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बेतिया जिले के मझौलिया प्रखंड क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ सोशल मीडिया के लिए रील बनाने का शौक दो युवकों की जिंदगी पर भारी पड़ गया। अमवा मझार स्थित गंडक नहर में रविवार को रील शूट करते समय संतुलन बिगड़ने से दो युवकों की डूबकर मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल दो परिवारों के चिराग बुझा दिए, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतकों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बारी टोला गांव निवासी 18 वर्षीय धर्म कुमार, पिता विनोद यादव, और 19 वर्षीय करण कुमार, पिता नंदलाल महतो के रूप में हुई है। बताया गया है कि दोनों युवक अपने दोस्तों के साथ अमवा मझार स्थित गंडक नहर के 55 पुल बड़ा केवड़ा के समीप घूमने गए थे। इसी दौरान, वे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए मोबाइल फोन से रील बना रहे थे। वीडियो को आकर्षक बनाने की कोशिश में दोनों युवक नहर के किनारे अलग-अलग एंगल से शूटिंग कर रहे थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया और वे तेज बहाव वाले गहरे पानी में जा गिरे। घटना को अपनी आँखों से देखने वाले लोगों के अनुसार, दोनों युवकों को बचाने के लिए साथियों और स्थानीय लोगों ने हरसंभव प्रयास किया, लेकिन नहर का तेज बहाव और अधिक गहराई उनके लिए काल बन गई, और देखते ही देखते दोनों युवक पानी में समा गए। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे। काफी देर तक चले खोज अभियान के बाद दोनों युवकों के शव नहर से बरामद किए गए। अंचलाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच बेतिया भेज दिया गया है, जबकि मुफस्सिल थानाध्यक्ष सम्राट कुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस हृदयविदारक घटना के बाद बारी टोला गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, मृतकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक पल में दो युवाओं की असमय मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गंडक नहर के किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, खतरनाक स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने और लोगों को जागरूक करने की मांग की है। वहीं प्रशासन ने भी युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया के लिए रील या वीडियो बनाने के दौरान अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें, क्योंकि कुछ सेकंड की लोकप्रियता के लिए जीवन को जोखिम में डालना कभी भी समझदारी नहीं हो सकती। यह हादसा एक दर्दनाक संदेश छोड़ गया है कि सावधानी ही सुरक्षा है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही कभी-कभी जिंदगी की सबसे बड़ी कीमत वसूल लेती है।

5 days ago
user_S9 Bihar
S9 Bihar
News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
5 days ago

बेतिया जिले के मझौलिया प्रखंड क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ सोशल मीडिया के लिए रील बनाने का शौक दो युवकों की जिंदगी पर भारी पड़ गया। अमवा मझार स्थित गंडक नहर में रविवार को रील शूट करते समय संतुलन बिगड़ने से दो युवकों की डूबकर मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल दो परिवारों के चिराग बुझा दिए, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतकों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बारी टोला गांव निवासी 18 वर्षीय धर्म कुमार, पिता विनोद यादव, और 19 वर्षीय करण कुमार, पिता नंदलाल महतो के रूप में हुई है। बताया गया है कि दोनों युवक अपने दोस्तों के साथ अमवा मझार स्थित गंडक नहर के 55 पुल बड़ा केवड़ा के समीप घूमने गए थे। इसी दौरान, वे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए मोबाइल फोन से रील बना रहे थे। वीडियो को आकर्षक बनाने की कोशिश में दोनों युवक नहर के किनारे अलग-अलग एंगल से शूटिंग कर रहे थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया और वे तेज बहाव वाले गहरे पानी में जा गिरे। घटना को अपनी आँखों से देखने वाले लोगों के अनुसार, दोनों युवकों को बचाने के लिए साथियों और स्थानीय लोगों ने हरसंभव प्रयास किया, लेकिन नहर का तेज बहाव और अधिक गहराई उनके लिए काल बन गई, और देखते ही देखते दोनों युवक पानी में समा गए। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे। काफी देर तक चले खोज अभियान के बाद दोनों युवकों के शव नहर से बरामद किए गए। अंचलाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच बेतिया भेज दिया गया है, जबकि मुफस्सिल थानाध्यक्ष सम्राट कुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस हृदयविदारक घटना के बाद बारी टोला गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, मृतकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक पल में दो युवाओं की असमय मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गंडक नहर के किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, खतरनाक स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने और लोगों को जागरूक करने की मांग की है। वहीं प्रशासन ने भी युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया के लिए रील या वीडियो बनाने के दौरान अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें, क्योंकि कुछ सेकंड की लोकप्रियता के लिए जीवन को जोखिम में डालना कभी भी समझदारी नहीं हो सकती। यह हादसा एक दर्दनाक संदेश छोड़ गया है कि सावधानी ही सुरक्षा है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही कभी-कभी जिंदगी की सबसे बड़ी कीमत वसूल लेती है।

More news from बिहार and nearby areas
  • जनसुराज पार्टी के जिला महासचिव और लौरिया विधानसभा संयोजक अजय ठाकुर ने शुक्रवार को लौरिया प्रखंड के ठाकुर टोला स्थित अपने कार्यालय में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने रोजगार, पलायन, किसानों की समस्याओं और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर सरकार की आलोचना की। ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनाव पूर्व किए गए कई वादे आज भी पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि पाँच वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार देने का सरकार का वादा पूरी तरह विफल रहा है, क्योंकि राज्य में सीमित लोगों को ही रोजगार मिल रहा है। बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं और छात्रों को रोजगार के नाम पर बड़े-बड़े सपने दिखाए गए, लेकिन सरकार गठन के महीनों बाद भी कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को दो लाख रुपये देने के वादे, बढ़ते कर्ज और परिवारवाद के मुद्दे भी उठाए। किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हर साल यूरिया खाद की किल्लत से किसान परेशान रहते हैं और आंदोलन करने को विवश होते हैं, लेकिन समाधान केवल कागजों तक ही सीमित रह जाता है। अजय ठाकुर ने जोर देकर कहा कि बिहार में रोजगार की कमी, युवाओं का पलायन, किसानों की खाद समस्या और अधूरे चुनावी वादे आज सबसे बड़े जनसरोकार के मुद्दे हैं। उन्होंने घोषणा की कि जनसुराज पार्टी इन सवालों को लेकर जनता के बीच जाएगी और सरकार को जवाबदेह बनाने का काम करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि 20 जून से जनसुराज पार्टी बिहार नवनिर्माण अभियान के एक नए चरण की शुरुआत करेगी, जिसके तहत जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर बिहटा स्थित बिहार नवनिर्माण आश्रम में रहकर लोगों के बीच कार्य करेंगे और संगठन को गाँव-गाँव तक मजबूत बनाने का अभियान चलाएंगे। इस प्रेस वार्ता में पिंटू ठाकुर, अनमोल कुमार, विनय माझी, कौशल्या देवी, नितेश राणा, अबीता ठाकुर, अरविंद राम, जय सिंधु, हैप्पी कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    जनसुराज पार्टी के जिला महासचिव और लौरिया विधानसभा संयोजक अजय ठाकुर ने शुक्रवार को लौरिया प्रखंड के ठाकुर टोला स्थित अपने कार्यालय में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने रोजगार, पलायन, किसानों की समस्याओं और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर सरकार की आलोचना की।

ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनाव पूर्व किए गए कई वादे आज भी पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि पाँच वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार देने का सरकार का वादा पूरी तरह विफल रहा है, क्योंकि राज्य में सीमित लोगों को ही रोजगार मिल रहा है। बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं और छात्रों को रोजगार के नाम पर बड़े-बड़े सपने दिखाए गए, लेकिन सरकार गठन के महीनों बाद भी कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को दो लाख रुपये देने के वादे, बढ़ते कर्ज और परिवारवाद के मुद्दे भी उठाए। किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हर साल यूरिया खाद की किल्लत से किसान परेशान रहते हैं और आंदोलन करने को विवश होते हैं, लेकिन समाधान केवल कागजों तक ही सीमित रह जाता है।

अजय ठाकुर ने जोर देकर कहा कि बिहार में रोजगार की कमी, युवाओं का पलायन, किसानों की खाद समस्या और अधूरे चुनावी वादे आज सबसे बड़े जनसरोकार के मुद्दे हैं। उन्होंने घोषणा की कि जनसुराज पार्टी इन सवालों को लेकर जनता के बीच जाएगी और सरकार को जवाबदेह बनाने का काम करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि 20 जून से जनसुराज पार्टी बिहार नवनिर्माण अभियान के एक नए चरण की शुरुआत करेगी, जिसके तहत जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर बिहटा स्थित बिहार नवनिर्माण आश्रम में रहकर लोगों के बीच कार्य करेंगे और संगठन को गाँव-गाँव तक मजबूत बनाने का अभियान चलाएंगे।

इस प्रेस वार्ता में पिंटू ठाकुर, अनमोल कुमार, विनय माझी, कौशल्या देवी, नितेश राणा, अबीता ठाकुर, अरविंद राम, जय सिंधु, हैप्पी कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    6 hrs ago
  • कई वर्षों से कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से जुड़ी सेब की पहचान अब बदल रही है, क्योंकि बिहार की धरती पर भी लाल सेबों की बंपर पैदावार हो रही है। पश्चिम चम्पारण के किसान इस बदलाव की नई मिसाल पेश कर रहे हैं, जिससे बिहार अब सेब उत्पादन की दिशा में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। पश्चिम चम्पारण के साथ-साथ गया, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर जैसे कई जिलों में किसान अब व्यावसायिक स्तर पर सेब की खेती कर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं। पश्चिम चम्पारण के नौतन प्रखंड स्थित बैकुंठवा गांव के किसान शिशिर दूबे ने दो साल पहले करीब 70 सेब के पौधे लगाए थे, जो अब फलों से लदे हुए हैं। प्रत्येक पेड़ से 8 से 10 किलो तक सेब का उत्पादन हो रहा है, जिनकी गुणवत्ता, मिठास, रंग और आकार किसी भी पहाड़ी प्रदेश में उगने वाले सेब से कम नहीं है। शिशिर दूबे के अनुसार, शुरुआत में बिहार की गर्म जलवायु में सेब की खेती की सफलता पर लोगों को विश्वास नहीं था, लेकिन अब दूर-दूर से लोग उनके बगीचे को देखने और खेती की तकनीक जानने आ रहे हैं। इस अभियान में बेतिया शहर के व्यवसायी मेराजुल हक भी शामिल हुए हैं, जिन्होंने पर्यावरण प्रेम के चलते अपने आवास और परिसर में सेब के कई पौधे लगाए, जो अब फल दे रहे हैं। उनका मानना है कि फलदार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी कमाया जा सकता है। पश्चिम चम्पारण में मझौलिया के रविकांत पांडे और रामनगर के विजय गिरी जैसे अन्य किसान भी सेब की खेती में सफलता हासिल कर रहे हैं, जिनके बागानों में दर्जनों पौधे लगातार फल दे रहे हैं। बिहार में उगाए जा रहे सेब की सबसे बड़ी खासियत इसकी समय से पहले उपलब्धता है। जहां हिमाचल और कश्मीर में सेब की कटाई सितंबर और अक्टूबर में होती है, वहीं बिहार में जून और जुलाई तक इसकी तुड़ाई पूरी हो जाती है। इससे किसानों को सीधा फायदा मिलता है क्योंकि उनका उत्पाद बाजार में दो महीने पहले पहुंच जाता है और उन्हें बेहतर कीमतें मिलती हैं। वर्तमान में पश्चिम चम्पारण में ये सेब ₹200 प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि कई जगहों पर इसकी कीमत ₹250 प्रति किलो तक पहुंच रही है। यह सेब बेहद मीठा, रसीला और आकर्षक लाल रंग का होता है, जो पकने पर पूरी तरह लाल हो जाता है। किसानों द्वारा उगाई जा रही सेब की यह विशेष किस्म HRMN-99 (हरमन-99) है, जिसे विशेष रूप से गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों के लिए विकसित किया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह किस्म 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक की भीषण गर्मी में भी आसानी से विकसित होती है और पौधारोपण के एक से दो वर्ष के भीतर ही फल देना शुरू कर देती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह किस्म बिहार के किसानों के लिए आय का एक नया स्रोत बन सकती है, क्योंकि यह पारंपरिक खेती के मुकाबले बेहतर लाभ देने की क्षमता रखती है। यदि सरकारी स्तर पर तकनीकी सहायता और बाजार की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो, तो बिहार भविष्य में सेब उत्पादन के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकता है। पश्चिम चम्पारण में सेब के पौधे खेती में नवाचार और नई सोच से असंभव को संभव बनाने का प्रमाण हैं, जो बिहार में सेब उत्पादन की एक नई कहानी लिख रहे हैं। कभी पहाड़ों की पहचान माना जाने वाला सेब अब बिहार की मिट्टी में भी सफलता की नई फसल बन चुका है और यह बिहार का लाल सेब अब देशभर में अपनी अलग पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।
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    कई वर्षों से कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से जुड़ी सेब की पहचान अब बदल रही है, क्योंकि बिहार की धरती पर भी लाल सेबों की बंपर पैदावार हो रही है। पश्चिम चम्पारण के किसान इस बदलाव की नई मिसाल पेश कर रहे हैं, जिससे बिहार अब सेब उत्पादन की दिशा में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। पश्चिम चम्पारण के साथ-साथ गया, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर जैसे कई जिलों में किसान अब व्यावसायिक स्तर पर सेब की खेती कर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं।

पश्चिम चम्पारण के नौतन प्रखंड स्थित बैकुंठवा गांव के किसान शिशिर दूबे ने दो साल पहले करीब 70 सेब के पौधे लगाए थे, जो अब फलों से लदे हुए हैं। प्रत्येक पेड़ से 8 से 10 किलो तक सेब का उत्पादन हो रहा है, जिनकी गुणवत्ता, मिठास, रंग और आकार किसी भी पहाड़ी प्रदेश में उगने वाले सेब से कम नहीं है। शिशिर दूबे के अनुसार, शुरुआत में बिहार की गर्म जलवायु में सेब की खेती की सफलता पर लोगों को विश्वास नहीं था, लेकिन अब दूर-दूर से लोग उनके बगीचे को देखने और खेती की तकनीक जानने आ रहे हैं। इस अभियान में बेतिया शहर के व्यवसायी मेराजुल हक भी शामिल हुए हैं, जिन्होंने पर्यावरण प्रेम के चलते अपने आवास और परिसर में सेब के कई पौधे लगाए, जो अब फल दे रहे हैं। उनका मानना है कि फलदार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी कमाया जा सकता है। पश्चिम चम्पारण में मझौलिया के रविकांत पांडे और रामनगर के विजय गिरी जैसे अन्य किसान भी सेब की खेती में सफलता हासिल कर रहे हैं, जिनके बागानों में दर्जनों पौधे लगातार फल दे रहे हैं।

बिहार में उगाए जा रहे सेब की सबसे बड़ी खासियत इसकी समय से पहले उपलब्धता है। जहां हिमाचल और कश्मीर में सेब की कटाई सितंबर और अक्टूबर में होती है, वहीं बिहार में जून और जुलाई तक इसकी तुड़ाई पूरी हो जाती है। इससे किसानों को सीधा फायदा मिलता है क्योंकि उनका उत्पाद बाजार में दो महीने पहले पहुंच जाता है और उन्हें बेहतर कीमतें मिलती हैं। वर्तमान में पश्चिम चम्पारण में ये सेब ₹200 प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि कई जगहों पर इसकी कीमत ₹250 प्रति किलो तक पहुंच रही है। यह सेब बेहद मीठा, रसीला और आकर्षक लाल रंग का होता है, जो पकने पर पूरी तरह लाल हो जाता है।

किसानों द्वारा उगाई जा रही सेब की यह विशेष किस्म HRMN-99 (हरमन-99) है, जिसे विशेष रूप से गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों के लिए विकसित किया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह किस्म 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक की भीषण गर्मी में भी आसानी से विकसित होती है और पौधारोपण के एक से दो वर्ष के भीतर ही फल देना शुरू कर देती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह किस्म बिहार के किसानों के लिए आय का एक नया स्रोत बन सकती है, क्योंकि यह पारंपरिक खेती के मुकाबले बेहतर लाभ देने की क्षमता रखती है। यदि सरकारी स्तर पर तकनीकी सहायता और बाजार की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो, तो बिहार भविष्य में सेब उत्पादन के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकता है। पश्चिम चम्पारण में सेब के पौधे खेती में नवाचार और नई सोच से असंभव को संभव बनाने का प्रमाण हैं, जो बिहार में सेब उत्पादन की एक नई कहानी लिख रहे हैं। कभी पहाड़ों की पहचान माना जाने वाला सेब अब बिहार की मिट्टी में भी सफलता की नई फसल बन चुका है और यह बिहार का लाल सेब अब देशभर में अपनी अलग पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    19 hrs ago
  • पश्चिम चंपारण जिले के योगपट्टी ब्लॉक के तहत ढढवा ग्राम पंचायत के दूधियवा गांव में सड़क की हालत बेहद खराब है। गांव के लोगों ने संबंधित अधिकारियों से भावुक अपील की है कि कृपया इस सड़क का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें खराब सड़क के कारण हो रही परेशानियों से निजात मिल सके। यह गांव नवलपुर थाना क्षेत्र में आता है।
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    पश्चिम चंपारण जिले के योगपट्टी ब्लॉक के तहत ढढवा ग्राम पंचायत के दूधियवा गांव में सड़क की हालत बेहद खराब है। गांव के लोगों ने संबंधित अधिकारियों से भावुक अपील की है कि कृपया इस सड़क का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें खराब सड़क के कारण हो रही परेशानियों से निजात मिल सके। यह गांव नवलपुर थाना क्षेत्र में आता है।
    user_Champaran News
    Champaran News
    जोगापट्टी, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    7 hrs ago
  • पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली में जिलाधिकारी के आदेश पर खंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के नेतृत्व में एक टीम ने स्टेशन रोड स्थित फैजुल ओलूम लाल मदरसा का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, टीम ने विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक जानकारी जुटाई।
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    पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली में जिलाधिकारी के आदेश पर खंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के नेतृत्व में एक टीम ने स्टेशन रोड स्थित फैजुल ओलूम लाल मदरसा का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, टीम ने विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक जानकारी जुटाई।
    user_Shambhu sharan
    Shambhu sharan
    सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    46 min ago
  • गोपालगंज प्रशासन को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ उचकागाँव पुलिस ने शराब से भरे एक ट्रक को जब्त किया है। यह कार्रवाई संत मोड़ नामक स्थान पर की गई, जिसे पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
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    गोपालगंज प्रशासन को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ उचकागाँव पुलिस ने शराब से भरे एक ट्रक को जब्त किया है। यह कार्रवाई संत मोड़ नामक स्थान पर की गई, जिसे पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
    user_गोपालगंज की जनता
    गोपालगंज की जनता
    Local News Reporter Gopalganj, Bihar•
    35 min ago
  • गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र स्थित सुंदर पट्टी गांव में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक अनियंत्रित बाइक की टक्कर से 55 वर्षीय साइकिल सवार मजदूर बैजनाथ यादव की मौत हो गई। बैजनाथ यादव, जो नगर थाना क्षेत्र के कोन्हवा गांव के निवासी थे, रोज़ की तरह थावे के वृंदावन गांव से मजदूरी कर साइकिल से अपने घर लौट रहे थे। सुंदर पट्टी गांव के पास पहुँचते ही उन्हें एक तेज़ रफ़्तार बाइक ने टक्कर मार दी। इस टक्कर में बैजनाथ यादव के साथ-साथ बाइक पर सवार दोनों युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान मजदूर बैजनाथ यादव ने दम तोड़ दिया। घायल बाइक सवारों की पहचान नगर थाना क्षेत्र के बसडिला निवासी 16 वर्षीय रेयाज अली और छपरा निवासी 19 वर्षीय मोहम्मद इब्राहम के रूप में हुई है, जो अपने मामा के घर आया था। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने घटना स्थल से ही दोनों बाइक सवारों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
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    गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र स्थित सुंदर पट्टी गांव में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक अनियंत्रित बाइक की टक्कर से 55 वर्षीय साइकिल सवार मजदूर बैजनाथ यादव की मौत हो गई। बैजनाथ यादव, जो नगर थाना क्षेत्र के कोन्हवा गांव के निवासी थे, रोज़ की तरह थावे के वृंदावन गांव से मजदूरी कर साइकिल से अपने घर लौट रहे थे। सुंदर पट्टी गांव के पास पहुँचते ही उन्हें एक तेज़ रफ़्तार बाइक ने टक्कर मार दी।

इस टक्कर में बैजनाथ यादव के साथ-साथ बाइक पर सवार दोनों युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान मजदूर बैजनाथ यादव ने दम तोड़ दिया। घायल बाइक सवारों की पहचान नगर थाना क्षेत्र के बसडिला निवासी 16 वर्षीय रेयाज अली और छपरा निवासी 19 वर्षीय मोहम्मद इब्राहम के रूप में हुई है, जो अपने मामा के घर आया था। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने घटना स्थल से ही दोनों बाइक सवारों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
    user_Gopalganj Local News
    Gopalganj Local News
    मैं डीबी एडिटोरियल में काम करता हूं। Gopalganj, Bihar•
    2 hrs ago
  • कुशीनगर में नारायणी नदी में नहाने गए दो किशोर शुक्रवार को लापता हो गए थे, जिनमें से एक 10 वर्षीय पवन का शव शनिवार को लगभग 24 घंटे के कठिन बचाव अभियान के बाद बरामद कर लिया गया है। दूसरे 11 वर्षीय किशोर शिवम की तलाश अभी भी जारी है। शुक्रवार को स्थानीय गोताखोरों ने घंटों तक लापता बच्चों की खोजबीन की, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने मौके पर एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को बुलाया। शनिवार को टीम ने करीब 24 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पवन का शव नदी से बरामद कर लिया, जिसके बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही बरवापट्टी थाना प्रभारी दिनेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर कैंप कर रहे हैं। पुलिस ने पवन के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया है कि एक बच्चे का शव मिल गया है, और एसडीआरएफ की टीम, स्थानीय मल्लाह व ग्रामीण मिलकर दूसरे लापता बच्चे शिवम की तलाश में जुटे हैं। उन्होंने जल्द ही शिवम को भी ढूंढ लेने की उम्मीद जताई है।
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    कुशीनगर में नारायणी नदी में नहाने गए दो किशोर शुक्रवार को लापता हो गए थे, जिनमें से एक 10 वर्षीय पवन का शव शनिवार को लगभग 24 घंटे के कठिन बचाव अभियान के बाद बरामद कर लिया गया है। दूसरे 11 वर्षीय किशोर शिवम की तलाश अभी भी जारी है।

शुक्रवार को स्थानीय गोताखोरों ने घंटों तक लापता बच्चों की खोजबीन की, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने मौके पर एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को बुलाया। शनिवार को टीम ने करीब 24 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पवन का शव नदी से बरामद कर लिया, जिसके बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई।

घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही बरवापट्टी थाना प्रभारी दिनेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर कैंप कर रहे हैं। पुलिस ने पवन के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया है कि एक बच्चे का शव मिल गया है, और एसडीआरएफ की टीम, स्थानीय मल्लाह व ग्रामीण मिलकर दूसरे लापता बच्चे शिवम की तलाश में जुटे हैं। उन्होंने जल्द ही शिवम को भी ढूंढ लेने की उम्मीद जताई है।
    user_Bharat Up Times
    Bharat Up Times
    Local News Reporter Tamkuhi Raj, Kushi Nagar•
    2 hrs ago
  • बेतिया व्यवहार न्यायालय ने जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को पश्चिम चंपारण के भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है। प्रशांत किशोर पर आरोप है कि उन्होंने सितंबर 2025 में एक जनसभा के दौरान सांसद डॉ. संजय जायसवाल पर "तेल चोर" सहित अन्य आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इसके अतिरिक्त, अगस्त 2025 में बेतिया फ्लाईओवर ब्रिज के कथित गलत अलाइनमेंट के संदर्भ में भी उन्होंने सांसद पर निजी लाभ के लिए कार्य करने तथा "टूटपुंजिया नेता" जैसे शब्दों का प्रयोग किया था। इन बयानों को मानहानिकारक बताते हुए सांसद एवं लोकसभा सचेतक डॉ. संजय जायसवाल ने बेतिया व्यवहार न्यायालय में एक परिवाद दायर किया था। न्यायालय ने मामले का संज्ञान लिया और प्रशांत किशोर को अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। सांसद के अधिवक्ता चंद्रिका कुशवाहा ने मीडिया को जानकारी दी कि दायर परिवाद में यह आरोप लगाया गया है कि इन टिप्पणियों से सांसद की व्यक्तिगत और राजनीतिक छवि के साथ-साथ उनके पूरे परिवार की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुँचा है, जिसके लिए मानहानि का दावा किया गया है।
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    बेतिया व्यवहार न्यायालय ने जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को पश्चिम चंपारण के भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है। प्रशांत किशोर पर आरोप है कि उन्होंने सितंबर 2025 में एक जनसभा के दौरान सांसद डॉ. संजय जायसवाल पर "तेल चोर" सहित अन्य आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इसके अतिरिक्त, अगस्त 2025 में बेतिया फ्लाईओवर ब्रिज के कथित गलत अलाइनमेंट के संदर्भ में भी उन्होंने सांसद पर निजी लाभ के लिए कार्य करने तथा "टूटपुंजिया नेता" जैसे शब्दों का प्रयोग किया था।

इन बयानों को मानहानिकारक बताते हुए सांसद एवं लोकसभा सचेतक डॉ. संजय जायसवाल ने बेतिया व्यवहार न्यायालय में एक परिवाद दायर किया था। न्यायालय ने मामले का संज्ञान लिया और प्रशांत किशोर को अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। सांसद के अधिवक्ता चंद्रिका कुशवाहा ने मीडिया को जानकारी दी कि दायर परिवाद में यह आरोप लगाया गया है कि इन टिप्पणियों से सांसद की व्यक्तिगत और राजनीतिक छवि के साथ-साथ उनके पूरे परिवार की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुँचा है, जिसके लिए मानहानि का दावा किया गया है।
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    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    6 hrs ago
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