उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में, फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के धन्सुआ गांव में एक 20 वर्षीय बीएससी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मृतका की पहचान अंजलि पाल के रूप में हुई है, जिनके पिता राजेश कुमार पाल भारतीय सेना में कार्यरत हैं और वर्तमान में पंजाब में तैनात हैं। घटना में अंजलि के पिता की लाइसेंसी राइफल का उपयोग किया गया था। घटना के समय अंजलि घर पर अकेली थीं, क्योंकि उनकी मां किसी काम से बाहर थीं और भाई अपनी दुकान पर था। देर शाम जब भाई घर लौटा और काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तो वह पड़ोसी के मकान की छत के रास्ते अंदर पहुंचा, जहां अंजलि अचेत अवस्था में मिलीं। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी राइफल को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएंगे। फिलहाल, पुलिस परिजनों से पूछताछ कर हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में, फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के धन्सुआ गांव में एक 20 वर्षीय बीएससी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मृतका की पहचान अंजलि पाल के रूप में हुई है, जिनके पिता राजेश कुमार पाल भारतीय सेना में कार्यरत हैं और वर्तमान में पंजाब
में तैनात हैं। घटना में अंजलि के पिता की लाइसेंसी राइफल का उपयोग किया गया था। घटना के समय अंजलि घर पर अकेली थीं, क्योंकि उनकी मां किसी काम से बाहर थीं और भाई अपनी दुकान पर था। देर शाम जब भाई घर लौटा और काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तो वह पड़ोसी के मकान की छत के रास्ते अंदर पहुंचा, जहां अंजलि अचेत अवस्था में मिलीं। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर
पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी राइफल को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएंगे। फिलहाल, पुलिस परिजनों से पूछताछ कर हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।
- Post by Rajkumar Rajkumar1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में, फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के धन्सुआ गांव में एक 20 वर्षीय बीएससी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मृतका की पहचान अंजलि पाल के रूप में हुई है, जिनके पिता राजेश कुमार पाल भारतीय सेना में कार्यरत हैं और वर्तमान में पंजाब में तैनात हैं। घटना में अंजलि के पिता की लाइसेंसी राइफल का उपयोग किया गया था। घटना के समय अंजलि घर पर अकेली थीं, क्योंकि उनकी मां किसी काम से बाहर थीं और भाई अपनी दुकान पर था। देर शाम जब भाई घर लौटा और काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तो वह पड़ोसी के मकान की छत के रास्ते अंदर पहुंचा, जहां अंजलि अचेत अवस्था में मिलीं। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी राइफल को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएंगे। फिलहाल, पुलिस परिजनों से पूछताछ कर हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।3
- फर्रुखाबाद में कांग्रेस नेता शुभम तिवारी ने 5 जुलाई को अपने आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर लोहिया अस्पताल की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों की चुप्पी को जनता के साथ धोखा बताते हुए उन पर कड़ा प्रहार किया। कांग्रेस नेता ने जानकारी दी कि लोहिया अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन तीन दिनों तक खराब पड़ी रही, जिसके कारण गरीब मरीजों को बाहर से ₹1000 खर्च कर जांच करानी पड़ी, जिससे उन पर सीधा आर्थिक बोझ पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य व्यवस्थाएं इतनी बदतर हैं कि मरीजों को इलाज के बजाय अक्सर सैफई रेफर कर दिया जाता है, जबकि यह अस्पताल आसपास के कई जिलों से आने वाले मरीजों को सेवाएं देता है। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में मरीजों को समय पर डॉक्टर भी नहीं मिलते, जिससे मरीज और उनके तीमारदार भटकने को मजबूर हैं। शुभम तिवारी ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि अस्पताल की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए 2 जून को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अफसोस है कि एक महीने बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिले के सभी बीजेपी विधायकों और सांसद पर निशाना साधते हुए कहा कि जिले में सत्ता के सभी पदों पर बीजेपी का कब्जा होने के बावजूद किसी भी जनप्रतिनिधि ने जनता की इस गंभीर समस्या के लिए आवाज़ नहीं उठाई। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया में खबरें आने के बाद भी जिम्मेदार लोगों ने अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर ध्यान देना मुनासिब नहीं समझा। कांग्रेस नेता ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हुआ, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर और अधिक उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।2
- फर्रुखाबाद के बंगला गोटिया से तीसराम की मड़ैया तक का ग्रामीण मार्ग पिछले एक साल से कटा हुआ है, जिससे स्थानीय ग्रामीण बेहद परेशान हैं। इस मार्ग का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है, और अब दूसरी बार बाढ़ आने की आशंका ने गांव के लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। ग्रामीण इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आने-जाने का गुजारा कैसे होगा और क्या उन्हें शुरुआत से ही नाव पर निर्भर रहना पड़ेगा।1
- रविवार तड़के गंगा एक्सप्रेस-वे पर पचदेवरा थाना क्षेत्र के सपाभापुर गांव के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। सिद्धार्थनगर से दिल्ली और नोएडा जा रही एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर एक्सप्रेस-वे से करीब दस फीट नीचे खेत में पलट गई। इस हादसे में लगभग 50 यात्री घायल हो गए, जिनमें से 12 की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना रविवार सुबह करीब तीन बजे हुई, जब बस के सामने अचानक एक अन्य वाहन आ गया। चालक ने तुरंत तेज ब्रेक लगाए, जिससे बस का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे खेत में जा गिरी। बस के पलटने के बाद उसमें सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया और पुलिस को सूचित किया। पचदेवरा पुलिस भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से सभी घायलों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें शाहजहांपुर जनपद के जलालाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भिजवाया गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. दिनेश सिंह के अनुसार, कुल 42 घायलों का उपचार किया गया। इनमें से 12 गंभीर यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी की सूझबूझ और ग्रामीणों की तत्परता से घायलों को समय पर उपचार मिल सका।4
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद स्थित फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब एक अज्ञात युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना सुबह करीब 5 बजे जेएसएम पब्लिक स्कूल के सामने वाली गली के पास रेलवे ट्रैक पर हुई बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक पर शव पड़ा देखकर तत्काल पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही फतेहगढ़ कोतवाली प्रभारी तेज सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरवाया। मौके पर मौजूद समाजसेवी और सभासद अनिल तिवारी के सहयोग से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक युवक की उम्र करीब 27 वर्ष बताई गई है, जिसने काली बनियान और खाकी रंग का लोवर पहन रखा था। उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस मृतक की शिनाख्त के लिए आसपास के लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है और जनता से अपील की है कि यदि किसी को इस युवक के बारे में कोई जानकारी हो तो वह फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस से संपर्क कर सकता है। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।1
- मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र में एक अन्नप्राशन समारोह में शामिल होने जा रहे लोगों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलट जाने से 13 लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन को गंभीर चोटें आने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। यह घटना नगला चूड़ा निवासी नितिन कुमार के तीन वर्षीय पुत्र देवांश के अन्नप्राशन संस्कार के अवसर पर हुई। परिजन और रिश्तेदार नीम करोरी मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। दोपहर लगभग एक बजे दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर करीब 80 लोग घर से निकले थे। नगला मिढ़ई के पास पहुँचते ही, एक बाइक सवार को बचाने के प्रयास में चालक ने अचानक ब्रेक लगाए, जिससे ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर ट्रॉली सहित पलट गया। पलटी हुई ट्रॉली में महिलाओं और बच्चों सहित लगभग 35 से 40 लोग सवार थे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद राहगीरों ने तत्काल डायल-112 और डायल-108 पर सूचना दी। सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी लक्ष्मण सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और घायलों को एंबुलेंस तथा निजी वाहनों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद भिजवाया। सीएचसी में तैनात डॉ. सन्नी मिश्रा ने प्राथमिक उपचार के बाद मीना (50 वर्ष) पत्नी शिवनारायण निवासी नगला राही थाना राजेपुर, बबली (35 वर्ष) पत्नी शिवशंकर निवासी नगला चूड़ा तथा सुरेखा (11 वर्ष) पुत्री गुड्डू निवासी अनियापुर थाना अरवल को गंभीर चोटों के कारण जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अंजली (18), चांदनी (15), कुशमा (40), मनोरमा (16), गुंजन (18), दिव्यांशी (17), रजनी (19), कीर्ति (16), रानी (15) तथा नेहा (13) का उपचार किया गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुँच गए, जिससे कुछ समय के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। पुलिस ने घटना की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।4