पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी चर्चाओं के बीच, तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा ने अपनी पार्टी के भीतर कथित असंतोष और बागी रुख को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विशेष रूप से सायनी घोष के कथित रुख पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे घटनाक्रम राजनीति में भरोसे को कमजोर करते हैं। मोइत्रा ने सीधा सवाल उठाया, "जब सायनी जैसे लोग पूरी तरह पलट जाते हैं, तो फिर राजनीति में किस पर भरोसा किया जाए? यह बेहद दुखद और परेशान करने वाला है।" मोइत्रा ने कथित बागी नेताओं की मंशा पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने वर्षों तक नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों का जमकर विरोध किया, उनके रुख में अचानक आया बदलाव कई अनसुलझे प्रश्न छोड़ जाता है। इसके साथ ही महुआ मोइत्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी से जुड़े कई नेताओं को जनता के बीच अपनी पहचान बनाने में इसलिए सफलता मिली, क्योंकि उन्हें ममता बनर्जी और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस का प्रबल समर्थन प्राप्त था। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि राजनीतिक निष्ठा और सिद्धांतों को हमेशा व्यक्तिगत हितों से ऊपर रखा जाना चाहिए। इस तीखे बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चाएं और भी तेज हो गई हैं, और पार्टी के भीतर चल रही हलचल पर सबकी नजर बनी हुई है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी चर्चाओं के बीच, तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा ने अपनी पार्टी के भीतर कथित असंतोष और बागी रुख को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विशेष रूप से सायनी घोष के कथित रुख पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे घटनाक्रम राजनीति में भरोसे को कमजोर करते हैं। मोइत्रा ने सीधा सवाल उठाया, "जब सायनी जैसे लोग पूरी तरह पलट जाते हैं, तो फिर राजनीति में किस पर भरोसा किया जाए? यह बेहद दुखद और परेशान करने वाला है।" मोइत्रा ने कथित बागी नेताओं की मंशा पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने वर्षों तक नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों का जमकर विरोध किया, उनके रुख में अचानक आया बदलाव कई अनसुलझे प्रश्न छोड़ जाता है। इसके साथ ही महुआ मोइत्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी से जुड़े कई नेताओं को जनता के बीच अपनी पहचान बनाने में इसलिए सफलता मिली, क्योंकि उन्हें ममता बनर्जी और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस का प्रबल समर्थन प्राप्त था। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि राजनीतिक निष्ठा और सिद्धांतों को हमेशा व्यक्तिगत हितों से ऊपर रखा जाना चाहिए। इस तीखे बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चाएं और भी तेज हो गई हैं, और पार्टी के भीतर चल रही हलचल पर सबकी नजर बनी हुई है।
- मैनपुरी/बेवर क्षेत्र की ग्राम पंचायत नेकामऊ रामनगरिया में नवनिर्मित अन्नपूर्णा सुविधा केंद्र का भव्य शुभ-उद्घाटन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर भोगांव विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे, जिन्होंने फीता काटकर विधि-विधान से भवन का शुभारंभ किया। ग्राम पंचायत नेकामऊ के प्रधान राजीव प्रताप सिंह चौहान (श्याम प्रधान) और प्रधान प्रतिनिधि सुमित चौहान ने मुख्य अतिथि सहित अन्य वरिष्ठ अतिथियों का 51 किलो की विशाल माला, पारंपरिक पगड़ी और बुके भेंट कर नागरिक अभिनंदन किया। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह तोमर, बॉबी मिश्रा और विशंभर तिवारी भी विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन विजय सिंह उर्फ अन्नू वैस ने किया। समारोह को संबोधित करते हुए विधायक रामनरेश अग्निहोत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की मंशा के अनुरूप हर गांव में अन्नपूर्णा भवन का निर्माण किया जाना है, ताकि ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे राशन सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की चर्चा करते हुए दावा किया कि आज पूरी विधानसभा में सड़कों का जाल बिछ चुका है और हर गांव तक बिजली-पानी की व्यवस्था पहुंच गई है। विधायक ने सभी गांवों में प्रकाश व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से एक-एक हाईमास्ट लाइट लगाने की भी घोषणा की। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 2017 से पहले का गुंडाराज अब खत्म हो चुका है और प्रदेश में सच्चा रामराज्य स्थापित हुआ है। अग्निहोत्री ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की मजबूती का बखान करते हुए कहा कि बहू-बेटियां अब रात में भी सुरक्षित हैं और कोई बाहुबली किसी गरीब की जमीन पर कब्जा नहीं कर सकता। इस भव्य कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख विजेंद्र सिंह चौहान उर्फ भल्लू चौहान, पूर्व ब्लॉक प्रमुख पवन चौहान, सतेंद्र सिंह चौहान (टीएस फर्म), सहायक विकास अधिकारी जय कुमार सक्सेना, एडीओ आईएसबी आलोक वर्मा, ग्राम पंचायत अधिकारी विनय यादव व हिमांशु यादव समेत प्रधान जोगा मंडल अध्यक्ष ब्रजेश शाक्य, नवीन सिंह तोमर, हरेंद्र सिंह, छोटे प्रधान, सोनी प्रधान, अजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह घूमसपुर और जीतू चौहान सहित भारी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।4
- मैनपुरी जनपद में अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना औंछा पुलिस और एंटी व्हीकल थेफ्ट (एवीटी) टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। 11 जून को मुखबिर की सूचना पर थाना औंछा क्षेत्र के कस्बा औंछा में छापेमारी कर एक अवैध तमंचा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से अशोक पुत्र शोभाराम, मित्र पुत्र अशोक और पवन पुत्र अशोक नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 315 बोर के 10 तैयार तमंचे, कई अधबने हथियार और शस्त्र निर्माण में प्रयुक्त होने वाले लोहे के पाइप, बैरल, ड्रिल मशीन, ग्राइंडर व रिंच सहित भारी मात्रा में अन्य उपकरण बरामद किए, जिन्हें कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में वांछित एवं संदिग्ध अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई के बाद पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे लंबे समय से अपने घर के अंदर और बाहर बने कमरों में अवैध तमंचों का निर्माण कर रहे थे। ये तैयार हथियार मांग के अनुसार अलग-अलग लोगों तक पहुंचाए जाते थे। पुलिस का मानना है कि इन आरोपियों का नेटवर्क अन्य क्षेत्रों तक भी फैला हो सकता है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना औंछा में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में अपराध नियंत्रण को काफी मजबूती मिलेगी।1
- मैनपुरी जिले के करहल स्थित नागला धारा गाँव में गली की स्थिति बेहद खराब है, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश का मौसम होने के कारण यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। लोगों का कहना है कि ऊपर से पड़ोसी समर चलाकर पूरी गली में पानी भर देते हैं, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं। गाँववालों ने संबंधित अधिकारियों से इस बदहाल गली का काम जल्द से जल्द कराए जाने की जोरदार मांग की है।1
- एटा नगर पालिका परिषद द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन जेल रोड की सीसी सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सड़क का काम पूरी तरह समाप्त होने से पहले ही कई स्थानों पर दरारें दिखनी शुरू हो गई हैं और यह कहीं ऊंची तो कहीं नीची भी है, जिससे निर्माण में मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उनके अनुसार, कई स्थानों पर सड़क की मोटाई निर्धारित मानकों से कम है और ढलान भी पर्याप्त नहीं है, जिसके कारण हल्की बारिश के बाद ही सड़क पर पानी जमा होने लगता है। सड़क की सतह समतल न होने से जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित हो रही है और जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन रही है। क्षेत्रवासियों ने इस पर चिंता व्यक्त की है कि जब सड़क निर्माण के दौरान ही ऐसी खामियां सामने आ रही हैं, तो उसकी स्थायित्व और टिकाऊपन पर कैसे भरोसा किया जा सकता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा, तो यह जनता और सरकारी धन दोनों का नुकसान होगा, और क्या संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। इस मामले पर नगर पालिका के अवर अभियंता महेश चंद्र ने स्वीकार किया है कि सड़क के कुछ हिस्सों में गुणवत्ता संबंधी कमियां सामने आई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जहां-जहां सड़क खराब हुई है, वहां सुधार कराया जाएगा और गुणवत्ता की कमी को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की जांच किसी स्वतंत्र तकनीकी अधिकारी या विशेषज्ञ टीम से करवाई जाए। उनकी मांग है कि निर्माण सामग्री, सड़क की मोटाई, ढलान और अन्य तकनीकी मानकों की गहन जांच हो और यदि जांच में लापरवाही या मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शहरवासियों का कहना है कि विकास कार्यों की असली पहचान उनकी गुणवत्ता और टिकाऊपन से होती है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि सड़क निर्माण के शुरुआती चरण में ही दरारें, ऊंच-नीच और जलभराव जैसी समस्याएं दिख रही हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए समय रहते आवश्यक कार्रवाई करेगा, ताकि जनता को एक मजबूत, सुरक्षित और लंबे समय तक चलने वाली सड़क मिल सके।1
- एक पूरी तरह से आयुर्वेदिक और स्वदेशी रूप से विशेष रूप से तैयार की गई दवा के बारे में बताया गया है। इस दवा का सेवन करने के बाद यह दावा किया जा रहा है कि व्यक्ति कभी पतला नहीं होगा।1
- फ़िरोज़ाबाद के जसराना में सड़क की एक तरफ नाली न होने के कारण सारा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे न केवल सड़क खराब हो रही है बल्कि वहां से गुजरने वाले लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के अनुसार, गाँव के प्रधान इस समस्या पर कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं और उन पर पक्षपात का आरोप है, क्योंकि उन्होंने केवल एक खास पक्ष की बात सुनकर उनकी तरफ नाली बनवा दी है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या पर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है।1
- लगभग 2 घंटे तक हुई भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। इस स्थिति के चलते फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों को आर्थिक घाटा उठाना पड़ा है।1
- एटा जिले के अवागढ़ थाना पुलिस ने चार साल पुराने एक हत्या के मामले का सफल अनावरण करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 15 फरवरी, 2022 को हुई चंद्रवती नामक महिला की गुमशुदगी से जुड़ा है। वादी बीनेश कुमार, जो चंद्रवती के भाई हैं, ने अवागढ़ थाने में सूचना दी थी कि उनकी बहन को उसके बहनोई मंजेश 15 फरवरी, 2022 को दोपहर के समय जलेसर घुमाने का कहकर घर से ले गया था, और 16 फरवरी, 2022 को मंजेश अकेले ही घर वापस आया था। बहन के वापस न आने पर, बीनेश कुमार ने 17 फरवरी, 2022 को अवागढ़ थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जिसके बाद से ही स्थानीय पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। लगभग चार साल बाद, 10 जून, 2026 को बीनेश कुमार ने फिर से अवागढ़ थाने में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसके बहनोई मंजेश और उसके साथी सौदान सिंह ने उसकी बहन चंद्रवती की हत्या कर शव छुपा दिया है। इस सूचना के आधार पर, अवागढ़ थाने में मंजेश कुमार (पुत्र गोविंद राम) और सौदान सिंह (पुत्र किशनलाल), दोनों निवासी ग्राम शहनौआ, थाना अवागढ़, जनपद एटा, के विरुद्ध मुअसं0- 112/2026 धारा- 302/201 भादवि0 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। पूछताछ में अभियुक्त मंजेश ने बताया कि उसकी पत्नी कासगंज में रहकर दूसरों के घरों में झाड़ू-पोंछा व बर्तन धोने का काम करती थी और उसे शक था कि उसकी पत्नी का किसी के साथ अवैध संबंध है। इसी शक के चलते मंजेश ने 15 फरवरी, 2022 को दोपहर लगभग 01:00 बजे चंद्रवती को उसकी बहन के घर से जलेसर घुमाने के बहाने ले गया। जलेसर पहुंचने पर मंजेश ने अपने साथी सौदान को भी बुला लिया। दोनों ने साथ में शराब पी और फिर तीनों जलेसर से बस द्वारा सिकंदराराव पहुंचे। वहां से उन्होंने एक टेम्पो से धर्मपुर नगरिया मोड़ पर उतर कर, ग्राम नगरिया को जाने वाले रास्ते पर खेत में चंद्रवती का गला दबाकर हत्या कर दी। योजना के अनुसार, दोनों अभियुक्तों ने शव को ईशान नदी के किनारे वाले खेत में ले जाकर पहले से खोदे गए गड्ढे में दबा दिया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ. इलामारन जि. के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक एटा श्री श्वेताभ पाण्डेय के पर्यवेक्षण में कार्रवाई करते हुए, अवागढ़ पुलिस ने इस मामले में वांछित दोनों अभियुक्तों मंजेश कुमार (उम्र करीब 52 वर्ष) और सौदान सिंह (उम्र करीब 27 वर्ष) को 11 जून, 2026 को ग्राम शहनौआ के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर मृतका चंद्रवती के शव/कंकाल को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस द्वारा अभियुक्तों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। अभियुक्त सौदान सिंह का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है, जिसमें जलेसर थाने में चोरी और अवागढ़ थाने में सरकारी कार्य में बाधा डालने व अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। अवागढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक श्री अखिलेश दीक्षित के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस चार वर्ष पुराने हत्या के मामले का सफलतापूर्वक अनावरण किया है।4
- मैनपुरी जिले में दुकान पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, और इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद, इसमें शामिल लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की जा रही है।1