 'कार सेवकों पर गोली चलाने वालों' से कहा गया है कि वे राम के अस्तित्व को नहीं समझ सकते, और चेतावनी दी गई है कि राम के अस्तित्व और नाम के साथ खिलवाड़ करना उनका दुर्भाग्य है, जिसके लिए राम शायद उन्हें कभी माफ न कर सकें। पोस्ट का समापन 'बोलो मेरे प्रभु राम, जय जय राम सियापति राम जय जय राम', 'जय श्री राधे हरे कृष्णा' और 'हर हर महादेव' के जयघोष के साथ होता है, और यह सवाल किया जाता है कि रामलला के अस्तित्व पर ही हमेशा क्यों प्रश्नचिह्न लगाया जाता है, क्योंकि 'ब्रह्मा, विष्णु, शंकर भी आ जाएं तो रामद्रोही को बचा नहीं पाएंगे'।1
- कानपुर देहात में महिला संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत भोगनीपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, ग्राम गिरदौ निवासी मानसिंह ने 20 जून 2026 को भोगनीपुर थाने में एक तहरीर दी थी, जिसके आधार पर मुकदमा संख्या 212/2026 धारा 87/137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। मानसिंह ने आरोप लगाया था कि घाटमपुर थाना क्षेत्र के सलामतपुर निवासी सूरज पुत्र स्वर्गीय अनिल कुमार ने उनकी लगभग 16 वर्षीय पुत्री को बहला-फुसलाकर घर से भगा लिया था। काफी तलाश के बावजूद किशोरी का पता नहीं चल सका था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, भोगनीपुर पुलिस टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में, मंगलवार को पुलिस ने 24 वर्षीय आरोपी सूरज को बढ़ौली मोड़ से आगे पुखरायां रोड किनारे से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने किशोरी को अपने साथ ले जाने की बात स्वीकार की और बताया कि वह उससे प्रेम करता है तथा उसी से शादी करना चाहता है। गिरफ्तार किए गए आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस ने यह भी बताया कि महिला संबंधी अपराधों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली टीम में चौकी प्रभारी देवीपुरा उपनिरीक्षक अतेंद्र कुमार, कांस्टेबल यतेन्द्र सिंह और आरक्षी सोवेंद्र कुमार शामिल थे।3
- मंगलपुर थाना क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झींझक नगर पालिका क्षेत्र निवासी शाहिद, शाहरुख और वाहिद के रूप में हुई है, जिन्हें झींझक-रसूलाबाद मार्ग स्थित महाराजपुर मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, थाना क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 15 वर्षीय बेटी 21 जून की रात करीब एक से दो बजे के बीच घर से बिना बताए चली गई थी। परिजनों ने अपनी ओर से काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में जानकारी मिली कि झींझक निवासी शाहिद किशोरी को अपने साथ ले गया है। महिला ने यह भी आरोप लगाया था कि उसकी बेटी घर से नकदी और जेवरात भी अपने साथ ले गई थी, और शाहिद के भाई आरिफ पर घटना में सहयोग करने का आरोप लगाया गया था। परिजनों ने आशंका जताई थी कि आरोपी किशोरी का धर्म परिवर्तन करा सकते हैं। इस शिकायत के आधार पर मंगलपुर थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किशोरी को सुरक्षित ढूंढ निकाला और मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। मंगलपुर थाना पुलिस ने मंगलवार सुबह 10 बजे बताया कि तीनों आरोपियों को देर रात गिरफ्तार किया गया था। मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है, और बरामदगी, उपलब्ध साक्ष्यों तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- जालौन जिले के कदौरा कस्बे में हरचंद्रपुर रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विवाद खड़ा हो गया, जब कुछ लोगों ने जेसीबी मशीन पर हमला कर दिया और उसके चालक के साथ कथित तौर पर मारपीट की। इस घटना से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रशासन हरचंद्रपुर रोड पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चला रहा था, जिसका कुछ लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। यह विरोध जल्द ही विवाद में बदल गया, और आरोप है कि विरोध कर रहे कुछ व्यक्तियों ने जेसीबी चालक के साथ हाथापाई की। इसके अतिरिक्त, मशीन के कुछ हिस्सों में भी तोड़फोड़ की खबर सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही कदौरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभालने का प्रयास किया। हालात की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम अमित शेखर भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कानून व्यवस्था बहाल कराई। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है, जिसमें प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ और घटना में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। घायल चालक की स्थिति और जेसीबी मशीन को हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।2