राजधानी लखनऊ के थाना दुबग्गा क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का कारोबार बेखौफ जारी है, जो कानून व्यवस्था को सीधी चुनौती दे रहा है। मलिहाबाद तहसील के अंतर्गत आने वाले मौरा गांव और मल्हा गांव में यह गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि मल्हा गांव ब्लैकलिस्टेड है, जहाँ रॉयल्टी भी संभव नहीं है। सूत्रों के अनुसार, खनन माफिया बिना रॉयल्टी के ट्रैक्टर ट्रॉलियों के ज़रिए लगातार मिट्टी की ढुलाई कर रहे हैं, जिससे सरकारी खजाने को लाखों रुपए का चूना लग रहा है। यह पूरा अवैध कारोबार थाना दुबग्गा क्षेत्र में खनन इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार पाटिल और क्षेत्रीय पुलिस की कथित मिलीभगत से रात के समय चल रहा है, जबकि संबंधित विभाग आँखें मूँदे हुए हैं। सड़कों पर बिना नंबर प्लेट की तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉलियाँ धूल और गुबार उड़ाकर स्थानीय लोगों और राहगीरों का जीना मुहाल कर रही हैं, जिससे प्रदूषण और बड़े हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। इससे दुबग्गा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते हैं कि यदि कोई हादसा होता है तो वे ट्रैक्टर संचालकों की पहचान कैसे कर पाएँगे। इस स्थिति में खनन माफिया खुलेआम सरकारी खजाने को लूट रहे हैं, और क्षेत्रीय पुलिस व खनन इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार पाटिल सरकार की इज्जत नहीं बचा पा रहे हैं। यह अधिकारियों के लिए बड़ी शर्म की बात है और इससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। भारतीय जनता पार्टी के शासन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व के बावजूद दुबग्गा क्षेत्र में अवैध काम धड़ल्ले से जारी रहना, जिम्मेदार अधिकारियों की मौन सहमति का संकेत देता है, जहाँ खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और प्रशासन पूरी तरह मौन है।
राजधानी लखनऊ के थाना दुबग्गा क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का कारोबार बेखौफ जारी है, जो कानून व्यवस्था को सीधी चुनौती दे रहा है। मलिहाबाद तहसील के अंतर्गत आने वाले मौरा गांव और मल्हा गांव में यह गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि मल्हा गांव ब्लैकलिस्टेड है, जहाँ रॉयल्टी भी संभव नहीं है। सूत्रों के अनुसार, खनन माफिया बिना रॉयल्टी के ट्रैक्टर ट्रॉलियों के ज़रिए लगातार मिट्टी की ढुलाई कर रहे हैं, जिससे सरकारी खजाने को लाखों रुपए का चूना लग रहा है। यह पूरा अवैध कारोबार थाना दुबग्गा क्षेत्र में खनन इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार पाटिल और क्षेत्रीय पुलिस की कथित मिलीभगत से रात के समय चल रहा है, जबकि संबंधित विभाग आँखें मूँदे हुए हैं। सड़कों पर बिना नंबर प्लेट की तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉलियाँ धूल और गुबार उड़ाकर स्थानीय लोगों और राहगीरों का जीना मुहाल कर रही हैं, जिससे प्रदूषण और बड़े हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। इससे दुबग्गा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते हैं कि यदि कोई हादसा होता है तो वे ट्रैक्टर संचालकों की पहचान कैसे कर पाएँगे। इस स्थिति में खनन माफिया खुलेआम सरकारी खजाने को लूट रहे हैं, और क्षेत्रीय पुलिस व खनन इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार पाटिल सरकार की इज्जत नहीं बचा पा रहे हैं। यह अधिकारियों के लिए बड़ी शर्म की बात है और इससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। भारतीय जनता पार्टी के शासन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व के बावजूद दुबग्गा क्षेत्र में अवैध काम धड़ल्ले से जारी रहना, जिम्मेदार अधिकारियों की मौन सहमति का संकेत देता है, जहाँ खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और प्रशासन पूरी तरह मौन है।
- सर्विलांस/एसओजी/स्वाट टीम और थाना कोतवाली शहर पुलिस टीम ने एक संयुक्त अभियान के तहत पुलिस मुठभेड़ में दो अंतर्जनपदीय शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बदमाशों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल, एक स्कूटी, चोरी के आभूषण, अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री अंकित मिश्रा द्वारा जानकारी दी गई।1
- अमेरिका में भारतीय तिरंगे के कथित अपमान को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। लोगों का कहना है कि अमेरिकियों ने भारत की शान, जान और ईमान माने जाने वाले तिरंगे का घोर अपमान किया है, जिस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और अपमान करने वाले युवक से सार्वजनिक तौर पर माफी मंगवाई जानी चाहिए। यह अपमान पूरे भारत का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी तीखे सवाल उठाए गए हैं। लोगों ने पूछा है कि जो मोदी जी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से गले मिलते हैं और विभिन्न मौकों पर उनसे बात करते हैं, वे अब कहां हैं? यह कहा गया कि मोदी जी को अब अनिवार्य रूप से कार्रवाई करनी होगी, क्योंकि भारत का मान अपमानित हुआ है और इसे सहा नहीं जा सकता। चेतावनी दी गई है कि यदि मोदी सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करती या ट्रम्प से बात नहीं करती, तो आम जनता सड़कों पर अमेरिकी झंडे लगाएगी और उन पर शौच कर उनका अपमान करेगी। पोस्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि देश के भीतर हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दे भले ही चल जाएं, लेकिन भारत के गौरव का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस पर मोदी जी को तुरंत आवाज उठानी चाहिए, क्योंकि भारत किसी का गुलाम नहीं है।1
- सुकृत क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई है, जिसके बाद शिव शांति चिकित्सालय पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। जुगैल थाना क्षेत्र के नेवारी गांव निवासी सीता देवी पत्नी सफेद को चक्कर आने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बिना किसी उचित जांच के ही महिला को ड्रिप चढ़ाई गई और इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उपचार के दौरान ही उनकी हालत बिगड़ी और उनकी मृत्यु हो गई। महिला की मौत के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई, और परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर डायल-112 और सुकृत पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। मृतका के परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर अवैध अस्पतालों और झोलाछाप डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पूरा मामला रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र का है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा माफियाओं और अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद, हरदोई जनपद के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का मामला फिर से सुर्खियों में है। रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई और उसका परिवहन किया जा रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। दलेलनगर, जगदीशपुर, शिरोमणि नगर सहित आसपास के कई गांवों में यह अवैध गतिविधियां कई महीनों से लगातार जारी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में यह "मिट्टी का काला कारोबार" संगठित रूप से संचालित हो रहा है। शिकायतें मिलने के बावजूद खनन विभाग और पुलिस प्रशासन की कथित निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है और लोग खुलकर बोलने से डरते हैं। यह स्थिति मुख्यमंत्री की मंशा और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को दर्शाती है। अवैध खनन से गांवों की सड़कें जर्जर हो रही हैं, धूल और प्रदूषण बढ़ रहा है, तथा खेती योग्य भूमि भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों में प्रशासनिक उदासीनता को लेकर गहरा असंतोष है, उनका कहना है कि भारी वाहनों के संचालन से संपर्क मार्ग खराब हो रहे हैं, लेकिन मरम्मत की कोई व्यवस्था नहीं है। लाखों रुपये के राजस्व नुकसान और पर्यावरणीय क्षति के बावजूद जिम्मेदार विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित दिख रहे हैं, जिससे जनता का भरोसा व्यवस्था से उठ रहा है। क्षेत्र के नागरिक पूछ रहे हैं कि यदि अवैध खनन प्रशासन की नजर में नहीं है, तो इतनी बड़ी संख्या में मशीनें और वाहन रातभर कैसे संचालित होते हैं? और यदि जानकारी है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? हरदोई की जनता अब इस गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रही है, क्योंकि वे सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कदम देखना चाहती है।2
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के जेल रोड स्थित उत्तर प्रदेश जल निगम के केंद्रीय भंडारण (सेंट्रल स्टोर) में कुछ अराजक तत्वों द्वारा महत्वपूर्ण सरकारी सामग्री और दस्तावेजों को नष्ट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस घटना में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जबकि 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस को 3 जून 2026 की सुबह लगभग 8:00 बजे सूचना मिली थी कि जल निगम के केंद्रीय भंडारण परिसर में कुछ व्यक्ति घुसकर वहां रखे जरूरी दस्तावेजों और सरकारी सामान को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय कोतवाली पुलिस के साथ-साथ जनपद के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया, जिनसे फिलहाल पूछताछ जारी है। इस घटना के बाद, क्षेत्रीय लेखपाल वीरेश कुमार की लिखित तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली शहर में 6 नामजद व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत और गंभीर कानूनी धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। क्षेत्राधिकारी नगर अंकित मिश्रा ने पुष्टि की है कि इस संबंध में आवश्यक वैधानिक और कानूनी कार्यवाही तेजी से की जा रही है तथा क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह से बनी हुई है।1
- यह प्रार्थना व्यक्त की गई है कि यदि श्री राधे की कृपा बनी रहती है, तो हर जगह केवल श्री राधे-राधे का ही नाम होगा। इस दुआ पर सिर्फ़ भरोसा जताया गया है।2
- सुशासन समिति प्राइवेट लिमिटेड ने एक सुनहरा मौका पेश किया है, जिसके तहत बम्पर भर्ती की घोषणा की गई है। इस अवसर के माध्यम से इच्छुक व्यक्ति अपनी ही ग्राम पंचायत में प्रतिमाह 40 सदस्य पंजीकृत करवाकर ₹6000 मासिक आय अर्जित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, संगठन ब्लॉक अधिकारी के पद के लिए ₹13400 मासिक और जिला कोआर्डिनेटर के पद के लिए ₹18000 मासिक कमाने का अवसर प्रदान कर रहा है। इस भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी या आवेदन के लिए, सुशासन समिति के एमडी से संपर्क किया जा सकता है। संपर्क के लिए उपलब्ध फोन नंबर 9454468036, 9454521866, और +917571940399 हैं।1
- हरदोई में अपर पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह के निर्देश पर मझिला पुलिस ने एक टूटते परिवार को जोड़कर अपने मानवीय चेहरे का परिचय दिया है। यह मामला तब सामने आया जब बलविंदर सिंह ने पुलिस से शिकायत की कि उन्होंने अपने बेटे कमलजीत सिंह को करोड़पति बनाने के लिए अपनी जमीन बेच दी थी और रिश्तेदारों से कर्ज भी लिया था, लेकिन अब बेटा उन्हें घर से बेघर कर रहा था। पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। मझिला पुलिस ने पूरी संवेदनशीलता के साथ दोनों पक्षों को थाने बुलाया और कई घंटों तक उनसे बातचीत की। मझिला के पुलिसकर्मियों ने बलविंदर और कमलजीत के बीच सुलह कराने के लिए दिन भर प्रयास किए, जिसके बाद सिख समाज के प्रतिष्ठित लोगों की मौजूदगी में एक समझौता हुआ। इस समझौते के तहत, कमलजीत ने अपने पिता को साथ रखने का वादा किया और उन्हें फैक्ट्री में पूरा मालिकाना हक देने का भरोसा दिलाया। पुलिस के इस मानवीय हस्तक्षेप से बाप-बेटे के बीच का यह पारिवारिक विवाद कोर्ट-कचहरी के झंझट में पड़े बिना ही सुलझ गया। इस समाधान से बलविंदर सिंह की आंखों में अब राहत की उम्मीद साफ देखी जा सकती है, और पुलिस की इस संवेदनशीलता की चारों ओर खूब तारीफ हो रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कमलजीत अपने पिता के प्रति इस समझौते के बाद कितना वफादार रहता है।1