अमेरिका में भारतीय तिरंगे के कथित अपमान को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। लोगों का कहना है कि अमेरिकियों ने भारत की शान, जान और ईमान माने जाने वाले तिरंगे का घोर अपमान किया है, जिस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और अपमान करने वाले युवक से सार्वजनिक तौर पर माफी मंगवाई जानी चाहिए। यह अपमान पूरे भारत का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी तीखे सवाल उठाए गए हैं। लोगों ने पूछा है कि जो मोदी जी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से गले मिलते हैं और विभिन्न मौकों पर उनसे बात करते हैं, वे अब कहां हैं? यह कहा गया कि मोदी जी को अब अनिवार्य रूप से कार्रवाई करनी होगी, क्योंकि भारत का मान अपमानित हुआ है और इसे सहा नहीं जा सकता। चेतावनी दी गई है कि यदि मोदी सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करती या ट्रम्प से बात नहीं करती, तो आम जनता सड़कों पर अमेरिकी झंडे लगाएगी और उन पर शौच कर उनका अपमान करेगी। पोस्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि देश के भीतर हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दे भले ही चल जाएं, लेकिन भारत के गौरव का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस पर मोदी जी को तुरंत आवाज उठानी चाहिए, क्योंकि भारत किसी का गुलाम नहीं है।
अमेरिका में भारतीय तिरंगे के कथित अपमान को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। लोगों का कहना है कि अमेरिकियों ने भारत की शान, जान और ईमान माने जाने वाले तिरंगे का घोर अपमान किया है, जिस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और अपमान करने वाले युवक से सार्वजनिक तौर पर माफी मंगवाई जानी चाहिए। यह अपमान पूरे भारत का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी तीखे सवाल उठाए गए हैं। लोगों ने पूछा है कि जो मोदी जी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से गले मिलते हैं और विभिन्न मौकों पर उनसे बात करते हैं, वे अब कहां हैं? यह कहा गया कि मोदी जी को अब अनिवार्य रूप से कार्रवाई करनी होगी, क्योंकि भारत का मान अपमानित हुआ है और इसे सहा नहीं जा सकता। चेतावनी दी गई है कि यदि मोदी सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करती या ट्रम्प से बात नहीं करती, तो आम जनता सड़कों पर अमेरिकी झंडे लगाएगी और उन पर शौच कर उनका अपमान करेगी। पोस्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि देश के भीतर हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दे भले ही चल जाएं, लेकिन भारत के गौरव का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस पर मोदी जी को तुरंत आवाज उठानी चाहिए, क्योंकि भारत किसी का गुलाम नहीं है।
- हरदोई में एक हृदय विदारक मामला सामने आया है जहाँ एक पिता ने अपने बेटे को करोड़पति बनाने के लिए अपनी सारी कमाई और नाते-रिश्तेदारों से कर्ज़ लेकर उसे फैक्ट्री का मालिक बना दिया, लेकिन अब वही बेटा उसे दो वक्त की रोटी के लिए भी तरसा रहा है। पिहानी कोतवाली के करावां निवासी बलविंदर सिंह बुधवार को अपनी आपबीती सुनाने के लिए एसपी कार्यालय पहुँचे और बेटे की हरकतों का ज़िक्र करते हुए फफक-फफक कर रो पड़े। बलविंदर सिंह ने बताया कि उनके बेटे कमलजीत सिंह का ख्वाब फैक्ट्री मालिक बनने का था। इस ख्वाब को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी सारी ज़मीन बेच दी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अपनी भांजी हरविंदर कौर से ₹7 लाख, बेटी हरदीप कौर से ₹21 लाख, दामाद मेजर सिंह से ₹6 लाख और दोस्त जरनैल सिंह से ₹16 लाख का कर्ज़ लिया। कुल ₹5 करोड़ रुपये उन्होंने कमलजीत सिंह को इस शर्त पर दिए थे कि फैक्ट्री शुरू होने के बाद वह सारा कर्ज़ चुका देगा। कमलजीत सिंह ने शाहजहांपुर के एच-92 यूपीएसआईडीए इंडस्ट्रियल एरिया ग्रोथ सेंटर जमौर थाना कांठ में फैक्ट्री लगाई, जो अब खूब चल रही है। हालांकि, बलविंदर सिंह का आरोप है कि कल तक सुनहरे ख्वाब दिखाने वाला बेटा अब उन्हें धमकी दे रहा है। उसका कहना है कि वह फैक्ट्री किसी और के हाथ बेच देगा, लेकिन घर में एक फूटी कौड़ी भी नहीं देगा। बेबस बाप का कहना है कि अब उनके पास सिर छिपाने के लिए छत तक नहीं बची है और उन्हें दो वक्त की रोटी के लिए दूसरों के दरवाज़े खटखटाने पड़ रहे हैं। बलविंदर सिंह ने यह भी बताया कि पैसों के लालच में कमलजीत सारे रिश्ते भूल गया है; उसने अपनी बुज़ुर्ग दादी (बलविंदर सिंह की माँ) को भी घर से धक्के मारकर भगा दिया और धमकी दी कि अगर वह दोबारा सामने आईं तो अंजाम इससे भी बुरा होगा। ढेरों उम्मीदें लेकर एसपी कार्यालय पहुँचे बलविंदर सिंह ने उनसे इस पूरे मामले में निष्पक्ष जाँच कराते हुए कड़ी कार्यवाही की माँग की है।1
- जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जन चौपाल के नोडल अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्देश दिए गए कि शुक्रवार को प्रातः 8 बजे से जनपद की 25 न्याय पंचायतों में जन चौपाल का प्रभावी आयोजन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश देते हुए कहा कि जन चौपाल में ग्राम प्रधान, कोटेदार, लेखपाल, एडीओ पंचायत, पंचायत मित्र, पंचायत सचिव सहित सभी संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। उन्होंने निर्देशित किया कि चौपाल के दौरान जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए, खतौनी का सार्वजनिक वाचन किया जाए और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ा जाए। साथ ही, अपात्र व्यक्तियों को सूची से हटाने की कार्रवाई भी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि खतौनी वाचन के दौरान नाम, अंश निर्धारण, विरासत, चकमार्गों पर अतिक्रमण और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे जैसी शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया जाना चाहिए, क्योंकि जन चौपाल का मुख्य उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना है। बैठक में विभिन्न विभागों को भी विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गईं। पुलिस विभाग को मिशन शक्ति और साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया, जबकि स्वास्थ्य विभाग 70 वर्ष से अधिक आयु के पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाने की कार्रवाई करेगा। इसके अतिरिक्त, गांवों के मुख्य मार्ग, विद्यालयों तक पहुँचने वाले रास्तों, जर्जर स्कूल भवनों और हाईटेंशन विद्युत लाइनों से संबंधित समस्याओं की जानकारी भी एकत्र की जाएगी। जिलाधिकारी ने राजस्व, विकास, समाज कल्याण, पेंशन योजनाओं, जलापूर्ति और अन्य विभागों से संबंधित समस्याओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। जनपद स्तरीय अधिकारी स्वयं गांवों में पहुंचकर निरीक्षण करेंगे और प्राप्त शिकायतों को आवश्यकतानुसार आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराएंगे। डीपीआरओ को प्रत्येक गांव में सप्ताह में कम से कम एक बार फॉगिंग कराने के निर्देश दिए गए, साथ ही आरआरसी सेंटर, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए ई-रिक्शा और सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि जन चौपाल के माध्यम से योजनाओं से वंचित पात्र व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें लाभान्वित किया जाएगा और गांवों की मूलभूत समस्याओं का प्रभावी समाधान कराया जाएगा। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी और अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) मोहम्मद आवेश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- शाहजहाँपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 4 वर्षीय मासूम बच्चे की कथित तौर पर हत्या कर दी गई है। आरोप है कि इस निर्मम हत्या के बाद मासूम के शव को खेत में दफना दिया गया।1
- जनपद शाहजहांपुर के ग्राम देवरिया, बाबर खेड़ा ब्लॉक, और रोजा थाना क्षेत्र से एक व्यक्ति अपनी 'बहुत ही प्यारी' और शानदार आवाज में शेरो-शायरी प्रस्तुत करते हैं। उनकी यह प्रस्तुति शाहजहांपुर जनपद के स्थानीय निवासियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- सीतापुर के महोली इलाके में नाली को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहाँ दबंगों ने एक अकेले युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। बताया गया है कि दबंगों ने युवक को लाठी-डंडों से जमकर पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- राजधानी लखनऊ के थाना दुबग्गा क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का कारोबार बेखौफ जारी है, जो कानून व्यवस्था को सीधी चुनौती दे रहा है। मलिहाबाद तहसील के अंतर्गत आने वाले मौरा गांव और मल्हा गांव में यह गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि मल्हा गांव ब्लैकलिस्टेड है, जहाँ रॉयल्टी भी संभव नहीं है। सूत्रों के अनुसार, खनन माफिया बिना रॉयल्टी के ट्रैक्टर ट्रॉलियों के ज़रिए लगातार मिट्टी की ढुलाई कर रहे हैं, जिससे सरकारी खजाने को लाखों रुपए का चूना लग रहा है। यह पूरा अवैध कारोबार थाना दुबग्गा क्षेत्र में खनन इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार पाटिल और क्षेत्रीय पुलिस की कथित मिलीभगत से रात के समय चल रहा है, जबकि संबंधित विभाग आँखें मूँदे हुए हैं। सड़कों पर बिना नंबर प्लेट की तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉलियाँ धूल और गुबार उड़ाकर स्थानीय लोगों और राहगीरों का जीना मुहाल कर रही हैं, जिससे प्रदूषण और बड़े हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। इससे दुबग्गा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते हैं कि यदि कोई हादसा होता है तो वे ट्रैक्टर संचालकों की पहचान कैसे कर पाएँगे। इस स्थिति में खनन माफिया खुलेआम सरकारी खजाने को लूट रहे हैं, और क्षेत्रीय पुलिस व खनन इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार पाटिल सरकार की इज्जत नहीं बचा पा रहे हैं। यह अधिकारियों के लिए बड़ी शर्म की बात है और इससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। भारतीय जनता पार्टी के शासन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व के बावजूद दुबग्गा क्षेत्र में अवैध काम धड़ल्ले से जारी रहना, जिम्मेदार अधिकारियों की मौन सहमति का संकेत देता है, जहाँ खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और प्रशासन पूरी तरह मौन है।1
- शाहजहांपुर के सदर बाजार थाना पुलिस ने एक वांछित अभियुक्त आसिफ अली को गिरफ्तार किया है। आसिफ अली पर एक महिला को शादी का झांसा देकर 'गलत काम' करने और शादी के लिए कहने पर गाली-गलौज कर मारपीट करने का आरोप है। इस मामले में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धाराएं भी बढ़ाई गई थीं। पुलिस अधीक्षक महोदय, शाहजहांपुर के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत यह गिरफ्तारी हुई। अभियोग के संक्षिप्त विवरण के अनुसार, 28 मई 2026 को पीड़िता की तहरीर पर सदर बाजार थाने में मुकदमा अपराध संख्या 234/2026, धारा 69/352/115(2) बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। तहरीर में आसिफ अली पुत्र महबुल्ला, निवासी मोहल्ला बारादरी, थाना सदर बाजार पर आरोप लगाया गया था। साक्ष्य संकलन के दौरान इस मुकदमे में धारा 3/5 उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की वृद्धि की गई। आज, 4 जून 2026 को, सदर बाजार पुलिस टीम मुकदमे में नामजद अभियुक्त की तलाश में थाना क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान एक मुखबिर खास ने सूचना दी कि वांछित अभियुक्त आसिफ पुत्र महबुल्ला, जिसकी उम्र करीब 31 वर्ष है और जो मोहल्ला बारादरी, सदर बाजार थाना क्षेत्र का निवासी है, ईदगाह तिराहा पर कहीं जाने की फिराक में खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और ईदगाह तिराहा से अभियुक्त आसिफ को सुबह 10:30 बजे हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद, अभियुक्त को उसके नाम-पता और मुकदमे की धाराओं से अवगत कराया गया और गिरफ्तारी का कारण लिखित में बताया गया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही कर उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक श्री प्रियवृत दुहूण, हेड कांस्टेबल वीरपाल, कांस्टेबल अनुज सैनी और कांस्टेबल परिक्षित सैनी शामिल थे, जो सभी सदर बाजार थाना, शाहजहांपुर से थे।4
- शाहजहाँपुर के जलालाबाद नगर में रोडवेज बस चालक के साथ दिनदहाड़े मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। बीच सड़क पर बस रोकने से मना करने पर कुछ युवकों ने चालक को बस से नीचे खींचकर बेरहमी से पीटा और उसके कपड़े तक फाड़ दिए। पीड़ित चालक की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है, जब उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बस संख्या यूपी 27 टी 8910 के चालक तौहीद खां, जो ग्राम ररुआ, थाना बण्डा, तहसील पुवायां निवासी इशरार खां के पुत्र हैं, फर्रुखाबाद से सवारियां लेकर शाहजहाँपुर आ रहे थे। जलालाबाद के डाक बंगले के पास एक यात्री ने बीच सड़क पर बस रोककर उतरने की जिद की। चालक तौहीद खां ने उसे समझाया कि बीच सड़क पर बस रोकने से जाम लग सकता है और बस रोडवेज बस स्टैंड पर ही रुकेगी। इस बात से नाराज होकर यात्री ने चालक के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी, और कुछ ही देर में उसका एक साथी भी मौके पर पहुंच गया। आरोप है कि बस जैसे ही रोडवेज बस स्टैंड पर पहुंची, पहले से मौजूद दोनों युवकों के साथ तीन अन्य युवक भी आ गए। इन पांचों ने मिलकर चालक को बस से नीचे खींच लिया और लात-घूंसों से उसकी जमकर पिटाई की, जिसमें चालक के कपड़े भी फट गए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पीड़ित चालक ने बताया कि उसके पास पूरी घटना का वीडियो मौजूद है और उसने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। मारपीट के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। चालक की तहरीर पर जलालाबाद थाना पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद सिंह चौहान ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और चालक के पास मौजूद वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दिनदहाड़े हुई इस घटना ने नगर में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1