बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में, पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया अंचल कार्यालय में मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, निगरानी विभाग की टीम ने RTPS काउंटर पर कार्यरत क्लर्क राजकुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद अंचल कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चनपटिया थाना क्षेत्र के पकड़िहार गांव निवासी राजकुमार मिश्रा पिछले पांच वर्षों से बेतिया अंचल कार्यालय में कार्यरत थे। उन पर जमाबंदी अनलॉक करने के नाम पर अवैध रूप से पैसे की मांग करने का आरोप था। पीड़ित बालेश्वर कुमार ने निगरानी विभाग को शिकायत दी थी कि वह पिछले छह महीनों से अपनी जमाबंदी अनलॉक कराने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन क्लर्क लगातार काम के बदले 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था। लगातार दबाव और मांग से परेशान होकर बालेश्वर कुमार ने निगरानी विभाग से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद, निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन किया और जांच में आरोप सही पाए जाने पर एक योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार, मंगलवार को जैसे ही पीड़ित बालेश्वर कुमार ने बेतिया अंचल कार्यालय में क्लर्क राजकुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये दिए, निगरानी विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद, निगरानी विभाग की टीम आरोपी क्लर्क को अपने साथ ले गई और मामले में आगे की पूछताछ तथा कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है और इसे आम लोगों के बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। निगरानी विभाग के डीएसपी श्याम कुमार प्रसाद ने इस बात की पुष्टि की है कि बेतिया अंचल कार्यालय के RTPS काउंटर पर कार्यरत क्लर्क राजकुमार मिश्रा को जमाबंदी अनलॉक करने के एवज में 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है, और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पीड़ित बालेश्वर कुमार ने भी बताया कि छह महीने से काम न होने और क्लर्क की लगातार पैसों की मांग से मजबूर होकर उन्होंने निगरानी विभाग से संपर्क किया था। यह कार्रवाई एक बार फिर स्पष्ट करती है कि बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग का अभियान लगातार जारी है और घूसखोरी करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में, पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया अंचल कार्यालय में मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, निगरानी विभाग की टीम ने RTPS काउंटर पर कार्यरत क्लर्क राजकुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद अंचल कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चनपटिया थाना क्षेत्र के पकड़िहार गांव निवासी राजकुमार मिश्रा पिछले पांच वर्षों से बेतिया अंचल कार्यालय में कार्यरत थे। उन पर जमाबंदी अनलॉक करने के नाम पर अवैध रूप से पैसे की मांग करने का आरोप था। पीड़ित बालेश्वर कुमार ने निगरानी विभाग को शिकायत दी थी कि वह पिछले छह महीनों से अपनी जमाबंदी अनलॉक कराने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन क्लर्क लगातार काम के बदले 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था। लगातार दबाव और मांग से परेशान होकर बालेश्वर कुमार ने निगरानी विभाग से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद, निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन किया और जांच में आरोप सही पाए जाने पर एक योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार, मंगलवार को जैसे ही पीड़ित बालेश्वर कुमार ने बेतिया अंचल कार्यालय में क्लर्क राजकुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये दिए, निगरानी विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद, निगरानी विभाग की टीम आरोपी क्लर्क को अपने साथ ले गई और मामले में आगे की पूछताछ तथा कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है और इसे आम लोगों के बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। निगरानी विभाग के डीएसपी श्याम कुमार प्रसाद ने इस बात की पुष्टि की है कि बेतिया अंचल कार्यालय के RTPS काउंटर पर कार्यरत क्लर्क राजकुमार मिश्रा को जमाबंदी अनलॉक करने के एवज में 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है, और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पीड़ित बालेश्वर कुमार ने भी बताया कि छह महीने से काम न होने और क्लर्क की लगातार पैसों की मांग से मजबूर होकर उन्होंने निगरानी विभाग से संपर्क किया था। यह कार्रवाई एक बार फिर स्पष्ट करती है कि बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग का अभियान लगातार जारी है और घूसखोरी करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
- चनपटिया विधानसभा क्षेत्र के छह पंचायतों में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविरों का पूर्व भाजपा विधायक उमाकांत सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष रूप से बैठनिया भानाचक पंचायत में लगे शिविर को देखा और वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की। पूर्व विधायक ने बल दिया कि इन सहयोग शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर एकत्रित होकर आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहे हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं और आवेदनों के साथ पहुंचे हैं। उन्होंने एनडीए सरकार के नेतृत्व में राज्य में हो रहे चौतरफा विकास और आम जनता को मिल रहे योजनाओं के लाभ की भी प्रशंसा की। इन शिविरों में कृषि, राजस्व, आपूर्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, लोहिया स्वच्छता अभियान और जीविका सहित विभिन्न विभागों के अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ प्राप्त आवेदनों के आधार पर लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया। बिजली विभाग के प्रधान लिपिक संजय कुमार ने बताया कि उनके विभाग को कुल पांच आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका निष्पादन प्रक्रियाधीन है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए विशेष चिकित्सा शिविर में 260 मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गई। इस शिविर के सफल संचालन में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम प्रसाद, डॉ. सुरेश कुमार सिंह, एएनएम आरती कुमारी समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मौके पर एसडीओ विकास कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।1
- बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में, पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया अंचल कार्यालय में मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, निगरानी विभाग की टीम ने RTPS काउंटर पर कार्यरत क्लर्क राजकुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद अंचल कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चनपटिया थाना क्षेत्र के पकड़िहार गांव निवासी राजकुमार मिश्रा पिछले पांच वर्षों से बेतिया अंचल कार्यालय में कार्यरत थे। उन पर जमाबंदी अनलॉक करने के नाम पर अवैध रूप से पैसे की मांग करने का आरोप था। पीड़ित बालेश्वर कुमार ने निगरानी विभाग को शिकायत दी थी कि वह पिछले छह महीनों से अपनी जमाबंदी अनलॉक कराने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन क्लर्क लगातार काम के बदले 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था। लगातार दबाव और मांग से परेशान होकर बालेश्वर कुमार ने निगरानी विभाग से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद, निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन किया और जांच में आरोप सही पाए जाने पर एक योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार, मंगलवार को जैसे ही पीड़ित बालेश्वर कुमार ने बेतिया अंचल कार्यालय में क्लर्क राजकुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये दिए, निगरानी विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद, निगरानी विभाग की टीम आरोपी क्लर्क को अपने साथ ले गई और मामले में आगे की पूछताछ तथा कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है और इसे आम लोगों के बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। निगरानी विभाग के डीएसपी श्याम कुमार प्रसाद ने इस बात की पुष्टि की है कि बेतिया अंचल कार्यालय के RTPS काउंटर पर कार्यरत क्लर्क राजकुमार मिश्रा को जमाबंदी अनलॉक करने के एवज में 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है, और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पीड़ित बालेश्वर कुमार ने भी बताया कि छह महीने से काम न होने और क्लर्क की लगातार पैसों की मांग से मजबूर होकर उन्होंने निगरानी विभाग से संपर्क किया था। यह कार्रवाई एक बार फिर स्पष्ट करती है कि बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग का अभियान लगातार जारी है और घूसखोरी करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।1
- मझौलिया प्रखंड के मझौलिया, बैठनिया भानाचक, नौतन खुर्द और रामनगर बनकट पंचायतों में मंगलवार को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना था। इसी कड़ी में राजकीय उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय परिसर में भी एक सहयोग शिविर लगाया गया, जहाँ विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर सेवाएं प्रदान कीं। इस दौरान पंचायती राज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, ग्राम कचहरी, कृषि विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। शिविर में ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, अपनी समस्याओं और शिकायतों से संबंधित आवेदन जमा किए, और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने लाभुकों को योजनाओं का लाभ उठाने और आवश्यक दस्तावेज़ों के संबंध में मार्गदर्शन भी दिया। नोडल पदाधिकारी गार्गी कुमारी ने बताया कि पूर्व में प्राप्त लगभग 95 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि आज शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकतम 30 दिनों के भीतर निपटारा कर दिया जाएगा, जो सरकार की मंशा के अनुरूप लोगों को त्वरित समाधान प्रदान करने की दिशा में एक कदम है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में उपस्थित अधिकारियों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याएं रखीं, जिससे यह कार्यक्रम अत्यधिक सफल रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मुखिया प्रतिनिधि अरुण यादव का सराहनीय योगदान रहा। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में अत्यंत उपयोगी बताया, जहाँ उनकी समस्याओं का समाधान किया गया और उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं की जानकारी मिली।4
- पश्चिम चंपारण के योगापट्टी थाना क्षेत्र में दहेज की अतिरिक्त मांग के कारण एक शादी टूट गई। मच्छरगांवा बाजार गांव की शबनम की शादी रुदलपुर गांव निवासी अरमान के साथ 15 जून को तय थी, जिसके लिए लड़की पक्ष ने सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं और दुल्हन भी सज-धज कर तैयार थी। लड़की पक्ष का आरोप है कि शादी वाले दिन शाम में दूल्हे के पिता गुलाब अंसारी ने अचानक ₹50 हजार अतिरिक्त दहेज, 200 बारातियों के स्वागत और बकरे के मीट की व्यवस्था की मांग कर दी। उन्होंने रात 9 बजे तक बारात पहुंचने की बात कही थी, लेकिन यह रकम नहीं मिलने पर बारात नहीं आई। दुल्हन के पिता शाहिद अंसारी ने बताया कि तिलक समारोह में पहले ही डेढ़ लाख रुपए नकद, फर्नीचर और बाइक दी जा चुकी थी, और अतिरिक्त ₹50 हजार तत्काल जुटाना उनके लिए संभव नहीं था। परिवार रात 1 बजे तक बारात का इंतजार करता रहा। इस मामले में लड़की पक्ष ने दूल्हे और उसके परिजनों के खिलाफ योगापट्टी थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।1
- सुगौली प्रखंड में नियमित कार्यक्रम के तहत तीन पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों में कुल 205 मामलों में से 155 का सफलतापूर्वक समाधान किया गया।1
- पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र अंतर्गत छपरा बहास स्थित छपरा बाजार के पास प्रशासन का बुलडोजर आज दूसरे दिन भी चला। सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के उद्देश्य से इस अभियान के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के पहले दिन कई अवैध कब्जों को हटाया गया था। हालांकि, कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के बाद, प्रशासन ने आज सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर का उपयोग करके शेष सभी अतिक्रमणों को भी हटवा दिया। यह कार्रवाई अधिकारियों की निगरानी में जेसीबी मशीनों से अवैध निर्माणों को ध्वस्त करके की गई, जिसमें किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल पूरे समय मौके पर मुस्तैद रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है। वहीं, प्रशासन ने लोगों से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण न करने और नियमों का पालन करने की अपील भी की है।1
- बेतिया जिले के मझौलिया प्रखंड की चार पंचायतों में मंगलवार को सहयोग शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना था। प्रखंड मुख्यालय स्थित मझौलिया पंचायत में आयोजित शिविर का उद्घाटन अपर समाहर्ता (एडीएम) राजीव रंजन सिन्हा ने किया। इस अवसर पर एडीएम ने बताया कि जिले में अब तक कुल 20,701 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 17,977 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मझौलिया प्रखंड की इन चार पंचायतों से 630 आवेदन मिले थे, जिनमें से 511 आवेदनों का निपटारा कर दिया गया है। एडीएम ने आश्वस्त किया कि शेष आवेदनों का निस्तारण भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने सहयोग शिविरों के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि इन शिविरों के लिए पूर्व से ही आवेदन लिए जा रहे हैं ताकि जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके। मझौलिया पंचायत के मुखिया सत्यप्रकाश ने शिविर की अध्यक्षता की और इसे जनहितकारी पहल बताया। शिविर में डीपीओ कुमार अनुभव, बीडीओ डॉ. राजीव रंजन, सीओ राजीव रंजन, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम, सीएचओ पूनम कुमारी, रंजन पटेल सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। शिविर में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी भी देखी गई। चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने भी मझौलिया, रामनगर बनकट, बैठनिया भनाचक तथा नौतनखुर्द पंचायतों में आयोजित सहयोग शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1
- जयपुर में सीजेपी के संस्थापक को थप्पड़ मारा गया है। इस मामले में आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।1