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नौढ़िया तरहार में आवारा पशु और बंदरों का आतंक,भूखे मरने को मजबूर किसान प्रयागराज तहसील बारा क्षेत्र के शंकरगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा नौढ़िया तरहार में आवारा पशुओं और बंदरों के आतंक से किसान बेहद परेशान हैं। यह गांव प्रयागराज जिले का सबसे अंतिम छोर पर बसा है और विकास से कोसों दूर है गांव में एक भी पशु बाड़ा नहीं है। सुबह होते ही आवारा पशु खेतों की तरफ और बंदर गांव की तरफ हमला कर देते हैं बंदर खेत उजाड़ने के साथ-साथ घरों में घुसकर रोटी तक उठा ले जाते हैं और लोगों को चोटिल भी कर देते हैं।इनके आतंक की वजह से गांव में दलहन साग-सब्जी, अरहर, ज्वार-बाजरा और मक्का की खेती लगभग बंद हो गई है। गांव के 90% लोग किसानी पर निर्भर हैं, लेकिन अब उन्हें अपनी जीविका चलाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय किसान का कहना है भूखे मरने की नौबत आ गई है। अपनी दुख किससे कहें,सरकार भी ध्यान नहीं दे रही ग्रामवासियों का आरोप है कि यह सबसे पिछड़ा गांव है। विधायक और सांसद सिर्फ चुनाव के समय आते हैं उसके बाद 5 साल तक कोई मुड़कर नहीं देखता गांव में रोजगार नाम की कोई चीज नहीं है।किसानों ने सरकार से आवारा पशुओं के लिए बाड़ा बनवाने और बंदरों के संरक्षण/नियंत्रण की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की है।

54 min ago
user_पुष्पराज सिंह
पुष्पराज सिंह
Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
54 min ago

नौढ़िया तरहार में आवारा पशु और बंदरों का आतंक,भूखे मरने को मजबूर किसान प्रयागराज तहसील बारा क्षेत्र के शंकरगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा नौढ़िया तरहार में आवारा पशुओं और बंदरों के आतंक से किसान बेहद परेशान हैं। यह गांव प्रयागराज जिले का सबसे अंतिम छोर पर बसा है और विकास से कोसों दूर है गांव में एक भी पशु बाड़ा नहीं है। सुबह होते ही आवारा पशु खेतों की तरफ और बंदर गांव की तरफ हमला कर देते हैं बंदर खेत उजाड़ने के साथ-साथ घरों में घुसकर रोटी तक उठा ले जाते हैं और लोगों को चोटिल भी कर देते हैं।इनके आतंक की वजह से गांव में दलहन साग-सब्जी, अरहर,

ज्वार-बाजरा और मक्का की खेती लगभग बंद हो गई है। गांव के 90% लोग किसानी पर निर्भर हैं, लेकिन अब उन्हें अपनी जीविका चलाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय किसान का कहना है भूखे मरने की नौबत आ गई है। अपनी दुख किससे कहें,सरकार भी ध्यान नहीं दे रही ग्रामवासियों का आरोप है कि यह सबसे पिछड़ा गांव है। विधायक और सांसद सिर्फ चुनाव के समय आते हैं उसके बाद 5 साल तक कोई मुड़कर नहीं देखता गांव में रोजगार नाम की कोई चीज नहीं है।किसानों ने सरकार से आवारा पशुओं के लिए बाड़ा बनवाने और बंदरों के संरक्षण/नियंत्रण की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की है।

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  • झारखंड के छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मंच पर एक किन्नर पहुँचीं और छात्रों के खाने-पीने के लिए 50,000 रुपये दिए झारखंड के छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मंच पर एक किन्नर पहुँचीं और छात्रों के खाने-पीने के लिए 50,000 रुपये दिए। यह सामाजिक समावेश (social inclusion) का एक बेहतरीन उदाहरण है, न कि वैसी बदतमीज़ी जो हमने पिछले महीने जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान LGBT समुदाय की तरफ़ से देखी थी। साथ ही, अगर आप मंच को ध्यान से देखें तो वहाँ शिबू सोरेन (CM हेमंत सोरेन के पिता) की तस्वीर लगी है। यह सम्मान का एक बेहतरीन उदाहरण है, न कि नेताओं के माता-पिता के लिए वैसी अपशब्दों वाली भाषा जो हमने कुछ दिन पहले जंतर-मंतर पर देखी थी। राष्ट्रवादी लोग इसी तरह विरोध प्रदर्शन करते हैं; यह एक ऐसी संस्कृति है जिसे विपक्ष द्वारा प्रायोजित CJP कभी नहीं अपना सकता।
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    झारखंड के छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मंच पर एक किन्नर पहुँचीं और छात्रों के खाने-पीने के लिए 50,000 रुपये दिए
झारखंड के छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मंच पर एक किन्नर पहुँचीं और छात्रों के खाने-पीने के लिए 50,000 रुपये दिए। यह सामाजिक समावेश (social inclusion) का एक बेहतरीन उदाहरण है, न कि वैसी बदतमीज़ी जो हमने पिछले महीने जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान LGBT समुदाय की तरफ़ से देखी थी। साथ ही, अगर आप मंच को ध्यान से देखें तो वहाँ शिबू सोरेन (CM हेमंत सोरेन के पिता) की तस्वीर लगी है। यह सम्मान का एक बेहतरीन उदाहरण है, न कि नेताओं के माता-पिता के लिए वैसी अपशब्दों वाली भाषा जो हमने कुछ दिन पहले जंतर-मंतर पर देखी थी। राष्ट्रवादी लोग इसी तरह विरोध प्रदर्शन करते हैं; यह एक ऐसी संस्कृति है जिसे विपक्ष द्वारा प्रायोजित CJP कभी नहीं अपना सकता।
    user_Ishwar Deen Sahu
    Ishwar Deen Sahu
    Newspaper advertising department इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    36 min ago
  • सम्पा नर्सिंग होम मामले में जांच तेज, पुलिस पहुंची अस्पताल; परिजनों ने सीज करने और गिरफ्तारी की उठाई मांग प्रयागराज। बहादुरपुर क्षेत्र के सहसों स्थित सम्पा नर्सिंग होम में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। शनिवार को सोरांव पुलिस विवेचना के तहत नर्सिंग होम पहुंची, जहां मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते हुए अस्पताल को तत्काल सीज करने तथा संबंधित डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग उठाई। मृतका के पति आशीष मौर्य, निवासी मुकुंदपुर खास (थाना होलागढ़), का आरोप है कि उनकी 23 वर्षीय पत्नी खुशबू मौर्य को प्रसव पीड़ा होने पर पहले सोरांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में ऑपरेशन के लिए उन्हें सहसों स्थित सम्पा नर्सिंग होम भेजा गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही हुई, जिससे खुशबू की हालत बिगड़ गई। उनका कहना है कि ऑपरेशन के दौरान यूरिन की नस कट जाने के बाद उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान प्रसूता और उसकी नवजात बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों की तहरीर पर सोरांव पुलिस ने संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान परिजनों ने सवाल उठाया कि गंभीर आरोपों के बावजूद अस्पताल को अब तक सीज क्यों नहीं किया गया। उनका आरोप है कि अस्पताल में अभी भी मरीजों का इलाज और भर्ती जारी है, जिससे अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। मृतका के पति आशीष मौर्य, भाई पवन मौर्य, ग्राम प्रधान बुंदेल सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल के बाहर मौजूद रहे। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, अस्पताल को सीज करने और आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विवेचना के दौरान नर्सिंग होम में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। अस्पताल के स्टाफ को नोटिस तामील करा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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    सम्पा नर्सिंग होम मामले में जांच तेज, पुलिस पहुंची अस्पताल; परिजनों ने सीज करने और गिरफ्तारी की उठाई मांग
प्रयागराज। बहादुरपुर क्षेत्र के सहसों स्थित सम्पा नर्सिंग होम में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। शनिवार को सोरांव पुलिस विवेचना के तहत नर्सिंग होम पहुंची, जहां मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते हुए अस्पताल को तत्काल सीज करने तथा संबंधित डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग उठाई।
मृतका के पति आशीष मौर्य, निवासी मुकुंदपुर खास (थाना होलागढ़), का आरोप है कि उनकी 23 वर्षीय पत्नी खुशबू मौर्य को प्रसव पीड़ा होने पर पहले सोरांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में ऑपरेशन के लिए उन्हें सहसों स्थित सम्पा नर्सिंग होम भेजा गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही हुई, जिससे खुशबू की हालत बिगड़ गई। उनका कहना है कि ऑपरेशन के दौरान यूरिन की नस कट जाने के बाद उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान प्रसूता और उसकी नवजात बच्ची की मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों की तहरीर पर सोरांव पुलिस ने संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान परिजनों ने सवाल उठाया कि गंभीर आरोपों के बावजूद अस्पताल को अब तक सीज क्यों नहीं किया गया। उनका आरोप है कि अस्पताल में अभी भी मरीजों का इलाज और भर्ती जारी है, जिससे अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
मृतका के पति आशीष मौर्य, भाई पवन मौर्य, ग्राम प्रधान बुंदेल सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल के बाहर मौजूद रहे। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, अस्पताल को सीज करने और आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विवेचना के दौरान नर्सिंग होम में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। अस्पताल के स्टाफ को नोटिस तामील करा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
    user_NAGENDRA PRAJAPATI
    NAGENDRA PRAJAPATI
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    47 min ago
  • नौढ़िया तरहार में आवारा पशु और बंदरों का आतंक,भूखे मरने को मजबूर किसान प्रयागराज तहसील बारा क्षेत्र के शंकरगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा नौढ़िया तरहार में आवारा पशुओं और बंदरों के आतंक से किसान बेहद परेशान हैं। यह गांव प्रयागराज जिले का सबसे अंतिम छोर पर बसा है और विकास से कोसों दूर है गांव में एक भी पशु बाड़ा नहीं है। सुबह होते ही आवारा पशु खेतों की तरफ और बंदर गांव की तरफ हमला कर देते हैं बंदर खेत उजाड़ने के साथ-साथ घरों में घुसकर रोटी तक उठा ले जाते हैं और लोगों को चोटिल भी कर देते हैं।इनके आतंक की वजह से गांव में दलहन साग-सब्जी, अरहर, ज्वार-बाजरा और मक्का की खेती लगभग बंद हो गई है। गांव के 90% लोग किसानी पर निर्भर हैं, लेकिन अब उन्हें अपनी जीविका चलाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय किसान का कहना है भूखे मरने की नौबत आ गई है। अपनी दुख किससे कहें,सरकार भी ध्यान नहीं दे रही ग्रामवासियों का आरोप है कि यह सबसे पिछड़ा गांव है। विधायक और सांसद सिर्फ चुनाव के समय आते हैं उसके बाद 5 साल तक कोई मुड़कर नहीं देखता गांव में रोजगार नाम की कोई चीज नहीं है।किसानों ने सरकार से आवारा पशुओं के लिए बाड़ा बनवाने और बंदरों के संरक्षण/नियंत्रण की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की है।
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    नौढ़िया तरहार में आवारा पशु और बंदरों का आतंक,भूखे मरने को मजबूर किसान
प्रयागराज तहसील बारा क्षेत्र के शंकरगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा नौढ़िया तरहार में आवारा पशुओं और बंदरों के आतंक से किसान बेहद परेशान हैं। यह गांव प्रयागराज जिले का सबसे अंतिम छोर पर बसा है और विकास से कोसों दूर है गांव में एक भी पशु बाड़ा नहीं है। सुबह होते ही आवारा पशु खेतों की तरफ और बंदर गांव की तरफ हमला कर देते हैं बंदर खेत उजाड़ने के साथ-साथ घरों में घुसकर रोटी तक उठा ले जाते हैं और लोगों को चोटिल भी कर देते हैं।इनके आतंक की वजह से गांव में दलहन साग-सब्जी, अरहर, ज्वार-बाजरा और मक्का की खेती लगभग बंद हो गई है। गांव के  90% लोग किसानी पर निर्भर हैं, लेकिन अब उन्हें अपनी जीविका चलाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय किसान का कहना है भूखे मरने की नौबत आ गई है। अपनी दुख किससे कहें,सरकार भी ध्यान नहीं दे रही ग्रामवासियों का आरोप है कि यह सबसे पिछड़ा गांव है। विधायक और सांसद सिर्फ चुनाव के समय आते हैं उसके बाद 5 साल तक कोई मुड़कर नहीं देखता गांव में रोजगार नाम की कोई चीज नहीं है।किसानों ने सरकार से आवारा पशुओं के लिए बाड़ा बनवाने और बंदरों के संरक्षण/नियंत्रण  की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की है।
    user_पुष्पराज सिंह
    पुष्पराज सिंह
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    54 min ago
  • *प्रयागराज बारा पावर प्लांट का पानी, लगभग 500 बीघा खेती बर्बाद, किसानों ने मांगा मुआवजा* *प्रयागराज बारा पावर प्लांट का पानी, लगभग 500 बीघा खेती बर्बाद, किसानों ने मांगा मुआवजा*
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    *प्रयागराज बारा पावर प्लांट का पानी, लगभग 500 बीघा खेती बर्बाद, किसानों ने मांगा मुआवजा*
*प्रयागराज बारा पावर प्लांट का पानी, लगभग 500 बीघा खेती बर्बाद, किसानों ने मांगा मुआवजा*
    user_Manoj Kumar kesarwani
    Manoj Kumar kesarwani
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ये वही लोग है जो प्रभु श्री राम और प्रभु श्रीकृष्ण के अस्तित्व पर प्रश्न खड़ा कर
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    उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ये वही लोग है जो प्रभु श्री राम और प्रभु श्रीकृष्ण के अस्तित्व पर प्रश्न खड़ा कर
    user_Ranjeet Sonkar( प्रधान संपादक)
    Ranjeet Sonkar( प्रधान संपादक)
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • शहर के अनेक इलाकों में जलजमाव। गंदा पानी घरों में घुसा प्रयागराज शहर
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    शहर के अनेक इलाकों में जलजमाव। गंदा पानी घरों में घुसा प्रयागराज शहर
    user_Sanjay Lal
    Sanjay Lal
    Local News Reporter Allahabad, Prayagraj•
    3 hrs ago
  • यहां सिक्योरिटी गार्ड ने जो किया, वह एकदम गलत तरीका है, अखिलेश यादव के सुरक्षा कर्मी ने सपा कार्यकर्ताओं को धकियाया और बंदूक की नाल से मारा। यहां सिक्योरिटी गार्ड ने जो किया, वह एकदम गलत तरीका है, अखिलेश यादव के सुरक्षा कर्मी ने सपा कार्यकर्ताओं को धकियाया और बंदूक की नाल से मारा
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    यहां सिक्योरिटी गार्ड ने जो किया, वह एकदम गलत तरीका है, अखिलेश यादव के सुरक्षा कर्मी ने सपा कार्यकर्ताओं को धकियाया और बंदूक की नाल से मारा।
यहां सिक्योरिटी गार्ड ने जो किया, वह एकदम गलत तरीका है, अखिलेश यादव के सुरक्षा कर्मी ने सपा कार्यकर्ताओं को धकियाया और बंदूक की नाल से मारा
    user_Ishwar Deen Sahu
    Ishwar Deen Sahu
    Newspaper advertising department इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    40 min ago
  • फरीदाबाद के सिकरौना गांव के एक स्कूल में शिक्षिका संध्या (आयु 30 वर्ष) की नकाबपोश आरोपी अमित (आयु 21 वर्ष, निवासी कोट गांव) द्वारा 32 सेकेंड में 34 बार चाकू से वार कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है, जो कथित तौर पर मृतका को लंबे समय से परेशान कर रहा था।घटना की मुख्य बातेंस्थान: सिकरौना गांव, फरीदाबाद, हरियाणा।दिनांक: सोमवार, अगस्त 2026।पीड़िता: संध्या (30 वर्ष), शिक्षिका।आरोपी: अमित (21 वर्ष), निवासी कोट गांव।पुलिस जांच के विवरणवारदात का समय: हमलावर ने केवल 32 सेकेंड में 34 बार चाकू से वार किया।गिरफ्तारी: पुलिस ने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से आरोपी को दबोच लिया।वजह: शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी महिला टीचर को काफी समय से परेशान कर रहा था।
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    फरीदाबाद के सिकरौना गांव के एक स्कूल में शिक्षिका संध्या (आयु 30 वर्ष) की नकाबपोश आरोपी अमित (आयु 21 वर्ष, निवासी कोट गांव) द्वारा 32 सेकेंड में 34 बार चाकू से वार कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है, जो कथित तौर पर मृतका को लंबे समय से परेशान कर रहा था।घटना की मुख्य बातेंस्थान: सिकरौना गांव, फरीदाबाद, हरियाणा।दिनांक: सोमवार, अगस्त 2026।पीड़िता: संध्या (30 वर्ष), शिक्षिका।आरोपी: अमित (21 वर्ष), निवासी कोट गांव।पुलिस जांच के विवरणवारदात का समय: हमलावर ने केवल 32 सेकेंड में 34 बार चाकू से वार किया।गिरफ्तारी: पुलिस ने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से आरोपी को दबोच लिया।वजह: शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी महिला टीचर को काफी समय से परेशान कर रहा था।
    user_हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन
    हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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