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ग्राम पंचायत मोहगांव में बुढ़नेर नदी से पानी भरकर एक कुआं तैयार किया गया। इस कुएं को जनता के सामने 'चमत्कारी कुएं' के रूप में प्रस्तुत किया गया।
Sanjay nanda
ग्राम पंचायत मोहगांव में बुढ़नेर नदी से पानी भरकर एक कुआं तैयार किया गया। इस कुएं को जनता के सामने 'चमत्कारी कुएं' के रूप में प्रस्तुत किया गया।
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- मंडला के नारायणगंज विकासखंड स्थित बबलिया सेक्टर क्रमांक 5 में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गंगा दशहरा पर्व को बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत मैली में स्थानीय जल स्रोतों के आसपास एक विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया। ग्रामीणों को जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक भव्य कलश यात्रा भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों और जन-प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से जल स्रोतों की सुरक्षा और उनके संरक्षण की शपथ ली। जन अभियान परिषद द्वारा बबलिया माल, देवरी कला, मैली, डाला खापा और छपरा जैसी विभिन्न ग्राम पंचायतों में भी इन अभियानों का सफल आयोजन किया गया, जहाँ जल संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में जन अभियान परिषद के सेक्टर प्रभारी सुरेश कुमार सोनी, कृष्ण कुमार झारिया, पंचायत सचिव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं उपस्थित रहीं।1
- डिंडौरी जिले के अमरपुर विकासखंड के केवलारी ग्राम में इन दिनों संत श्री श्री 1008 त्यागी बालक दास जी महाराज मानव कल्याण और विश्व शांति के उद्देश्य से कठोर अग्नि तप में लीन हैं। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद, जब जिले का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुँच चुका है, उनकी यह साधना लोगों को आश्चर्यचकित कर रही है। महाराज प्रतिवर्ष बसंत पंचमी से गंगा दशहरा तक यह अग्नि तप करते हैं, जिसमें वे अग्नि के चारों ओर बैठकर साधना करते हैं। जानकारी के अनुसार, त्यागी बालक दास जी महाराज पिछले लगभग 20 वर्षों से निराहार रहकर तपस्या कर रहे हैं और मौन व्रत धारण किए हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी भीषण गर्मी में ऐसी तपस्या करना सामान्य व्यक्ति के लिए संभव नहीं है, जिससे यह श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का विषय बन गया है। त्याग और तपस्या के साथ-साथ, महाराज सेवा कार्यों में भी निरंतर जुटे रहते हैं। उनके आश्रम में प्रतिदिन लगभग 100 से 200 लोगों को भोजन कराया जाता है। केवलारी आश्रम में धार्मिक आयोजनों और पर्वों के दौरान दूर-दूर से श्रद्धालु महाराज के दर्शन करने और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुँचते हैं, जहाँ विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। कठोर तप, सेवा और मानव कल्याण की भावना से जुड़ी यह अद्भुत साधना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- बंगाल के मुख्य मंत्री सेबेन्दु अधिकारी कथित तौर पर जनता को यह कहते हुए पाए गए हैं कि 14 वर्ष से अधिक आयु के लोग 'अय्यु कि गये माता को खा सकते हैं', जिसके लिए उन्हें एक प्रमाण पत्र लेना होगा। यह बयान सोशल मीडिया पर सामने आया है, जहाँ इस बात पर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह जानकारी सही है। इस संदर्भ में, सभी देशवासियों से अनुरोध किया गया है कि वे संबंधित वीडियो को देखें और सुनें, और उसके बाद इस पर अपनी राय तेजी से टिप्पणी अनुभाग में दें।2
- जबलपुर के सिहोरा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ शराब के नशे में धुत एक बेटे ने अपनी पत्नी से विवाद के दौरान बीच-बचाव करने आई अपनी माँ पर टेबल फैन से हमला कर दिया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल माँ ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, यह घटना गढ़िया मोहल्ले की है। आरोपी करण कोल देर रात घर लौटा था और अपनी पत्नी से झगड़ रहा था। इसी दौरान, जब उसकी 65 वर्षीय माँ गिरानी बाई कोल बीच-बचाव करने पहुँचीं, तो बेटे ने उन पर हमला कर दिया। उसने कथित तौर पर टेबल फैन का इस्तेमाल कर माँ को गंभीर रूप से घायल किया। घायल महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल, पुलिस फरार आरोपी करण कोल की तलाश में जुटी हुई है।1
- डिंडोरी में एसडीएम राम बाबू देवआंगन ने अतिक्रमण और अनाधिकृत निर्माण कार्यों को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी व्यवस्था को भंग करेगा, उसे सीधे जेल भेजा जाएगा। यह चेतावनी विशेष रूप से बस स्टैंड और नर्मदा तट के आसपास मनमाने ढंग से हो रहे निर्माण कार्यों, जैसे बिना अनुमति के दर्जनो मंदिर निर्माण या अन्य निर्माण कार्यों के संदर्भ में दी गई है। एसडीएम देवआंगन ने निर्देश दिया है कि अब तक जो भी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, उन्हें एक ही स्थान पर लाइन में लगाकर अपनी भक्ति भाव और आस्था को आश्रम तक सीमित रखा जाए। उन्होंने लोगों से जिला प्रशासन के सहयोगी बनकर योगदान देने की अपील की, अन्यथा कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि जो व्यवस्था बिगाड़ेगा, उसे जेल भेजा जाएगा।4
- मंडला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली कटौती के खिलाफ एक अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने बिजली विभाग की शव यात्रा निकाली और इस दौरान जमकर नारेबाजी करते हुए सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेसियों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली कटौती बंद नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।1
- डिंडोरी जिले में ईंधन खर्च रोकने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुचारु बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यालय में निवास करने के निर्देश दिए थे। हालाँकि, समनापुर ब्लॉक में इन आदेशों का पालन केवल कागजों तक ही सीमित दिखाई दे रहा है, जहाँ कई अधिकारी और कर्मचारी प्रतिदिन जिला मुख्यालय से समनापुर तक आवागमन कर रहे हैं। इस स्थिति से शासन के पेट्रोल-डीजल बचत अभियान पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई विभागों के कर्मचारी सुबह देर से कार्यालय पहुंचते हैं और शाम होते ही निकल जाते हैं, जिससे आम लोगों के कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाते। सबसे गंभीर आरोप शासकीय वाहनों के दुरुपयोग को लेकर लगाए जा रहे हैं; सूत्रों के अनुसार, कुछ कर्मचारी सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल निजी आवागमन और व्यक्तिगत कार्यों के लिए कर रहे हैं। यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है, तो शासन को लाखों रुपये के ईंधन और वाहन खर्च में हुई गड़बड़ी का खुलासा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन अधिकारी मुख्यालय में रुकने के बजाय रोजाना अपडाउन में व्यस्त रहते हैं। इससे आपातकालीन स्थितियों में जनता को अधिकारियों की उपलब्धता नहीं मिल पाती। स्थानीय नागरिकों ने माँग की है कि मुख्यालय में निवास न करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की जांच की जाए, शासकीय वाहनों की लॉगबुक और ईंधन खर्च की भी जाँच हो, और बिना अनुमति के डेली अपडाउन करने वालों पर कार्रवाई की जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन कलेक्टर के आदेशों की अनदेखी करने वालों पर कब तक कार्रवाई करेगा, या फिर सरकारी आदेश केवल फाइलों तक ही सीमित रहेंगे।1
- वनमंडल डिंडौरी के दक्षिण समनापुर वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने अवैध साल चिरान लकड़ी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग ने 25 मई 2026 को वन ग्राम लमोटा के बीट अजगर क्षेत्र में दो स्थानों पर छापा मारकर अवैध रूप से रखी गई साल चिरान लकड़ी को जब्त किया। यह कार्रवाई वनमंडलाधिकारी श्रीमती भारती ठाकरे और उप वनमंडल अधिकारी श्री सुरेंद्र सिंह जाटव के मार्गदर्शन में की गई। इसमें वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री रेवासिंह परस्ते ने वन अमले का नेतृत्व किया। इस अभियान में वनरक्षक श्री इन्द्रसिंह पट्टा, श्रीमती प्रेमवती मरावी, श्री पवन कुमार यादव, वाहन चालक श्री राकेश कुमार टेकाम, सुरक्षा श्रमिक श्री शुभम कुमार पट्टा, श्री दादूलाल मरकाम और वन सुरक्षा समिति लमोटा के अध्यक्ष श्री विष्णु सिंह का विशेष योगदान रहा। वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 एवं 52 के तहत जब्ती की कार्रवाई की है। इस मामले में दो आरोपियों के नाम सामने आए हैं, जिनके विरुद्ध आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध लकड़ी कटाई और परिवहन के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।2
- मंडला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली संकट को लेकर जमकर हल्लाबोल प्रदर्शन किया। लो वोल्टेज और लगातार हो रही बिजली कटौती के विरोध में, कांग्रेस ने MPB की शव यात्रा निकाली और उसकी अर्थी को भी अग्नि के हवाले कर दिया।1