देवली निकाय चुनाव में प्रत्याशियों से ज्यादा सांसद-विधायक की साख दांव पर देवली निकाय चुनाव में प्रत्याशियों से ज्यादा सांसद-विधायक की साख दांव पर 35 वार्डों में सियासी शह-मात की तैयारी, भाजपा में 175 आवेदन से टिकट की दौड़ तेज; कांग्रेस भी मैदान सजाने में जुटी क्या इस बार मुकाबला प्रत्याशियों का नहीं, सांसद हरिश्चंद्र मीणा और विधायक राजेंद्र गुर्जर की राजनीतिक पकड़ का होगा? दूनी/टोंक (हरि शंकर माली)। देवली नगर पालिका चुनाव इस बार महज पार्षद पद के प्रत्याशियों के बीच चुनावी मुकाबला नहीं रहने वाला है। 35 वार्डों वाली देवली नगर पालिका का चुनाव अब भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी वर्चस्व की लड़ाई के साथ-साथ सांसद हरिश्चंद्र मीणा और स्थानीय भाजपा विधायक राजेंद्र गुर्जर की राजनीतिक प्रतिष्ठा की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। दोनों प्रमुख दल चुनावी मैदान में अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में जुट गए हैं, वहीं संभावित प्रत्याशी डिजिटल प्रचार के जरिए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाने में लगे हैं। नगर निकाय चुनाव की घोषणा और आचार संहिता लागू होने के साथ ही देवली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने मंगलवार को देवली में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर चुनावी तैयारियों, संगठनात्मक रणनीति और टिकट चयन को लेकर मंथन किया। वहीं कांग्रेस ने भी गुरुवार को कार्यकर्ता बैठक बुलाकर चुनावी रणनीति पर चर्चा की तैयारी कर ली है। कांग्रेस की बैठक में सांसद हरिश्चंद्र मीणा स्वयं कार्यकर्ताओं और पार्षद पद के आवेदकों से संवाद करेंगे। इससे पहले भी सांसद कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी मंथन कर चुके हैं। भाजपा के सामने विधायक की साख का सवाल भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में विधायक राजेंद्र गुर्जर ने देवली नगर पालिका में भाजपा का बोर्ड बनाने का दावा करते हुए कार्यकर्ताओं से सभी 35 वार्डों में एकजुट होकर चुनाव लड़ने का आह्वान किया। विधायक ने उपचुनाव में पार्टी को मिली 5 हजार से अधिक मतों की जीत का हवाला देते हुए उसी उत्साह और एकता के साथ नगर निकाय चुनाव में जुटने की बात कही। भाजपा की ओर से 35 वार्डों के लिए करीब 175 आवेदन आने से पार्टी के भीतर टिकट की दावेदारी भी तेज हो गई है। अब सबसे बड़ी चुनौती मजबूत प्रत्याशी चयन के साथ टिकट नहीं मिलने वाले दावेदारों और उनके समर्थकों को साथ बनाए रखने की होगी। भाजपा का दावा है कि विधायक के नेतृत्व और ट्रिपल इंजन सरकार के विकास कार्यों के आधार पर पार्टी नगर पालिका में अपना बोर्ड बनाने में सफल होगी। ऐसे में यदि भाजपा बोर्ड बनाने में सफल रहती है तो इसे विधायक राजेंद्र गुर्जर की स्थानीय राजनीतिक पकड़ और संगठन पर प्रभाव की बड़ी जीत के रूप में देखा जाएगा। वहीं अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर विपक्ष को विधायक के दावे पर सवाल उठाने का राजनीतिक अवसर मिल सकता है। कांग्रेस के सामने सांसद की प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती दूसरी ओर कांग्रेस के लिए भी देवली नगर पालिका चुनाव किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। सांसद हरिश्चंद्र मीणा का स्वयं देवली पहुंचकर कार्यकर्ताओं और पार्षद पद के आवेदकों से सीधा संवाद करना बताता है कि कांग्रेस इस चुनाव को पूरी गंभीरता से लड़ने की तैयारी में है। कांग्रेस के सामने मजबूत उम्मीदवारों का चयन, वार्ड स्तर पर संगठन को सक्रिय करना और सभी गुटों को एकजुट रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। सांसद हरिश्चंद्र मीणा की लोकसभा क्षेत्र में राजनीतिक सक्रियता और संगठन पर पकड़ का असर भी इस चुनाव में दिखाई देने की संभावना है। यदि कांग्रेस भाजपा को कड़ी चुनौती देती है या नगर पालिका में बेहतर स्थिति हासिल करती है तो इसे सांसद हरिश्चंद्र मीणा की राजनीतिक सक्रियता और संगठनात्मक पकड़ से जोड़कर देखा जाएगा। वहीं कमजोर प्रदर्शन की स्थिति में विपक्ष सांसद की राजनीतिक पकड़ को लेकर सवाल खड़े कर सकता है। एक बोर्ड कांग्रेस का, फिर भाजपा में हुआ था तब्दील देवली नगर पालिका का राजनीतिक इतिहास भी इस चुनाव को रोचक बना रहा है। वर्तमान बोर्ड के कार्यकाल में नगर पालिका में कांग्रेस और भाजपा दोनों का प्रभाव देखने को मिला है। शुरुआत में बोर्ड कांग्रेस के पक्ष में बना था, लेकिन बाद में राजनीतिक समीकरण बदलने के साथ यह भाजपा के पक्ष में तब्दील हो गया। ऐसे में इस बार दोनों दल पुराने समीकरणों को ध्यान में रखते हुए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। डिजिटल प्रचार में प्रत्याशी, असली फैसला मतदाता के हाथ चुनावी घोषणा के साथ ही संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता भी बढ़ गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावेदार अपने समर्थन में माहौल बनाने में जुटे हैं। कोई जनसंपर्क की तस्वीरें साझा कर रहा है तो कोई वार्ड की समस्याओं और विकास के मुद्दों को लेकर मतदाताओं तक पहुंच बना रहा है। हालांकि डिजिटल प्रचार के बीच असली परीक्षा मतदान के दिन मतदाता की पसंद से होगी। टिकट की दौड़ में शामिल दावेदारों के लिए पार्टी का टिकट मिलना पहला पड़ाव होगा, जबकि उसके बाद पार्टी के चुनाव चिह्न पर मतदाताओं का विश्वास हासिल करना दूसरी और सबसे बड़ी चुनौती होगी। टिकट वितरण बनेगा दोनों दलों के लिए अग्निपरीक्षा भाजपा और कांग्रेस दोनों के सामने टिकट वितरण सबसे कठिन दौर साबित हो सकता है। बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद हर दावेदार को टिकट मिलना संभव नहीं है। ऐसे में टिकट से वंचित दावेदारों को मनाना और उन्हें पार्टी के पक्ष में सक्रिय रखना दोनों दलों के लिए चुनौती होगी। कांग्रेस इस बार पार्षद पद के आवेदन ऑनलाइन भी ले रही है। इससे दावेदारों की सक्रियता और बढ़ने की संभावना है। चुनाव में बागी और निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका भी कई वार्डों में परिणाम को प्रभावित कर सकती है। अब सवाल 35 वार्डों का नहीं, सियासी साख का कुल मिलाकर देवली नगर पालिका चुनाव में मुकाबला केवल भाजपा और कांग्रेस के पार्षद प्रत्याशियों के बीच नहीं माना जा रहा है। 35 वार्डों का चुनाव यह भी तय करेगा कि देवली में किस दल का संगठन ज्यादा मजबूत है, किस नेता की राजनीतिक पकड़ मतदाताओं के बीच ज्यादा प्रभावी है और कौन सा नेतृत्व अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट रखकर चुनावी जीत में बदल पाता है। यही कारण है कि इस बार देवली का निकाय चुनाव सांसद हरिश्चंद्र मीणा और विधायक राजेंद्र गुर्जर दोनों के लिए प्रतिष्ठा और राजनीतिक साख की बड़ी परीक्षा बन गया है। अब देवली की जनता के सामने बड़ा सवाल यही है—क्या इस बार नगर पालिका का चुनाव पार्षद प्रत्याशियों के बीच होगा या फिर इसकी असली लड़ाई सांसद हरिश्चंद्र मीणा और विधायक राजेंद्र गुर्जर की राजनीतिक पकड़ के बीच दिखाई देगी?
देवली निकाय चुनाव में प्रत्याशियों से ज्यादा सांसद-विधायक की साख दांव पर देवली निकाय चुनाव में प्रत्याशियों से ज्यादा सांसद-विधायक की साख दांव पर 35 वार्डों में सियासी शह-मात की तैयारी, भाजपा में 175 आवेदन से टिकट की दौड़ तेज; कांग्रेस भी मैदान सजाने में जुटी क्या इस बार मुकाबला प्रत्याशियों का नहीं, सांसद हरिश्चंद्र मीणा और विधायक राजेंद्र गुर्जर की राजनीतिक पकड़ का होगा? दूनी/टोंक (हरि शंकर माली)। देवली नगर पालिका चुनाव इस बार महज पार्षद पद के प्रत्याशियों के बीच चुनावी मुकाबला नहीं रहने वाला है। 35 वार्डों वाली देवली नगर पालिका का चुनाव अब भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी वर्चस्व की लड़ाई के साथ-साथ सांसद हरिश्चंद्र मीणा और स्थानीय भाजपा विधायक राजेंद्र गुर्जर की राजनीतिक प्रतिष्ठा की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। दोनों प्रमुख दल चुनावी मैदान में अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में जुट गए हैं, वहीं संभावित प्रत्याशी डिजिटल प्रचार के जरिए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाने में लगे हैं। नगर निकाय चुनाव की घोषणा और आचार संहिता लागू होने के साथ ही देवली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने मंगलवार को देवली में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर चुनावी तैयारियों, संगठनात्मक रणनीति और टिकट चयन को लेकर मंथन किया। वहीं कांग्रेस ने भी गुरुवार को कार्यकर्ता बैठक बुलाकर चुनावी रणनीति पर चर्चा की तैयारी कर ली है। कांग्रेस की बैठक में सांसद हरिश्चंद्र मीणा स्वयं कार्यकर्ताओं और पार्षद पद के आवेदकों से संवाद करेंगे। इससे पहले भी सांसद कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी मंथन कर चुके हैं। भाजपा के सामने विधायक की साख का सवाल भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में विधायक राजेंद्र गुर्जर ने देवली नगर पालिका में भाजपा का बोर्ड बनाने का दावा करते हुए कार्यकर्ताओं से सभी 35 वार्डों में एकजुट होकर चुनाव लड़ने का आह्वान किया। विधायक ने उपचुनाव में पार्टी को मिली 5 हजार से अधिक मतों की जीत का हवाला देते हुए उसी उत्साह और एकता के साथ नगर निकाय चुनाव में जुटने की बात कही। भाजपा की ओर से 35 वार्डों के लिए करीब 175 आवेदन आने से पार्टी के भीतर टिकट की दावेदारी भी तेज हो गई है। अब सबसे बड़ी चुनौती मजबूत प्रत्याशी चयन के साथ टिकट नहीं मिलने वाले दावेदारों और उनके समर्थकों को साथ बनाए रखने की होगी। भाजपा का दावा है कि विधायक के नेतृत्व और ट्रिपल इंजन सरकार के विकास कार्यों के आधार पर पार्टी नगर पालिका में अपना बोर्ड बनाने में सफल होगी। ऐसे में यदि भाजपा बोर्ड बनाने में सफल रहती है तो इसे विधायक राजेंद्र गुर्जर की स्थानीय राजनीतिक पकड़ और संगठन पर प्रभाव की बड़ी जीत के रूप में देखा जाएगा। वहीं अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर विपक्ष को विधायक के दावे पर सवाल उठाने का राजनीतिक अवसर मिल सकता है। कांग्रेस के सामने सांसद की प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती दूसरी ओर कांग्रेस के लिए भी देवली नगर पालिका चुनाव किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। सांसद हरिश्चंद्र मीणा का स्वयं देवली पहुंचकर कार्यकर्ताओं और पार्षद पद के आवेदकों से सीधा संवाद करना बताता है कि कांग्रेस इस चुनाव को पूरी गंभीरता से लड़ने की तैयारी में है। कांग्रेस के सामने मजबूत उम्मीदवारों का चयन, वार्ड स्तर पर संगठन को सक्रिय करना और सभी गुटों को एकजुट रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। सांसद हरिश्चंद्र मीणा की लोकसभा क्षेत्र में राजनीतिक सक्रियता और संगठन पर पकड़ का असर भी इस चुनाव में दिखाई देने की संभावना है। यदि कांग्रेस भाजपा को कड़ी चुनौती देती है या नगर पालिका में बेहतर स्थिति हासिल करती है तो इसे सांसद हरिश्चंद्र मीणा की राजनीतिक सक्रियता और संगठनात्मक पकड़ से जोड़कर देखा जाएगा। वहीं कमजोर प्रदर्शन की स्थिति में विपक्ष सांसद की राजनीतिक पकड़ को लेकर सवाल खड़े कर सकता है। एक बोर्ड कांग्रेस का, फिर भाजपा में हुआ था तब्दील देवली नगर पालिका का राजनीतिक इतिहास भी इस चुनाव को रोचक बना रहा है। वर्तमान बोर्ड के कार्यकाल में नगर पालिका में कांग्रेस और भाजपा दोनों का प्रभाव देखने को मिला है। शुरुआत में बोर्ड कांग्रेस के पक्ष में बना था, लेकिन बाद में राजनीतिक समीकरण बदलने के साथ यह भाजपा के पक्ष में तब्दील हो गया। ऐसे में इस बार दोनों दल पुराने समीकरणों को ध्यान में रखते हुए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। डिजिटल प्रचार में प्रत्याशी, असली फैसला मतदाता के हाथ चुनावी घोषणा के साथ ही संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता भी बढ़ गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावेदार अपने समर्थन में माहौल बनाने में जुटे हैं। कोई जनसंपर्क की तस्वीरें साझा कर रहा है तो कोई वार्ड की समस्याओं और विकास के मुद्दों को लेकर मतदाताओं तक पहुंच बना 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- नासिरदा में जश्ने ईद मिलादुन्नबी की धूम: गूंजे नारे-ए-रसालत, अकीदत के साथ निकला भव्य जलसा* *मदरसे के बच्चों, युवाओं, महिलाओं व बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर लिया भाग, जामा मस्जिद में कुरानखानी व तब्बरुख का आयोजन, शाम को महफिल-ए-मिलाद का होगा आयोजन* नासिरदा(के एम कुरेशी)जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर नासिरदा कस्बे में हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान में भव्य एवं श्रद्धापूर्ण जलसे का आयोजन किया गया। पूरे कस्बे में धार्मिक उत्साह और अकीदत का माहौल देखने को मिला। जलसा बावड़ी वाले बाबा स्थान से रवाना होकर कुरैशी मोहल्ला, बस स्टैंड, सदर बाजार, पानी की टंकी, कचहरी चौक सहित विभिन्न मार्गों से होता हुआ जामा मस्जिद पहुंचा। जलसे में मदरसे के बच्चे-बच्चियां, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रतिभागियों के हाथों में इस्लामी झंडे, तख्तियां और बैनर थे तथा वे बुलंद आवाज में हज़रत पैगम्बर मोहम्मद साहब की शान में नारे लगाते हुए चल रहे थे। पूरे मार्ग में लोगों ने जलसे का स्वागत किया तथा आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। जामा मस्जिद पहुंचने पर कुरानखानी का आयोजन किया गया, जिसमें देश-दुनिया में अमन, शांति और खुशहाली की दुआएं मांगी गईं। इसके बाद उपस्थित लोगों में तब्बरुख वितरित किया गया। आयोजकों ने बताया कि जश्ने ईद मिलादुन्नबी के उपलक्ष्य में रात्रि 8 बजे महफिल-ए-मिलाद शरीफ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नातख्वां और उलेमा हज़रत मोहम्मद साहब की सीरत और शिक्षाओं पर प्रकाश डालेंगे। कार्यक्रम को लेकर मुस्लिम समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के इस आयोजन ने नासिरदा में धार्मिक एकता, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश दिया।1
- ईद मिलादुन्नबी पर निकली सद्भावना रैली, दिया भाईचारे का संदेश चौथ का बरवाड़ा.कस्बे में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बुधवार को मुस्लिम समाज की ओर से सद्भावना रैली निकाली गई। इस अवसर पर रैली में बड़ी संख्या में बच्चे हाथों में इस्लामिक झंडे लेकर शामिल हुए और लोगों को प्रेम, भाईचारे व सौहार्द का संदेश दिया। सद्भावना रैली की शुरुआत ईदगाह मैदान से समाजसेवी बसंती लाल सैनी द्वारा बच्चों को झंडे सौंपकर की गई। इसके बाद रैली मुख्य बाजार से होते हुए उस्मानिया मस्जिद के सामने से कलंदरी मस्जिद पहुंची। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने रैली का स्वागत किया और बच्चों को सम्मानित किया। इस दौरान समाजसेवी ने कहा कि मोहम्मद साहब ने पूरी मानवता को प्रेम, भाईचारे और शांति का संदेश दिया था। वर्तमान समय में उनके बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी समाजों से आपसी प्रेम और सद्भाव के साथ रहने की अपील की।रैली में शामिल बच्चों ने हाथों में झंडे लेकर अमन, शांति और भाईचारे का संदेश दिया। रैली के समापन पर कलंदरी मस्जिद में देश में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे की दुआ की गई।1
- कुएं में गिरे नंदी महाराज को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाला सारसोप। कस्बे के मीणा मोहल्ले में बुधवार को एक नंदी महाराज अचानक कुएं में गिर गया। नंदी के कुएं में गिरने की जानकारी मिलते ही मोहल्लेवासियों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए नंदी महाराज को कुएं से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रयास शुरू किए। काफी मशक्कत के बाद मोहल्लेवासियों और गांव के लोगों ने मिलकर नंदी महाराज को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा रही और सभी नंदी महाराज को बचाने में जुटे रहे। सुरक्षित बाहर निकलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों की तत्परता और सामूहिक प्रयास से नंदी महाराज की जान बच गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने कुएं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता जताई, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- चारभुजा नाथ मंदिर में रुद्राभिषेक भक्तों को कराया भोजन सारसोप। कस्बे के श्री चारभुजा नाथ मंदिर में बुधवार को पांचाल परिवार की ओर से भगवान शिव का रुद्राभिषेक श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। सुबह 8 बजे से शुरू हुए रुद्राभिषेक में भगवान शिव का जल, दूध सहित विभिन्न पूजन सामग्री से अभिषेक किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। रुद्राभिषेक के दौरान हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। पांचाल परिवार के सदस्यों सहित धर्मप्रेमी लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान चारभुजा नाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। आयोजन के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा। पांचाल परिवार की ओर से श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया तथा प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शिव की आराधना की।2
- उत्तरप्रदेश के शामली में सनसनीखेज वारदात: हरियाणवी सिंगर की गोली मार कर हत्या उत्तरप्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या: बताया जा रहा है कि वारदात शामली के मोहल्ला नाला पटरी इलाके में हुई: अंकित बालियान जिम करने के बाद अपनी गाड़ी में बैठे थे, तभी चार बदमाश पैदल पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी: बदमाशों ने करीब 14 गोलियां चलाईं: जिससे अंकित बालियान गंभीर रूप से घायल हो गए: बाद में उनकी मौत की खबर सामने आई: वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया: सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी...1