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पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली में जिलाधिकारी के आदेश पर खंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के नेतृत्व में एक टीम ने स्टेशन रोड स्थित फैजुल ओलूम लाल मदरसा का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, टीम ने विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक जानकारी जुटाई।
Shambhu sharan
पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली में जिलाधिकारी के आदेश पर खंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के नेतृत्व में एक टीम ने स्टेशन रोड स्थित फैजुल ओलूम लाल मदरसा का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, टीम ने विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक जानकारी जुटाई।
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- बिहार में 'ग़ज़ब' की स्थिति देखने को मिल रही है, जहाँ ठेकेदारों के कारनामे इस तरह के हैं कि अब उनके खिलाफ कोई शिकायत भी नहीं कर पाएगा। यह बताया गया है कि यह सब इसलिए हो रहा है ताकि कोई कंप्लेन न कर सके।1
- बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में, पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया अंचल कार्यालय में मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, निगरानी विभाग की टीम ने RTPS काउंटर पर कार्यरत क्लर्क राजकुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद अंचल कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चनपटिया थाना क्षेत्र के पकड़िहार गांव निवासी राजकुमार मिश्रा पिछले पांच वर्षों से बेतिया अंचल कार्यालय में कार्यरत थे। उन पर जमाबंदी अनलॉक करने के नाम पर अवैध रूप से पैसे की मांग करने का आरोप था। पीड़ित बालेश्वर कुमार ने निगरानी विभाग को शिकायत दी थी कि वह पिछले छह महीनों से अपनी जमाबंदी अनलॉक कराने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन क्लर्क लगातार काम के बदले 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था। लगातार दबाव और मांग से परेशान होकर बालेश्वर कुमार ने निगरानी विभाग से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद, निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन किया और जांच में आरोप सही पाए जाने पर एक योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार, मंगलवार को जैसे ही पीड़ित बालेश्वर कुमार ने बेतिया अंचल कार्यालय में क्लर्क राजकुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये दिए, निगरानी विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद, निगरानी विभाग की टीम आरोपी क्लर्क को अपने साथ ले गई और मामले में आगे की पूछताछ तथा कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है और इसे आम लोगों के बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। निगरानी विभाग के डीएसपी श्याम कुमार प्रसाद ने इस बात की पुष्टि की है कि बेतिया अंचल कार्यालय के RTPS काउंटर पर कार्यरत क्लर्क राजकुमार मिश्रा को जमाबंदी अनलॉक करने के एवज में 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है, और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पीड़ित बालेश्वर कुमार ने भी बताया कि छह महीने से काम न होने और क्लर्क की लगातार पैसों की मांग से मजबूर होकर उन्होंने निगरानी विभाग से संपर्क किया था। यह कार्रवाई एक बार फिर स्पष्ट करती है कि बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग का अभियान लगातार जारी है और घूसखोरी करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।1
- पूर्वी चम्पारण मोतिहारी जिले के पकड़ी दयाल थाना क्षेत्र अंतर्गत सुंदर पट्टी गांव में जोरदार आंधी, तूफान और बारिश का दौर शुरू हो चुका है।1
- बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ की पूर्वी चंपारण जिला इकाई ने राज्यव्यापी आह्वान पर मंगलवार, 16 जून, 2026 को मोतिहारी में जिला पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष जोरदार धरना प्रदर्शन किया। तेज गर्मी के बावजूद भारी संख्या में शिक्षकों ने एकजुट होकर नियोजित शिक्षकों की प्रोन्नति, ऐच्छिक स्थानांतरण और चार महीने से लंबित वेतन भुगतान की मांगों को लेकर सरकार व विभाग की गलत नीतियों के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। इस धरने को संबोधित करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार राय ने सरकार और विभाग पर लापरवाही, मनमानी तथा दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया, जिसके कारण शिक्षकों को तेज धूप में आंदोलन पर बैठने को विवश होना पड़ा। उन्होंने इस स्थिति को 'सिस्टम पर करारा तमाचा' करार दिया और कहा कि विद्यालयों में बच्चों को शिक्षा देने वाले शिक्षक स्वयं ऐसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी ने बताया कि 20 वर्षों से राष्ट्र को शिक्षा दे रहे नियोजित शिक्षक, विभाग के तानाशाही और उदासीन रवैये के कारण नियमों के बावजूद प्रोन्नति और ऐच्छिक स्थानांतरण से वंचित हैं। जिलाध्यक्ष श्री राय ने यह भी रेखांकित किया कि चार माह से बिना वेतन के शिक्षक शैक्षणिक कार्य कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री शिक्षकों की समस्या समाधान के खोखले बयान लगातार देते रहे हैं, जो अब तक झूठे साबित हुए हैं। श्री राय ने बिहार पंचायत/नगर निकाय प्रारंभिक शिक्षक नियोजन नियमावली 2006 के संशोधित नियमावली 2012 एवं 2020 की कंडिका 15 तथा 16 का हवाला देते हुए कहा कि इनमें प्रोन्नति, स्नातक ग्रेड शिक्षक एवं मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद पर उन्नति, और कालबद्ध वेतन उन्नयन का प्रावधान होने के बावजूद वर्षों से कार्यरत नियोजित शिक्षकों को इससे वंचित रखा गया है। उन्होंने इसे शिक्षकों के वेतन के मामले में शिक्षा विभाग द्वारा 'घोर वित्तीय अनियमितता' का प्रतीक बताया। इसके अलावा, नियमावली की कंडिका 15 में ही जरूरतमंद शिक्षकों के लिए नियोजन इकाई से बाहर ऐच्छिक एवं पारस्परिक स्थानांतरण नीति का प्रावधान होने के बावजूद उन्हें इससे दूर रखा जा रहा है, जिससे शिक्षक हर स्तर पर आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करने को विवश हैं। जिला कोषाध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार नियम बनाकर भी शिक्षकों को लाभ से वंचित रखती है, जो उनके 'दोहरे चाल व चरित्र' को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इस अवसर पर मदनमोहन नाथ तिवारी, प्रकाशचंद्र, शत्रुघ्न कुमार, दिनकर पासवान, केडी राम, इंतजार अहमद, शशिशेखर, जयंत कुमार आर्य, ब्रजकिशोर यादव, रमेश उपाध्याय, उमेश पंडित, दुर्गा पासवान, राजमंगल यादव सहित अन्य शिक्षक नेताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मौके पर रामू कुमार, मिंटू कुमार मिश्रा, संतोष कुमार तिवारी, संतोष कुमार चौबे, अरुण कुमार मिश्रा, सविता कुमारी, विष्णु कुमार प्रभाकर, मनोज प्रसाद, पंकज कुमार, मनोज पासवान, सुधांशु वर्मा, मो. इस्राफील, इमरान अहमद, फैज अहमद, सोनेलाल प्रसाद, ताराचंद बैठा, शंकर कुमार सहनी समेत कई अन्य शिक्षक मौजूद थे।2
- पूर्वी चंपारण जिले में एक घटना सामने आई है जिसमें रौशन आनंद के भाई की मौत का मामला हत्या है या आत्महत्या, इस पर सवाल बना हुआ है। स्रोत में इस घटना से जुड़े और अधिक विवरण नहीं दिए गए हैं।1
- दिल्ली पुलिस के एसआई अनिल शर्मा ने एक सराहनीय पहल करते हुए एक युवक की जान बचाई है। मिली जानकारी के अनुसार, युवक आत्मघाती कदम उठाने जा रहा था, तभी एसआई अनिल शर्मा ने समय रहते हस्तक्षेप किया और उसे ऐसा करने से रोककर उसकी जिंदगी बचाई। उनके इस कार्य को देखते हुए वे युवक के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं हैं।1
- बेतिया जिले के मझौलिया प्रखंड की चार पंचायतों में मंगलवार को सहयोग शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना था। प्रखंड मुख्यालय स्थित मझौलिया पंचायत में आयोजित शिविर का उद्घाटन अपर समाहर्ता (एडीएम) राजीव रंजन सिन्हा ने किया। इस अवसर पर एडीएम ने बताया कि जिले में अब तक कुल 20,701 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 17,977 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मझौलिया प्रखंड की इन चार पंचायतों से 630 आवेदन मिले थे, जिनमें से 511 आवेदनों का निपटारा कर दिया गया है। एडीएम ने आश्वस्त किया कि शेष आवेदनों का निस्तारण भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने सहयोग शिविरों के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि इन शिविरों के लिए पूर्व से ही आवेदन लिए जा रहे हैं ताकि जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके। मझौलिया पंचायत के मुखिया सत्यप्रकाश ने शिविर की अध्यक्षता की और इसे जनहितकारी पहल बताया। शिविर में डीपीओ कुमार अनुभव, बीडीओ डॉ. राजीव रंजन, सीओ राजीव रंजन, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम, सीएचओ पूनम कुमारी, रंजन पटेल सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। शिविर में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी भी देखी गई। चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने भी मझौलिया, रामनगर बनकट, बैठनिया भनाचक तथा नौतनखुर्द पंचायतों में आयोजित सहयोग शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1
- चोरों ने एक घर का ताला तोड़कर लाखों रुपये की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। चोरी की गई वस्तुओं में गहने भी शामिल थे, जिससे इस घटना में चोरों का कहर साफ तौर पर दिखा।1
- बिहार से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि अब बच्चों को कंबल से मौत के घाट उतारा जा रहा है। इस खबर को देखकर लोग हैरान रह जाएंगे। पोस्ट में इस भयावह जानकारी को व्यापक रूप से साझा करने की अपील की गई है।1