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प्रयागराज में 'सरकारी' डकैती: लेखपालों की 'लोलुप्ता' से भू-माफिया बने धनकुबेर, टीएसएल की जमीन पर खूनी संघर्ष की आहट! यमुनापार। संगम नगरी प्रयागराज का यमुनानगर जोन इस समय भू-माफियाओं और भ्रष्ट सरकारी कारिंदों की कारगुजारियों का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। जनता त्रस्त है और खाकी-खादी के संरक्षण में पल रहे राजस्व विभाग के 'दीमक' सरकारी जमीनों को चाट रहे हैं। तहसील के लेखपालों और भू-माफियाओं के बीच का नापाक गठजोड़ इस कदर हावी है कि यमुनापार में भूमि विवादों की एक ऐसी बारूद की ढेरी तैयार हो गई है, जो कभी भी फट सकती है। ताजा और सबसे सनसनीखेज मामला नैनी स्थित भारी उद्योग मंत्रालय की बंद पड़ी 'त्रिवेणी स्ट्रक्चरल लिमिटेड' (टीएसएल) कंपनी का है। टीएसएल की बाउंड्रीवाल से सटी बेशकीमती सरकारी जमीन को हड़पने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल ने अपनी कलम को चंद टुकड़ों के लिए बेच दिया। लेखपाल की एक फर्जी और विवादित रिपोर्ट के बल पर भू-माफिया पूरी धड़ल्ले से इस सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश में जुटे हैं। - नए साहब 'बेखबर', लेखपालों का 'खेला' जारी हैरानी की बात यह है कि करछना के नवागत उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को शायद इस बात का भान तक नहीं है कि उनके नाक के नीचे क्या 'खेला' चल रहा है। इन भ्रष्ट लेखपालों ने धूल फांकती पुरानी फाइलों से सरकारी जमीनों को खोज निकाला। फिर क्या था? फर्जी वसीयत तैयार की गई, कागजी हेरफेर हुआ और देखते ही देखते सरकारी जमीनें भू-माफियाओं के नाम कर दी गईं। इस काले खेल से लेखपालों ने अपनी जेबें गर्म कीं और भू-माफिया कई-कई बीघे में अवैध प्लाटिंग कर रातों-रात 'धनकुबेर' बन बैठे। - जनता का फूटा गुस्सा, 'कागजी सबूत' देने की चुनौती टीएसएल की इस सरकारी जमीन को माफियाओं की गोद में बैठाने के बाद अब नैनी में उबाल है। स्थानीय जनता इस प्रशासनिक डकैती के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले रहा है। आक्रोशित जनता ने सीधे तौर पर भ्रष्ट तंत्र को चुनौती देते हुए कहा है—"अगर इस जमीन पर कब्जा करने वाला असली मालिक है, तो लेखपाल अपने दस्तखत के साथ यह लिख कर दे कि यह जमीन आरोपी के नाम पर दर्ज है।"साफ है कि जनता अब आर-पार के मूड में है। अगर करछना प्रशासन ने इस 'लेखपाल-माफिया नेक्सस' पर तुरंत बुल्डोजर नहीं चलाया, तो नैनी की यह धरती आने वाले दिनों में किसी बड़े और हिंसक बवाल की गवाह बनेगी। प्रयागराज में 'सरकारी' डकैती: लेखपालों की 'लोलुप्ता' से भू-माफिया बने धनकुबेर, टीएसएल की जमीन पर खूनी संघर्ष की आहट! यमुनापार । संगम नगरी प्रयागराज का यमुनानगर जोन इस समय भू-माफियाओं और भ्रष्ट सरकारी कारिंदों की कारगुजारियों का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। जनता त्रस्त है और खाकी-खादी के संरक्षण में पल रहे राजस्व विभाग के 'दीमक' सरकारी जमीनों को चाट रहे हैं। तहसील के लेखपालों और भू-माफियाओं के बीच का नापाक गठजोड़ इस कदर हावी है कि यमुनापार में भूमि विवादों की एक ऐसी बारूद की ढेरी तैयार हो गई है, जो कभी भी फट सकती है। ताजा और सबसे सनसनीखेज मामला नैनी स्थित भारी उद्योग मंत्रालय की बंद पड़ी 'त्रिवेणी स्ट्रक्चरल लिमिटेड' (टीएसएल) कंपनी का है। टीएसएल की बाउंड्रीवाल से सटी बेशकीमती सरकारी जमीन को हड़पने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल ने अपनी कलम को चंद टुकड़ों के लिए बेच दिया। लेखपाल की एक फर्जी और विवादित रिपोर्ट के बल पर भू-माफिया पूरी धड़ल्ले से इस सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश में जुटे हैं। - नए साहब 'बेखबर', लेखपालों का 'खेला' जारी हैरानी की बात यह है कि करछना के नवागत उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को शायद इस बात का भान तक नहीं है कि उनके नाक के नीचे क्या 'खेला' चल रहा है। इन भ्रष्ट लेखपालों ने धूल फांकती पुरानी फाइलों से सरकारी जमीनों को खोज निकाला। फिर क्या था? फर्जी वसीयत तैयार की गई, कागजी हेरफेर हुआ और देखते ही देखते सरकारी जमीनें भू-माफियाओं के नाम कर दी गईं। इस काले खेल से लेखपालों ने अपनी जेबें गर्म कीं और भू-माफिया कई-कई बीघे में अवैध प्लाटिंग कर रातों-रात 'धनकुबेर' बन बैठे। - जनता का फूटा गुस्सा, 'कागजी सबूत' देने की चुनौती टीएसएल की इस सरकारी जमीन को माफियाओं की गोद में बैठाने के बाद अब नैनी में उबाल है। स्थानीय जनता इस प्रशासनिक डकैती के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले रहा है। आक्रोशित जनता ने सीधे तौर पर भ्रष्ट तंत्र को चुनौती देते हुए कहा है—"अगर इस जमीन पर कब्जा करने वाला असली मालिक है, तो लेखपाल अपने दस्तखत के साथ यह लिख कर दे कि यह जमीन आरोपी के नाम पर दर्ज है।"साफ है कि जनता अब आर-पार के मूड में है। अगर करछना प्रशासन ने इस 'लेखपाल-माफिया नेक्सस' पर तुरंत बुल्डोजर नहीं चलाया, तो नैनी की यह धरती आने वाले दिनों में किसी बड़े और हिंसक बवाल की गवाह बनेगी।

2 hrs ago
user_Parvez alam
Parvez alam
Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

प्रयागराज में 'सरकारी' डकैती: लेखपालों की 'लोलुप्ता' से भू-माफिया बने धनकुबेर, टीएसएल की जमीन पर खूनी संघर्ष की आहट! यमुनापार। संगम नगरी प्रयागराज का यमुनानगर जोन इस समय भू-माफियाओं और भ्रष्ट सरकारी कारिंदों की कारगुजारियों का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। जनता त्रस्त है और खाकी-खादी के संरक्षण में पल रहे राजस्व विभाग के 'दीमक' सरकारी जमीनों को चाट रहे हैं। तहसील के लेखपालों और भू-माफियाओं के बीच का नापाक गठजोड़ इस कदर हावी है कि यमुनापार में भूमि विवादों की एक ऐसी बारूद की ढेरी तैयार हो गई है, जो कभी भी फट सकती है। ताजा और सबसे सनसनीखेज मामला नैनी स्थित भारी उद्योग मंत्रालय की बंद पड़ी 'त्रिवेणी स्ट्रक्चरल लिमिटेड' (टीएसएल) कंपनी का है। टीएसएल की बाउंड्रीवाल से सटी बेशकीमती सरकारी जमीन को हड़पने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल ने अपनी कलम को चंद टुकड़ों के लिए बेच दिया। लेखपाल की एक फर्जी और विवादित रिपोर्ट के बल पर भू-माफिया पूरी धड़ल्ले से इस सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश में जुटे हैं। - नए साहब 'बेखबर', लेखपालों का 'खेला' जारी हैरानी की बात यह है कि करछना के नवागत उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को शायद इस बात का भान तक नहीं है कि उनके नाक के नीचे क्या 'खेला' चल रहा है। इन भ्रष्ट लेखपालों ने धूल फांकती पुरानी फाइलों से सरकारी जमीनों को खोज निकाला। फिर क्या था? फर्जी वसीयत तैयार की गई, कागजी हेरफेर हुआ और देखते ही देखते सरकारी जमीनें भू-माफियाओं के नाम कर दी गईं। इस काले खेल से लेखपालों ने अपनी जेबें गर्म कीं और भू-माफिया कई-कई बीघे में अवैध प्लाटिंग कर रातों-रात 'धनकुबेर' बन बैठे। - जनता का फूटा गुस्सा, 'कागजी सबूत' देने की चुनौती टीएसएल की इस सरकारी जमीन को माफियाओं की गोद में बैठाने के बाद अब नैनी में उबाल है। स्थानीय जनता इस प्रशासनिक डकैती के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले रहा है। आक्रोशित जनता ने सीधे तौर पर भ्रष्ट तंत्र को चुनौती देते हुए कहा है—"अगर इस जमीन पर कब्जा करने वाला असली मालिक है, तो लेखपाल अपने दस्तखत के साथ यह लिख कर दे कि यह जमीन आरोपी के नाम पर दर्ज है।"साफ है कि जनता अब आर-पार के मूड में है। अगर करछना प्रशासन ने इस 'लेखपाल-माफिया नेक्सस' पर तुरंत बुल्डोजर नहीं चलाया, तो नैनी की यह धरती आने वाले दिनों में किसी बड़े और हिंसक बवाल की गवाह बनेगी। प्रयागराज में 'सरकारी' डकैती: लेखपालों की 'लोलुप्ता' से भू-माफिया बने धनकुबेर, टीएसएल की जमीन पर खूनी संघर्ष की आहट! यमुनापार । संगम नगरी प्रयागराज का यमुनानगर जोन इस समय भू-माफियाओं और भ्रष्ट सरकारी कारिंदों की कारगुजारियों का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। जनता त्रस्त है और खाकी-खादी के संरक्षण में पल रहे राजस्व विभाग के 'दीमक' सरकारी जमीनों को चाट रहे हैं। तहसील के लेखपालों और भू-माफियाओं के बीच का नापाक गठजोड़ इस कदर हावी है कि यमुनापार में भूमि विवादों की एक ऐसी बारूद की ढेरी तैयार हो गई है, जो कभी भी फट सकती है। ताजा और सबसे सनसनीखेज मामला नैनी स्थित भारी उद्योग मंत्रालय की बंद पड़ी 'त्रिवेणी स्ट्रक्चरल लिमिटेड' (टीएसएल) कंपनी का है। टीएसएल की बाउंड्रीवाल से सटी बेशकीमती सरकारी जमीन को हड़पने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल ने अपनी कलम को चंद टुकड़ों के लिए बेच दिया। लेखपाल की एक फर्जी और विवादित रिपोर्ट के बल पर भू-माफिया पूरी धड़ल्ले से इस सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश में जुटे हैं। - नए साहब 'बेखबर', लेखपालों का 'खेला' जारी हैरानी की बात यह है कि करछना के नवागत उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को शायद इस बात का भान तक नहीं है कि उनके नाक के नीचे क्या 'खेला' चल रहा है। इन भ्रष्ट लेखपालों ने धूल फांकती पुरानी फाइलों से सरकारी जमीनों को खोज निकाला। फिर क्या था? फर्जी वसीयत तैयार की गई, कागजी हेरफेर हुआ और देखते ही देखते सरकारी जमीनें भू-माफियाओं के नाम कर दी गईं। इस काले खेल से लेखपालों ने अपनी जेबें गर्म कीं और भू-माफिया कई-कई बीघे में अवैध प्लाटिंग कर रातों-रात 'धनकुबेर' बन बैठे। - जनता का फूटा गुस्सा, 'कागजी सबूत' देने की चुनौती टीएसएल की इस सरकारी जमीन को माफियाओं की गोद में बैठाने के बाद अब नैनी में उबाल है। स्थानीय जनता इस प्रशासनिक डकैती के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले रहा है। आक्रोशित जनता ने सीधे तौर पर भ्रष्ट तंत्र को चुनौती देते हुए कहा है—"अगर इस जमीन पर कब्जा करने वाला असली मालिक है, तो लेखपाल अपने दस्तखत के साथ यह लिख कर दे कि यह जमीन आरोपी के नाम पर दर्ज है।"साफ है कि जनता अब आर-पार के मूड में है। अगर करछना प्रशासन ने इस 'लेखपाल-माफिया नेक्सस' पर तुरंत बुल्डोजर नहीं चलाया, तो नैनी की यह धरती आने वाले दिनों में किसी बड़े और हिंसक बवाल की गवाह बनेगी।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • सम्पा नर्सिंग होम मामले में जांच तेज, पुलिस पहुंची अस्पताल; परिजनों ने सीज करने और गिरफ्तारी की उठाई मांग प्रयागराज। बहादुरपुर क्षेत्र के सहसों स्थित सम्पा नर्सिंग होम में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। शनिवार को सोरांव पुलिस विवेचना के तहत नर्सिंग होम पहुंची, जहां मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते हुए अस्पताल को तत्काल सीज करने तथा संबंधित डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग उठाई। मृतका के पति आशीष मौर्य, निवासी मुकुंदपुर खास (थाना होलागढ़), का आरोप है कि उनकी 23 वर्षीय पत्नी खुशबू मौर्य को प्रसव पीड़ा होने पर पहले सोरांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में ऑपरेशन के लिए उन्हें सहसों स्थित सम्पा नर्सिंग होम भेजा गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही हुई, जिससे खुशबू की हालत बिगड़ गई। उनका कहना है कि ऑपरेशन के दौरान यूरिन की नस कट जाने के बाद उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान प्रसूता और उसकी नवजात बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों की तहरीर पर सोरांव पुलिस ने संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान परिजनों ने सवाल उठाया कि गंभीर आरोपों के बावजूद अस्पताल को अब तक सीज क्यों नहीं किया गया। उनका आरोप है कि अस्पताल में अभी भी मरीजों का इलाज और भर्ती जारी है, जिससे अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। मृतका के पति आशीष मौर्य, भाई पवन मौर्य, ग्राम प्रधान बुंदेल सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल के बाहर मौजूद रहे। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, अस्पताल को सीज करने और आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विवेचना के दौरान नर्सिंग होम में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। अस्पताल के स्टाफ को नोटिस तामील करा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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    सम्पा नर्सिंग होम मामले में जांच तेज, पुलिस पहुंची अस्पताल; परिजनों ने सीज करने और गिरफ्तारी की उठाई मांग
प्रयागराज। बहादुरपुर क्षेत्र के सहसों स्थित सम्पा नर्सिंग होम में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। शनिवार को सोरांव पुलिस विवेचना के तहत नर्सिंग होम पहुंची, जहां मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते हुए अस्पताल को तत्काल सीज करने तथा संबंधित डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग उठाई।
मृतका के पति आशीष मौर्य, निवासी मुकुंदपुर खास (थाना होलागढ़), का आरोप है कि उनकी 23 वर्षीय पत्नी खुशबू मौर्य को प्रसव पीड़ा होने पर पहले सोरांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में ऑपरेशन के लिए उन्हें सहसों स्थित सम्पा नर्सिंग होम भेजा गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही हुई, जिससे खुशबू की हालत बिगड़ गई। उनका कहना है कि ऑपरेशन के दौरान यूरिन की नस कट जाने के बाद उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान प्रसूता और उसकी नवजात बच्ची की मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों की तहरीर पर सोरांव पुलिस ने संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान परिजनों ने सवाल उठाया कि गंभीर आरोपों के बावजूद अस्पताल को अब तक सीज क्यों नहीं किया गया। उनका आरोप है कि अस्पताल में अभी भी मरीजों का इलाज और भर्ती जारी है, जिससे अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
मृतका के पति आशीष मौर्य, भाई पवन मौर्य, ग्राम प्रधान बुंदेल सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल के बाहर मौजूद रहे। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, अस्पताल को सीज करने और आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विवेचना के दौरान नर्सिंग होम में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। अस्पताल के स्टाफ को नोटिस तामील करा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
    user_NAGENDRA PRAJAPATI
    NAGENDRA PRAJAPATI
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • नौढ़िया तरहार में आवारा पशु और बंदरों का आतंक,भूखे मरने को मजबूर किसान प्रयागराज तहसील बारा क्षेत्र के शंकरगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा नौढ़िया तरहार में आवारा पशुओं और बंदरों के आतंक से किसान बेहद परेशान हैं। यह गांव प्रयागराज जिले का सबसे अंतिम छोर पर बसा है और विकास से कोसों दूर है गांव में एक भी पशु बाड़ा नहीं है। सुबह होते ही आवारा पशु खेतों की तरफ और बंदर गांव की तरफ हमला कर देते हैं बंदर खेत उजाड़ने के साथ-साथ घरों में घुसकर रोटी तक उठा ले जाते हैं और लोगों को चोटिल भी कर देते हैं।इनके आतंक की वजह से गांव में दलहन साग-सब्जी, अरहर, ज्वार-बाजरा और मक्का की खेती लगभग बंद हो गई है। गांव के 90% लोग किसानी पर निर्भर हैं, लेकिन अब उन्हें अपनी जीविका चलाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय किसान का कहना है भूखे मरने की नौबत आ गई है। अपनी दुख किससे कहें,सरकार भी ध्यान नहीं दे रही ग्रामवासियों का आरोप है कि यह सबसे पिछड़ा गांव है। विधायक और सांसद सिर्फ चुनाव के समय आते हैं उसके बाद 5 साल तक कोई मुड़कर नहीं देखता गांव में रोजगार नाम की कोई चीज नहीं है।किसानों ने सरकार से आवारा पशुओं के लिए बाड़ा बनवाने और बंदरों के संरक्षण/नियंत्रण की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की है।
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    नौढ़िया तरहार में आवारा पशु और बंदरों का आतंक,भूखे मरने को मजबूर किसान
प्रयागराज तहसील बारा क्षेत्र के शंकरगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा नौढ़िया तरहार में आवारा पशुओं और बंदरों के आतंक से किसान बेहद परेशान हैं। यह गांव प्रयागराज जिले का सबसे अंतिम छोर पर बसा है और विकास से कोसों दूर है गांव में एक भी पशु बाड़ा नहीं है। सुबह होते ही आवारा पशु खेतों की तरफ और बंदर गांव की तरफ हमला कर देते हैं बंदर खेत उजाड़ने के साथ-साथ घरों में घुसकर रोटी तक उठा ले जाते हैं और लोगों को चोटिल भी कर देते हैं।इनके आतंक की वजह से गांव में दलहन साग-सब्जी, अरहर, ज्वार-बाजरा और मक्का की खेती लगभग बंद हो गई है। गांव के  90% लोग किसानी पर निर्भर हैं, लेकिन अब उन्हें अपनी जीविका चलाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय किसान का कहना है भूखे मरने की नौबत आ गई है। अपनी दुख किससे कहें,सरकार भी ध्यान नहीं दे रही ग्रामवासियों का आरोप है कि यह सबसे पिछड़ा गांव है। विधायक और सांसद सिर्फ चुनाव के समय आते हैं उसके बाद 5 साल तक कोई मुड़कर नहीं देखता गांव में रोजगार नाम की कोई चीज नहीं है।किसानों ने सरकार से आवारा पशुओं के लिए बाड़ा बनवाने और बंदरों के संरक्षण/नियंत्रण  की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की है।
    user_पुष्पराज सिंह
    पुष्पराज सिंह
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *प्रयागराज बारा पावर प्लांट का पानी, लगभग 500 बीघा खेती बर्बाद, किसानों ने मांगा मुआवजा* *प्रयागराज बारा पावर प्लांट का पानी, लगभग 500 बीघा खेती बर्बाद, किसानों ने मांगा मुआवजा*
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    *प्रयागराज बारा पावर प्लांट का पानी, लगभग 500 बीघा खेती बर्बाद, किसानों ने मांगा मुआवजा*
*प्रयागराज बारा पावर प्लांट का पानी, लगभग 500 बीघा खेती बर्बाद, किसानों ने मांगा मुआवजा*
    user_Manoj Kumar kesarwani
    Manoj Kumar kesarwani
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ये वही लोग है जो प्रभु श्री राम और प्रभु श्रीकृष्ण के अस्तित्व पर प्रश्न खड़ा कर
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    उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ये वही लोग है जो प्रभु श्री राम और प्रभु श्रीकृष्ण के अस्तित्व पर प्रश्न खड़ा कर
    user_Ranjeet Sonkar( प्रधान संपादक)
    Ranjeet Sonkar( प्रधान संपादक)
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • शहर के अनेक इलाकों में जलजमाव। गंदा पानी घरों में घुसा प्रयागराज शहर
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    शहर के अनेक इलाकों में जलजमाव। गंदा पानी घरों में घुसा प्रयागराज शहर
    user_Sanjay Lal
    Sanjay Lal
    Local News Reporter Allahabad, Prayagraj•
    6 hrs ago
  • यहां सिक्योरिटी गार्ड ने जो किया, वह एकदम गलत तरीका है, अखिलेश यादव के सुरक्षा कर्मी ने सपा कार्यकर्ताओं को धकियाया और बंदूक की नाल से मारा। यहां सिक्योरिटी गार्ड ने जो किया, वह एकदम गलत तरीका है, अखिलेश यादव के सुरक्षा कर्मी ने सपा कार्यकर्ताओं को धकियाया और बंदूक की नाल से मारा
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    यहां सिक्योरिटी गार्ड ने जो किया, वह एकदम गलत तरीका है, अखिलेश यादव के सुरक्षा कर्मी ने सपा कार्यकर्ताओं को धकियाया और बंदूक की नाल से मारा।
यहां सिक्योरिटी गार्ड ने जो किया, वह एकदम गलत तरीका है, अखिलेश यादव के सुरक्षा कर्मी ने सपा कार्यकर्ताओं को धकियाया और बंदूक की नाल से मारा
    user_Ishwar Deen Sahu
    Ishwar Deen Sahu
    Newspaper advertising department इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी द्वारा दिनांक 08 अगस्त, 2026 को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में आयोजित “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम के संबंध में विभिन्न डेलीगेसियों, लॉज, छात्रावासों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जनसंपर्क अभियान प्रयागराज। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व में दिनांक 08 अगस्त, 2026 को केपी ग्राउंड, प्रयागराज में आयोजित होने वाले “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम को लेकर आज कांग्रेस नेता एवं उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एडवोकेट रजनीश (पूर्व छात्र नेता, केंद्रीय विश्वविद्यालय इलाहाबाद) के नेतृत्व में प्रयागराज के विभिन्न डेलीगेसियों, लॉज, छात्रावासों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं से संवाद स्थापित कर उन्हें कार्यक्रम के उद्देश्य एवं महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही युवाओं से शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता तथा भविष्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई। जनसंपर्क के दौरान छात्र-छात्राओं ने “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम के प्रति उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि आज युवाओं के सामने रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता, पेपर लीक और नियुक्तियों में देरी जैसी गंभीर चुनौतियां हैं। ऐसे समय में छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने वाला यह कार्यक्रम उनके लिए अपनी बात रखने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। छात्र-छात्राओं ने एक स्वर में कार्यक्रम की सराहना करते हुए बड़ी संख्या में शामिल होने का आश्वासन दिया। उनका कहना था कि वे अपने भविष्य और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले नेतृत्व की ओर आशा और विश्वास के साथ देख रहे हैं तथा समय निकालकर हर परिस्थिति में कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर एडवोकेट रजनीश ने कहा कि भाजपा छात्रों और युवाओं के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने तथा भावनात्मक मुद्दों को उभारने की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि देश का युवा अब जागरूक हो चुका है और वह रोजगार, शिक्षा, पेपर लीक, निष्पक्ष भर्ती तथा समान अवसर जैसे मुद्दों पर धर्म और जाति के नाम पर विभाजित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा से जुड़े लोग युवाओं के रोजगार, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े सवालों पर गंभीरता से चर्चा करने के बजाय समाज में टकराव और विभाजन की राजनीति को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के अधिकारों और अवसरों के साथ समझौता कर कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि देश का आम युवा रोजगार और निष्पक्ष अवसर की प्रतीक्षा कर रहा है। एडवोकेट रजनीश ने कहा कि अब छात्र अपने भविष्य से जुड़े प्रत्येक प्रश्न पर जवाब मांगेंगे। युवा भाजपा और संघ से जुड़े लोगों से रोजगार, पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं तथा युवाओं के अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर स्पष्ट जवाब और जवाबदेही की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्र नफरत और भेदभाव की राजनीति को अस्वीकार कर शिक्षा, रोजगार, समान अवसर और बेहतर भविष्य के मुद्दों को प्राथमिकता देंगे। एडवोकेट रजनीश ने प्रयागराज सहित आसपास के जनपदों के छात्र-छात्राओं एवं युवाओं से भी अपील की कि वे दिनांक 08 अगस्त, 2026 को केपी ग्राउंड, प्रयागराज पहुंचकर “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और शिक्षा, रोजगार, निष्पक्ष भर्ती तथा युवाओं के अधिकारों की आवाज को मजबूत करे
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    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी द्वारा दिनांक 08 अगस्त, 2026 को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में आयोजित “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम के संबंध में विभिन्न डेलीगेसियों, लॉज, छात्रावासों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जनसंपर्क अभियान
प्रयागराज। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व में दिनांक 08 अगस्त, 2026 को केपी ग्राउंड, प्रयागराज में आयोजित होने वाले “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम को लेकर आज कांग्रेस नेता एवं उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एडवोकेट रजनीश (पूर्व छात्र नेता, केंद्रीय विश्वविद्यालय इलाहाबाद) के नेतृत्व में प्रयागराज के विभिन्न डेलीगेसियों, लॉज, छात्रावासों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं से संवाद स्थापित कर उन्हें कार्यक्रम के उद्देश्य एवं महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही युवाओं से शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता तथा भविष्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई।
जनसंपर्क के दौरान छात्र-छात्राओं ने “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम के प्रति उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि आज युवाओं के सामने रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता, पेपर लीक और नियुक्तियों में देरी जैसी गंभीर चुनौतियां हैं। ऐसे समय में छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने वाला यह कार्यक्रम उनके लिए अपनी बात रखने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
छात्र-छात्राओं ने एक स्वर में कार्यक्रम की सराहना करते हुए बड़ी संख्या में शामिल होने का आश्वासन दिया। उनका कहना था कि वे अपने भविष्य और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले नेतृत्व की ओर आशा और विश्वास के साथ देख रहे हैं तथा समय निकालकर हर परिस्थिति में कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
इस अवसर पर एडवोकेट रजनीश ने कहा कि भाजपा छात्रों और युवाओं के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने तथा भावनात्मक मुद्दों को उभारने की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि देश का युवा अब जागरूक हो चुका है और वह रोजगार, शिक्षा, पेपर लीक, निष्पक्ष भर्ती तथा समान अवसर जैसे मुद्दों पर धर्म और जाति के नाम पर विभाजित नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा से जुड़े लोग युवाओं के रोजगार, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े सवालों पर गंभीरता से चर्चा करने के बजाय समाज में टकराव और विभाजन की राजनीति को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के अधिकारों और अवसरों के साथ समझौता कर कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि देश का आम युवा रोजगार और निष्पक्ष अवसर की प्रतीक्षा कर रहा है।
एडवोकेट रजनीश ने कहा कि अब छात्र अपने भविष्य से जुड़े प्रत्येक प्रश्न पर जवाब मांगेंगे। युवा भाजपा और संघ से जुड़े लोगों से रोजगार, पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं तथा युवाओं के अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर स्पष्ट जवाब और जवाबदेही की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्र नफरत और भेदभाव की राजनीति को अस्वीकार कर शिक्षा, रोजगार, समान अवसर और बेहतर भविष्य के मुद्दों को प्राथमिकता देंगे।
एडवोकेट रजनीश ने प्रयागराज सहित आसपास के जनपदों के छात्र-छात्राओं एवं युवाओं से भी अपील की कि वे दिनांक 08 अगस्त, 2026 को केपी ग्राउंड, प्रयागराज पहुंचकर “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और शिक्षा, रोजगार, निष्पक्ष भर्ती तथा युवाओं के अधिकारों की आवाज को मजबूत करे
    user_पवन कुमार पाल पत्रकार
    पवन कुमार पाल पत्रकार
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • फरीदाबाद के सिकरौना गांव के एक स्कूल में शिक्षिका संध्या (आयु 30 वर्ष) की नकाबपोश आरोपी अमित (आयु 21 वर्ष, निवासी कोट गांव) द्वारा 32 सेकेंड में 34 बार चाकू से वार कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है, जो कथित तौर पर मृतका को लंबे समय से परेशान कर रहा था।घटना की मुख्य बातेंस्थान: सिकरौना गांव, फरीदाबाद, हरियाणा।दिनांक: सोमवार, अगस्त 2026।पीड़िता: संध्या (30 वर्ष), शिक्षिका।आरोपी: अमित (21 वर्ष), निवासी कोट गांव।पुलिस जांच के विवरणवारदात का समय: हमलावर ने केवल 32 सेकेंड में 34 बार चाकू से वार किया।गिरफ्तारी: पुलिस ने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से आरोपी को दबोच लिया।वजह: शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी महिला टीचर को काफी समय से परेशान कर रहा था।
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    फरीदाबाद के सिकरौना गांव के एक स्कूल में शिक्षिका संध्या (आयु 30 वर्ष) की नकाबपोश आरोपी अमित (आयु 21 वर्ष, निवासी कोट गांव) द्वारा 32 सेकेंड में 34 बार चाकू से वार कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है, जो कथित तौर पर मृतका को लंबे समय से परेशान कर रहा था।घटना की मुख्य बातेंस्थान: सिकरौना गांव, फरीदाबाद, हरियाणा।दिनांक: सोमवार, अगस्त 2026।पीड़िता: संध्या (30 वर्ष), शिक्षिका।आरोपी: अमित (21 वर्ष), निवासी कोट गांव।पुलिस जांच के विवरणवारदात का समय: हमलावर ने केवल 32 सेकेंड में 34 बार चाकू से वार किया।गिरफ्तारी: पुलिस ने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से आरोपी को दबोच लिया।वजह: शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी महिला टीचर को काफी समय से परेशान कर रहा था।
    user_हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन
    हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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