logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

यह पोस्ट उन विभिन्न समूहों पर तीखा सवाल उठाता है और उनकी कड़ी निंदा करता है जिन्होंने अतीत में राम और राम मंदिर का विरोध किया। इसमें विशेष रूप से 'कार सेवकों को गोलियों से भूनने वालों' और 'राम के अस्तित्व को ही नकारने वालों' को निशाना बनाया गया है। आलोचना 'कांग्रेस के उन लोगों' तक भी जाती है जिन्होंने 'जीवन भर विपक्ष में बैठकर सुप्रीम कोर्ट तक मुकदमा लड़ा', और लालू यादव पर जिन्होंने 'आडवाणी जी के रथ को बिहार में रोक कर जेल भेज दिया था'। लेखक राम मंदिर का विरोध करने वालों को तंज कसते हुए कहता है कि राम मंदिर निर्माण का निमंत्रण न मिलने पर वे 'शादी में आए फूफा की तरह मुंह फुला लेते हैं'। इसके विपरीत, पोस्ट में 'माननीय कल्याण सिंह, तत्कालीन मुख्यमंत्री' के बलिदान की प्रशंसा की गई है, जिन्होंने बाबरी मस्जिद के विध्वंस पर 'नैतिकता के आधार पर नहीं बल्कि आस्था के आधार पर' अपना मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था, और उन्हें 'सच्चा राम भक्त' बताया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि जब रामलला स्थापित हो गए हैं, तब विरोधियों को 'बाल रूप रामलला' को थोड़ी देर के लिए अकेला छोड़ देना चाहिए, क्योंकि बच्चे अपनी इच्छा से कहीं भी आते-जाते हैं। यह दृढ़ता से कहा गया है कि यह 'राम का फैसला है', और सवाल उठाया गया है कि अहंकारी और अज्ञानी लोग इसे 'इंसान की अदालत में' क्यों ले जाते हैं। पोस्ट उन लोगों को भी कड़ी फटकार लगाता है जो 'मोदी को महमूद गजनवी' बताते हैं। इसमें दावा किया गया है कि 'पिछले कई वर्षों में नालंदा से लेकर अयोध्या तक और अयोध्या से लेकर किष्किंधा तक राम के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ करने वाले' अब 'अपने अस्तित्व को तरस रहे हैं', और कुछ तो 'भरी जवानी में ही निपट गए हैं'। 'कार सेवकों पर गोली चलाने वालों' से कहा गया है कि वे राम के अस्तित्व को नहीं समझ सकते, और चेतावनी दी गई है कि राम के अस्तित्व और नाम के साथ खिलवाड़ करना उनका दुर्भाग्य है, जिसके लिए राम शायद उन्हें कभी माफ न कर सकें। पोस्ट का समापन 'बोलो मेरे प्रभु राम, जय जय राम सियापति राम जय जय राम', 'जय श्री राधे हरे कृष्णा' और 'हर हर महादेव' के जयघोष के साथ होता है, और यह सवाल किया जाता है कि रामलला के अस्तित्व पर ही हमेशा क्यों प्रश्नचिह्न लगाया जाता है, क्योंकि 'ब्रह्मा, विष्णु, शंकर भी आ जाएं तो रामद्रोही को बचा नहीं पाएंगे'।

1 hr ago
user_Dinesh gupta
Dinesh gupta
Farmer अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

यह पोस्ट उन विभिन्न समूहों पर तीखा सवाल उठाता है और उनकी कड़ी निंदा करता है जिन्होंने अतीत में राम और राम मंदिर का विरोध किया। इसमें विशेष रूप से 'कार सेवकों को गोलियों से भूनने वालों' और 'राम के अस्तित्व को ही नकारने वालों' को निशाना बनाया गया है। आलोचना 'कांग्रेस के उन लोगों' तक भी जाती है जिन्होंने 'जीवन भर विपक्ष में बैठकर सुप्रीम कोर्ट तक मुकदमा लड़ा', और लालू यादव पर जिन्होंने 'आडवाणी जी के रथ को बिहार में रोक कर जेल भेज दिया था'। लेखक राम मंदिर का विरोध करने वालों को तंज कसते हुए कहता है कि राम मंदिर निर्माण का निमंत्रण न मिलने पर वे 'शादी में आए फूफा की तरह मुंह फुला लेते हैं'। इसके विपरीत, पोस्ट में 'माननीय कल्याण सिंह, तत्कालीन मुख्यमंत्री' के बलिदान की प्रशंसा की गई है, जिन्होंने बाबरी मस्जिद के विध्वंस पर 'नैतिकता के आधार पर नहीं बल्कि आस्था के आधार पर' अपना मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था, और उन्हें 'सच्चा राम भक्त' बताया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि जब रामलला स्थापित हो गए हैं, तब विरोधियों को 'बाल रूप रामलला' को थोड़ी देर के लिए अकेला छोड़ देना चाहिए, क्योंकि बच्चे अपनी इच्छा से कहीं भी आते-जाते हैं। यह दृढ़ता से कहा गया है कि यह 'राम का फैसला है', और सवाल उठाया गया है कि अहंकारी और अज्ञानी लोग इसे 'इंसान की अदालत में' क्यों ले जाते हैं। पोस्ट उन लोगों को भी कड़ी फटकार लगाता है जो 'मोदी को महमूद गजनवी' बताते हैं। इसमें दावा किया गया है कि 'पिछले कई वर्षों में नालंदा से लेकर अयोध्या तक और अयोध्या से लेकर किष्किंधा तक राम के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ करने वाले' अब 'अपने अस्तित्व को तरस रहे हैं', और कुछ तो 'भरी जवानी में ही निपट गए हैं'। 'कार सेवकों पर गोली चलाने वालों' से कहा गया है कि वे राम के अस्तित्व को नहीं समझ सकते, और चेतावनी दी गई है कि राम के अस्तित्व और नाम के साथ खिलवाड़ करना उनका दुर्भाग्य है, जिसके लिए राम शायद उन्हें कभी माफ न कर सकें। पोस्ट का समापन 'बोलो मेरे प्रभु राम, जय जय राम सियापति राम जय जय राम', 'जय श्री राधे हरे कृष्णा' और 'हर हर महादेव' के जयघोष के साथ होता है, और यह सवाल किया जाता है कि रामलला के अस्तित्व पर ही हमेशा क्यों प्रश्नचिह्न लगाया जाता है, क्योंकि 'ब्रह्मा, विष्णु, शंकर भी आ जाएं तो रामद्रोही को बचा नहीं पाएंगे'।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • यह पोस्ट उन विभिन्न समूहों पर तीखा सवाल उठाता है और उनकी कड़ी निंदा करता है जिन्होंने अतीत में राम और राम मंदिर का विरोध किया। इसमें विशेष रूप से 'कार सेवकों को गोलियों से भूनने वालों' और 'राम के अस्तित्व को ही नकारने वालों' को निशाना बनाया गया है। आलोचना 'कांग्रेस के उन लोगों' तक भी जाती है जिन्होंने 'जीवन भर विपक्ष में बैठकर सुप्रीम कोर्ट तक मुकदमा लड़ा', और लालू यादव पर जिन्होंने 'आडवाणी जी के रथ को बिहार में रोक कर जेल भेज दिया था'। लेखक राम मंदिर का विरोध करने वालों को तंज कसते हुए कहता है कि राम मंदिर निर्माण का निमंत्रण न मिलने पर वे 'शादी में आए फूफा की तरह मुंह फुला लेते हैं'। इसके विपरीत, पोस्ट में 'माननीय कल्याण सिंह, तत्कालीन मुख्यमंत्री' के बलिदान की प्रशंसा की गई है, जिन्होंने बाबरी मस्जिद के विध्वंस पर 'नैतिकता के आधार पर नहीं बल्कि आस्था के आधार पर' अपना मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था, और उन्हें 'सच्चा राम भक्त' बताया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि जब रामलला स्थापित हो गए हैं, तब विरोधियों को 'बाल रूप रामलला' को थोड़ी देर के लिए अकेला छोड़ देना चाहिए, क्योंकि बच्चे अपनी इच्छा से कहीं भी आते-जाते हैं। यह दृढ़ता से कहा गया है कि यह 'राम का फैसला है', और सवाल उठाया गया है कि अहंकारी और अज्ञानी लोग इसे 'इंसान की अदालत में' क्यों ले जाते हैं। पोस्ट उन लोगों को भी कड़ी फटकार लगाता है जो 'मोदी को महमूद गजनवी' बताते हैं। इसमें दावा किया गया है कि 'पिछले कई वर्षों में नालंदा से लेकर अयोध्या तक और अयोध्या से लेकर किष्किंधा तक राम के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ करने वाले' अब 'अपने अस्तित्व को तरस रहे हैं', और कुछ तो 'भरी जवानी में ही निपट गए हैं'। 'कार सेवकों पर गोली चलाने वालों' से कहा गया है कि वे राम के अस्तित्व को नहीं समझ सकते, और चेतावनी दी गई है कि राम के अस्तित्व और नाम के साथ खिलवाड़ करना उनका दुर्भाग्य है, जिसके लिए राम शायद उन्हें कभी माफ न कर सकें। पोस्ट का समापन 'बोलो मेरे प्रभु राम, जय जय राम सियापति राम जय जय राम', 'जय श्री राधे हरे कृष्णा' और 'हर हर महादेव' के जयघोष के साथ होता है, और यह सवाल किया जाता है कि रामलला के अस्तित्व पर ही हमेशा क्यों प्रश्नचिह्न लगाया जाता है, क्योंकि 'ब्रह्मा, विष्णु, शंकर भी आ जाएं तो रामद्रोही को बचा नहीं पाएंगे'।
    1
    यह पोस्ट उन विभिन्न समूहों पर तीखा सवाल उठाता है और उनकी कड़ी निंदा करता है जिन्होंने अतीत में राम और राम मंदिर का विरोध किया। इसमें विशेष रूप से 'कार सेवकों को गोलियों से भूनने वालों' और 'राम के अस्तित्व को ही नकारने वालों' को निशाना बनाया गया है। आलोचना 'कांग्रेस के उन लोगों' तक भी जाती है जिन्होंने 'जीवन भर विपक्ष में बैठकर सुप्रीम कोर्ट तक मुकदमा लड़ा', और लालू यादव पर जिन्होंने 'आडवाणी जी के रथ को बिहार में रोक कर जेल भेज दिया था'। लेखक राम मंदिर का विरोध करने वालों को तंज कसते हुए कहता है कि राम मंदिर निर्माण का निमंत्रण न मिलने पर वे 'शादी में आए फूफा की तरह मुंह फुला लेते हैं'।

इसके विपरीत, पोस्ट में 'माननीय कल्याण सिंह, तत्कालीन मुख्यमंत्री' के बलिदान की प्रशंसा की गई है, जिन्होंने बाबरी मस्जिद के विध्वंस पर 'नैतिकता के आधार पर नहीं बल्कि आस्था के आधार पर' अपना मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था, और उन्हें 'सच्चा राम भक्त' बताया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि जब रामलला स्थापित हो गए हैं, तब विरोधियों को 'बाल रूप रामलला' को थोड़ी देर के लिए अकेला छोड़ देना चाहिए, क्योंकि बच्चे अपनी इच्छा से कहीं भी आते-जाते हैं। यह दृढ़ता से कहा गया है कि यह 'राम का फैसला है', और सवाल उठाया गया है कि अहंकारी और अज्ञानी लोग इसे 'इंसान की अदालत में' क्यों ले जाते हैं।

पोस्ट उन लोगों को भी कड़ी फटकार लगाता है जो 'मोदी को महमूद गजनवी' बताते हैं। इसमें दावा किया गया है कि 'पिछले कई वर्षों में नालंदा से लेकर अयोध्या तक और अयोध्या से लेकर किष्किंधा तक राम के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ करने वाले' अब 'अपने अस्तित्व को तरस रहे हैं', और कुछ तो 'भरी जवानी में ही निपट गए हैं'। 'कार सेवकों पर गोली चलाने वालों' से कहा गया है कि वे राम के अस्तित्व को नहीं समझ सकते, और चेतावनी दी गई है कि राम के अस्तित्व और नाम के साथ खिलवाड़ करना उनका दुर्भाग्य है, जिसके लिए राम शायद उन्हें कभी माफ न कर सकें। पोस्ट का समापन 'बोलो मेरे प्रभु राम, जय जय राम सियापति राम जय जय राम', 'जय श्री राधे हरे कृष्णा' और 'हर हर महादेव' के जयघोष के साथ होता है, और यह सवाल किया जाता है कि रामलला के अस्तित्व पर ही हमेशा क्यों प्रश्नचिह्न लगाया जाता है, क्योंकि 'ब्रह्मा, विष्णु, शंकर भी आ जाएं तो रामद्रोही को बचा नहीं पाएंगे'।
    user_Dinesh gupta
    Dinesh gupta
    Farmer अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • कस्बा रुरा के कमलानगर निवासी मनोरंजन शाह ने बिहार में बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) के पद पर अपना चयन सुनिश्चित किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर चेयरमैन रामजी गुप्ता, मनोरंजन शाह के आवास पहुँचे। उन्होंने मनोरंजन शाह और उनके माता-पिता को फूल माला, शॉल पहनाकर तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
    1
    कस्बा रुरा के कमलानगर निवासी मनोरंजन शाह ने बिहार में बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) के पद पर अपना चयन सुनिश्चित किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर चेयरमैन रामजी गुप्ता, मनोरंजन शाह के आवास पहुँचे। उन्होंने मनोरंजन शाह और उनके माता-पिता को फूल माला, शॉल पहनाकर तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • गजनेर थाना परिसर में 'रील का बुखार' चढ़ गया है, जिसके चलते वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
    1
    गजनेर थाना परिसर में 'रील का बुखार' चढ़ गया है, जिसके चलते वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
    user_आलोक त्रिवेदी
    आलोक त्रिवेदी
    संपादक Akbarpur, Kanpur Dehat•
    7 hrs ago
  • जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र के हरचंदपुर रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान जमकर बवाल हुआ। नायब तहसीलदार, लेखपाल और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ नगर पंचायत की टीम अवैध अतिक्रमण हटवाने पहुंची थी, तभी अतिक्रमणकारियों ने उन पर पत्थरबाजी कर हमला कर दिया। इस बवाल में नगर पंचायत के तीन कर्मचारी पत्थरबाजी से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अतिक्रमणकारियों द्वारा की गई पत्थरबाजी से बुलडोजर के शीशे भी टूट गए। बवाल की सूचना मिलते ही एसडीएम और सीओ तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचने पर मारपीट करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद, एसडीएम और सीओ ने अपनी मौजूदगी में अवैध अतिक्रमण हटवाया।
    4
    जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र के हरचंदपुर रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान जमकर बवाल हुआ। नायब तहसीलदार, लेखपाल और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ नगर पंचायत की टीम अवैध अतिक्रमण हटवाने पहुंची थी, तभी अतिक्रमणकारियों ने उन पर पत्थरबाजी कर हमला कर दिया। इस बवाल में नगर पंचायत के तीन कर्मचारी पत्थरबाजी से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अतिक्रमणकारियों द्वारा की गई पत्थरबाजी से बुलडोजर के शीशे भी टूट गए।

बवाल की सूचना मिलते ही एसडीएम और सीओ तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचने पर मारपीट करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद, एसडीएम और सीओ ने अपनी मौजूदगी में अवैध अतिक्रमण हटवाया।
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • लखनऊ में हुई अग्नि दुर्घटना से जनहानि को अत्यंत दुःखद और हृदय विदारक बताया गया है। इस घटना से प्रभावित शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की गई हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना की गई है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्राप्त हो और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले।
    1
    लखनऊ में हुई अग्नि दुर्घटना से जनहानि को अत्यंत दुःखद और हृदय विदारक बताया गया है। इस घटना से प्रभावित शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की गई हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना की गई है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्राप्त हो और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले।
    user_Uttar pradesh ki takat
    Uttar pradesh ki takat
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    33 min ago
  • जालौन जिले के गोहन थाना क्षेत्र स्थित पृथ्वीपुरा गांव में एक वृद्ध का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। दरअसल, यह घटना गोहन थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुरा गांव की है, जहां लगभग 75 वर्षीय गिरजाशंकर तिवारी रात में अपने खेत पर बने ट्यूबवेल पर सोने गए थे। अगले दिन सुबह करीब 5:30 बजे जब उनका पुत्र उन्हें देखने पहुंचा, तो उसने उन्हें मृत अवस्था में पाया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, पंचायतनामा भरा और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी ने बताया है कि तहरीर मिलने पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की हर पहलू से गंभीरतापूर्वक जांच की जा रही है।
    1
    जालौन जिले के गोहन थाना क्षेत्र स्थित पृथ्वीपुरा गांव में एक वृद्ध का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

दरअसल, यह घटना गोहन थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुरा गांव की है, जहां लगभग 75 वर्षीय गिरजाशंकर तिवारी रात में अपने खेत पर बने ट्यूबवेल पर सोने गए थे। अगले दिन सुबह करीब 5:30 बजे जब उनका पुत्र उन्हें देखने पहुंचा, तो उसने उन्हें मृत अवस्था में पाया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, पंचायतनामा भरा और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी ने बताया है कि तहरीर मिलने पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की हर पहलू से गंभीरतापूर्वक जांच की जा रही है।
    user_SONI NEWS
    SONI NEWS
    Media company उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    38 min ago
  • जालौन जिले के कालपी कोतवाली नगर क्षेत्र में देशी शराब के एक ठेके के पास दो युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई। ठेला खड़ा करने को लेकर शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते बढ़ गया, जिसके बाद दोनों पक्षों में सड़क पर ही हाथापाई होने लगी। इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मारपीट की यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
    1
    जालौन जिले के कालपी कोतवाली नगर क्षेत्र में देशी शराब के एक ठेके के पास दो युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई। ठेला खड़ा करने को लेकर शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते बढ़ गया, जिसके बाद दोनों पक्षों में सड़क पर ही हाथापाई होने लगी। इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मारपीट की यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
    user_पत्रकार विकाश सिंह
    पत्रकार विकाश सिंह
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.